Class 10 Hindi Notes Chapter 5 (मैं क्यों लिखता हूँ?) – Kritika Book

चलिए, आज हम कृतिका भाग-2 के पाँचवें और अंतिम पाठ 'मैं क्यों लिखता हूँ?' का गहन अध्ययन करेंगे। यह पाठ लेखक सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' जी का एक विचारोत्तेजक निबंध है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें लेखक ने अपने लेखन के कारणों और प्रक्रिया पर प्रकाश डाला है।
पाठ: मैं क्यों लिखता हूँ? (लेखक: अज्ञेय)
परीक्षा उपयोगी विस्तृत नोट्स:
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परिचय:
- यह पाठ 'अज्ञेय' जी द्वारा रचित एक आत्मपरक निबंध है।
- इसमें लेखक इस मौलिक प्रश्न का उत्तर खोजने का प्रयास करते हैं कि कोई व्यक्ति, विशेषकर वे स्वयं, लेखन कार्य क्यों करते हैं।
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लेखन के मुख्य कारण:
लेखक लेखन के मुख्यतः दो कारण बताते हैं:-
(क) आंतरिक विवशता (भीतरी ज़रूरत): यह लेखन का सबसे प्रमुख और वास्तविक कारण है। लेखक के अनुसार, जब कोई अनुभव या भाव मन में इतना गहरा उतर जाता है कि वह उसे व्यक्त किए बिना रह नहीं पाता, तब वह लिखता है। यह अंदर से उबलने वाली एक बेचैनी या छटपटाहट होती है जिससे मुक्ति पाने के लिए लेखक कलम उठाता है। इसे 'अभ्यंतर प्रेरणा' भी कहा जा सकता है।
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(ख) बाहरी दबाव: ये गौण कारण हैं। इनमें शामिल हैं:
- संपादकों का आग्रह
- प्रकाशकों का तकाजा
- आर्थिक आवश्यकता (धनोपार्जन)
- सामाजिक मान्यता, यश प्राप्ति की इच्छा
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महत्वपूर्ण बिंदु: अज्ञेय जी स्पष्ट करते हैं कि सच्ची और कालजयी रचनाएँ प्रायः आंतरिक विवशता के कारण ही जन्म लेती हैं, बाहरी दबाव से लिखी गई रचनाएँ उतनी प्रभावशाली नहीं हो पातीं।
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अनुभव और अनुभूति में अंतर:
- यह पाठ का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेखक 'अनुभव' (Experience) और 'अनुभूति' (Feeling/Realization) में सूक्ष्म अंतर स्पष्ट करते हैं।
- अनुभव: किसी घटना को देखना, सुनना या उसके बारे में जानना। यह बाहरी या सतही ज्ञान हो सकता है।
- अनुभूति: अनुभव का वह अंश जो संवेदना और कल्पना के माध्यम से लेखक के अंतर्मन में रच-बस जाता है, उसे गहराई से प्रभावित करता है और अभिव्यक्ति के लिए प्रेरित करता है। अनुभूति अनुभव से गहरी और अधिक व्यक्तिगत होती है।
- उदाहरण: लेखक ने हिरोशिमा के अणु बम विस्फोट के बारे में पढ़ा, सुना (यह अनुभव था)। लेकिन जब वे वर्षों बाद हिरोशिमा गए और वहाँ एक पत्थर पर एक मनुष्य की उजली छाया देखी (जो विस्फोट के समय वहीं खड़ा रहा होगा और रेडियोधर्मी किरणों से भाप बनकर उड़ गया, केवल उसकी छाया पत्थर पर अंकित रह गई), तब उन्हें उस त्रासदी की भयावहता की तीव्र 'अनुभूति' हुई। यह अनुभूति ही उनकी 'हिरोशिमा' कविता का आधार बनी।
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रचना प्रक्रिया:
- लेखक के अनुसार, अनुभूति जब बहुत घनीभूत हो जाती है, तो लेखक उसे शब्दों में ढालने के लिए विवश हो जाता है।
- लिखते समय लेखक उस अनुभूति से थोड़ा अलग होकर, तटस्थ होकर उसे देखता है और शब्दों के माध्यम से व्यक्त करता है।
- रचना पूरी होने पर लेखक को ऐसा लगता है जैसे वह उस आंतरिक दबाव या विवशता से मुक्त हो गया है।
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विज्ञान का प्रभाव:
- अज्ञेय जी विज्ञान के विद्यार्थी रहे थे। वे बताते हैं कि हिरोशिमा पर अणु बम गिराने की खबर पढ़कर उन्हें उसका केवल बौद्धिक (वैज्ञानिक) पक्ष समझ आया था (रेडियोधर्मी प्रभाव आदि)। लेकिन उसकी वास्तविक मानवीय त्रासदी की अनुभूति उन्हें जापान जाकर पत्थर पर बनी छाया देखकर हुई।
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लेखक और उसका कर्म:
- लेखक मानता है कि हर रचनाकार अपनी आंतरिक विवशता के कारण लिखता है, लेकिन यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि वह 'क्या' लिखता है और उसकी रचना का समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
- कृति रच जाने के बाद वह लेखक से अलग हो जाती है और पाठक उसका अपने ढंग से मूल्यांकन करते हैं।
निष्कर्ष: यह पाठ लेखन के मूल उद्देश्य (आंतरिक प्रेरणा) और रचना प्रक्रिया (अनुभूति का महत्व) को समझने में सहायक है। अज्ञेय जी ने अपने व्यक्तिगत उदाहरणों, विशेषकर हिरोशिमा के अनुभव, से इसे बहुत प्रभावी ढंग से समझाया है।
अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):
प्रश्न 1: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के लेखक कौन हैं?
(क) प्रेमचंद
(ख) शिवपूजन सहाय
(ग) कमलेश्वर
(घ) अज्ञेय
प्रश्न 2: लेखक के अनुसार लिखने का सबसे प्रमुख कारण क्या है?
(क) आर्थिक लाभ
(ख) संपादकों का आग्रह
(ग) आंतरिक विवशता
(घ) प्रसिद्धि की इच्छा
प्रश्न 3: 'अनुभूति' से लेखक का क्या तात्पर्य है?
(क) किसी घटना को देखना
(ख) किसी घटना के बारे में पढ़ना
(ग) अनुभव का वह अंश जो संवेदना और कल्पना से रच-बस जाए
(घ) वैज्ञानिक तथ्यों को जानना
प्रश्न 4: लेखक को हिरोशिमा की त्रासदी की गहरी अनुभूति कब हुई?
(क) अणु बम गिरने की खबर पढ़कर
(ख) मित्रों से चर्चा करके
(ग) जापान जाकर पत्थर पर मनुष्य की छाया देखकर
(घ) विज्ञान की पुस्तक पढ़कर
प्रश्न 5: लेखक ने 'हिरोशिमा' कविता कहाँ बैठकर लिखी थी?
(क) हिरोशिमा में घटनास्थल पर
(ख) अपने घर पर
(ग) भारत लौटते हुए रेलगाड़ी में
(घ) हवाई जहाज में
प्रश्न 6: निम्नलिखित में से कौन-सा लिखने का 'बाहरी दबाव' माना जा सकता है?
(क) मन की छटपटाहट
(ख) प्रकाशक का तकाजा
(ग) गहरी संवेदना
(घ) आत्मानुभूति
प्रश्न 7: लेखक किस विषय के विद्यार्थी रहे थे, जिसका उल्लेख उन्होंने पाठ में किया है?
(क) कला
(ख) साहित्य
(ग) विज्ञान
(घ) इतिहास
प्रश्न 8: लेखक के अनुसार, रचना को पूरा करने के बाद रचनाकार कैसा महसूस करता है?
(क) दुखी
(ख) उत्साहित
(ग) मुक्त
(घ) चिंतित
प्रश्न 9: 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ गद्य की कौन-सी विधा है?
(क) कहानी
(ख) नाटक
(ग) संस्मरण
(घ) निबंध
प्रश्न 10: लेखक ने अनुभव और अनुभूति में से किसे लेखन के लिए अधिक महत्वपूर्ण माना है?
(क) अनुभव को
(ख) अनुभूति को
(ग) दोनों को बराबर
(घ) किसी को नहीं
उत्तरमाला:
- (घ) अज्ञेय
- (ग) आंतरिक विवशता
- (ग) अनुभव का वह अंश जो संवेदना और कल्पना से रच-बस जाए
- (ग) जापान जाकर पत्थर पर मनुष्य की छाया देखकर
- (ग) भारत लौटते हुए रेलगाड़ी में
- (ख) प्रकाशक का तकाजा
- (ग) विज्ञान
- (ग) मुक्त
- (घ) निबंध
- (ख) अनुभूति को
ये नोट्स और प्रश्न आपको परीक्षा की तैयारी में अवश्य मदद करेंगे। इस पाठ के मूल भाव, विशेषकर अनुभव और अनुभूति के अंतर तथा हिरोशिमा वाले प्रसंग को अच्छी तरह समझ लें। शुभकामनाएँ!