Class 10 Social Science Notes Chapter 7 (राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ) – Samkalin Bharat Book

Samkalin Bharat
नमस्ते विद्यार्थियों। आज हम समकालीन भारत - II, कक्षा 10 की भूगोल की पाठ्यपुस्तक के अध्याय 7, 'राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ' का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के परिवहन, संचार और व्यापार तंत्र की समझ विकसित करता है, जो किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं।

चलिए, विस्तार से इसके महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं:

अध्याय 7: राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ - विस्तृत नोट्स

परिचय:
वस्तुओं तथा सेवाओं का एक स्थान से दूसरे स्थान तक आवागमन परिवहन कहलाता है। परिवहन, संचार और व्यापार एक दूसरे के पूरक हैं और देश के आर्थिक विकास को गति प्रदान करते हैं। इन्हें 'राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ' कहा जाता है।

1. परिवहन (Transport):

  • स्थल परिवहन (Land Transport):

    • सड़क परिवहन (Road Transport):
      • महत्व: भारत विश्व के सर्वाधिक सड़क जाल वाले देशों में से एक है। रेल परिवहन से पहले इसका विकास हुआ। निर्माण लागत कम, उबड़-खाबड़ भूभागों पर बनाई जा सकती है, कम दूरी व कम वस्तुओं के परिवहन के लिए मितव्ययी, घर-घर सेवाएँ उपलब्ध कराता है, अन्य परिवहन साधनों को जोड़ता है।
      • वर्गीकरण:
        • स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग (Golden Quadrilateral Super Highways): दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुंबई व दिल्ली को जोड़ने वाली 6-लेन वाली परियोजना। उद्देश्य: भारत के मेगा सिटीज़ के मध्य दूरी व परिवहन समय न्यूनतम करना। निर्माण प्राधिकरण: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)।
        • राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways - NH): देश के दूरस्थ भागों को जोड़ते हैं। प्राथमिक सड़क तंत्र। निर्माण व रखरखाव: केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD)। अनेक प्रमुख NH उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम दिशाओं में फैले हैं। (उदाहरण: NH-1 शेरशाह सूरी मार्ग, NH-7 सबसे लंबा)।
        • राज्य राजमार्ग (State Highways - SH): राज्यों की राजधानियों को जिला मुख्यालयों से जोड़ते हैं। निर्माण व रखरखाव: राज्य लोक निर्माण विभाग (PWD)।
        • जिला मार्ग (District Roads): जिले के विभिन्न प्रशासनिक केन्द्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ते हैं। व्यवस्था: जिला परिषद्।
        • अन्य सड़कें: ग्रामीण सड़कों को शहरों से जोड़ती हैं (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत विशेष प्रोत्साहन)।
        • सीमांत सड़कें (Border Roads): सीमा सड़क संगठन (BRO - 1960 में स्थापित) द्वारा निर्माण व रखरखाव। सामरिक महत्व, दुर्गम क्षेत्रों में अभिगम्यता बढ़ाई।
      • सड़क घनत्व: प्रति 100 वर्ग किमी क्षेत्र में सड़कों की लम्बाई। जम्मू-कश्मीर में सबसे कम (12.14 किमी), केरल में सर्वाधिक (517.77 किमी) (आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं, नवीनतम सरकारी स्रोतों से पुष्टि करें)।
    • रेल परिवहन (Rail Transport):
      • महत्व: वस्तुओं तथा यात्रियों के परिवहन का प्रमुख साधन। लंबी दूरी, स्थूल वस्तुओं के परिवहन हेतु उपयुक्त। देश की अर्थव्यवस्था, उद्योग व कृषि के विकास में सहायक।
      • वितरण: मैदानी भागों में सघन जाल, पहाड़ी/पठारी/मरुस्थलीय क्षेत्रों में विरल।
      • समस्याएँ: बिना टिकट यात्रा, चोरी, जंजीर खींचना, भूमि अधिग्रहण, गेज परिवर्तन (बड़ी लाइन, मीटर लाइन, छोटी लाइन), विद्युतीकरण, दोहरीकरण।
      • भारतीय रेल जोन: प्रशासन के लिए 16 (अब 18) जोन में विभाजित।
    • पाइपलाइन (Pipelines):
      • महत्व: पहले शहरों में उद्योगों तथा घरों में पानी पहुँचाने हेतु। अब कच्चा तेल, पेट्रोल उत्पाद, प्राकृतिक गैस परिवहन हेतु। ठोस पदार्थों को घोल (स्लरी) रूप में भी परिवहन। परिवहन में देरी तथा हानियाँ कम। प्रारंभिक लागत अधिक, चलाने की लागत कम।
      • प्रमुख नेटवर्क:
        • ऊपरी असम से कानपुर (वाया गुवाहाटी, बरौनी, इलाहाबाद)।
        • गुजरात में सलाया से वीरमगाम, मथुरा, दिल्ली, सोनीपत होते हुए जालंधर तक।
        • गुजरात में हजीरा से विजयपुर (मध्य प्रदेश) होते हुए जगदीशपुर (उत्तर प्रदेश) तक (HVJ पाइपलाइन)।
  • जल परिवहन (Water Transport):

    • महत्व: सबसे सस्ता परिवहन साधन। भारी व स्थूलकाय वस्तुएँ ढोने हेतु उपयुक्त। ऊर्जा सक्षम तथा पर्यावरण अनुकूल।
    • प्रकार:
      • आंतरिक जल परिवहन (Inland Waterways): नदियाँ, नहरें, पश्च जल। भारत में 14,500 किमी लंबा नौसंचालन जलमार्ग है (केवल कुछ भाग ही मशीनीकृत नौकाओं द्वारा तय होता है)।
        • प्रमुख राष्ट्रीय जलमार्ग (National Waterways - NW):
          • NW-1: हल्दिया तथा इलाहाबाद के मध्य गंगा जल मार्ग (1620 किमी)।
          • NW-2: सदिया व धुबरी के मध्य ब्रह्मपुत्र नदी जलमार्ग (891 किमी)।
          • NW-3: केरल में पश्चिम तटीय नहर (कोट्टापुरम से कोल्लम तक, उद्योगमंडल तथा चंपक्कारा नहरें - 205 किमी)।
          • अन्य प्रस्तावित जलमार्ग।
      • समुद्री परिवहन (Oceanic Transport): भारत की 7516.6 किमी लंबी समुद्री तट रेखा। 12 प्रमुख तथा 200 मध्यम व छोटे पत्तन। देश का 95% विदेशी व्यापार समुद्री मार्गों से।
        • प्रमुख पत्तन (Major Ports):
          • पश्चिमी तट: कांडला (दीनदयाल पत्तन - ज्वारीय पत्तन, स्वतंत्रता बाद विकसित, मुंबई का दबाव कम करने हेतु), मुंबई (सबसे बड़ा, प्राकृतिक), जवाहरलाल नेहरू पत्तन (न्हावा शेवा - मुंबई का दबाव कम करने हेतु, आधुनिक), मार्मागाओ (गोवा - लौह अयस्क निर्यातक), न्यू मंगलौर (कर्नाटक - कुद्रेमुख खानों का लौह अयस्क निर्यात), कोच्चि (प्राकृतिक पोताश्रय, लैगून के मुहाने पर)।
          • पूर्वी तट: तूतीकोरिन (तमिलनाडु - प्राकृतिक, श्रीलंका/मालदीव से व्यापार), चेन्नई (कृत्रिम, प्राचीनतम, मुंबई के बाद दूसरा सबसे बड़ा), विशाखापत्तनम (सबसे गहरा, स्थलआवृत, सुरक्षित), पारादीप (ओडिशा - लौह अयस्क निर्यातक), कोलकाता (अंतः स्थलीय नदीय पत्तन, हुगली पर, ज्वारीय), हल्दिया (कोलकाता का सहायक, दबाव कम करने हेतु)।
  • वायु परिवहन (Air Transport):

    • महत्व: तीव्रतम, आरामदायक, प्रतिष्ठित साधन। दुर्गम स्थानों (ऊँचे पर्वत, मरुस्थल, घने जंगल, लंबे समुद्री रास्ते) के लिए आदर्श। प्राकृतिक आपदाओं में राहत पहुँचाने में महत्वपूर्ण।
    • विकास: 1953 में राष्ट्रीयकरण। एयर इंडिया (अंतर्राष्ट्रीय) और इंडियन एयरलाइन्स (घरेलू) (अब दोनों का विलय एयर इंडिया में)। कई निजी एयरलाइन्स भी घरेलू सेवाएँ दे रही हैं।
    • पवन हंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड: तेल व प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) को अपतटीय संक्रियाओं तथा अगम्य व दुर्गम भूभागों हेतु हेलीकॉप्टर सेवाएँ।
    • चुनौतियाँ: महंगा साधन, आम आदमी की पहुँच से बाहर (धीरे-धीरे पहुँच बढ़ रही है)।

2. संचार सेवाएँ (Communication Services):

  • महत्व: सूचनाओं का आदान-प्रदान। प्राचीन काल से उपयोग (हरकारे, पशु)। डाक-तार, टेलीफोन, इंटरनेट ने गति दी।
  • प्रकार:
    • निजी संचार (Personal Communication):
      • डाक सेवाएँ: भारत का डाक तंत्र विश्व का बृहत्तम है। पार्सल, निजी पत्र व्यवहार। कार्ड व लिफाफा (प्रथम श्रेणी की डाक - वायुयान द्वारा), रजिस्टर्ड पैकेट, किताबें, अखबार, मैगजीन (द्वितीय श्रेणी की डाक - धरातलीय डाक द्वारा)। बड़े शहरों में शीघ्र डाक हेतु 6 डाक मार्ग (राजधानी मार्ग, मेट्रो चैनल, ग्रीन चैनल, व्यापार चैनल, भारी चैनल, दस्तावेज़ चैनल)।
      • दूरसंचार (Telecommunications): टेलीफोन, मोबाइल फोन। भारत एशिया महाद्वीप में अग्रणी। STD (सब्सक्राइबर ट्रंक डायलिंग) सुविधा। मोबाइल फोन का तीव्र प्रसार, सूचना क्रांति।
    • जनसंचार (Mass Communication): एक साथ लाखों लोगों तक संदेश पहुँचाना। मनोरंजन, जागरूकता, राष्ट्रीय कार्यक्रम/नीतियों हेतु महत्वपूर्ण।
      • रेडियो: आकाशवाणी (All India Radio - AIR) - राष्ट्रीय, क्षेत्रीय, स्थानीय भाषाओं में कार्यक्रम।
      • टेलीविजन: दूरदर्शन (DD) - राष्ट्रीय चैनल, विश्व का एक बड़ा स्थलीय संचार तंत्र। विभिन्न आयु वर्ग हेतु मनोरंजन, शिक्षा, खेल आदि कार्यक्रम।
      • समाचार पत्र व पत्रिकाएँ: सर्वाधिक संख्या में हिंदी में, फिर अंग्रेजी व उर्दू में। विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित।
      • फिल्में: भारत विश्व में सर्वाधिक फीचर फिल्मों का उत्पादक। लघु फिल्में, वीडियो फीचर फिल्में। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (Central Board of Film Certification) फिल्मों को प्रमाणित करता है।

3. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार (International Trade):

  • परिभाषा: दो या दो से अधिक देशों के मध्य वस्तुओं का विनिमय।
  • महत्व: कोई देश आत्मनिर्भर नहीं, संसाधनों की उपलब्धता क्षेत्रीय है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार देशों के बीच आर्थिक बैरोमीटर। अतिरिक्त उत्पादन का निर्यात, आवश्यक वस्तुओं का आयात। विदेशी मुद्रा अर्जन।
  • व्यापार संतुलन (Balance of Trade): किसी देश के आयात व निर्यात मूल्य का अंतर।
    • अनुकूल: जब निर्यात मूल्य, आयात मूल्य से अधिक हो।
    • प्रतिकूल: जब आयात मूल्य, निर्यात मूल्य से अधिक हो।
  • भारत का विदेशी व्यापार: अधिकांशतः समुद्री व वायु मार्गों द्वारा।
    • प्रमुख निर्यात: रत्न व आभूषण, रसायन व संबंधित उत्पाद, कृषि व संबद्ध उत्पाद, अयस्क व खनिज, इंजीनियरिंग सामान, पेट्रोलियम उत्पाद।
    • प्रमुख आयात: पेट्रोलियम तथा पेट्रोलियम उत्पाद, मोती व बहुमूल्य रत्न, रसायन, कोयला, कोक, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान।
  • सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग ने विदेशी मुद्रा अर्जन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

4. पर्यटन: एक व्यापार के रूप में (Tourism as a Trade):

  • महत्व: पिछले कुछ दशकों में भारत में पर्यटन उद्योग में महत्वपूर्ण वृद्धि।
    • 150 लाख से अधिक लोग प्रत्यक्ष रूप से पर्यटन उद्योग में लगे हैं।
    • राष्ट्रीय एकता को प्रोत्साहित करता है।
    • स्थानीय हस्तकला तथा सांस्कृतिक उद्यमों को प्रश्रय देता है।
    • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमें संस्कृति तथा विरासत की समझ विकसित करने में सहायक।
    • विदेशी मुद्रा अर्जित होती है।
  • पर्यटन के प्रकार: विरासत पर्यटन, पारितंत्र (इको) पर्यटन, साहसिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन, व्यापारिक पर्यटन।
  • संभावनाएँ: भारत में विविध संस्कृतियों, ऐतिहासिक स्थलों, प्राकृतिक सौंदर्य के कारण पर्यटन की अपार संभावनाएँ।
  • आवश्यकता: सुदृढ़ अवसंरचना का विकास, सुरक्षा, स्वच्छता, बेहतर सुविधाएँ।

निष्कर्ष:
आधुनिक परिवहन तथा संचार के साधन हमारे देश और इसकी आधुनिक अर्थव्यवस्था को संचालित करते हैं। सघन व सक्षम परिवहन जाल तथा संचार साधन आज विश्व को एक 'बृहद् गाँव' में परिवर्तित करने में सहायक हैं और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए पूर्व-अपेक्षा हैं।


अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):

प्रश्न 1: भारत के चार महानगरों - दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को जोड़ने वाले राजमार्ग का क्या नाम है?
(क) राष्ट्रीय राजमार्ग
(ख) राज्य राजमार्ग
(ग) स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्ग
(घ) सीमांत सड़कें

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन सा परिवहन साधन भारत में प्रमुख साधन है?
(क) पाइपलाइन
(ख) रेल परिवहन
(ग) सड़क परिवहन
(घ) वायु परिवहन

प्रश्न 3: हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) पाइपलाइन निम्नलिखित में से किस पदार्थ का परिवहन करती है?
(क) पानी
(ख) कच्चा तेल
(ग) प्राकृतिक गैस
(घ) लौह अयस्क (स्लरी रूप में)

प्रश्न 4: भारत का प्राचीनतम कृत्रिम पत्तन कौन सा है?
(क) मुंबई
(ख) चेन्नई
(ग) कोलकाता
(घ) कांडला

प्रश्न 5: निम्नलिखित में से कौन सा संचार का साधन जनसंचार के अंतर्गत नहीं आता है?
(क) रेडियो
(ख) समाचार पत्र
(ग) टेलीफोन
(घ) टेलीविजन

प्रश्न 6: राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 (NW-1) किन दो स्थानों के बीच स्थित है?
(क) सदिया - धुबरी
(ख) कोट्टापुरम - कोल्लम
(ग) हल्दिया - इलाहाबाद
(घ) मुंबई - गोवा

प्रश्न 7: सीमा सड़क संगठन (BRO) का गठन कब किया गया था?
(क) 1950
(ख) 1960
(ग) 1970
(घ) 1980

प्रश्न 8: जब किसी देश का निर्यात मूल्य, आयात मूल्य से अधिक होता है, तो उसे क्या कहते हैं?
(क) व्यापार घाटा
(ख) प्रतिकूल व्यापार संतुलन
(ग) अनुकूल व्यापार संतुलन
(घ) संतुलित व्यापार

प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन सा पत्तन पश्चिमी तट पर स्थित नहीं है?
(क) कांडला
(ख) मार्मागाओ
(ग) तूतीकोरिन
(घ) कोच्चि

प्रश्न 10: भारत में वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कब किया गया?
(क) 1947
(ख) 1950
(ग) 1953
(घ) 1961


उत्तरमाला:

  1. (ग)
  2. (ख)
  3. (ग)
  4. (ख)
  5. (ग)
  6. (ग)
  7. (ख)
  8. (ग)
  9. (ग)
  10. (ग)

इन नोट्स का अच्छी तरह अध्ययन करें और प्रश्नों का अभ्यास करें। यह अध्याय आपकी परीक्षा की तैयारी में निश्चित रूप से सहायक होगा। शुभकामनाएँ!

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