Class 11 Chemistry Notes Chapter 5 (Chapter 5) – Examplar Problems (Hindi) Book

चलिए, आज हम रसायन विज्ञान के अध्याय 5, 'पदार्थ की अवस्थाएँ' के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हैं, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। यह अध्याय मुख्यतः गैसीय और द्रव अवस्थाओं पर केंद्रित है।
अध्याय 5: पदार्थ की अवस्थाएँ (States of Matter)
1. परिचय (Introduction)
- पदार्थ प्रकृति में मुख्यतः तीन भौतिक अवस्थाओं में पाया जाता है: ठोस, द्रव और गैस।
- पदार्थ की अवस्था दो विपरीत कारकों पर निर्भर करती है:
- अंतराआण्विक बल (Intermolecular Forces): अणुओं को पास लाने वाले बल (जैसे द्विध्रुव-द्विध्रुव बल, लंडन बल, हाइड्रोजन बंध)।
- ऊष्मीय ऊर्जा (Thermal Energy): अणुओं की गतिज ऊर्जा, जो उन्हें दूर ले जाने का प्रयास करती है (तापमान के समानुपाती)।
- कम तापमान और उच्च दाब पर अंतराआण्विक बल प्रभावी होते हैं (ठोस अवस्था)।
- उच्च तापमान और कम दाब पर ऊष्मीय ऊर्जा प्रभावी होती है (गैसीय अवस्था)।
- द्रव अवस्था इन दोनों के मध्य की स्थिति है।
2. गैसीय अवस्था (Gaseous State)
- विशेषताएँ: निश्चित आकृति या आयतन नहीं, अत्यधिक संपीड्य, कम घनत्व, सभी दिशाओं में समान दाब डालना, आसानी से मिश्रित होना।
- मापनीय गुणधर्म:
- द्रव्यमान (Mass, m): ग्राम (g) या किलोग्राम (kg) में। मोल्स (n) में भी व्यक्त किया जाता है (n = m/M, जहाँ M मोलर द्रव्यमान है)।
- आयतन (Volume, V): पात्र का आयतन। SI मात्रक m³, सामान्य मात्रक लीटर (L) या मिलीलीटर (mL) (1 L = 1 dm³ = 1000 cm³ = 1000 mL)।
- दाब (Pressure, P): प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाला बल (P = F/A)। SI मात्रक पास्कल (Pa) (1 Pa = 1 N/m²)। अन्य मात्रक: वायुमंडल (atm), बार (bar), टॉर (torr), mm Hg (1 atm = 1.01325 bar = 101325 Pa = 760 torr = 760 mm Hg)। दाब मापने का यंत्र: मैनोमीटर (प्रयोगशाला में), बैरोमीटर (वायुमंडलीय दाब)।
- तापमान (Temperature, T): ऊष्मा की माप। सेल्सियस (°C) या केल्विन (K) में। SI मात्रक केल्विन है। T(K) = t(°C) + 273.15 (लगभग 273)। गैस नियमों में तापमान हमेशा केल्विन में प्रयोग होता है।
3. गैस नियम (Gas Laws) - ये नियम गैस के दाब, आयतन, तापमान और मोलों की संख्या के बीच संबंध बताते हैं।
-
बॉयल का नियम (Boyle's Law): (रॉबर्ट बॉयल, 1662)
- कथन: स्थिर ताप (T) और निश्चित मोल संख्या (n) पर, किसी गैस का दाब (P) उसके आयतन (V) के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- गणितीय रूप: P ∝ 1/V या PV = k (स्थिरांक)
- उपयोग: P₁V₁ = P₂V₂ (स्थिर T, n पर)
- ग्राफ: P vs V (समतापी वक्र - hyperbola), P vs 1/V (सीधी रेखा मूल बिंदु से गुजरती हुई)।
-
चार्ल्स का नियम (Charles's Law): (जैक्स चार्ल्स, 1787)
- कथन: स्थिर दाब (P) और निश्चित मोल संख्या (n) पर, किसी गैस का आयतन (V) उसके परम ताप (T, केल्विन में) के समानुपाती होता है।
- गणितीय रूप: V ∝ T या V/T = k' (स्थिरांक)
- उपयोग: V₁/T₁ = V₂/T₂ (स्थिर P, n पर)
- परम शून्य (Absolute Zero): -273.15 °C या 0 K, वह काल्पनिक तापमान जिस पर गैस का आयतन शून्य हो जाना चाहिए।
- ग्राफ: V vs T(K) (समदाबी वक्र - सीधी रेखा मूल बिंदु से गुजरती हुई)।
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गे-लुसैक का नियम (Gay-Lussac's Law): (जोसेफ गे-लुसैक, 1802)
- कथन: स्थिर आयतन (V) और निश्चित मोल संख्या (n) पर, किसी गैस का दाब (P) उसके परम ताप (T, केल्विन में) के समानुपाती होता है।
- गणितीय रूप: P ∝ T या P/T = k'' (स्थिरांक)
- उपयोग: P₁/T₁ = P₂/T₂ (स्थिर V, n पर)
- ग्राफ: P vs T(K) (समायतनी वक्र - सीधी रेखा मूल बिंदु से गुजरती हुई)।
-
आवोगाद्रो का नियम (Avogadro's Law): (एमीडियो आवोगाद्रो, 1811)
- कथन: समान ताप (T) और दाब (P) पर, गैसों के समान आयतन में अणुओं (या मोलों) की संख्या समान होती है।
- गणितीय रूप: V ∝ n (स्थिर T, P पर) या V/n = k''' (स्थिरांक)
- STP (Standard Temperature and Pressure): मानक ताप और दाब (0 °C या 273.15 K और 1 bar दाब)। STP पर किसी आदर्श गैस के 1 मोल का आयतन 22.71 L होता है। (पुराना मानक 1 atm दाब था, जिस पर आयतन 22.4 L होता है)।
4. आदर्श गैस समीकरण (Ideal Gas Equation)
- बॉयल, चार्ल्स और आवोगाद्रो के नियमों को मिलाकर प्राप्त समीकरण।
- समीकरण: PV = nRT
- P = दाब, V = आयतन, n = मोलों की संख्या, T = परम ताप
- R = सार्वत्रिक गैस स्थिरांक (Universal Gas Constant): इसका मान मात्रकों पर निर्भर करता है।
- R = 8.314 J K⁻¹ mol⁻¹ (SI मात्रक)
- R = 0.0821 L atm K⁻¹ mol⁻¹
- R ≈ 2 cal K⁻¹ mol⁻¹
- संयुक्त गैस नियम (Combined Gas Law): (जब n स्थिर हो) P₁V₁/T₁ = P₂V₂/T₂
- घनत्व (d) और मोलर द्रव्यमान (M) से संबंध: P = (m/V) * (RT/M) => P = dRT/M => M = dRT/P
5. डाल्टन का आंशिक दाब का नियम (Dalton's Law of Partial Pressures)
- कथन: स्थिर ताप पर, एक निश्चित आयतन में भरी, परस्पर क्रिया न करने वाली गैसों के मिश्रण का कुल दाब (P<0xE1><0xB4><0x9B><0xE1><0xB5><0x92><0xE1><0xB5><0x97><0xE1><0xB4><0x80><0xE1><0xB4><0x85>) उन गैसों के आंशिक दाबों (P₁, P₂, P₃, ...) के योग के बराबर होता है।
- गणितीय रूप: P<0xE1><0xB4><0x9B><0xE1><0xB5><0x92><0xE1><0xB5><0x97><0xE1><0xB4><0x80><0xE1><0xB4><0x85> = P₁ + P₂ + P₃ + ...
- आंशिक दाब (Partial Pressure, Pᵢ): किसी गैसीय मिश्रण में एक घटक का आंशिक दाब वह दाब होता है, जो वह गैस अकेले उसी आयतन और ताप पर डालती।
- आंशिक दाब और मोल प्रभाज (Mole Fraction, xᵢ) में संबंध: Pᵢ = xᵢ * P<0xE1><0xB4><0x9B><0xE1><0xB5><0x92><0xE1><0xB5><0x97><0xE1><0xB4><0x80><0xE1><0xB4><0x85> (जहाँ xᵢ = nᵢ / n<0xE1><0xB4><0x9B><0xE1><0xB5><0x92><0xE1><0xB5><0x97><0xE1><0xB4><0x80><0xE1><0xB4><0x85>)
- जलीय तनाव (Aqueous Tension): जल के ऊपर एकत्रित गैस का दाब निकालते समय, कुल दाब में जलवाष्प का दाब भी शामिल होता है, जिसे जलीय तनाव कहते हैं। शुष्क गैस का दाब = कुल दाब - जलीय तनाव।
6. गैसों का अणुगति सिद्धांत (Kinetic Molecular Theory of Gases)
-
अभिगृहीत (Postulates):
- गैसें अत्यंत सूक्ष्म कणों (अणुओं) से बनी होती हैं, जिनका स्वयं का आयतन गैस के कुल आयतन की तुलना में नगण्य होता है।
- गैस के अणुओं के मध्य कोई आकर्षण या प्रतिकर्षण बल नहीं होता (आदर्श गैस के लिए)।
- गैस के अणु निरंतर तीव्र, यादृच्छिक (random) गति करते हैं और पात्र की दीवारों से टकराते हैं, जिससे दाब उत्पन्न होता है।
- अणुओं की टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ (perfectly elastic) होती हैं (ऊर्जा हानि नहीं होती)।
- किसी निश्चित ताप पर गैस के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा (Average Kinetic Energy) परम ताप (T) के समानुपाती होती है। KE<0xE1><0xB5><0x83><0xE1><0xB5><0xA3> ∝ T.
-
अणुगति समीकरण: PV = (1/3)mnc² (जहाँ m = एक अणु का द्रव्यमान, n = अणुओं की संख्या, c = वर्ग माध्य मूल चाल)
7. आण्विक गतियाँ (Molecular Speeds)
- गैस के अणुओं की गति भिन्न-भिन्न होती है। तीन प्रकार की आण्विक गतियाँ महत्वपूर्ण हैं:
- वर्ग माध्य मूल चाल (Root Mean Square Speed, u<0xE1><0xB5><0xA3><0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x9B>): u<0xE1><0xB5><0xA3><0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x9B> = √(3RT/M) = √(3P/d)
- औसत चाल (Average Speed, u<0xE1><0xB4><0x82><0xE1><0xB5><0x9D>): u<0xE1><0xB4><0x82><0xE1><0xB5><0x9D> = √(8RT/πM)
- प्रायिकतम चाल (Most Probable Speed, u<0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x96>): u<0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x96> = √(2RT/M)
- संबंध: u<0xE1><0xB5><0xA3><0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x9B> > u<0xE1><0xB4><0x82><0xE1><0xB5><0x9D> > u<0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x96> (अनुपात ≈ 1.224 : 1.128 : 1)
- मैक्सवेल-बोल्ट्ज़मान वितरण वक्र: यह वक्र विभिन्न गतियों वाले अणुओं के अंश और आण्विक गति के बीच संबंध दर्शाता है। ताप बढ़ाने पर वक्र चपटा और दाईं ओर विस्थापित होता है (औसत गति बढ़ती है, लेकिन अधिक गति वाले अणुओं का अंश भी बढ़ता है)।
8. वास्तविक गैसें: आदर्श व्यवहार से विचलन (Real Gases: Deviation from Ideal Behaviour)
- आदर्श गैस समीकरण (PV=nRT) केवल निम्न दाब और उच्च ताप पर ही वास्तविक गैसों पर सही लागू होता है।
- उच्च दाब और निम्न ताप पर वास्तविक गैसें आदर्श व्यवहार से विचलन दर्शाती हैं।
- कारण: अणुगति सिद्धांत की दो गलत अभिधारणाएँ:
- अणुओं का आयतन नगण्य नहीं होता।
- अणुओं के मध्य अंतराआण्विक आकर्षण बल होते हैं।
- संपीड्यता गुणांक (Compressibility Factor, Z): यह आदर्श व्यवहार से विचलन की माप है।
- Z = PV / nRT
- आदर्श गैस के लिए, Z = 1
- वास्तविक गैस के लिए, Z ≠ 1
- Z < 1: गैस आदर्श गैस की अपेक्षा अधिक संपीड्य है (आकर्षण बल प्रभावी)। निम्न दाब पर।
- Z > 1: गैस आदर्श गैस की अपेक्षा कम संपीड्य है (प्रतिकर्षण/आण्विक आयतन प्रभावी)। उच्च दाब पर।
- वान डर वाल्स समीकरण (van der Waals Equation): वास्तविक गैसों के व्यवहार को दर्शाने के लिए संशोधित समीकरण।
- [P + a(n/V)²] [V - nb] = nRT (n मोल के लिए)
- [P + a/V<0xE2><0x82><0x98>²] [V<0xE2><0x82><0x98> - b] = RT (1 मोल के लिए, V<0xE2><0x82><0x98> = मोलर आयतन)
- a: अंतराआण्विक आकर्षण बलों का माप (मात्रक: atm L² mol⁻² या Pa m⁶ mol⁻²)। 'a' का मान जितना अधिक, गैस उतनी आसानी से द्रवित होगी।
- b: अणुओं के प्रभावी आयतन या वर्जित आयतन का माप (मात्रक: L mol⁻¹ या m³ mol⁻¹)। यह लगभग अणु के वास्तविक आयतन का 4 गुना होता है।
- बॉयल ताप (Boyle Temperature, T<0xE1><0xB5><0x87>): वह ताप जिस पर कोई वास्तविक गैस एक विस्तृत दाब परास में आदर्श गैस की तरह व्यवहार करती है (Z ≈ 1)। T<0xE1><0xB5><0x87> = a / Rb
9. गैसों का द्रवण (Liquefaction of Gases)
- गैसों को ठंडा करके और दाब बढ़ाकर द्रवित किया जा सकता है।
- क्रांतिक ताप (Critical Temperature, T<0xE1><0xB5><0x84>): किसी गैस का वह अधिकतम ताप, जिसके ऊपर उसे केवल दाब लगाकर द्रवित नहीं किया जा सकता। T<0xE1><0xB5><0x84> = 8a / 27Rb
- क्रांतिक दाब (Critical Pressure, P<0xE1><0xB5><0x84>): क्रांतिक ताप पर गैस को द्रवित करने के लिए आवश्यक न्यूनतम दाब। P<0xE1><0xB5><0x84> = a / 27b²
- क्रांतिक आयतन (Critical Volume, V<0xE1><0xB5><0x84>): क्रांतिक ताप और क्रांतिक दाब पर गैस के एक मोल का आयतन। V<0xE1><0xB5><0x84> = 3b
- जिस गैस का T<0xE1><0xB5><0x84> अधिक होता है (या 'a' का मान अधिक होता है), वह आसानी से द्रवित होती है।
10. द्रव अवस्था (Liquid State)
- विशेषताएँ: निश्चित आयतन, अनिश्चित आकृति, ठोस से कम घनत्व (अपवाद: जल), बहुत कम संपीड्यता, विसरण (diffusion) गैसों से धीमा।
- वाष्प दाब (Vapour Pressure): साम्यावस्था पर, किसी द्रव की सतह के ऊपर उसकी वाष्प द्वारा डाला गया दाब। यह द्रव की प्रकृति और ताप पर निर्भर करता है। ताप बढ़ाने पर वाष्प दाब बढ़ता है।
- क्वथनांक (Boiling Point): वह ताप जिस पर किसी द्रव का वाष्प दाब बाह्य दाब (सामान्यतः वायुमंडलीय दाब) के बराबर हो जाता है।
- सामान्य क्वथनांक (Normal Boiling Point): जब बाह्य दाब 1 atm हो।
- मानक क्वथनांक (Standard Boiling Point): जब बाह्य दाब 1 bar हो।
- बाह्य दाब बढ़ाने पर क्वथनांक बढ़ता है (जैसे प्रेशर कुकर में)।
- पृष्ठ तनाव (Surface Tension): किसी द्रव के पृष्ठ पर स्थित अणुओं पर लगने वाले असंतुलित अंतराआण्विक आकर्षण बल के कारण उत्पन्न तनाव, जो पृष्ठ के क्षेत्रफल को न्यूनतम करने का प्रयास करता है।
- परिभाषा: द्रव के पृष्ठ पर खींची गई एक काल्पनिक रेखा की एकांक लम्बाई पर लम्बवत् लगने वाला बल।
- मात्रक: N m⁻¹ या J m⁻²
- कारण: द्रव के अंदर के अणु सभी दिशाओं से समान रूप से आकर्षित होते हैं, जबकि पृष्ठ के अणु केवल नीचे और पार्श्व से आकर्षित होते हैं, जिससे एक नेट आंतरिक खिंचाव उत्पन्न होता है।
- परिणाम: बूँदों का गोलाकार होना, केशिका क्रिया (capillary action)।
- प्रभाव: ताप बढ़ाने पर पृष्ठ तनाव घटता है (गतिज ऊर्जा बढ़ने से अंतराआण्विक बल कमजोर होते हैं)।
- श्यानता (Viscosity): द्रवों का वह गुण जिसके कारण वे प्रवाह का विरोध करते हैं। यह द्रवों की परतों के बीच आंतरिक घर्षण का माप है।
- कारण: अंतराआण्विक बल और अणुओं की अनियमित आकृति।
- मात्रक: N s m⁻² (SI) या पॉइज़ (Poise) (CGS)। 1 पॉइज़ = 0.1 N s m⁻²
- प्रभाव: ताप बढ़ाने पर द्रवों की श्यानता घटती है (गतिज ऊर्जा बढ़ने से अणु एक परत से दूसरी परत पर आसानी से जा सकते हैं)। हाइड्रोजन बंध वाले द्रवों की श्यानता अधिक होती है।
अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):
प्रश्न 1: स्थिर ताप पर, किसी गैस के निश्चित द्रव्यमान का दाब दोगुना करने पर उसका आयतन हो जाएगा:
(A) दोगुना
(B) आधा
(C) चार गुना
(D) अपरिवर्तित
प्रश्न 2: सार्वत्रिक गैस स्थिरांक (R) का मान निर्भर करता है:
(A) गैस की प्रकृति पर
(B) गैस के आयतन पर
(C) गैस के तापमान पर
(D) दाब, आयतन और ताप के मात्रकों पर
प्रश्न 3: डाल्टन के आंशिक दाब नियम के अनुसार, किसी गैसीय मिश्रण में एक घटक का आंशिक दाब बराबर होता है:
(A) कुल दाब / मोल प्रभाज
(B) मोल प्रभाज × कुल दाब
(C) कुल दाब - अन्य घटकों का दाब
(D) मोल प्रभाज / कुल दाब
प्रश्न 4: गैसों के अणुगति सिद्धांत के अनुसार, गैस के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा समानुपाती होती है:
(A) दाब के
(B) आयतन के
(C) परम ताप के
(D) मोलर द्रव्यमान के
प्रश्न 5: निम्नलिखित आण्विक गतियों का सही क्रम (घटता हुआ) कौन सा है?
(A) u<0xE1><0xB4><0x82><0xE1><0xB5><0x9D> > u<0xE1><0xB5><0xA3><0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x9B> > u<0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x96>
(B) u<0xE1><0xB5><0xA3><0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x9B> > u<0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x96> > u<0xE1><0xB4><0x82><0xE1><0xB5><0x9D>
(C) u<0xE1><0xB5><0xA3><0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x9B> > u<0xE1><0xB4><0x82><0xE1><0xB5><0x9D> > u<0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x96>
(D) u<0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x96> > u<0xE1><0xB4><0x82><0xE1><0xB5><0x9D> > u<0xE1><0xB5><0xA3><0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x9B>
प्रश्न 6: वास्तविक गैसें आदर्श व्यवहार से विचलन दर्शाती हैं, विशेषकर:
(A) निम्न दाब और उच्च ताप पर
(B) उच्च दाब और निम्न ताप पर
(C) निम्न दाब और निम्न ताप पर
(D) उच्च दाब और उच्च ताप पर
प्रश्न 7: वान डर वाल्स समीकरण [P + a/V<0xE2><0x82><0x98>²] [V<0xE2><0x82><0x98> - b] = RT में, स्थिरांक 'a' किसका माप है?
(A) अणुओं के आकार का
(B) अंतराआण्विक आकर्षण बलों का
(C) औसत गतिज ऊर्जा का
(D) गैस के घनत्व का
प्रश्न 8: किसी द्रव का वाष्प दाब निर्भर नहीं करता है:
(A) द्रव की प्रकृति पर
(B) तापमान पर
(C) पात्र के आकार पर
(D) द्रव की शुद्धता पर
प्रश्न 9: द्रव की बूँदों का आकार गोलाकार होने का कारण है:
(A) श्यानता
(B) वाष्प दाब
(C) पृष्ठ तनाव
(D) घनत्व
प्रश्न 10: तापमान बढ़ाने पर किसी द्रव की श्यानता:
(A) बढ़ती है
(B) घटती है
(C) अपरिवर्तित रहती है
(D) पहले बढ़ती है फिर घटती है
उत्तर कुंजी:
- (B) - बॉयल के नियम (P ∝ 1/V) से।
- (D) - R का मान प्रयुक्त मात्रकों पर निर्भर करता है।
- (B) - Pᵢ = xᵢ * P<0xE1><0xB4><0x9B><0xE1><0xB5><0x92><0xE1><0xB5><0x97><0xE1><0xB4><0x80><0xE1><0xB4><0x85>
- (C) - KE<0xE1><0xB5><0x83><0xE1><0xB5><0xA3> ∝ T
- (C) - u<0xE1><0xB5><0xA3><0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x9B> > u<0xE1><0xB4><0x82><0xE1><0xB5><0x9D> > u<0xE1><0xB5><0x90><0xE1><0xB5><0x96>
- (B) - इन परिस्थितियों में अंतराआण्विक बल और आण्विक आयतन नगण्य नहीं रहते।
- (B) - 'a' आकर्षण बलों से संबंधित दाब संशोधन है।
- (C) - वाष्प दाब आंतरिक गुण है, पात्र के आकार पर निर्भर नहीं करता।
- (C) - पृष्ठ तनाव सतह क्षेत्र को न्यूनतम करने का प्रयास करता है, और दिए गए आयतन के लिए गोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल न्यूनतम होता है।
- (B) - ताप बढ़ने से अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है और अंतराआण्विक बल कमजोर होते हैं, जिससे प्रवाह आसान हो जाता है।
इन नोट्स और प्रश्नों का अच्छी तरह से अध्ययन करें। आपकी परीक्षा के लिए शुभकामनाएँ!