Class 11 Geography Notes Chapter 11 (वायुमंडल में जल) – Bhautik Bhugol ke Mool Sidhant Book

Bhautik Bhugol ke Mool Sidhant
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम भौतिक भूगोल के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'वायुमंडल में जल' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी कक्षा 11 की परीक्षा के लिए, बल्कि विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अध्याय में हम वायुमंडल में जल की विभिन्न अवस्थाओं, प्रक्रियाओं और उससे संबंधित घटनाओं को विस्तार से समझेंगे।


अध्याय 11: वायुमंडल में जल (Water in the Atmosphere)

वायुमंडल में जल विभिन्न रूपों में पाया जाता है - ठोस (बर्फ), तरल (जल) और गैसीय (जलवाष्प)। यह पृथ्वी पर जीवन के लिए अनिवार्य है और जलवायु तथा मौसम को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

1. जलवाष्प (Water Vapour):

  • यह वायुमंडल में उपस्थित जल का गैसीय रूप है।
  • यह वायुमंडल में आयतन के अनुसार 0 से 4% तक पाया जाता है।
  • ऊंचाई के साथ जलवाष्प की मात्रा घटती जाती है।
  • यह सूर्य से आने वाली ऊष्मा के कुछ भाग को अवशोषित करता है और पृथ्वी से निकलने वाली ऊष्मा को भी ग्रहण करता है, जिससे पृथ्वी का तापमान संतुलित रहता है।
  • यह वायुमंडल को अस्थिरता प्रदान करता है, जिससे वर्षा और अन्य मौसमी घटनाएँ होती हैं।

2. जलचक्र (Hydrological Cycle):

  • यह पृथ्वी पर जल का एक चक्र है, जिसमें जल महासागरों, वायुमंडल, भूमि और जीवों के बीच लगातार गति करता रहता है।
  • मुख्य प्रक्रियाएँ:
    • वाष्पीकरण (Evaporation): जल का तरल से गैसीय रूप में बदलना।
    • संघनन (Condensation): जलवाष्प का तरल या ठोस रूप में बदलना।
    • वर्षण (Precipitation): संघनित जल का पृथ्वी पर गिरना (वर्षा, हिमपात आदि)।
    • संग्रहण (Storage): महासागरों, झीलों, भूमिगत जल आदि में जल का जमाव।

3. वाष्पीकरण और संघनन (Evaporation and Condensation):

  • वाष्पीकरण (Evaporation):

    • वह प्रक्रिया जिसमें जल तरल अवस्था से गैसीय अवस्था (जलवाष्प) में परिवर्तित होता है।
    • यह तब होता है जब जल के अणुओं को इतनी ऊर्जा मिलती है कि वे तरल सतह से बाहर निकल सकें।
    • गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Vaporization): वह ऊर्जा जो जल के अणुओं को वाष्पीकृत होने के लिए आवश्यक होती है, लेकिन जिससे तापमान में वृद्धि नहीं होती।
    • वाष्पीकरण को प्रभावित करने वाले कारक:
      • तापमान: उच्च तापमान पर वाष्पीकरण अधिक होता है।
      • वायु गति (पवन): तेज हवाएँ वाष्पीकरण को बढ़ाती हैं।
      • आर्द्रता: शुष्क वायु में वाष्पीकरण अधिक होता है।
      • सतह क्षेत्र: बड़े सतह क्षेत्र से वाष्पीकरण अधिक होता है।
  • संघनन (Condensation):

    • वह प्रक्रिया जिसमें जलवाष्प गैसीय अवस्था से तरल या ठोस अवस्था में परिवर्तित होती है।
    • यह तब होता है जब वायु में उपस्थित जलवाष्प ठंडी होकर संतृप्त हो जाती है।
    • संघनन के लिए आवश्यक शर्तें:
      • तापमान का ओसांक तक गिरना: वायु का तापमान उस बिंदु तक गिरना जहाँ वह जलवाष्प से संतृप्त हो जाती है।
      • संघनन केंद्र (Condensation Nuclei): धूल, परागकण, नमक के कण जैसे सूक्ष्म कण जिन पर जलवाष्प संघनित हो सके।
    • ओसांक (Dew Point): वह तापमान जिस पर वायु जलवाष्प से संतृप्त हो जाती है और संघनन प्रारंभ हो जाता है।

4. आर्द्रता (Humidity):

  • वायुमंडल में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं।
  • निरपेक्ष आर्द्रता (Absolute Humidity):
    • वायु के प्रति इकाई आयतन में उपस्थित जलवाष्प का भार।
    • इसे ग्राम प्रति घन मीटर (g/m³) में व्यक्त किया जाता है।
    • यह ऊंचाई और तापमान के साथ बदलती रहती है।
  • विशिष्ट आर्द्रता (Specific Humidity):
    • वायु के प्रति इकाई भार में उपस्थित जलवाष्प का भार।
    • इसे ग्राम प्रति किलोग्राम (g/kg) में व्यक्त किया जाता है।
    • यह वायु के आयतन में परिवर्तन से प्रभावित नहीं होती, इसलिए अधिक स्थिर माप है।
  • सापेक्ष आर्द्रता (Relative Humidity):
    • किसी निश्चित तापमान पर वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता के अनुपात को सापेक्ष आर्द्रता कहते हैं।
    • इसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।
    • सूत्र: (वास्तविक जलवाष्प की मात्रा / जलवाष्प धारण करने की अधिकतम क्षमता) x 100
    • तापमान बढ़ने पर सापेक्ष आर्द्रता घटती है (यदि जलवाष्प की मात्रा स्थिर रहे) और तापमान घटने पर बढ़ती है।
    • 100% सापेक्ष आर्द्रता का अर्थ है कि वायु संतृप्त है।

5. संघनन के रूप (Forms of Condensation):
जब वायु का तापमान ओसांक तक पहुँच जाता है और संघनन होता है, तो जलवाष्प विभिन्न रूपों में परिवर्तित होती है:

  • ओस (Dew):
    • जब स्वच्छ आकाश, शांत वायु और उच्च सापेक्ष आर्द्रता की स्थिति में सतह का तापमान ओसांक से नीचे गिर जाता है, तो जलवाष्प छोटी-छोटी बूंदों के रूप में घास, पत्तियों और अन्य ठंडी सतहों पर जम जाती है।
    • यह 0°C से ऊपर के तापमान पर बनती है।
  • पाला (Frost):
    • जब संघनन 0°C से नीचे के तापमान पर होता है, तो जलवाष्प सीधे बर्फ के छोटे क्रिस्टलों के रूप में जम जाती है।
    • यह ओस के समान ही परिस्थितियों में बनता है, बस तापमान हिमांक से नीचे होना चाहिए।
  • कोहरा और कुहासा (Fog and Mist):
    • जब वायु का तापमान ओसांक के करीब पहुँच जाता है और संघनन धरातल के निकट वायुमंडल में होता है, तो धूल के कणों पर जलवाष्प संघनित होकर छोटे-छोटे बादल बनाती है।
    • कुहासा (Mist): इसमें दृश्यता 1 किलोमीटर से अधिक लेकिन 2 किलोमीटर से कम होती है। इसमें नमी की मात्रा कम होती है।
    • कोहरा (Fog): इसमें दृश्यता 1 किलोमीटर से कम होती है। इसमें नमी की मात्रा अधिक होती है और यह कुहासे से अधिक घना होता है।
    • धुंध (Smog): कोहरे और धुएँ (Smoke) के मिश्रण से बनता है, जो शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में अधिक होता है।
  • बादल (Clouds):
    • बादल जलवाष्प के संघनन से बने सूक्ष्म जल-कणों या बर्फ-कणों के समूह होते हैं, जो पर्याप्त ऊँचाई पर वायुमंडल में तैरते रहते हैं।
    • बादलों के बनने के लिए वायु का ठंडा होना (एडियाबेटिक शीतलन), संघनन केंद्र और पर्याप्त जलवाष्प आवश्यक है।
    • बादलों का वर्गीकरण (Classification of Clouds):
      • ऊँचाई के आधार पर:
        • उच्च बादल (High Clouds): 6,000 - 20,000 मीटर (पक्षाभ, पक्षाभ-स्तरी, पक्षाभ-कपासी)
        • मध्यम बादल (Middle Clouds): 2,000 - 6,000 मीटर (स्तरी-मध्य, कपासी-मध्य)
        • निम्न बादल (Low Clouds): धरातल से 2,000 मीटर तक (स्तरी, स्तरी-कपासी, वर्षा-स्तरी)
        • अधिक ऊँचाई के बादल (Clouds with great vertical extent): धरातल से 2,000 मीटर से ऊपर तक विस्तृत (कपासी, कपासी-वर्षा)
      • आकार और बनावट के आधार पर:
        • पक्षाभ (Cirrus - Ci): रेशेदार, पतले, सफेद, अलग-अलग, पंख के समान। वर्षा नहीं करते।
        • पक्षाभ-कपासी (Cirrocumulus - Cc): छोटे, गोल, सफेद, लहरदार, मछली के शल्क जैसे।
        • पक्षाभ-स्तरी (Cirrostratus - Cs): पतली, सफेद चादर, सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर प्रभामंडल (Halo) बनाती है।
        • स्तरी-मध्य (Altostratus - As): पतली, भूरी या नीली चादर, सूर्य या चंद्रमा को अस्पष्ट करती है।
        • कपासी-मध्य (Altocumulus - Ac): सफेद या भूरे, गोल, परतदार, भेड़ के झुंड जैसे।
        • स्तरी (Stratus - St): निम्न, धूसर, परतदार, कोहरे के समान, हल्की बूंदाबांदी या हिमपात।
        • स्तरी-कपासी (Stratocumulus - Sc): निम्न, गोल, परतदार, भूरे या सफेद।
        • वर्षा-स्तरी (Nimbostratus - Ns): निम्न, गहरे भूरे या काले, मोटी परत, लगातार वर्षा या हिमपात।
        • कपासी (Cumulus - Cu): गुंबद के आकार के, सफेद, अलग-अलग, रूई के ढेर जैसे, अच्छे मौसम के सूचक।
        • कपासी-वर्षा (Cumulonimbus - Cb): विशाल, ऊर्ध्वाधर विस्तार वाले, काले या गहरे भूरे, गड़गड़ाहट, बिजली, भारी वर्षा, ओलावृष्टि, बवंडर।

6. वर्षण (Precipitation):

  • संघनन के बाद जलवाष्प का जल या बर्फ के रूप में पृथ्वी की सतह पर गिरने की प्रक्रिया को वर्षण कहते हैं।
  • वर्षण के प्रकार:
    • वर्षा (Rain):
      • जब जल की बूंदें तरल अवस्था में पृथ्वी पर गिरती हैं।
      • वर्षा के प्रकार (Types of Rainfall):
        • संवहनीय वर्षा (Convectional Rain):
          • गर्म होकर ऊपर उठने वाली वायु के ठंडा होने और संघनित होने से होती है।
          • विषुवतीय क्षेत्रों और गर्मियों में दोपहर में होती है।
          • अक्सर गरज और बिजली के साथ होती है।
        • पर्वतीय वर्षा (Orographic Rain):
          • जब आर्द्र वायु पर्वतीय अवरोध के कारण ऊपर उठती है, ठंडी होती है और संघनित होकर वर्षा करती है।
          • पर्वत के पवनमुखी ढाल पर अधिक वर्षा होती है, जबकि पवनविमुखी ढाल पर "वृष्टि छाया क्षेत्र" (Rain Shadow Area) बनता है जहाँ वर्षा कम होती है।
        • चक्रवातीय वर्षा / वाताग्री वर्षा (Cyclonic/Frontal Rain):
          • जब गर्म और ठंडी वायु राशियाँ मिलती हैं, तो गर्म वायु ठंडी वायु के ऊपर उठती है, जिससे संघनन और वर्षा होती है।
          • शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों और उष्णकटिबंधीय चक्रवातों से संबंधित।
    • हिमपात (Snowfall):
      • जब वर्षण 0°C से नीचे के तापमान पर होता है, तो जलवाष्प सीधे बर्फ के क्रिस्टलों में बदलकर पृथ्वी पर गिरती है।
      • पहाड़ी क्षेत्रों और उच्च अक्षांशों में होता है।
    • सहहिम (Sleet):
      • यह जमी हुई वर्षा की बूंदें होती हैं। जब वर्षा की बूंदें वायुमंडल की ठंडी परत से गुजरती हैं और जम जाती हैं, तो सहहिम गिरता है।
    • ओलावृष्टि (Hail):
      • यह बर्फ के बड़े, अनियमित आकार के टुकड़े होते हैं।
      • यह कपासी-वर्षा बादलों में तीव्र ऊर्ध्वाधर वायु धाराओं के कारण बनता है, जहाँ जल की बूंदें बार-बार ऊपर-नीचे जाकर जमती और बड़ी होती जाती हैं।
      • कृषि के लिए अत्यंत हानिकारक।

7. विश्व में वर्षा का वितरण (World Distribution of Rainfall):

  • उच्च वर्षा क्षेत्र (High Rainfall Areas - 200 cm से अधिक):
    • विषुवतीय क्षेत्र (अमेज़न बेसिन, कांगो बेसिन, इंडोनेशिया)।
    • पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट और एशिया के मानसूनी क्षेत्र।
    • पर्वतों के पवनमुखी ढाल।
  • मध्यम वर्षा क्षेत्र (Moderate Rainfall Areas - 50-200 cm):
    • अधिकांश महाद्वीपों के आंतरिक भाग।
    • उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र।
  • निम्न वर्षा क्षेत्र (Low Rainfall Areas - 50 cm से कम):
    • उष्णकटिबंधीय मरुस्थल (सहारा, कालाहारी, अटाकामा)।
    • ध्रुवीय क्षेत्र।
    • महाद्वीपों के आंतरिक भाग (वृष्टि छाया क्षेत्र)।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

1. वायुमंडल में जलवाष्प की मात्रा आयतन के अनुसार कितनी होती है?
a) 0 से 1%
b) 0 से 4%
c) 4 से 7%
d) 7 से 10%
उत्तर: b) 0 से 4%

2. वह प्रक्रिया जिसमें जल तरल अवस्था से गैसीय अवस्था में परिवर्तित होता है, क्या कहलाती है?
a) संघनन
b) वर्षण
c) वाष्पीकरण
d) ऊर्ध्वपातन
उत्तर: c) वाष्पीकरण

3. वायु के प्रति इकाई आयतन में उपस्थित जलवाष्प का भार क्या कहलाता है?
a) सापेक्ष आर्द्रता
b) विशिष्ट आर्द्रता
c) निरपेक्ष आर्द्रता
d) ओसांक
उत्तर: c) निरपेक्ष आर्द्रता

4. जब वायु का तापमान 0°C से नीचे गिर जाता है और जलवाष्प सीधे बर्फ के क्रिस्टलों में बदल जाती है, तो उसे क्या कहते हैं?
a) ओस
b) पाला
c) कोहरा
d) कुहासा
उत्तर: b) पाला

5. निम्न में से कौन सा बादल सबसे ऊँचाई पर पाया जाता है और रेशेदार होता है?
a) कपासी
b) स्तरी
c) पक्षाभ
d) वर्षा-स्तरी
उत्तर: c) पक्षाभ

6. पर्वतीय वर्षा में, पर्वत के जिस ढाल पर कम वर्षा होती है, उसे क्या कहते हैं?
a) पवनमुखी ढाल
b) वृष्टि छाया क्षेत्र
c) संवहनीय ढाल
d) वाताग्र ढाल
उत्तर: b) वृष्टि छाया क्षेत्र

7. कपासी-वर्षा बादल मुख्य रूप से किस प्रकार की मौसमी घटना से संबंधित हैं?
a) शांत और स्थिर मौसम
b) लगातार हल्की बूंदाबांदी
c) गरज, बिजली और ओलावृष्टि
d) लंबी अवधि का हिमपात
उत्तर: c) गरज, बिजली और ओलावृष्टि

8. यदि किसी स्थान पर सापेक्ष आर्द्रता 100% है, तो इसका क्या अर्थ है?
a) वायु पूरी तरह शुष्क है।
b) वायु जलवाष्प से संतृप्त है।
c) वायु का तापमान बहुत अधिक है।
d) वर्षा होने वाली नहीं है।
उत्तर: b) वायु जलवाष्प से संतृप्त है।

9. विश्व के किन क्षेत्रों में संवहनीय वर्षा अधिक होती है?
a) ध्रुवीय क्षेत्र
b) उष्णकटिबंधीय मरुस्थल
c) विषुवतीय क्षेत्र
d) शीतोष्ण कटिबंधीय क्षेत्र
उत्तर: c) विषुवतीय क्षेत्र

10. वह तापमान जिस पर वायु जलवाष्प से संतृप्त हो जाती है और संघनन प्रारंभ हो जाता है, क्या कहलाता है?
a) हिमांक
b) क्वथनांक
c) ओसांक
d) क्रांतिक तापमान
उत्तर: c) ओसांक


आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय को समझने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें और किसी भी संदेह के लिए पूछने में संकोच न करें।

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