Class 11 Geography Notes Chapter 3 (अक्षांश; देशांतर और समय) – Bhugol me Prayogatmak Karya Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम आपकी 'भूगोल में प्रयोगात्मक कार्य' पुस्तक के अध्याय 3, 'अक्षांश, देशांतर और समय' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी बोर्ड परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इससे संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। आइए, इस महत्वपूर्ण विषय को गहराई से समझते हैं।
अध्याय 3: अक्षांश, देशांतर और समय
1. अक्षांश (Latitude)
- परिभाषा: अक्षांश पृथ्वी की सतह पर किसी बिंदु की भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की कोणीय दूरी है। इसे डिग्री में मापा जाता है।
- विशेषताएँ:
- ये काल्पनिक रेखाएँ भूमध्य रेखा के समानांतर पूर्व से पश्चिम की ओर खींची जाती हैं।
- सभी अक्षांश रेखाएँ पूर्ण वृत्त होती हैं, सिवाय ध्रुवों के जहाँ ये बिंदु बन जाती हैं।
- भूमध्य रेखा (0°) सबसे बड़ा अक्षांश वृत्त है।
- अक्षांश का मान भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर बढ़ने पर बढ़ता जाता है।
- इन्हें 0° से 90° उत्तर (N) और 0° से 90° दक्षिण (S) के रूप में दर्शाया जाता है।
- दो क्रमागत अक्षांश रेखाओं के बीच की दूरी लगभग 111 किलोमीटर होती है।
- महत्व:
- किसी स्थान की भौगोलिक स्थिति निर्धारित करने में सहायक।
- पृथ्वी को विभिन्न ताप कटिबंधों (उष्ण, शीतोष्ण, शीत) में विभाजित करने में महत्वपूर्ण। यह किसी स्थान की जलवायु को प्रभावित करता है।
- प्रमुख अक्षांश रेखाएँ:
- भूमध्य रेखा (Equator): 0° अक्षांश। यह पृथ्वी को उत्तरी गोलार्ध और दक्षिणी गोलार्ध में विभाजित करती है।
- कर्क रेखा (Tropic of Cancer): 23.5° उत्तरी अक्षांश।
- मकर रेखा (Tropic of Capricorn): 23.5° दक्षिणी अक्षांश।
- आर्कटिक वृत्त (Arctic Circle): 66.5° उत्तरी अक्षांश।
- अंटार्कटिक वृत्त (Antarctic Circle): 66.5° दक्षिणी अक्षांश।
- उत्तरी ध्रुव (North Pole): 90° उत्तरी अक्षांश।
- दक्षिणी ध्रुव (South Pole): 90° दक्षिणी अक्षांश।
2. देशांतर (Longitude)
- परिभाषा: देशांतर पृथ्वी की सतह पर किसी बिंदु की प्रधान मध्याह्न रेखा (Prime Meridian) से पूर्व या पश्चिम की कोणीय दूरी है। इसे डिग्री में मापा जाता है।
- विशेषताएँ:
- ये काल्पनिक रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक खींची गई अर्ध-वृत्त होती हैं।
- सभी देशांतर रेखाएँ ध्रुवों पर मिलती हैं।
- भूमध्य रेखा पर इनके बीच की दूरी अधिकतम (लगभग 111.32 किमी) होती है, और ध्रुवों की ओर जाने पर यह दूरी घटती जाती है।
- इन्हें 0° से 180° पूर्व (E) और 0° से 180° पश्चिम (W) के रूप में दर्शाया जाता है।
- महत्व:
- किसी स्थान की भौगोलिक स्थिति निर्धारित करने में सहायक।
- सबसे महत्वपूर्ण उपयोग समय (स्थानीय और मानक) निर्धारित करने में है।
- प्रमुख देशांतर रेखाएँ:
- प्रधान मध्याह्न रेखा (Prime Meridian): 0° देशांतर। यह लंदन के ग्रीनविच वेधशाला से होकर गुजरती है। इसे ग्रीनविच रेखा भी कहते हैं। यह पृथ्वी को पूर्वी गोलार्ध और पश्चिमी गोलार्ध में विभाजित करती है।
- अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line - IDL): 180° देशांतर। यह प्रशांत महासागर से होकर गुजरती है और कुछ स्थानों पर इसे मोड़ा गया है ताकि यह किसी भी भूभाग को न काटे।
3. ग्रीड प्रणाली (Grid System)
- अक्षांश और देशांतर रेखाओं का जाल एक ग्रीड प्रणाली बनाता है।
- इस ग्रीड प्रणाली का उपयोग पृथ्वी पर किसी भी स्थान की सटीक स्थिति (भौगोलिक निर्देशांक) को निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
4. समय (Time)
- पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है, जिससे सूर्योदय और सूर्यास्त होता है।
- पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है।
- इसका अर्थ है कि पृथ्वी 1 घंटे में 15° देशांतर घूमती है (360° / 24 घंटे = 15°/घंटा)।
- या, पृथ्वी 1° देशांतर घूमने में 4 मिनट का समय लेती है (60 मिनट / 15° = 4 मिनट/°)।
- स्थानीय समय (Local Time): किसी स्थान का स्थानीय समय उस स्थान पर सूर्य के ठीक ऊपर होने (मध्याह्न) से निर्धारित होता है। प्रत्येक देशांतर का अपना स्थानीय समय होता है।
- मानक समय (Standard Time): किसी देश या बड़े क्षेत्र के लिए, एक केंद्रीय देशांतर के स्थानीय समय को पूरे क्षेत्र के लिए मानक समय मान लिया जाता है। यह विभिन्न स्थानीय समयों के कारण होने वाले भ्रम से बचने के लिए किया जाता है।
- भारतीय मानक समय (Indian Standard Time - IST):
- भारत का मानक समय 82.5° पूर्वी देशांतर (82°30' E) के स्थानीय समय को माना गया है।
- यह देशांतर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (नैनी) से होकर गुजरती है।
- भारतीय मानक समय ग्रीनविच माध्य समय (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। (82.5° * 4 मिनट/° = 330 मिनट = 5 घंटे 30 मिनट)।
- अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line - IDL):
- यह 180° देशांतर पर स्थित है।
- जब कोई व्यक्ति इस रेखा को पश्चिम से पूर्व की ओर पार करता है, तो वह एक दिन पीछे चला जाता है (जैसे सोमवार से रविवार)।
- जब कोई व्यक्ति इस रेखा को पूर्व से पश्चिम की ओर पार करता है, तो वह एक दिन आगे बढ़ जाता है (जैसे सोमवार से मंगलवार)।
- यह रेखा सीधी न होकर टेढ़ी-मेढ़ी है ताकि किसी देश या द्वीप समूह के बीच तिथि का अंतर न हो।
बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)
1. भूमध्य रेखा का अक्षांश मान क्या है?
a) 90°
b) 23.5°
c) 0°
d) 66.5°
2. कर्क रेखा का अक्षांश मान क्या है?
a) 23.5° दक्षिणी अक्षांश
b) 23.5° उत्तरी अक्षांश
c) 66.5° उत्तरी अक्षांश
d) 0° अक्षांश
3. कौन सी अक्षांश रेखा पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में विभाजित करती है?
a) कर्क रेखा
b) मकर रेखा
c) भूमध्य रेखा
d) आर्कटिक वृत्त
4. प्रधान मध्याह्न रेखा (Prime Meridian) किस स्थान से होकर गुजरती है?
a) पेरिस
b) न्यूयॉर्क
c) ग्रीनविच
d) दिल्ली
5. पृथ्वी 1 डिग्री देशांतर घूमने में कितना समय लेती है?
a) 1 मिनट
b) 4 मिनट
c) 15 मिनट
d) 60 मिनट
6. भारतीय मानक समय (IST) ग्रीनविच माध्य समय (GMT) से कितना आगे है?
a) 4 घंटे 30 मिनट
b) 5 घंटे
c) 5 घंटे 30 मिनट
d) 6 घंटे
7. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line) किस देशांतर पर स्थित है?
a) 0° देशांतर
b) 90° पूर्वी देशांतर
c) 180° देशांतर
d) 180° पश्चिमी देशांतर
8. यदि आप अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पश्चिम से पूर्व की ओर पार करते हैं, तो क्या होगा?
a) आप एक दिन आगे बढ़ जाएंगे।
b) आप एक दिन पीछे चले जाएंगे।
c) समय में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
d) केवल घंटे बदलेंगे, दिन नहीं।
9. देशांतर रेखाओं के बारे में कौन सा कथन सत्य नहीं है?
a) ये अर्ध-वृत्त होती हैं।
b) ये भूमध्य रेखा पर समानांतर होती हैं।
c) ये ध्रुवों पर मिलती हैं।
d) ये समय निर्धारण में सहायक होती हैं।
10. भारत का मानक देशांतर क्या है?
a) 75° पूर्वी देशांतर
b) 82.5° पूर्वी देशांतर
c) 90° पूर्वी देशांतर
d) 82.5° पश्चिमी देशांतर
MCQs के उत्तर:
- c) 0°
- b) 23.5° उत्तरी अक्षांश
- c) भूमध्य रेखा
- c) ग्रीनविच
- b) 4 मिनट
- c) 5 घंटे 30 मिनट
- c) 180° देशांतर
- b) आप एक दिन पीछे चले जाएंगे।
- b) ये भूमध्य रेखा पर समानांतर होती हैं। (ये ध्रुवों पर मिलती हैं और भूमध्य रेखा पर इनकी दूरी अधिकतम होती है, समानांतर नहीं होतीं)
- b) 82.5° पूर्वी देशांतर
मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय को समझने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें!