Class 11 Geography Notes Chapter 5 (खनिज एवं शैल) – Bhautik Bhugol ke Mool Sidhant Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम आपकी कक्षा 11 की भौतिक भूगोल की पाठ्यपुस्तक 'भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत' के अध्याय 5 'खनिज एवं शैल' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी विभिन्न सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अध्याय को ध्यानपूर्वक समझें और दिए गए नोट्स को आत्मसात करें।
अध्याय 5: खनिज एवं शैल
पृथ्वी की ऊपरी परत (भूपर्पटी) विभिन्न प्रकार के खनिजों से बनी है, जो मिलकर शैलों का निर्माण करते हैं। ये खनिज और शैल ही हमारी पृथ्वी की संरचना का आधार हैं।
1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust):
- भूपर्पटी पृथ्वी की सबसे बाहरी परत है।
- यह मुख्य रूप से आठ तत्वों से बनी है: ऑक्सीजन (O), सिलिकॉन (Si), एल्युमिनियम (Al), लोहा (Fe), कैल्शियम (Ca), सोडियम (Na), पोटेशियम (K) और मैग्नीशियम (Mg)।
- इनमें से ऑक्सीजन और सिलिकॉन मिलकर पृथ्वी की भूपर्पटी का लगभग 75% हिस्सा बनाते हैं।
2. खनिज (Minerals):
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परिभाषा: खनिज एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला अकार्बनिक पदार्थ है, जिसका एक निश्चित रासायनिक संघटन और एक व्यवस्थित परमाणु संरचना होती है।
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ये ठोस होते हैं और पृथ्वी की भूपर्पटी में विभिन्न रूपों में पाए जाते हैं।
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यद्यपि पृथ्वी पर 2000 से अधिक खनिजों की पहचान की गई है, लेकिन उनमें से केवल कुछ ही प्रमुख हैं जो अधिकांश शैलों का निर्माण करते हैं।
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प्रमुख खनिज समूह:
- फेल्डस्पार (Feldspar): सिलिकॉन और ऑक्सीजन से बने होते हैं। भूपर्पटी का लगभग आधा हिस्सा। हल्के रंग के होते हैं।
- क्वार्ट्ज (Quartz): सिलिकॉन डाइऑक्साइड (SiO2)। कठोर, सफेद या रंगहीन। रेडियो, रडार, घड़ी आदि में उपयोग।
- पाइरॉक्सीन (Pyroxene): कैल्शियम, एल्युमिनियम, मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका से बने। हरे या काले रंग के।
- एम्फीबोल (Amphibole): एल्युमिनियम, कैल्शियम, सिलिका, लोहा और मैग्नीशियम से बने। हरे या काले रंग के।
- मीका (Mica): पोटेशियम, एल्युमिनियम, मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका से बने। अभ्रक के रूप में जाना जाता है।
- ओलिवाइन (Olivine): मैग्नीशियम, लोहा और सिलिका से बने। हरे रंग के। ज्वालामुखी बेसाल्ट में पाए जाते हैं।
- अन्य खनिज: कैल्साइट (चूना पत्थर में), डोलोमाइट, हेमेटाइट (लौह अयस्क), बॉक्साइट (एल्युमिनियम अयस्क), गैलेना, जिप्सम, हैलाइट (नमक)।
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खनिजों के भौतिक गुण:
- क्रिस्टल रूप (Crystal Form): खनिजों के बाहरी क्रिस्टल का आकार।
- विदलन (Cleavage): वह प्रवृत्ति जिसमें खनिज एक निश्चित दिशा में आसानी से टूटते हैं।
- भंग (Fracture): विदलन तल के अभाव में खनिज का अनियमित रूप से टूटना।
- चमक (Lustre): खनिज की सतह से प्रकाश के परावर्तन की गुणवत्ता (धात्विक, रेशमी, कांच जैसी)।
- रंग (Colour): खनिज का रंग, जो उसकी आंतरिक संरचना पर निर्भर करता है।
- रंग की धार (Streak): किसी खुरदुरे चीनी मिट्टी के बर्तन पर रगड़ने पर खनिज द्वारा छोड़ी गई पाउडर की रेखा का रंग।
- कठोरता (Hardness): खनिजों के खुरचने के प्रतिरोध की क्षमता। इसे मोह्स पैमाने (Mohs Scale) पर मापा जाता है (टैल्क 1 से हीरा 10 तक)।
- आपक्षिक घनत्व (Specific Gravity): खनिज के भार और समान आयतन के पानी के भार का अनुपात।
- पारदर्शिता (Transparency): खनिज से प्रकाश के गुजरने की क्षमता (पारदर्शी, पारभासी, अपारदर्शी)।
3. शैल (Rocks):
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परिभाषा: शैल एक या एक से अधिक खनिजों का एक समूह है। शैलों में खनिजों का कोई निश्चित रासायनिक संघटन नहीं होता।
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शैलों को उनके निर्माण की प्रक्रिया के आधार पर तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:
अ) आग्नेय शैल (Igneous Rocks):
- निर्माण: मैग्मा (पृथ्वी के अंदर पिघला हुआ पदार्थ) या लावा (पृथ्वी की सतह पर पिघला हुआ पदार्थ) के ठंडा होने और जमने से बनते हैं। इन्हें प्राथमिक शैल भी कहते हैं।
- विशेषताएँ:
- कठोर और क्रिस्टलीय होते हैं।
- जीवाश्म (fossils) नहीं पाए जाते।
- परतों में नहीं होते (अस्तरित)।
- प्रकार:
- अंतर्भेदी आग्नेय शैल (Intrusive Igneous Rocks): मैग्मा जब पृथ्वी के भीतर ही ठंडा होकर जमता है।
- पातालीय (Plutonic): गहराई में धीरे-धीरे ठंडा होने से बड़े क्रिस्टल बनते हैं (उदा. ग्रेनाइट, गैब्रो)।
- मध्यवर्ती (Hypabyssal): दरारों या छिद्रों में जमने से (उदा. डाइक, सिल)।
- बहिर्भेदी आग्नेय शैल (Extrusive Igneous Rocks): लावा जब पृथ्वी की सतह पर आकर ठंडा होकर जमता है।
- तेजी से ठंडा होने के कारण महीन क्रिस्टल बनते हैं (उदा. बेसाल्ट)।
- अंतर्भेदी आग्नेय शैल (Intrusive Igneous Rocks): मैग्मा जब पृथ्वी के भीतर ही ठंडा होकर जमता है।
ब) अवसादी शैल (Sedimentary Rocks):
- निर्माण: आग्नेय और कायांतरित शैलों के अपरदन, अपक्षय और निक्षेपण से प्राप्त अवसादों के संचयन और संपीड़न (lithification) से बनते हैं।
- विशेषताएँ:
- परतों में पाए जाते हैं (स्तरित)।
- जीवाश्म पाए जा सकते हैं।
- अपेक्षाकृत नरम होते हैं।
- प्रकार (निर्माण विधि के आधार पर):
- यांत्रिक रूप से निर्मित (Mechanically Formed): बालू, बजरी, मिट्टी आदि के जमाव से।
- उदा. बलुआ पत्थर (Sandstone), कांग्लोमेरेट (Conglomerate), शेल (Shale)।
- कार्बनिक रूप से निर्मित (Organically Formed): जीवों के अवशेषों के जमाव से।
- उदा. चूना पत्थर (Limestone), कोयला (Coal), खड़िया (Chalk)।
- रासायनिक रूप से निर्मित (Chemically Formed): जल में घुले खनिजों के अवक्षेपण से।
- उदा. सेंधा नमक (Rock Salt), जिप्सम (Gypsum), चर्ट (Chert)।
- यांत्रिक रूप से निर्मित (Mechanically Formed): बालू, बजरी, मिट्टी आदि के जमाव से।
स) कायांतरित शैल (Metamorphic Rocks):
- निर्माण: आग्नेय या अवसादी शैलों में उच्च ताप, दाब या रासायनिक रूप से सक्रिय तरल पदार्थों के कारण होने वाले परिवर्तन (कायांतरण) से बनते हैं।
- विशेषताएँ:
- पुनः क्रिस्टलीकरण और पुनर्व्यवस्था होती है।
- पर्णन (Foliation) या बैंडिंग हो सकती है।
- कायांतरण के प्रकार:
- तापीय कायांतरण (Thermal Metamorphism): उच्च तापमान के कारण।
- संपर्क कायांतरण (Contact Metamorphism): मैग्मा के संपर्क में आने से।
- प्रादेशिक कायांतरण (Regional Metamorphism): टेक्टोनिक प्लेटों की गति से बड़े क्षेत्र में ताप और दाब के कारण।
- गतिशील कायांतरण (Dynamic Metamorphism): उच्च दाब के कारण, जहाँ शैल टूटते और कुचलते हैं।
- तापीय कायांतरण (Thermal Metamorphism): उच्च तापमान के कारण।
- उदाहरण:
- ग्रेनाइट (आग्नेय) → नीस (Gneiss)
- शेल (अवसादी) → स्लेट (Slate) → फाइलाइट (Phyllite) → शिस्ट (Schist)
- चूना पत्थर (अवसादी) → संगमरमर (Marble)
- बलुआ पत्थर (अवसादी) → क्वार्ट्जाइट (Quartzite)
- कोयला (अवसादी) → ग्रेफाइट/हीरा
4. शैल चक्र (Rock Cycle):
- यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें एक प्रकार की शैलें विभिन्न भूगर्भीय प्रक्रियाओं के माध्यम से दूसरे प्रकार की शैलों में परिवर्तित होती रहती हैं।
- प्रक्रिया:
- मैग्मा ठंडा होकर आग्नेय शैल बनाता है।
- आग्नेय शैलों का अपक्षय और अपरदन होता है, जिससे अवसाद बनते हैं।
- ये अवसाद संचित होकर अवसादी शैल बनाते हैं।
- आग्नेय और अवसादी शैलें ताप व दाब के कारण कायांतरित शैलों में बदल सकती हैं।
- कायांतरित शैलें अत्यधिक ताप व दाब के कारण पिघलकर पुनः मैग्मा बन सकती हैं, जिससे चक्र फिर से शुरू होता है।
- अवसादी शैलें सीधे पिघलकर मैग्मा बन सकती हैं, या आग्नेय शैलें सीधे कायांतरित हो सकती हैं।
10 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):
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पृथ्वी की भूपर्पटी में सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व कौन सा है?
अ) सिलिकॉन
ब) लोहा
स) ऑक्सीजन
द) एल्युमिनियम -
निम्नलिखित में से कौन सा खनिज सिलिकॉन डाइऑक्साइड (SiO2) का एक रूप है और घड़ियों में उपयोग होता है?
अ) फेल्डस्पार
ब) क्वार्ट्ज
स) मीका
द) ओलिवाइन -
मोह्स पैमाने का उपयोग किस खनिज गुण को मापने के लिए किया जाता है?
अ) चमक
ब) कठोरता
स) रंग
द) आपक्षिक घनत्व -
मैग्मा और लावा के ठंडा होने तथा जमने से बनने वाली शैलों को क्या कहते हैं?
अ) अवसादी शैल
ब) कायांतरित शैल
स) आग्नेय शैल
द) इनमें से कोई नहीं -
निम्नलिखित में से कौन सी आग्नेय शैल अंतर्भेदी (Intrusive) प्रकार की है, जो धीरे-धीरे ठंडी होकर बड़े क्रिस्टल बनाती है?
अ) बेसाल्ट
ब) ग्रेनाइट
स) शेल
द) स्लेट -
जीवाश्म (fossils) आमतौर पर किस प्रकार की शैलों में पाए जाते हैं?
अ) आग्नेय शैल
ब) अवसादी शैल
स) कायांतरित शैल
द) सभी प्रकार की शैलों में -
चूना पत्थर (Limestone) किस प्रकार की अवसादी शैल का उदाहरण है?
अ) यांत्रिक रूप से निर्मित
ब) कार्बनिक रूप से निर्मित
स) रासायनिक रूप से निर्मित
द) ज्वालामुखी -
जब ग्रेनाइट शैल उच्च ताप और दाब के कारण परिवर्तित होती है, तो वह किस कायांतरित शैल में बदल जाती है?
अ) संगमरमर
ब) नीस
स) स्लेट
द) क्वार्ट्जाइट -
शैल चक्र के अनुसार, अवसादी शैलें उच्च ताप और दाब के कारण किस प्रकार की शैलों में परिवर्तित हो सकती हैं?
अ) आग्नेय शैल
ब) कायांतरित शैल
स) पुनः अवसादी शैल
द) सीधे मैग्मा -
निम्नलिखित में से कौन सा खनिज सबसे कठोर होता है (मोह्स पैमाने पर 10)?
अ) टैल्क
ब) क्वार्ट्ज
स) हीरा
द) फेल्डस्पार
उत्तरमाला:
- स) ऑक्सीजन
- ब) क्वार्ट्ज
- ब) कठोरता
- स) आग्नेय शैल
- ब) ग्रेनाइट
- ब) अवसादी शैल
- ब) कार्बनिक रूप से निर्मित
- ब) नीस
- ब) कायांतरित शैल
- स) हीरा
मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय को समझने और अपनी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेंगे। शुभकामनाएं!