Class 11 Geography Notes Chapter 6 (वायव फोटो का परिचय) – Bhugol me Prayogatmak Karya Book

प्रिय विद्यार्थियों, आज हम भूगोल में प्रयोगात्मक कार्य पुस्तक के अध्याय 6 'वायव फोटो का परिचय' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सुदूर संवेदन और मानचित्रण की नींव रखता है। आइए, इसके मुख्य बिंदुओं को गहराई से समझते हैं।
अध्याय 6: वायव फोटो का परिचय (Detailed Notes for Government Exams)
1. परिचय
वायव फोटो (Aerial Photographs) पृथ्वी की सतह के चित्र होते हैं जिन्हें विमान, ड्रोन, गुब्बारे या अन्य हवाई प्लेटफार्मों पर लगे विशेष कैमरों द्वारा लिया जाता है। ये पारंपरिक मानचित्रों से भिन्न होते हैं क्योंकि ये सीधे पृथ्वी की सतह को दर्शाते हैं, जबकि मानचित्र एक चयनात्मक और प्रतीकात्मक निरूपण होते हैं।
2. वायव फोटो का इतिहास
- प्रारंभिक प्रयास: 19वीं सदी के मध्य में गुब्बारे, पतंगों और कबूतरों पर कैमरे लगाकर फोटो लेने के प्रयास किए गए।
- विमान का आगमन: 20वीं सदी की शुरुआत में विमानों के विकास के साथ वायव फोटोग्राफी में क्रांति आई।
- विश्व युद्धों में उपयोग: प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में सैन्य टोही और मानचित्रण के लिए इसका व्यापक उपयोग हुआ, जिससे इसकी तकनीक में तेजी से सुधार हुआ।
- नागरिक उपयोग: युद्ध के बाद, इसका उपयोग नागरिक उद्देश्यों जैसे सर्वेक्षण, मानचित्रण, शहरी नियोजन और संसाधन प्रबंधन में बढ़ा।
3. वायव फोटो के प्रकार
A. कैमरा अक्ष के झुकाव के आधार पर:
- ऊर्ध्वाधर वायव फोटो (Vertical Aerial Photographs):
- कैमरे का अक्ष पृथ्वी की सतह पर लंबवत (90 डिग्री) होता है, जिसमें 1-3 डिग्री तक का मामूली झुकाव स्वीकार्य होता है।
- ये मानचित्र बनाने और सटीक माप के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं क्योंकि इनमें विरूपण कम होता है।
- इनमें क्षितिज कभी दिखाई नहीं देता।
- आनत वायव फोटो (Oblique Aerial Photographs):
- कैमरे का अक्ष पृथ्वी की सतह पर जानबूझकर झुकाया जाता है।
- उच्च आनत (High Oblique): इनमें क्षितिज दिखाई देता है। ये बड़े क्षेत्र का सामान्य दृश्य प्रदान करते हैं, लेकिन पैमाने में अधिक भिन्नता होती है।
- निम्न आनत (Low Oblique): इनमें क्षितिज दिखाई नहीं देता है। ये ऊर्ध्वाधर फोटो की तुलना में अधिक क्षेत्र कवर करते हैं लेकिन कम कोण पर झुके होते हैं।
- ये टोही (reconnaissance) और सामान्य अवलोकन के लिए उपयोगी होते हैं।
B. पैमाने के आधार पर:
- बड़े पैमाने के फोटो: कम ऊंचाई से लिए गए, कम क्षेत्र को कवर करते हैं लेकिन अधिक विवरण दिखाते हैं (जैसे 1:5,000)।
- छोटे पैमाने के फोटो: अधिक ऊंचाई से लिए गए, बड़े क्षेत्र को कवर करते हैं लेकिन कम विवरण दिखाते हैं (जैसे 1:50,000 या 1:1,00,000)।
C. फिल्म के प्रकार के आधार पर (अब डिजिटल सेंसर):
- पैनक्रोमैटिक (Panchromatic): सामान्य श्वेत-श्याम फोटो, जो दृश्य प्रकाश स्पेक्ट्रम के प्रति संवेदनशील होते हैं।
- इन्फ्रारेड (Infrared): अवरक्त स्पेक्ट्रम में संवेदनशील, वनस्पति स्वास्थ्य और जल निकायों की पहचान के लिए उपयोगी।
- रंग (Colour): प्राकृतिक रंगों में पृथ्वी की सतह को दर्शाते हैं।
- रंग इन्फ्रारेड (Colour Infrared - CIR): वनस्पति और अन्य प्राकृतिक विशेषताओं के स्वास्थ्य और प्रकार को बेहतर ढंग से दर्शाते हैं।
4. वायव फोटो की विशेषताएँ
- केन्द्रीय प्रक्षेपण (Central Projection):
- वायव फोटो एक केन्द्रीय प्रक्षेपण होते हैं, जिसका अर्थ है कि सभी किरणें लेंस के एक बिंदु से होकर गुजरती हैं।
- यह मानचित्रों के ऑर्थोग्राफिक प्रक्षेपण (जहां सभी किरणें समानांतर होती हैं) से भिन्न होता है।
- इस कारण फोटो में विस्थापन (Displacement) होता है।
- पैमाना (Scale):
- वायव फोटो का पैमाना एक समान नहीं होता है, खासकर ऊर्ध्वाधर फोटो में भी।
- यह विमान की उड़ान ऊंचाई और कैमरे की फोकल लंबाई पर निर्भर करता है।
- पैमाने का सूत्र: पैमाना (S) = फोकल लंबाई (f) / उड़ान ऊंचाई (H)
- जमीन की ऊंचाई में भिन्नता के कारण भी पैमाने में परिवर्तन आता है। ऊँचे स्थानों पर पैमाना बड़ा और नीचे स्थानों पर छोटा होता है।
- विस्थापन (Displacement):
- केन्द्रीय प्रक्षेपण के कारण फोटो में वस्तुओं की स्थिति में वास्तविक स्थिति से विचलन होता है।
- उच्चावच विस्थापन (Relief Displacement): यह सबसे महत्वपूर्ण विस्थापन है। ऊँची वस्तुएँ (जैसे पहाड़, इमारतें) फोटो के केंद्र (प्रधान बिंदु) से बाहर की ओर विस्थापित दिखाई देती हैं, जबकि नीची वस्तुएँ केंद्र की ओर विस्थापित होती हैं।
- झुकाव विस्थापन (Tilt Displacement): कैमरे के अक्ष के झुकाव के कारण होता है।
- लेंस विरूपण (Lens Distortion): कैमरे के लेंस की अपूर्णताओं के कारण होता है।
- अतिव्यापी (Overlap):
- पूरे क्षेत्र को कवर करने और त्रिविमीय (Stereoscopic) दृश्य प्राप्त करने के लिए लगातार फोटो में अतिव्यापी क्षेत्र रखा जाता है।
- अनुदैर्ध्य अतिव्यापी (Forward/Longitudinal Overlap): एक ही उड़ान पट्टी में लगातार दो फोटो के बीच होता है (आमतौर पर 60%)।
- पार्श्व अतिव्यापी (Side/Lateral Overlap): समानांतर उड़ान पट्टियों से लिए गए फोटो के बीच होता है (आमतौर पर 20-30%)।
5. वायव फोटो के लाभ
- विशाल क्षेत्र का त्वरित कवरेज: कम समय में बड़े क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- अगम्य क्षेत्रों की जानकारी: दुर्गम या खतरनाक क्षेत्रों का सर्वेक्षण संभव होता है।
- स्थायी अभिलेख: किसी विशेष समय पर पृथ्वी की सतह का स्थायी और वस्तुनिष्ठ रिकॉर्ड प्रदान करते हैं।
- विस्तृत जानकारी: मानचित्रों की तुलना में अधिक विस्तृत और वास्तविक जानकारी देते हैं।
- त्रिविमीय दृश्य: अतिव्यापी फोटो का उपयोग करके क्षेत्र का 3D (त्रिविमीय) मॉडल बनाया जा सकता है।
- अदृश्य स्पेक्ट्रम: अवरक्त जैसे अदृश्य स्पेक्ट्रम में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
- मानवीय त्रुटि में कमी: मानव पर्यवेक्षण की तुलना में अधिक वस्तुनिष्ठ होते हैं।
6. वायव फोटो की सीमाएँ
- उच्च लागत: फोटो लेने और उनके प्रसंस्करण में काफी खर्च आता है।
- विशेषज्ञता की आवश्यकता: फोटो की व्याख्या और विश्लेषण के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता होती है।
- मौसम पर निर्भरता: बादल, कोहरा या खराब मौसम फोटो लेने में बाधा डालता है।
- केन्द्रीय प्रक्षेपण के कारण विरूपण: पैमाने में भिन्नता और विस्थापन के कारण सीधे माप में कठिनाई होती है।
- गोपनीयता के मुद्दे: संवेदनशील या निजी क्षेत्रों की तस्वीरें लेने पर गोपनीयता भंग होने की आशंका होती है।
7. वायव फोटो के उपयोग
- मानचित्रण और सर्वेक्षण: स्थलाकृतिक मानचित्र, भू-उपयोग मानचित्र और अन्य विषयगत मानचित्र बनाने में।
- भूविज्ञान: भूवैज्ञानिक संरचनाओं, खनिजों की खोज और भू-खतरों के अध्ययन में।
- वनस्पति विज्ञान और वानिकी: वनस्पति के प्रकार, घनत्व, स्वास्थ्य और वन संसाधनों के प्रबंधन में।
- कृषि: फसल के प्रकार, स्वास्थ्य, उपज अनुमान और सिंचाई प्रबंधन में।
- शहरी नियोजन: शहरी विकास, भूमि उपयोग परिवर्तन और बुनियादी ढांचे की योजना में।
- पर्यावरण अध्ययन: प्रदूषण निगरानी, पारिस्थितिक तंत्र के अध्ययन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का आकलन।
- आपदा प्रबंधन: बाढ़, भूकंप, सुनामी जैसी आपदाओं के बाद क्षति का आकलन और राहत कार्यों की योजना।
- रक्षा और खुफिया: सैन्य टोही, सीमा निगरानी और सामरिक योजना में।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
-
निम्नलिखित में से कौन-सा वायव फोटो का प्रकार है जिसमें कैमरे का अक्ष पृथ्वी की सतह पर लगभग लंबवत होता है?
a) उच्च आनत वायव फोटो
b) निम्न आनत वायव फोटो
c) ऊर्ध्वाधर वायव फोटो
d) तिरछा वायव फोटो -
ऊर्ध्वाधर वायव फोटो में क्षितिज क्यों नहीं दिखाई देता है?
a) कैमरा बहुत ऊँचाई पर होता है।
b) कैमरे का अक्ष पृथ्वी की सतह पर लंबवत होता है।
c) फोटो का पैमाना बहुत छोटा होता है।
d) फोटो में अतिव्यापी क्षेत्र अधिक होता है। -
वायव फोटो में उच्चावच विस्थापन (Relief Displacement) का क्या अर्थ है?
a) कैमरे के झुकाव के कारण वस्तुओं की स्थिति में परिवर्तन।
b) ऊँची वस्तुओं का फोटो के केंद्र से बाहर की ओर विस्थापित होना।
c) लेंस की अपूर्णता के कारण वस्तुओं का विकृत दिखना।
d) उड़ान ऊंचाई में परिवर्तन के कारण पैमाने में भिन्नता। -
वायव फोटो का पैमाना किस सूत्र द्वारा दर्शाया जाता है?
a) पैमाना = उड़ान ऊंचाई / फोकल लंबाई
b) पैमाना = फोकल लंबाई / उड़ान ऊंचाई
c) पैमाना = ऊंचाई में अंतर / दूरी
d) पैमाना = दूरी / ऊंचाई में अंतर -
त्रिविमीय (Stereoscopic) दृश्य प्राप्त करने के लिए वायव फोटो में किस विशेषता का होना आवश्यक है?
a) उच्च रिज़ॉल्यूशन
b) रंगीन फिल्म
c) अतिव्यापी (Overlap)
d) कम झुकाव -
एक ही उड़ान पट्टी में लगातार दो वायव फोटो के बीच के अतिव्यापी क्षेत्र को क्या कहते हैं?
a) पार्श्व अतिव्यापी
b) अनुदैर्ध्य अतिव्यापी
c) कुल अतिव्यापी
d) लंबवत अतिव्यापी -
निम्नलिखित में से कौन-सा वायव फोटो का एक प्रमुख लाभ है?
a) उच्च प्रारंभिक लागत
b) मौसम पर निर्भरता
c) अगम्य क्षेत्रों की जानकारी प्रदान करना
d) विशेषज्ञता की आवश्यकता -
वायव फोटो में, ऊँचे स्थानों पर पैमाना कैसा होता है?
a) छोटा
b) बड़ा
c) समान
d) अनियमित -
वनस्पति स्वास्थ्य और जल निकायों की पहचान के लिए किस प्रकार की फिल्म (या सेंसर) का उपयोग अधिक प्रभावी होता है?
a) पैनक्रोमैटिक
b) रंगीन
c) इन्फ्रारेड
d) अल्ट्रावायलेट -
वायव फोटो के केंद्रीय प्रक्षेपण के कारण कौन-सी समस्या उत्पन्न होती है?
a) फोटो का धुंधला होना
b) वस्तुओं का विस्थापन
c) फोटो का रंग बदलना
d) फोटो का छोटा होना
उत्तर कुंजी:
- c) ऊर्ध्वाधर वायव फोटो
- b) कैमरे का अक्ष पृथ्वी की सतह पर लंबवत होता है।
- b) ऊँची वस्तुओं का फोटो के केंद्र से बाहर की ओर विस्थापित होना।
- b) पैमाना = फोकल लंबाई / उड़ान ऊंचाई
- c) अतिव्यापी (Overlap)
- b) अनुदैर्ध्य अतिव्यापी
- c) अगम्य क्षेत्रों की जानकारी प्रदान करना
- b) बड़ा
- c) इन्फ्रारेड
- b) वस्तुओं का विस्थापन