Class 11 Geography Notes Chapter 7 (सुदूर संवेदन का परिचय) – Bhugol me Prayogatmak Karya Book

Bhugol me Prayogatmak Karya
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 11 भूगोल की प्रायोगिक पुस्तक के अध्याय 7 'सुदूर संवेदन का परिचय' पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः इसे ध्यानपूर्वक समझें।


अध्याय 7: सुदूर संवेदन का परिचय

1. सुदूर संवेदन (Remote Sensing) क्या है?

सुदूर संवेदन एक ऐसी तकनीक है जिसके द्वारा किसी वस्तु या घटना के बारे में बिना उसके भौतिक संपर्क में आए जानकारी प्राप्त की जाती है। इसमें विद्युत चुंबकीय ऊर्जा का उपयोग किया जाता है, जिसे संवेदक (sensor) द्वारा अभिग्रहित किया जाता है।

2. सुदूर संवेदन की प्रक्रिया के चरण:

सुदूर संवेदन की प्रक्रिया में मुख्य रूप से सात चरण होते हैं:

  1. ऊर्जा स्रोत या प्रदीपन (Energy Source or Illumination):

    • सुदूर संवेदन के लिए ऊर्जा का एक स्रोत आवश्यक है। अधिकांश सुदूर संवेदन प्रणालियों में सूर्य ही ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है (निष्क्रिय संवेदन)।
    • कुछ प्रणालियाँ अपनी स्वयं की ऊर्जा उत्सर्जित करती हैं (सक्रिय संवेदन), जैसे रडार।
  2. वायुमंडल से ऊर्जा की अन्योन्य क्रिया (Interaction of Energy with Atmosphere):

    • ऊर्जा स्रोत से निकलने वाली ऊर्जा जब लक्ष्य तक पहुँचती है, तो वह वायुमंडल से होकर गुजरती है।
    • वायुमंडल में उपस्थित गैसें, जलवाष्प और धूल के कण ऊर्जा का प्रकीर्णन (Scattering) और अवशोषण (Absorption) करते हैं।
    • प्रकीर्णन से ऊर्जा बिखर जाती है, जबकि अवशोषण से ऊर्जा कम हो जाती है। ये दोनों ही संवेदक तक पहुँचने वाली ऊर्जा को प्रभावित करते हैं।
  3. लक्ष्य से ऊर्जा की अन्योन्य क्रिया (Interaction of Energy with the Target):

    • जब ऊर्जा लक्ष्य (पृथ्वी की सतह पर स्थित वस्तु) से टकराती है, तो वह तीन प्रकार से अन्योन्य क्रिया करती है:
      • परावर्तन (Reflection): ऊर्जा का कुछ भाग लक्ष्य से टकराकर वापस लौट जाता है।
      • अवशोषण (Absorption): ऊर्जा का कुछ भाग लक्ष्य द्वारा सोख लिया जाता है।
      • संचरण (Transmission): ऊर्जा का कुछ भाग लक्ष्य के आर-पार निकल जाता है।
    • प्रत्येक वस्तु की परावर्तन, अवशोषण और संचरण की विशेषताएँ अलग-अलग होती हैं, जिन्हें 'स्पेक्ट्रमी हस्ताक्षर' (Spectral Signature) कहते हैं।
  4. संवेदक द्वारा ऊर्जा का अभिग्रहण (Recording of Energy by the Sensor):

    • परावर्तित या उत्सर्जित ऊर्जा को एक संवेदक द्वारा अभिग्रहित किया जाता है।
    • संवेदक आमतौर पर एक प्लेटफॉर्म (जैसे उपग्रह, हवाई जहाज) पर लगे होते हैं।
  5. आंकड़ों का प्रेषण, अभिग्रहण एवं प्रसंस्करण (Transmission, Reception and Processing of Data):

    • संवेदक द्वारा अभिग्रहित ऊर्जा को डिजिटल या एनालॉग प्रारूप में परिवर्तित किया जाता है।
    • इन आंकड़ों को पृथ्वी पर स्थित भू-स्टेशनों (Ground Stations) पर प्रेषित (transmitted) किया जाता है, जहाँ उन्हें अभिग्रहित (received) और संसाधित (processed) किया जाता है।
  6. उत्पाद का निर्वचन एवं विश्लेषण (Interpretation and Analysis):

    • संसाधित आंकड़ों को छवियों (Images) या अन्य उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
    • इन छवियों का मानवीय या डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके निर्वचन (interpretation) और विश्लेषण (analysis) किया जाता है ताकि उपयोगी जानकारी निकाली जा सके।
  7. अनुप्रयोग (Application):

    • प्राप्त जानकारी का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में निर्णय लेने और योजना बनाने के लिए किया जाता है, जैसे कृषि, वानिकी, जल संसाधन, नगरीय नियोजन, आपदा प्रबंधन आदि।

3. विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम (Electromagnetic Spectrum - EMS):

  • विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम ऊर्जा की विभिन्न तरंगदैर्ध्यों (wavelengths) और आवृत्तियों (frequencies) का एक सतत क्रम है।
  • सुदूर संवेदन में ऊर्जा के विभिन्न भागों का उपयोग किया जाता है।
  • प्रमुख भाग (तरंगदैर्ध्य के बढ़ते क्रम में):
    • गामा किरणें (Gamma Rays): सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य।
    • एक्स-रे (X-Rays): चिकित्सा और सुरक्षा में उपयोग।
    • पराबैंगनी (Ultraviolet - UV): ओजोन परत द्वारा अवशोषित।
    • दृश्यमान स्पेक्ट्रम (Visible Spectrum): वह भाग जिसे मानव आँख देख सकती है (लगभग 0.4 से 0.7 माइक्रोमीटर)। इसमें नीला (Blue), हरा (Green) और लाल (Red) रंग शामिल हैं।
    • अवरक्त (Infrared - IR):
      • निकट अवरक्त (Near Infrared - NIR): पौधों के स्वास्थ्य का अध्ययन।
      • मध्य अवरक्त (Middle Infrared - MIR): मिट्टी की नमी, वनस्पति का अध्ययन।
      • तापीय अवरक्त (Thermal Infrared - TIR): तापमान मापन।
    • माइक्रोवेव (Microwave): बादलों और धुंध को भेदने में सक्षम, रडार में उपयोग।
    • रेडियो तरंगें (Radio Waves): सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य।

4. प्लेटफॉर्म और संवेदक (Platforms and Sensors):

  • प्लेटफॉर्म (Platforms): वे मंच जिन पर संवेदक लगाए जाते हैं।

    • भू-आधारित प्लेटफॉर्म (Ground-based Platforms): ट्राइपॉड, क्रेन, टावर। इनका उपयोग छोटी दूरी के अध्ययन या संवेदक अंशांकन के लिए होता है।
    • वायु-आधारित प्लेटफॉर्म (Air-based Platforms): हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर, गुब्बारे, ड्रोन। ये लचीले होते हैं और कम ऊंचाई पर विस्तृत डेटा प्रदान करते हैं।
    • अंतरिक्ष-आधारित प्लेटफॉर्म (Space-based Platforms): उपग्रह।
      • भूस्थैतिक उपग्रह (Geostationary Satellites): पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ऊपर लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर स्थित होते हैं। ये पृथ्वी के साथ तुल्यकालन में घूमते हैं, जिससे वे पृथ्वी के एक ही क्षेत्र पर लगातार नज़र रख सकते हैं (जैसे मौसम उपग्रह)।
      • ध्रुवीय परिक्रमा उपग्रह (Polar-orbiting Satellites): पृथ्वी के ध्रुवों के ऊपर से गुजरते हुए परिक्रमा करते हैं (लगभग 700-1000 किमी की ऊँचाई पर)। ये पूरी पृथ्वी का कवरेज प्रदान करते हैं, लेकिन एक ही स्थान पर बार-बार नहीं देखते (जैसे रिमोट सेंसिंग उपग्रह - IRS, Landsat)।
  • संवेदक (Sensors): वे उपकरण जो विद्युत चुंबकीय ऊर्जा को अभिग्रहित करते हैं।

    • निष्क्रिय संवेदक (Passive Sensors): ये सूर्य से परावर्तित या पृथ्वी से उत्सर्जित प्राकृतिक ऊर्जा को अभिग्रहित करते हैं (जैसे कैमरा, स्कैनर)। अधिकांश सुदूर संवेदन निष्क्रिय होते हैं।
    • सक्रिय संवेदक (Active Sensors): ये अपनी स्वयं की ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं और फिर लक्ष्य से परावर्तित ऊर्जा को अभिग्रहित करते हैं (जैसे रडार, लिडार)। ये रात में या बादलों की स्थिति में भी काम कर सकते हैं।

5. संकल्प (Resolution):

संकल्प से तात्पर्य किसी संवेदक की विवरणों को पहचानने की क्षमता से है। यह चार प्रकार का होता है:

  1. स्थानिक संकल्प (Spatial Resolution):

    • यह पृथ्वी की सतह पर सबसे छोटे क्षेत्र का आकार है जिसे संवेदक द्वारा एक अलग इकाई (पिक्सेल) के रूप में पहचाना जा सकता है।
    • उदाहरण: 1 मीटर स्थानिक संकल्प का अर्थ है कि संवेदक 1x1 मीटर के क्षेत्र में वस्तुओं को अलग-अलग दिखा सकता है। उच्च स्थानिक संकल्प का अर्थ है अधिक विवरण।
  2. स्पेक्ट्रमी संकल्प (Spectral Resolution):

    • यह उन विशिष्ट विद्युत चुंबकीय तरंगदैर्ध्य बैंडों की संख्या और चौड़ाई को संदर्भित करता है जिन्हें संवेदक अभिग्रहित कर सकता है।
    • उच्च स्पेक्ट्रमी संकल्प वाले संवेदक कई संकीर्ण बैंडों में डेटा एकत्र करते हैं, जिससे वस्तुओं के स्पेक्ट्रमी हस्ताक्षर को अधिक सटीकता से पहचाना जा सकता है।
  3. काल्पनिक संकल्प (Temporal Resolution):

    • यह उस आवृत्ति को संदर्भित करता है जिसके साथ संवेदक एक ही भौगोलिक क्षेत्र का डेटा फिर से एकत्र कर सकता है।
    • उच्च काल्पनिक संकल्प का अर्थ है कि संवेदक अधिक बार एक ही क्षेत्र की तस्वीरें ले सकता है (जैसे दैनिक, साप्ताहिक)। यह परिवर्तन का अध्ययन करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  4. रेडियोमीट्रिक संकल्प (Radiometric Resolution):

    • यह संवेदक की विद्युत चुंबकीय ऊर्जा के विभिन्न स्तरों (चमक या तीव्रता) को पहचानने और रिकॉर्ड करने की क्षमता है।
    • उच्च रेडियोमीट्रिक संकल्प का अर्थ है कि संवेदक चमक के अधिक सूक्ष्म अंतरों को पहचान सकता है, जिससे छवि में अधिक टोनल विविधता और विवरण दिखाई देते हैं (जैसे 8-बिट डेटा 256 चमक स्तरों को रिकॉर्ड कर सकता है)।

6. सुदूर संवेदन के अनुप्रयोग (Applications of Remote Sensing):

सुदूर संवेदन का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में होता है:

  • कृषि: फसल की उपज का अनुमान, फसल स्वास्थ्य की निगरानी, सूखे का पता लगाना।
  • वानिकी: वन आवरण का मानचित्रण, वनों की कटाई की निगरानी, वनाग्नि का पता लगाना।
  • जल संसाधन: जल निकायों का मानचित्रण, बाढ़ की निगरानी, भूजल अन्वेषण।
  • नगरीय नियोजन: शहरी विकास की निगरानी, भूमि उपयोग/भूमि आवरण मानचित्रण।
  • आपदा प्रबंधन: भूकंप, सुनामी, बाढ़, ज्वालामुखी विस्फोट जैसी आपदाओं की निगरानी और क्षति का आकलन।
  • भूविज्ञान: खनिज अन्वेषण, भूवैज्ञानिक मानचित्रण।
  • समुद्र विज्ञान: समुद्री धाराओं का अध्ययन, समुद्री प्रदूषण की निगरानी, तटीय क्षेत्र प्रबंधन।
  • पर्यावरण अध्ययन: प्रदूषण की निगरानी, पारिस्थितिकी तंत्र का मूल्यांकन।
  • रक्षा और सुरक्षा: सीमा निगरानी, रणनीतिक योजना।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

निर्देश: सही विकल्प का चयन करें।

  1. सुदूर संवेदन में किसी वस्तु के भौतिक संपर्क में आए बिना जानकारी प्राप्त करने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
    a) ध्वनि तरंगें
    b) विद्युत चुंबकीय ऊर्जा
    c) गुरुत्वाकर्षण बल
    d) रासायनिक प्रतिक्रियाएँ

  2. निम्नलिखित में से कौन सा विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम का वह भाग है जिसे मानव आँख देख सकती है?
    a) पराबैंगनी
    b) अवरक्त
    c) दृश्यमान
    d) माइक्रोवेव

  3. वह संवेदक जो अपनी स्वयं की ऊर्जा उत्सर्जित करता है और फिर लक्ष्य से परावर्तित ऊर्जा को अभिग्रहित करता है, क्या कहलाता है?
    a) निष्क्रिय संवेदक
    b) सक्रिय संवेदक
    c) तापीय संवेदक
    d) स्पेक्ट्रमी संवेदक

  4. लगभग 36,000 किमी की ऊँचाई पर पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ऊपर स्थित उपग्रह जो पृथ्वी के साथ तुल्यकालन में घूमते हैं, क्या कहलाते हैं?
    a) ध्रुवीय परिक्रमा उपग्रह
    b) भूस्थैतिक उपग्रह
    c) निम्न पृथ्वी कक्षा उपग्रह
    d) सौर तुल्यकालिक उपग्रह

  5. सुदूर संवेदन में 'स्थानिक संकल्प' (Spatial Resolution) का क्या अर्थ है?
    a) संवेदक द्वारा अभिग्रहित तरंगदैर्ध्य बैंडों की संख्या।
    b) संवेदक द्वारा एक ही क्षेत्र का डेटा फिर से एकत्र करने की आवृत्ति।
    c) पृथ्वी की सतह पर सबसे छोटे क्षेत्र का आकार जिसे संवेदक द्वारा एक अलग इकाई के रूप में पहचाना जा सकता है।
    d) संवेदक की ऊर्जा के विभिन्न चमक स्तरों को पहचानने की क्षमता।

  6. पौधों के स्वास्थ्य और वनस्पति के अध्ययन के लिए विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम का कौन सा भाग विशेष रूप से उपयोगी है?
    a) पराबैंगनी
    b) तापीय अवरक्त
    c) निकट अवरक्त
    d) गामा किरणें

  7. सुदूर संवेदन की प्रक्रिया में वायुमंडल द्वारा ऊर्जा के प्रकीर्णन और अवशोषण का क्या प्रभाव होता है?
    a) यह संवेदक तक पहुँचने वाली ऊर्जा को बढ़ाता है।
    b) यह संवेदक तक पहुँचने वाली ऊर्जा को कम करता है और विकृत करता है।
    c) इसका ऊर्जा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
    d) यह केवल सक्रिय संवेदकों को प्रभावित करता है।

  8. निम्नलिखित में से कौन सा सक्रिय संवेदक का एक उदाहरण है?
    a) कैमरा
    b) रडार
    c) स्पेक्ट्रोमीटर
    d) मल्टीस्पेक्ट्रल स्कैनर

  9. यदि किसी उपग्रह का 'काल्पनिक संकल्प' (Temporal Resolution) उच्च है, तो इसका क्या अर्थ है?
    a) वह बहुत छोटे विवरणों को देख सकता है।
    b) वह कई अलग-अलग तरंगदैर्ध्य बैंडों में डेटा एकत्र कर सकता है।
    c) वह एक ही क्षेत्र का डेटा अधिक बार एकत्र कर सकता है।
    d) वह चमक के अधिक सूक्ष्म अंतरों को पहचान सकता है।

  10. सुदूर संवेदन में 'स्पेक्ट्रमी हस्ताक्षर' (Spectral Signature) क्या दर्शाता है?
    a) किसी वस्तु का भौतिक आकार।
    b) किसी वस्तु की परावर्तन, अवशोषण और संचरण की विशिष्ट विशेषताएँ।
    c) किसी वस्तु का रासायनिक संघटन।
    d) किसी वस्तु की ऊंचाई।


उत्तरमाला (Answer Key):

  1. b
  2. c
  3. b
  4. b
  5. c
  6. c
  7. b
  8. b
  9. c
  10. b

मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय को गहराई से समझने और सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। किसी भी अन्य प्रश्न के लिए आप पूछ सकते हैं।

Read more

Class 12 Hindi Notes Kavita 3 (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय: यह दीप अकेला; मैंने देखा एक बूँद) – Antra Book

प्रिय विद्यार्थियों, आज हम कक्षा 12 की हिंदी ऐच्छिक की पाठ्यपुस्तक 'अंतरा भाग 2' में संकलित कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्

By NCERT Books

Class 12 Hindi Notes Kavita 2 (सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’: गीत गाने दो मुझे; सरोज-स्मृति) – Antra Book

प्रिय विद्यार्थियों, आज हम सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित दो महत्त्वपूर्ण कविताओं – ‘गीत गाने दो मुझे’ और ‘सरोज-स्मृति’ – का वि

By NCERT Books