Class 11 Geography Notes Chapter 9 (सौर विकिरण; ऊष्मा संतुलन एवं तापमान) – Bhautik Bhugol ke Mool Sidhant Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम भौतिक भूगोल के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'सौर विकिरण; ऊष्मा संतुलन एवं तापमान' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी सैद्धांतिक समझ को बढ़ाएगा, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। आइए, इस विषय की गहराई में उतरते हैं।
अध्याय 9: सौर विकिरण; ऊष्मा संतुलन एवं तापमान
यह अध्याय पृथ्वी पर ऊर्जा के स्रोत, उसके वितरण, संचरण और परिणामी तापमान भिन्नताओं को समझाता है।
I. सौर विकिरण (Solar Radiation)
सूर्य पृथ्वी के लिए ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है। पृथ्वी पर आने वाली इस ऊर्जा को सूर्यताप (Insolation) कहते हैं।
सूर्यताप को प्रभावित करने वाले कारक:
- पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना (Rotation): पृथ्वी का घूर्णन दिन और रात के चक्र का कारण बनता है, जिससे सूर्यताप की अवधि प्रभावित होती है।
- सूर्य की किरणों का नति कोण (Angle of Incidence):
- यह पृथ्वी की सतह पर सूर्य की किरणों के कोण को दर्शाता है।
- विषुवत रेखा पर किरणें लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे कम क्षेत्र में अधिक ऊर्जा केंद्रित होती है।
- ध्रुवों की ओर किरणें तिरछी होती जाती हैं, जिससे ऊर्जा अधिक क्षेत्र में फैल जाती है और वायुमंडल की अधिक मोटी परत से गुजरना पड़ता है, परिणामस्वरूप सूर्यताप कम प्राप्त होता है।
- दिन की अवधि (Duration of Daylight):
- दिन की अवधि जितनी लंबी होगी, सूर्यताप उतना ही अधिक प्राप्त होगा।
- ग्रीष्म अयनांत (21 जून) पर उत्तरी गोलार्ध में दिन लंबे होते हैं, जबकि शीत अयनांत (22 दिसंबर) पर दक्षिणी गोलार्ध में।
- वायुमंडल की पारदर्शिता (Transparency of Atmosphere):
- बादल, धूल कण, जलवाष्प आदि सौर विकिरण के कुछ भाग को परावर्तित, अवशोषित या प्रकीर्णित कर देते हैं।
- स्वच्छ आकाश वाले क्षेत्रों में अधिक सूर्यताप प्राप्त होता है।
- पृथ्वी की सूर्य से दूरी (Distance from Sun):
- पृथ्वी सूर्य के चारों ओर अंडाकार कक्षा में घूमती है, इसलिए सूर्य से उसकी दूरी वर्ष भर बदलती रहती है।
- उपसौर (Perihelion): 3 जनवरी को पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट होती है (लगभग 14.7 करोड़ किमी), जिससे सूर्यताप थोड़ा अधिक प्राप्त होता है।
- अपसौर (Aphelion): 4 जुलाई को पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर होती है (लगभग 15.2 करोड़ किमी), जिससे सूर्यताप थोड़ा कम प्राप्त होता है।
- हालाँकि, यह दूरी दैनिक या वार्षिक तापमान भिन्नताओं का मुख्य कारण नहीं है, बल्कि किरणों का नति कोण और दिन की अवधि अधिक महत्वपूर्ण हैं।
सूर्यताप का क्षैतिज वितरण:
सूर्यताप की मात्रा विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर घटती जाती है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सबसे अधिक और ध्रुवीय क्षेत्रों में सबसे कम सूर्यताप प्राप्त होता है।
II. ऊष्मा संतुलन (Heat Budget) एवं पृथ्वी का तापन और शीतलन
पृथ्वी न तो लगातार गर्म होती है और न ही ठंडी। इसका कारण यह है कि पृथ्वी द्वारा प्राप्त सौर विकिरण और उसके द्वारा उत्सर्जित पार्थिव विकिरण का संतुलन बना रहता है। इसे पृथ्वी का ऊष्मा संतुलन कहते हैं।
वायुमंडल का तापन और शीतलन:
- चालन (Conduction):
- जब असमान तापमान वाली दो वस्तुएँ एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं, तो ऊष्मा गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर स्थानांतरित होती है।
- पृथ्वी की सतह के संपर्क में आने वाली वायु की निचली परतें चालन द्वारा गर्म होती हैं। यह प्रक्रिया केवल निचली परतों तक ही सीमित रहती है।
- संवहन (Convection):
- गर्म होने पर वायु हल्की होकर ऊपर उठती है और ठंडी वायु उसका स्थान लेने नीचे आती है। यह ऊष्मा का ऊर्ध्वाधर स्थानांतरण है।
- यह प्रक्रिया केवल क्षोभमंडल तक सीमित रहती है।
- अभिवहन (Advection):
- वायु के क्षैतिज संचलन द्वारा ऊष्मा का स्थानांतरण अभिवहन कहलाता है।
- गर्म या ठंडी पवनों द्वारा ऊष्मा का एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना इसका उदाहरण है। मध्य अक्षांशों में दैनिक मौसम में होने वाले परिवर्तनों में अभिवहन का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
- पार्थिव विकिरण (Terrestrial Radiation):
- पृथ्वी सूर्य से प्राप्त लघु तरंग सौर विकिरण को अवशोषित करती है और स्वयं गर्म होकर दीर्घ तरंगों के रूप में ऊष्मा का उत्सर्जन करती है। इसे पार्थिव विकिरण कहते हैं।
- वायुमंडल मुख्य रूप से पार्थिव विकिरण द्वारा गर्म होता है।
अल्बेडो (Albedo):
किसी सतह द्वारा परावर्तित सौर विकिरण के प्रतिशत को उस सतह का अल्बेडो कहते हैं।
- ताजी गिरी बर्फ का अल्बेडो सर्वाधिक (70-90%) होता है।
- जल का अल्बेडो कम (10-60%, कोण पर निर्भर) होता है।
- पृथ्वी का औसत अल्बेडो लगभग 30-35% है।
पृथ्वी का ऊष्मा बजट (Heat Budget of the Earth):
यदि पृथ्वी को 100 इकाई सौर विकिरण प्राप्त होता है, तो उसका वितरण इस प्रकार होता है:
-
परावर्तित (पृथ्वी का अल्बेडो): 35 इकाइयाँ
- बादलों द्वारा परावर्तित: 27 इकाइयाँ
- धरातल पर हिम एवं बर्फ द्वारा परावर्तित: 2 इकाइयाँ
- वायुमंडल द्वारा प्रकीर्णन से परावर्तित: 6 इकाइयाँ
- ये 35 इकाइयाँ पृथ्वी के तापमान में वृद्धि किए बिना अंतरिक्ष में लौट जाती हैं।
-
अवशोषित सौर विकिरण: 65 इकाइयाँ
- वायुमंडल द्वारा प्रत्यक्ष अवशोषण: 14 इकाइयाँ (जलवाष्प, ओजोन, बादल आदि द्वारा)
- पृथ्वी द्वारा प्रत्यक्ष अवशोषण: 51 इकाइयाँ (धरातल को गर्म करती हैं)
पृथ्वी द्वारा अवशोषित 51 इकाइयों का पुनः उत्सर्जन:
पृथ्वी द्वारा अवशोषित 51 इकाइयाँ दीर्घ तरंगों (पार्थिव विकिरण) के रूप में उत्सर्जित होती हैं।
- सीधे अंतरिक्ष में: 17 इकाइयाँ (बिना वायुमंडल को गर्म किए)
- वायुमंडल द्वारा अवशोषित: 34 इकाइयाँ
- संवहन और विक्षोभ द्वारा: 19 इकाइयाँ
- पार्थिव विकिरण के रूप में: 15 इकाइयाँ
वायुमंडल का कुल तापन:
वायुमंडल कुल 48 इकाइयाँ ऊष्मा प्राप्त करता है:
- सीधे सौर विकिरण से: 14 इकाइयाँ
- पृथ्वी के पार्थिव विकिरण से: 34 इकाइयाँ (19 संवहन/वाष्पीकरण + 15 पार्थिव विकिरण)
वायुमंडल द्वारा 48 इकाइयों का उत्सर्जन:
वायुमंडल भी इन 48 इकाइयों को अंतरिक्ष में उत्सर्जित कर देता है।
निष्कर्ष:
- कुल प्राप्त सौर विकिरण = 100 इकाइयाँ
- कुल उत्सर्जित ऊष्मा = 35 (परावर्तित) + 17 (पृथ्वी से सीधे) + 48 (वायुमंडल से) = 100 इकाइयाँ
इस प्रकार, पृथ्वी पर ऊष्मा का संतुलन बना रहता है, जिससे पृथ्वी का औसत तापमान स्थिर रहता है।
III. तापमान (Temperature)
तापमान वायुमंडल में ऊष्मा की मात्रा का माप है।
तापमान को नियंत्रित करने वाले कारक:
- अक्षांश (Latitude):
- विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर तापमान घटता जाता है। इसका मुख्य कारण सूर्य की किरणों का नति कोण है।
- ऊंचाई (Altitude):
- ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान घटता है। वायुमंडल निचली परतों में अधिक सघन होता है और पार्थिव विकिरण से गर्म होता है, इसलिए निचली परतें ऊपरी परतों की तुलना में गर्म होती हैं।
- तापमान की सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) 6.5°C प्रति 1000 मीटर (या 1°C प्रति 165 मीटर) है।
- समुद्र से दूरी (Distance from Sea):
- समुद्र का जल धीरे-धीरे गर्म और धीरे-धीरे ठंडा होता है, जबकि भूमि तेजी से गर्म और तेजी से ठंडी होती है।
- तटीय क्षेत्रों में तापमान सम (न अधिक गर्म, न अधिक ठंडा) रहता है, जबकि महाद्वीपों के आंतरिक भागों में अत्यधिक (गर्मियों में बहुत गर्म, सर्दियों में बहुत ठंडा) होता है। इसे महाद्वीपीयता का प्रभाव कहते हैं।
- महासागरीय धाराएँ (Ocean Currents):
- गर्म महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों के तापमान को बढ़ा देती हैं (जैसे गल्फ स्ट्रीम)।
- ठंडी महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों के तापमान को घटा देती हैं (जैसे लैब्राडोर धारा)।
- प्रचलित पवनें (Prevailing Winds):
- गर्म क्षेत्रों से आने वाली पवनें तापमान बढ़ाती हैं, जबकि ठंडे क्षेत्रों से आने वाली पवनें तापमान घटाती हैं।
- भूमि का ढाल (Slope of Land):
- सूर्य के सम्मुख ढाल वाले क्षेत्र अधिक सूर्यताप प्राप्त करते हैं और अधिक गर्म होते हैं।
- सूर्य के विपरीत ढाल वाले क्षेत्र कम सूर्यताप प्राप्त करते हैं और ठंडे रहते हैं।
- वनस्पति आवरण (Vegetation Cover):
- वनस्पति आवरण वाले क्षेत्र खुले क्षेत्रों की तुलना में ठंडे रहते हैं क्योंकि वनस्पति सूर्यताप को अवशोषित करती है, वाष्पीकरण को बढ़ाती है और छाया प्रदान करती है।
तापमान का वितरण:
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क्षैतिज वितरण (Horizontal Distribution):
- तापमान के क्षैतिज वितरण को समताप रेखाओं (Isotherms) की सहायता से दर्शाया जाता है। समताप रेखाएँ समान तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखाएँ होती हैं।
- जनवरी माह (उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु):
- उत्तरी गोलार्ध में समताप रेखाएँ महाद्वीपों पर दक्षिण की ओर मुड़ जाती हैं और महासागरों पर उत्तर की ओर। इसका कारण महाद्वीपों का महासागरों की तुलना में तेजी से ठंडा होना है।
- दक्षिणी गोलार्ध में समताप रेखाएँ लगभग अक्षांशों के समानांतर होती हैं, क्योंकि यहाँ महासागरीय प्रभाव अधिक होता है।
- जुलाई माह (उत्तरी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु):
- उत्तरी गोलार्ध में समताप रेखाएँ महाद्वीपों पर उत्तर की ओर मुड़ जाती हैं और महासागरों पर दक्षिण की ओर। इसका कारण महाद्वीपों का महासागरों की तुलना में तेजी से गर्म होना है।
- सबसे गर्म क्षेत्र महाद्वीपों के आंतरिक भागों में पाए जाते हैं।
-
ऊर्ध्वाधर वितरण (Vertical Distribution):
- सामान्यतः, ऊंचाई के साथ तापमान घटता है (सामान्य ह्रास दर)।
- तापीय प्रतिलोमन (Temperature Inversion): यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान घटने के बजाय बढ़ता है।
- कारण: लंबी, ठंडी रातें, स्वच्छ आकाश, शांत वायु और बर्फीली सतहें।
- प्रकार:
- धरातलीय प्रतिलोमन: यह निचली वायुमंडलीय परतों में होता है, जहाँ ठंडी, सघन वायु नीचे जम जाती है और ऊपर गर्म वायु होती है। यह अक्सर घाटियों में होता है, जहाँ ठंडी वायु ढलानों से नीचे आकर जमा हो जाती है।
- उच्च वायुमंडलीय प्रतिलोमन: यह ऊपरी वायुमंडलीय परतों में होता है, जैसे कि उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में या पश्चिमी विक्षोभों के ऊपरी स्तरों में।
तापमान विसंगति (Temperature Anomaly):
किसी स्थान के औसत तापमान और उसके अक्षांश के औसत तापमान के बीच के अंतर को तापमान विसंगति कहते हैं। धनात्मक विसंगति का अर्थ है कि स्थान अपने अक्षांश के औसत से गर्म है, जबकि ऋणात्मक विसंगति का अर्थ है कि वह ठंडा है।
दैनिक और वार्षिक तापांतर (Daily and Annual Range of Temperature):
- दैनिक तापांतर: किसी स्थान के एक दिन के अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर।
- वार्षिक तापांतर: किसी स्थान के वर्ष के सबसे गर्म माह के औसत तापमान और सबसे ठंडे माह के औसत तापमान के बीच का अंतर।
- महाद्वीपीय आंतरिक भागों में दैनिक और वार्षिक तापांतर अधिक होता है।
- तटीय क्षेत्रों और विषुवत रेखा के पास दैनिक और वार्षिक तापांतर कम होता है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. पृथ्वी पर आने वाले सौर विकिरण को किस नाम से जाना जाता है?
a) पार्थिव विकिरण
b) सूर्यताप
c) अल्बेडो
d) संवहन
उत्तर: b) सूर्यताप
2. पृथ्वी का औसत अल्बेडो लगभग कितना है?
a) 10%
b) 35%
c) 50%
d) 70%
उत्तर: b) 35%
3. वायुमंडल मुख्य रूप से किसके द्वारा गर्म होता है?
a) प्रत्यक्ष सौर विकिरण
b) पार्थिव विकिरण
c) संवहन
d) अभिवहन
उत्तर: b) पार्थिव विकिरण
4. ऊंचाई बढ़ने के साथ तापमान घटने की सामान्य दर क्या है?
a) 1°C प्रति 100 मीटर
b) 6.5°C प्रति 1000 मीटर
c) 10°C प्रति 1000 मीटर
d) 0.5°C प्रति 100 मीटर
उत्तर: b) 6.5°C प्रति 1000 मीटर
5. निम्नलिखित में से कौन सा कारक सूर्यताप को प्रभावित नहीं करता है?
a) पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना
b) सूर्य की किरणों का नति कोण
c) महासागरीय धाराएँ
d) वायुमंडल की पारदर्शिता
उत्तर: c) महासागरीय धाराएँ
6. समताप रेखाएँ क्या दर्शाती हैं?
a) समान वर्षा वाले स्थान
b) समान वायुदाब वाले स्थान
c) समान तापमान वाले स्थान
d) समान ऊंचाई वाले स्थान
उत्तर: c) समान तापमान वाले स्थान
7. तापीय प्रतिलोमन की स्थिति में क्या होता है?
a) ऊंचाई के साथ तापमान घटता है।
b) ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ता है।
c) ऊंचाई के साथ तापमान स्थिर रहता है।
d) तापमान अनियमित रूप से बदलता है।
उत्तर: b) ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ता है।
8. पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट किस तिथि को होती है?
a) 21 जून
b) 4 जुलाई
c) 3 जनवरी
d) 22 दिसंबर
उत्तर: c) 3 जनवरी
9. ऊष्मा के क्षैतिज स्थानांतरण को क्या कहते हैं?
a) चालन
b) संवहन
c) अभिवहन
d) विकिरण
उत्तर: c) अभिवहन
10. महाद्वीपीयता का प्रभाव किस विशेषता से संबंधित है?
a) तटीय क्षेत्रों में अत्यधिक तापांतर
b) आंतरिक महाद्वीपीय क्षेत्रों में अत्यधिक तापांतर
c) भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में उच्च तापमान
d) ध्रुवीय क्षेत्रों में निम्न तापमान
उत्तर: b) आंतरिक महाद्वीपीय क्षेत्रों में अत्यधिक तापांतर
मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय को समझने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें!