Class 11 Hindi Notes Chapter 1 (अंडे के छिलके) – Antral Book

Antral
चलिए, आज हम अपनी 'अंतराल' पुस्तक के पहले पाठ, मोहन राकेश द्वारा रचित 'अंडे के छिलके' का गहन अध्ययन करते हैं। यह पाठ सरकारी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पात्रों, कथानक और मूल संदेश पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

अंडे के छिलके (मोहन राकेश) : विस्तृत नोट्स

1. लेखक परिचय: मोहन राकेश (1925-1972)

  • स्थान: अमृतसर, पंजाब।
  • महत्वपूर्ण पहचान: 'नई कहानी' आंदोलन के प्रमुख हस्ताक्षर और एक सशक्त नाटककार के रूप में प्रसिद्ध।
  • प्रमुख नाटक: 'आषाढ़ का एक दिन', 'लहरों के राजहंस' और 'आधे-अधूरे'। ये नाटक हिंदी साहित्य में मील के पत्थर माने जाते हैं।
  • लेखन शैली: मोहन राकेश ने शहरी मध्यवर्गीय जीवन की विडंबनाओं, उनके अंतर्द्वंद्वों और बदलते मानवीय संबंधों को बड़ी सूक्ष्मता से अपने लेखन में चित्रित किया है। उनकी भाषा सहज और पात्रों के अनुकूल होती है।

2. पाठ का परिचय

'अंडे के छिलके' एक यथार्थवादी एकांकी (One-act play) है। यह एक साधारण से मध्यवर्गीय परिवार की कहानी है, जहाँ परिवार के सदस्य अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और पारिवारिक संस्कारों के बीच तालमेल बिठाने का प्रयास करते हैं। यह एकांकी परिवार में व्याप्त दिखावे और पाखंड पर एक हल्का व्यंग्य है।

3. पात्र परिचय

  • वीना: माधव की पत्नी, शिक्षित और आधुनिक विचारों वाली है। वह परिवार की मर्यादा का ध्यान रखती है, लेकिन अपनी व्यक्तिगत रुचियों (जैसे किताबें पढ़ना) को भी पूरा करती है। वह घर में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करती है।
  • माधव: वीना का पति। वह भी घर के नियमों से बंधा हुआ महसूस करता है और बाहर जाकर अंडे आदि खाता है।
  • गोपाल: वीना का देवर, माधव का छोटा भाई। वह थोड़ा लापरवाह और मस्तमौला किस्म का है। वह घर में छिपकर अंडे खाता है और 'चंद्रकांता संतति' जैसा तिलिस्मी उपन्यास पढ़ता है।
  • राधा: गोपाल की पत्नी। एक पारंपरिक भारतीय बहू का प्रतीक है। वह परिवार के नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करती है और उसे घर में चल रही गुप्त गतिविधियों की जानकारी नहीं है।
  • श्याम: वीना का भाई। वह एक बाहरी पात्र है जो घर में आकर अनजाने में ही घर के सारे राज़ खोल देता है। वह आधुनिक और बिंदास युवक है।
  • जमुना देवी (अम्मा): परिवार की मुखिया। वह पुरानी पीढ़ी की प्रतीक हैं, जो परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं (जैसे शाकाहार) को बहुत महत्व देती हैं। एकांकी के अंत में उनका चरित्र एक नया मोड़ लेता है।

4. एकांकी का सार (कथावस्तु)

एकांकी की शुरुआत एक कमरे के दृश्य से होती है जहाँ वीना और गोपाल आपस में बात कर रहे हैं। गोपाल छिपकर अंडे उबालकर लाया है और वीना उसे छिलके ठीक से ठिकाने लगाने के लिए कह रही है ताकि अम्मा को पता न चले। वे छिलकों को एक मोज़े (जुराब) में छिपाकर नाली में फेंकने की योजना बनाते हैं।

इसी बीच वीना का भाई श्याम आ जाता है। वह बहुत सहजता से अंडे खाने की बात करता है, जिससे वीना और गोपाल घबरा जाते हैं। श्याम को यह नहीं पता कि इस घर में अंडे खाना वर्जित है। बातों-बातों में यह भी पता चलता है कि वीना भी छिपकर किताबें पढ़ती है और गोपाल 'चंद्रकांता संतति' पढ़ता है, जिसे अम्मा पसंद नहीं करतीं।

श्याम की बातों से घर का माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। राधा को भी कुछ-कुछ शक होने लगता है। सभी को डर है कि अगर अम्मा को यह सब पता चल गया तो घर में बहुत बड़ा हंगामा होगा।

एकांकी का चरमोत्कर्ष (Climax) तब आता है जब अम्मा कमरे में प्रवेश करती हैं। वह श्याम से बातें करती हैं और बातों के दौरान ही वह उस मोज़े को उठा लेती हैं जिसमें अंडे के छिलके छिपे थे। सबको लगता है कि अब राज़ खुल जाएगा। लेकिन अम्मा मोज़े को देखकर भी अनदेखा कर देती हैं और उसे वापस वहीं रख देती हैं।

अंत में, वह कहती हैं, "मेरा किसी बात पर ध्यान नहीं है... मैं तो जान-बूझकर आँखें बंद किए रहती हूँ। मैं सब जानती हूँ कि तुम लोग यहाँ क्या-क्या गुल खिलाते हो... लेकिन मैं सोचती हूँ, चलो, जब तक मेरे अपने आप आँखें बंद हैं, तब तक तुम लोगों को धोखा दिए जाती हूँ।"

5. एकांकी का उद्देश्य और संदेश

  • पीढ़ी का अंतराल (Generation Gap): एकांकी पुरानी और नई पीढ़ी के बीच की सोच और जीवनशैली के अंतर को दर्शाती है। अम्मा परंपराओं का प्रतीक हैं, जबकि युवा पात्र अपनी इच्छाओं को पूरा करना चाहते हैं।
  • मध्यवर्गीय पाखंड: यह एकांकी मध्यवर्गीय समाज में व्याप्त दोहरे जीवन और दिखावे पर व्यंग्य करती है। परिवार के सदस्य अम्मा के सामने संस्कारी होने का नाटक करते हैं, जबकि पीठ पीछे वे अपनी पसंद के काम करते हैं।
  • पारिवारिक संबंधों की समझ: सबसे बड़ा संदेश यह है कि परिवार को जोड़े रखने के लिए कभी-कभी सब कुछ जानकर भी अनजान बनना पड़ता है। अम्मा का चरित्र यह सिखाता है कि कठोर अनुशासन की बजाय समझदारी और अनदेखी से भी परिवार की एकता को बनाए रखा जा सकता है।
  • व्यक्तिगत स्वतंत्रता: एकांकी यह सवाल भी उठाती है कि पारिवारिक बंधनों में व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का कितना स्थान होना चाहिए।

अभ्यास हेतु 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: 'अंडे के छिलके' एकांकी के लेखक कौन हैं?
(क) भीष्म साहनी
(ख) मोहन राकेश
(ग) फणीश्वर नाथ 'रेणु'
(घ) प्रेमचंद

प्रश्न 2: 'अंडे के छिलके' साहित्य की किस विधा के अंतर्गत आता है?
(क) कहानी
(ख) उपन्यास
(ग) एकांकी
(घ) निबंध

प्रश्न 3: एकांकी में कौन-सा पात्र छिपकर 'चंद्रकांता संतति' पढ़ता है?
(क) माधव
(ख) श्याम
(ग) गोपाल
(घ) वीना

प्रश्न 4: अंडे के छिलकों को किस चीज़ में छिपाया जा रहा था?
(क) कागज़ में
(ख) थैली में
(ग) डिब्बे में
(घ) मोज़े में

प्रश्न 5: कौन-सा पात्र घर के बाहर से आता है और अनजाने में घर के रहस्य उजागर कर देता है?
(क) माधव
(ख) श्याम
(ग) गोपाल
(घ) राधा का भाई

प्रश्न 6: एकांकी में पुरानी पीढ़ी और परंपराओं का प्रतिनिधित्व कौन करता है?
(क) वीना
(ख) राधा
(ग) जमुना देवी (अम्मा)
(घ) गोपाल

प्रश्न 7: वीना को छिपकर क्या करने का शौक था?
(क) संगीत सुनने का
(ख) चित्र बनाने का
(ग) किताबें और उपन्यास पढ़ने का
(घ) अंडे खाने का

प्रश्न 8: एकांकी का मुख्य विषय क्या है?
(क) गरीबी का चित्रण
(ख) ऐतिहासिक घटना
(ग) पारिवारिक जीवन का पाखंड और पीढ़ी का अंतराल
(घ) देशप्रेम की भावना

प्रश्न 9: एकांकी के अंत में अम्मा का व्यवहार क्या दर्शाता है?
(क) उनका भोलापन
(ख) उनका क्रोध
(ग) उनकी सब कुछ जानकर भी अनजान बने रहने की समझदारी
(घ) उनकी भूलने की आदत

प्रश्न 10: "मैं तो जान-बूझकर आँखें बंद किए रहती हूँ।" यह संवाद किसका है?
(क) वीना का
(ख) राधा का
(ग) अम्मा का
(घ) गोपाल का


उत्तरमाला:

  1. (ख) मोहन राकेश
  2. (ग) एकांकी
  3. (ग) गोपाल
  4. (घ) मोज़े में
  5. (ख) श्याम
  6. (ग) जमुना देवी (अम्मा)
  7. (ग) किताबें और उपन्यास पढ़ने का
  8. (ग) पारिवारिक जीवन का पाखंड और पीढ़ी का अंतराल
  9. (ग) उनकी सब कुछ जानकर भी अनजान बने रहने की समझदारी
  10. (ग) अम्मा का

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