Class 11 Hindi Notes Chapter 19 (पाश) – Aroh Book

चलिए, आज हम कक्षा 11 की 'आरोह' पुस्तक के अध्याय 19, जो कि पाश द्वारा रचित कविता 'सबसे खतरनाक' है, उसका गहन अध्ययन करेंगे। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कवि ने समाज की उस स्थिति पर प्रहार किया है जो किसी भी क्रांति या बदलाव की संभावना को समाप्त कर देती है।
अध्याय 19: पाश - 'सबसे खतरनाक' (विस्तृत नोट्स)
1. कवि परिचय: अवतार सिंह संधू 'पाश'
- मूल नाम: अवतार सिंह संधू ('पाश' उनका साहित्यिक उपनाम था)।
- जन्म: 1950, तलवंडी सलेम गाँव, जालंधर, पंजाब।
- मृत्यु: 1988 (खालिस्तानी आतंकवादियों द्वारा हत्या)।
- भाषा: मूलतः पंजाबी के कवि।
- विचारधारा: वे एक जनवादी, क्रांतिकारी और वामपंथी विचारधारा के कवि थे। उनकी कविताओं में व्यवस्था के प्रति तीखा आक्रोश और आम आदमी के संघर्ष की अभिव्यक्ति मिलती है।
- प्रमुख रचनाएँ: लौह कथा, उड्डदे बाजां मगर, साडे समियाँ विच, लड़ांगे साथी। (ये रचनाएँ पंजाबी में हैं)।
2. कविता का मूल भाव एवं सार
यह कविता पंजाबी भाषा से हिंदी में अनूदित है। इस कविता में पाश ने उन स्थितियों को खतरनाक नहीं माना है जो आमतौर पर खतरनाक समझी जाती हैं, जैसे मेहनत की लूट, पुलिस की मार या गद्दारी। उनके अनुसार, ये स्थितियाँ बुरी हैं, लेकिन इनसे भी अधिक खतरनाक है मनुष्य का संवेदनहीन हो जाना, अन्याय के प्रति निष्क्रिय हो जाना और बिना किसी सपने या तड़प के एक यंत्रवत (मशीनी) जीवन जीना।
कविता का मूल भाव है 'आत्मा का मर जाना' या 'सपनों का मर जाना'। कवि के अनुसार, सबसे खतरनाक स्थिति वह है जब व्यक्ति अन्याय को देखकर भी चुप रहता है, उसकी आत्मा में कोई हलचल नहीं होती और वह एक मुर्दा शांति से भर जाता है। यह स्थिति किसी भी समाज के लिए सबसे घातक है क्योंकि यह प्रतिरोध और बदलाव की सारी संभावनाओं को खत्म कर देती है।
3. विस्तृत व्याख्या और महत्वपूर्ण पंक्तियाँ
पंक्ति: "मेहनत की लूट सबसे खतरनाक नहीं होती / पुलिस की मार सबसे खतरनाक नहीं होती / गद्दारी-लोभ की मुट्ठी सबसे खतरनाक नहीं होती।"
- व्याख्या: कवि यहाँ स्पष्ट करते हैं कि शारीरिक और आर्थिक शोषण (मेहनत की लूट), सरकारी दमन (पुलिस की मार) और नैतिक पतन (गद्दारी-लोभ) बुरे तो हैं, पर ये सबसे बड़े खतरे नहीं हैं। इन स्थितियों में व्यक्ति को दर्द होता है, वह प्रतिक्रिया कर सकता है, विद्रोह कर सकता है।
पंक्ति: "सबसे खतरनाक होता है मुर्दा शांति से भर जाना / न होना तड़प का सब कुछ सहन कर जाना / घर से निकलना काम पर / और काम से लौटकर घर आना / सबसे खतरनाक होता है हमारे सपनों का मर जाना।"
- व्याख्या: यहाँ कवि असली खतरे को परिभाषित करते हैं। सबसे खतरनाक है:
- मुर्दा शांति: ऐसी शांति जिसमें कोई जीवन न हो, अन्याय के प्रति कोई आक्रोश न हो।
- तड़प का न होना: बेहतर भविष्य के लिए, बदलाव के लिए कोई बेचैनी या इच्छा न होना।
- यंत्रवत जीवन: बिना किसी उद्देश्य के रोज़ एक ही ढर्रे पर जीते जाना (काम पर जाना और घर आना)।
- सपनों का मर जाना: यह कविता की केंद्रीय पंक्ति है। जब व्यक्ति सपने देखना छोड़ देता है, तो उसके जीवन का उद्देश्य समाप्त हो जाता है और वह एक ज़िंदा लाश बन जाता है।
पंक्ति: "सबसे खतरनाक वह आँख होती है / जो सब कुछ देखती हुई भी जमी बर्फ होती है।"
- व्याख्या: यहाँ 'आँख' संवेदनशीलता का प्रतीक है। वह आँख जो अपने चारों ओर हो रहे अन्याय, पीड़ा और दुख को देखती तो है, पर उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं करती, वह बर्फ की तरह ठंडी और भावशून्य हो जाती है। ऐसी संवेदनहीनता सबसे खतरनाक है।
पंक्ति: "सबसे खतरनाक वह चाँद होता है / जो हर हत्याकांड के बाद वीरान हुए आँगनों में चढ़ता है / पर आपकी आँखों को मिर्चों की तरह नहीं गड़ता है।"
- व्याख्या: चाँद यहाँ प्रकृति का प्रतीक है। किसी बड़ी त्रासदी या हत्याकांड के बाद भी प्रकृति (चाँद) अपने नियम से चलती रहती है। लेकिन यदि उस त्रासदी को देखकर भी मनुष्य की आँखों में कोई चुभन, कोई पीड़ा या गुस्सा नहीं आता, तो यह स्थिति बेहद खतरनाक है। यह समाज के पूरी तरह संवेदनशून्य हो जाने का संकेत है।
पंक्ति: "सबसे खतरनाक वह गीत होता है / आपके कानों तक पहुँचने के लिए / जो मरसिए पढ़ता है / आतंकित लोगों के दरवाज़ों पर / जो गुंडों की तरह अकड़ता है।"
- व्याख्या: 'गीत' यहाँ अभिव्यक्ति और कला का प्रतीक है। वह गीत जो क्रांति की प्रेरणा देने के बजाय, मातम (मरसिया) की तरह पढ़ा जाए और लोगों को डराने का काम करे, वह सबसे खतरनाक है। यह कला के पतन और उसके गलत इस्तेमाल को दर्शाता है।
पंक्ति: "सबसे खतरनाक वह दिशा होती है / जिसमें आत्मा का सूरज डूब जाए।"
- व्याख्या: यह कविता का चरम है। वह जीवन-शैली या दिशा सबसे खतरनाक है जहाँ आत्मा रूपी सूरज (चेतना, विवेक, ऊर्जा) अस्त हो जाए और व्यक्ति पूरी तरह आत्म-विहीन और चेतना-शून्य होकर जीने लगे।
4. काव्य-सौंदर्य (शिल्प-सौंदर्य)
- भाषा: सहज, सरल और आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग है। मूलतः पंजाबी से अनूदित होने के कारण इसमें एक खास तरह का खुलापन है।
- शैली: प्रतीकात्मक और बिंबात्मक शैली का प्रयोग है। कवि ने 'आँख', 'चाँद', 'गीत', 'सूरज' जैसे प्रतीकों के माध्यम से गंभीर भावों को व्यक्त किया है।
- छंद: यह एक मुक्त छंद कविता है।
- अलंकार:
- अनुप्रास: "सब कुछ सहन कर जाना"।
- रूपक: "आत्मा का सूरज"।
- उपमा: "मिर्चों की तरह नहीं गड़ता है", "गुंडों की तरह अकड़ता है"।
- विशेष: कविता में 'नहीं होती' और 'होता है' की आवृत्ति (repetition) कथन में प्रभाव उत्पन्न करती है और कवि की मुख्य बात पर बल देती है।
अभ्यास हेतु बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: कवि पाश का मूल नाम क्या था?
(क) पाश सिंह संधू
(ख) अवतार सिंह पाश
(ग) अवतार सिंह संधू
(घ) संधू पाश सिंह
प्रश्न 2: 'सबसे खतरनाक' कविता के अनुसार, सबसे खतरनाक स्थिति कौन-सी है?
(क) पुलिस की मार पड़ना
(ख) मेहनत की कमाई का लुट जाना
(ग) सपनों का मर जाना
(घ) रिश्वत लेना या देना
प्रश्न 3: "मुर्दा शांति से भर जाना" का क्या आशय है?
(क) मृत्यु को प्राप्त हो जाना
(ख) अन्याय के प्रति निष्क्रिय और चुप हो जाना
(ग) बहुत अधिक शांति का अनुभव करना
(घ) ध्यान में लीन हो जाना
प्रश्न 4: "वह आँख जो सब कुछ देखती हुई भी जमी बर्फ होती है" - इस पंक्ति में 'जमी बर्फ' किसका प्रतीक है?
(क) अत्यधिक ठंड का
(ख) सुंदरता का
(ग) गहरी नींद का
(घ) संवेदनहीनता का
प्रश्न 5: कवि ने उस चाँद को खतरनाक क्यों कहा है जो हत्याकांड के बाद आँगन में चढ़ता है?
(क) क्योंकि वह अँधेरा कर देता है
(ख) क्योंकि उसकी रोशनी आँखों में चुभती नहीं है
(ग) क्योंकि वह त्रासदी के प्रति लोगों की संवेदनहीनता को दर्शाता है
(घ) क्योंकि वह डरावना लगता है
प्रश्न 6: कवि के अनुसार, आत्मा का सूरज डूबने का क्या अर्थ है?
(क) शाम हो जाना
(ख) व्यक्ति का चेतना-शून्य और विवेकहीन हो जाना
(ग) मृत्यु हो जाना
(घ) निराश हो जाना
प्रश्न 7: 'सबसे खतरनाक' कविता किस भाषा से हिंदी में अनूदित है?
(क) उर्दू
(ख) हरियाणवी
(ग) पंजाबी
(घ) मराठी
प्रश्न 8: कवि के अनुसार, निम्नलिखित में से क्या सबसे खतरनाक नहीं है?
(क) सपनों का मर जाना
(ख) गद्दारी-लोभ की मुट्ठी
(ग) आत्मा का सूरज डूब जाना
(घ) मुर्दा शांति से भर जाना
प्रश्न 9: यह कविता किस प्रकार के छंद में लिखी गई है?
(क) दोहा छंद
(ख) चौपाई छंद
(ग) मुक्त छंद
(घ) सवैया छंद
प्रश्न 10: इस कविता का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(क) पुलिस व्यवस्था की आलोचना करना
(ख) लोगों को सपनों के महत्व के बारे में बताना
(ग) समाज में व्याप्त संवेदनहीनता और जड़ता के प्रति सचेत करना
(घ) मेहनत के महत्व को समझाना
उत्तरमाला:
- (ग) अवतार सिंह संधू
- (ग) सपनों का मर जाना
- (ख) अन्याय के प्रति निष्क्रिय और चुप हो जाना
- (घ) संवेदनहीनता का
- (ग) क्योंकि वह त्रासदी के प्रति लोगों की संवेदनहीनता को दर्शाता है
- (ख) व्यक्ति का चेतना-शून्य और विवेकहीन हो जाना
- (ग) पंजाबी
- (ख) गद्दारी-लोभ की मुट्ठी
- (ग) मुक्त छंद
- (ग) समाज में व्याप्त संवेदनहीनता और जड़ता के प्रति सचेत करना