Class 11 History Notes Chapter 9 (Chapter 9) – Vishwa Itihas ke Kush Visay Book

Vishwa Itihas ke Kush Visay
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 11 के इतिहास विषय की पुस्तक 'विश्व इतिहास के कुछ विषय' के अध्याय 9, 'औद्योगिक क्रांति' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें आधुनिक विश्व के निर्माण की आधारशिला रखी गई है। हम सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और अवधारणाओं को विस्तार से समझेंगे।


अध्याय 9: औद्योगिक क्रांति

1. परिचय
औद्योगिक क्रांति एक ऐसी प्रक्रिया थी जिसने 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध और 19वीं शताब्दी के पूर्वार्ध में ब्रिटेन में समाज और अर्थव्यवस्था को मौलिक रूप से बदल दिया। यह कृषि से उद्योग की ओर, ग्रामीण जीवन से शहरी जीवन की ओर, और हस्तनिर्मित उत्पादन से मशीनीकृत उत्पादन की ओर एक बड़ा बदलाव था। इसने उत्पादन के तरीकों, सामाजिक संरचनाओं, जीवनशैली और वैश्विक संबंधों में अभूतपूर्व परिवर्तन लाए।

  • अवधि: 1780 के दशक से 1850 के दशक तक (मुख्य रूप से ब्रिटेन में)।
  • शब्द का प्रयोग:
    • जॉर्जेस मिशेले (Georges Michelet): फ्रांस में 1830 के दशक में।
    • फ्रेडरिक एंगेल्स (Friedrich Engels): जर्मनी में 1840 के दशक में।
    • आर्नोल्ड टॉयन्बी (Arnold Toynbee): इंग्लैंड में 1880 के दशक में अपनी पुस्तक "लेक्चर्स ऑन द इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन इन इंग्लैंड" में इस शब्द को लोकप्रिय बनाया।

2. ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति क्यों? (कारण)

ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ मौजूद थीं:

  • क. राजनीतिक स्थिरता:
    • 17वीं शताब्दी के गृहयुद्धों के बाद, ब्रिटेन में राजनीतिक स्थिरता थी।
    • एकात्मक कानून प्रणाली और एक ही मुद्रा पूरे देश में लागू थी, जिससे व्यापार आसान था।
    • राजा, संसद और कानून का शासन स्थापित था।
  • ख. कृषि क्रांति:
    • बाड़बंदी आंदोलन (Enclosure Movement): 18वीं शताब्दी में छोटे खेतों को बड़े भूखंडों में मिला दिया गया और बाड़ लगा दी गई। इससे बड़े पैमाने पर खेती संभव हुई, लेकिन छोटे किसान और खेत मजदूर बेरोजगार होकर शहरों की ओर पलायन करने लगे, जिससे उद्योगों के लिए सस्ता श्रम उपलब्ध हुआ।
    • नई कृषि तकनीकें: फसल चक्र (फसल बदलने की प्रणाली), बीज ड्रिल (जेथ्रो टुल), बेहतर पशु प्रजनन (रॉबर्ट बैकवेल) आदि ने खाद्य उत्पादन बढ़ाया, जिससे बढ़ती शहरी आबादी को भोजन मिला।
  • ग. पूंजी की उपलब्धता:
    • ब्रिटेन के पास व्यापार और उपनिवेशों से अर्जित धन का एक बड़ा भंडार था।
    • बैंकों की एक सुदृढ़ प्रणाली थी, जो उद्योगों को ऋण प्रदान करती थी।
    • लंदन विश्व का सबसे बड़ा वित्तीय केंद्र था।
  • घ. बाजार की उपलब्धता:
    • घरेलू बाजार: कृषि क्रांति और बढ़ती आबादी ने वस्तुओं की मांग बढ़ाई।
    • औपनिवेशिक बाजार: ब्रिटेन के पास एक विशाल औपनिवेशिक साम्राज्य था (जैसे भारत), जो तैयार माल के लिए एक बड़ा बाजार और कच्चे माल का स्रोत था।
  • ङ. संसाधनों की उपलब्धता:
    • लोहा अयस्क और कोयला: ब्रिटेन में लौह अयस्क और कोयले के विशाल भंडार थे, जो औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक थे।
    • कपास: उपनिवेशों से पर्याप्त मात्रा में कपास उपलब्ध थी।
  • च. परिवहन का विकास:
    • नहरें: 18वीं शताब्दी में नहरों का एक विशाल नेटवर्क बनाया गया, जिससे भारी सामान (जैसे कोयला) का परिवहन सस्ता और कुशल हो गया। ड्यूक ऑफ ब्रिजवॉटर और जेम्स ब्रिंडले ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
    • सड़कें: मैकएडम (Macadam) जैसी तकनीकों से बेहतर सड़कें बनाई गईं।
  • छ. वैज्ञानिक आविष्कार और तकनीकी प्रगति:
    • ब्रिटेन में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहन मिला। कई महत्वपूर्ण आविष्कार हुए जिन्होंने उद्योगों को गति दी।

3. प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र एवं आविष्कार

क. कपास उद्योग (Cotton Industry):
यह औद्योगिक क्रांति का पहला प्रमुख उद्योग था।

  • फ्लाइंग शटल (Flying Shuttle - 1733): जॉन के (John Kay) द्वारा आविष्कार, बुनाई की गति को दोगुना कर दिया।
  • स्पिनिंग जेनी (Spinning Jenny - 1764): जेम्स हारग्रीव्स (James Hargreaves) द्वारा आविष्कार, एक साथ कई धागे कातने की क्षमता।
  • वाटर फ्रेम (Water Frame - 1769): रिचर्ड आर्कराइट (Richard Arkwright) द्वारा आविष्कार, जल शक्ति से चलने वाला मजबूत धागा बनाने वाला यंत्र।
  • म्यूल (Mule - 1779): सैमुअल क्रॉम्पटन (Samuel Crompton) द्वारा आविष्कार, स्पिनिंग जेनी और वाटर फ्रेम का संयोजन, महीन और मजबूत धागा।
  • पावर लूम (Power Loom - 1785): एडमंड कार्टराइट (Edmund Cartwright) द्वारा आविष्कार, मशीनीकृत बुनाई से उत्पादन में भारी वृद्धि।
  • कॉटन जिन (Cotton Gin - 1793): एली व्हिटनी (Eli Whitney) द्वारा आविष्कार, कपास से बीज निकालने की प्रक्रिया को तेज किया।

ख. लोहा और कोयला उद्योग (Iron and Coal Industry):
ये उद्योग औद्योगिक क्रांति की रीढ़ थे, क्योंकि इन्होंने मशीनरी और रेलवे के लिए सामग्री प्रदान की।

  • कोयला: भाप इंजन और लौह प्रगलन के लिए मुख्य ईंधन स्रोत।
  • लौह प्रगलन (Iron Smelting):
    • अब्राहम डर्बी (Abraham Darby): 1709 में कोक (कोयले से बना) का उपयोग करके पिग आयरन (कच्चा लोहा) बनाने की प्रक्रिया विकसित की। कोक ने लकड़ी के कोयले की तुलना में बेहतर गुणवत्ता वाला लोहा और अधिक दक्षता प्रदान की।
    • हेनरी कॉर्ट (Henry Cort): 1784 में 'पडलिंग फर्नेस' (Puddling Furnace) और रोलिंग मिल की प्रक्रिया विकसित की, जिससे पिग आयरन से शुद्ध और अधिक लचीला गढ़ा लोहा (Wrought Iron) बनाना संभव हुआ।

ग. भाप की शक्ति (Steam Power):
भाप इंजन औद्योगिक क्रांति का सबसे महत्वपूर्ण आविष्कार था, जिसने कारखानों, खानों और परिवहन को शक्ति प्रदान की।

  • थॉमस सेवरी (Thomas Savery - 1698): 'माइनर्स फ्रेंड' नामक पहला भाप इंजन बनाया, जिसका उपयोग खानों से पानी निकालने के लिए किया गया।
  • थॉमस न्यूकोमेन (Thomas Newcomen - 1712): एक अधिक प्रभावी भाप इंजन बनाया, जिसका उपयोग भी खानों में होता था।
  • जेम्स वॉट (James Watt - 1769): न्यूकोमेन के इंजन में सुधार किया और एक अलग कंडेंसर (संघनक) जोड़ा, जिससे इंजन की दक्षता में भारी वृद्धि हुई। 1781 में उन्होंने रोटरी इंजन बनाया, जो कारखानों में मशीनों को चलाने के लिए उपयुक्त था।

घ. परिवहन क्रांति (Transport Revolution):

  • नहरें (Canals):
    • 1761 में ड्यूक ऑफ ब्रिजवॉटर ने जेम्स ब्रिंडले की मदद से पहली नहर (ब्रिजवॉटर नहर) बनाई।
    • नहरों ने कोयले और अन्य भारी वस्तुओं के परिवहन को सस्ता और तेज बना दिया।
  • रेलवे (Railways):
    • रिचर्ड ट्रेविथिक (Richard Trevithick - 1801): पहला भाप इंजन लोकोमोटिव बनाया, जो सड़कों पर चला।
    • जॉर्ज स्टीफेंसन (George Stephenson - 1814): 'रॉकेट' नामक इंजन बनाया।
    • स्टॉकटन-डार्लिंगटन लाइन (1825): दुनिया की पहली सार्वजनिक रेलवे लाइन, जो कोयला ढोने के लिए खोली गई।
    • लिवरपूल-मैनचेस्टर लाइन (1830): पहली यात्री रेलवे लाइन, जिसने रेलवे को व्यापक रूप से लोकप्रिय बनाया।
    • रेलवे ने परिवहन को क्रांतिकारी बना दिया, जिससे कच्चे माल और तैयार माल का तेजी से और सस्ते में आवागमन संभव हुआ, जिससे औद्योगिक विकास को और गति मिली।

4. औद्योगिक क्रांति के सामाजिक प्रभाव

औद्योगिक क्रांति ने ब्रिटिश समाज में गहरे और दूरगामी परिवर्तन लाए:

  • क. शहरों का विकास और शहरीकरण:
    • उद्योगों के आसपास नए शहर विकसित हुए या पुराने शहरों का तेजी से विस्तार हुआ (जैसे मैनचेस्टर, लिवरपूल, लीड्स, बर्मिंघम)।
    • ग्रामीण क्षेत्रों से लोग रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने लगे, जिससे शहरी आबादी में भारी वृद्धि हुई।
  • ख. शहरीकरण की समस्याएं:
    • भीड़भाड़ और खराब आवास: तेजी से बढ़ती आबादी के लिए पर्याप्त आवास नहीं थे, जिससे झुग्गी-झोपड़ियाँ और भीड़भाड़ वाले, अस्वास्थ्यकर मकान बने।
    • स्वच्छता और स्वास्थ्य: पीने के पानी, सीवरेज और स्वच्छता की कमी के कारण हैजा, टाइफाइड जैसी बीमारियाँ फैल गईं।
    • प्रदूषण: कोयले के जलने से वायु प्रदूषण और औद्योगिक कचरे से जल प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन गया।
  • ग. नए सामाजिक वर्ग:
    • पूंजीपति वर्ग (Capitalist Class): उद्योगपति, व्यापारी और बैंकर्स, जिनके पास पूंजी और उत्पादन के साधन थे। यह वर्ग धनी और प्रभावशाली बन गया।
    • श्रमिक वर्ग (Working Class): कारखानों, खानों और मिलों में काम करने वाले मजदूर। इनकी संख्या में भारी वृद्धि हुई।
  • घ. श्रमिकों की दशा:
    • लंबी कार्य अवधि: कारखानों में 12-15 घंटे तक काम करना सामान्य था, बिना किसी अवकाश के।
    • कम वेतन: वेतन बहुत कम थे, जो अक्सर जीवन-यापन के लिए अपर्याप्त थे।
    • खराब कार्य परिस्थितियाँ: कारखाने गंदे, असुरक्षित और हवादार नहीं होते थे, जिससे दुर्घटनाएँ और बीमारियाँ आम थीं।
    • बाल श्रम और महिला श्रम: बच्चों और महिलाओं को कम वेतन पर खतरनाक परिस्थितियों में काम पर लगाया जाता था। बच्चों को खानों में और मशीनों के बीच काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।
    • बेरोजगारी: नई मशीनों के आने से कई कुशल कारीगरों की नौकरी चली गई।
  • ङ. विरोध आंदोलन:
    • लुडिज्म (Luddism - 1811-1817): नेड लुड के नाम पर, यह आंदोलन मशीनों के खिलाफ था। कारीगरों ने मशीनों को तोड़ना शुरू कर दिया, क्योंकि उनका मानना था कि मशीनें उनकी नौकरियां छीन रही हैं। सरकार ने इस आंदोलन को कठोरता से दबाया।
    • चार्टिस्ट आंदोलन (Chartist Movement - 1838-1848): यह एक राजनीतिक आंदोलन था जिसने श्रमिकों के लिए राजनीतिक अधिकारों की मांग की, जैसे सार्वभौमिक पुरुष मताधिकार, गुप्त मतदान, वार्षिक संसदीय चुनाव आदि। यद्यपि यह तुरंत सफल नहीं हुआ, इसने भविष्य के सुधारों की नींव रखी।

5. सरकारी नीतियाँ और सुधार

श्रमिकों की खराब दशा को देखते हुए, सरकार ने धीरे-धीरे कुछ सुधार कानून पारित किए:

  • 1819 का अधिनियम: 9 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कपास मिलों में काम करने पर प्रतिबंध लगाया और 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए कार्य अवधि 12 घंटे तक सीमित की।
  • 1833 का कारखाना अधिनियम (Factory Act):
    • 9 वर्ष से कम आयु के बच्चों को काम करने पर पूर्ण प्रतिबंध।
    • 9-13 वर्ष के बच्चों के लिए अधिकतम 9 घंटे कार्य।
    • 13-18 वर्ष के बच्चों के लिए अधिकतम 12 घंटे कार्य।
    • कारखाना निरीक्षकों (Factory Inspectors) की नियुक्ति की गई ताकि कानूनों का पालन सुनिश्चित हो सके।
  • 1842 का कोयला खान अधिनियम (Coal Mines Act): महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खानों में काम करने पर प्रतिबंध लगाया।
  • 1847 का दस घंटे का बिल (Ten Hours Bill): महिलाओं और युवा श्रमिकों (13-18 वर्ष) के लिए कार्य अवधि को प्रतिदिन 10 घंटे तक सीमित किया।

6. औद्योगिक क्रांति की बहस

  • कुछ इतिहासकारों का तर्क है कि 'क्रांति' शब्द अतिशयोक्तिपूर्ण है, क्योंकि परिवर्तन धीरे-धीरे हुए।
  • अन्य लोग इसे क्रांति मानते हैं क्योंकि इसने मौलिक और दूरगामी परिवर्तन लाए।
  • इसके सकारात्मक प्रभावों में उत्पादन में वृद्धि, जीवन स्तर में सुधार (लंबे समय में), नई तकनीकें और वैश्विक व्यापार का विस्तार शामिल हैं।
  • नकारात्मक प्रभावों में शहरीकरण की समस्याएँ, श्रमिकों का शोषण, पर्यावरण प्रदूषण और सामाजिक असमानता में वृद्धि शामिल है।

निष्कर्ष:
औद्योगिक क्रांति ने आधुनिक विश्व की नींव रखी। इसने उत्पादन के तरीकों, सामाजिक संरचनाओं और जीवनशैली को मौलिक रूप से बदल दिया। यद्यपि इसके प्रारंभिक चरण में श्रमिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, इसने अंततः मानव सभ्यता को तकनीकी और आर्थिक प्रगति के एक नए युग में धकेल दिया।


बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

  1. 'औद्योगिक क्रांति' शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया था?
    क) जेम्स वॉट
    ख) आर्नोल्ड टॉयन्बी
    ग) फ्रेडरिक एंगेल्स
    घ) जॉन के

  2. जेम्स हारग्रीव्स ने किस मशीन का आविष्कार किया था?
    क) फ्लाइंग शटल
    ख) स्पिनिंग जेनी
    ग) वाटर फ्रेम
    घ) पावर लूम

  3. कोक का उपयोग करके पिग आयरन बनाने की प्रक्रिया किसने विकसित की?
    क) हेनरी कॉर्ट
    ख) अब्राहम डर्बी
    ग) जेम्स वॉट
    घ) जॉर्ज स्टीफेंसन

  4. 'माइनर्स फ्रेंड' नामक पहला भाप इंजन किसने बनाया था?
    क) जेम्स वॉट
    ख) थॉमस न्यूकोमेन
    ग) थॉमस सेवरी
    घ) रिचर्ड ट्रेविथिक

  5. दुनिया की पहली सार्वजनिक रेलवे लाइन, स्टॉकटन-डार्लिंगटन लाइन, किस वर्ष खोली गई थी?
    क) 1814
    ख) 1825
    ग) 1830
    घ) 1847

  6. लुडिज्म आंदोलन किससे संबंधित था?
    क) राजनीतिक सुधारों की मांग
    ख) मशीनों का विरोध और तोड़फोड़
    ग) बाल श्रम का समर्थन
    घ) नहरों के निर्माण का समर्थन

  7. 1842 के कोयला खान अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
    क) महिलाओं और बच्चों को खानों में काम करने पर प्रतिबंध लगाना
    ख) खान श्रमिकों के लिए दस घंटे का कार्यदिवस निर्धारित करना
    ग) खानों में सुरक्षा मानकों में सुधार करना
    घ) खान श्रमिकों के वेतन में वृद्धि करना

  8. वाटर फ्रेम का आविष्कार किसने किया था?
    क) सैमुअल क्रॉम्पटन
    ख) रिचर्ड आर्कराइट
    ग) एडमंड कार्टराइट
    घ) जॉन के

  9. निम्नलिखित में से कौन सा शहर औद्योगिक क्रांति के दौरान एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरा?
    क) लंदन
    ख) मैनचेस्टर
    ग) ब्रिस्टल
    घ) ग्लासगो

  10. 1833 के कारखाना अधिनियम के अनुसार, 9 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए क्या प्रावधान था?
    क) उन्हें अधिकतम 9 घंटे काम करने की अनुमति थी
    ख) उन्हें अधिकतम 12 घंटे काम करने की अनुमति थी
    ग) उन्हें कारखानों में काम करने पर पूर्ण प्रतिबंध था
    घ) उन्हें केवल दिन के समय काम करने की अनुमति थी


उत्तर कुंजी:

  1. ख) आर्नोल्ड टॉयन्बी
  2. ख) स्पिनिंग जेनी
  3. ख) अब्राहम डर्बी
  4. ग) थॉमस सेवरी
  5. ख) 1825
  6. ख) मशीनों का विरोध और तोड़फोड़
  7. क) महिलाओं और बच्चों को खानों में काम करने पर प्रतिबंध लगाना
  8. ख) रिचर्ड आर्कराइट
  9. ख) मैनचेस्टर
  10. ग) उन्हें कारखानों में काम करने पर पूर्ण प्रतिबंध था

मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध होंगे। किसी भी अन्य प्रश्न या स्पष्टीकरण के लिए आप पूछ सकते हैं। शुभकामनाएँ!

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