Class 11 Physics Notes Chapter 1 (Chapter 1) – Examplar Problems (Hindi) Book

Examplar Problems (Hindi)
चलिए, आज हम कक्षा 11 भौतिकी के पहले अध्याय, 'मात्रक एवं मापन' के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हैं। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके सिद्धांत भौतिकी के हर दूसरे अध्याय में उपयोग होते हैं।

अध्याय 1: मात्रक एवं मापन - विस्तृत नोट्स

इस अध्याय को हम कुछ मुख्य भागों में बांटकर समझेंगे:

  1. भौतिक राशियाँ एवं मात्रक
  2. मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (SI)
  3. मापन में त्रुटि
  4. सार्थक अंक
  5. विमीय विश्लेषण

1. भौतिक राशियाँ एवं मात्रक (Physical Quantities and Units)

  • भौतिक राशियाँ: वे सभी राशियाँ जिन्हें मापा जा सकता है और जिनके पदों में भौतिकी के नियमों को व्यक्त किया जा सकता है, भौतिक राशियाँ कहलाती हैं। जैसे - लंबाई, द्रव्यमान, समय, बल, वेग आदि।
  • प्रकार:
    • मूल राशियाँ (Fundamental Quantities): वे राशियाँ जो अन्य राशियों पर निर्भर नहीं करतीं। ये सात हैं।
    • व्युत्पन्न राशियाँ (Derived Quantities): वे राशियाँ जो मूल राशियों से प्राप्त की जाती हैं। जैसे - क्षेत्रफल (लंबाई × लंबाई), घनत्व (द्रव्यमान/आयतन)।
  • मात्रक (Unit): किसी भौतिक राशि को मापने के लिए उपयोग किए जाने वाले निश्चित मानक मान को मात्रक कहते हैं।

2. मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (SI System)

यह सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक रूप से स्वीकृत प्रणाली है।

  • सात मूल मात्रक (Seven Base Units):
मूल राशि SI मात्रक प्रतीक
लंबाई (Length) मीटर m
द्रव्यमान (Mass) किलोग्राम kg
समय (Time) सेकंड s
विद्युत धारा (Electric Current) ऐम्पियर A
ऊष्मागतिक ताप (Temperature) केल्विन K
पदार्थ की मात्रा (Amount of Substance) मोल mol
ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) कैंडेला cd
  • दो पूरक मात्रक (Two Supplementary Units):
    • समतल कोण (Plane Angle): रेडियन (rad)
    • घन कोण (Solid Angle): स्टेरेडियन (sr)

3. मापन में त्रुटि (Error in Measurement)

किसी भी माप की अनिश्चितता को त्रुटि कहते हैं।

  • यथार्थता (Accuracy): यह बताती है कि किसी माप का मान, राशि के वास्तविक मान के कितना निकट है।

  • परिशुद्धता (Precision): यह बताती है कि कोई राशि किस विभेदन या सीमा तक मापी गई है। यह मापक यंत्र के अल्पतमांक पर निर्भर करती है।

  • त्रुटियों के प्रकार:

    1. क्रमबद्ध त्रुटियाँ (Systematic Errors): वे त्रुटियाँ जो एक ही दिशा में (धनात्मक या ऋणात्मक) होती हैं। इनके स्रोत ज्ञात होते हैं, जैसे - यंत्रगत त्रुटि, व्यक्तिगत त्रुटि, बाह्य कारकों के कारण त्रुटि। इन्हें कम किया जा सकता है।
    2. यादृच्छिक त्रुटियाँ (Random Errors): वे त्रुटियाँ जो अनियमित रूप से होती हैं। इनके स्रोत अज्ञात होते हैं। अनेक बार प्रेक्षण लेकर उनका माध्य निकालकर इन्हें कम किया जा सकता है।
  • त्रुटियों का आकलन:

    • निरपेक्ष त्रुटि (Absolute Error): वास्तविक मान और मापित मान के परिमाण का अंतर।
      Δa = |a_माध्य - a_मापित|
    • आपेक्षिक या भिन्नात्मक त्रुटि (Relative Error): माध्य निरपेक्ष त्रुटि और राशि के माध्य मान का अनुपात।
      δa = Δa_माध्य / a_माध्य
    • प्रतिशत त्रुटि (Percentage Error): जब आपेक्षिक त्रुटि को प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।
      प्रतिशत त्रुटि = (Δa_माध्य / a_माध्य) × 100%
  • त्रुटियों का संयोजन (Combination of Errors):

    • योग व अंतर में: यदि Z = A ± B, तो ΔZ = ΔA + ΔB (त्रुटियाँ हमेशा जुड़ती हैं)
    • गुणन व भाग में: यदि Z = A × B या Z = A / B, तो ΔZ/Z = ΔA/A + ΔB/B
    • घात में: यदि Z = A^n, तो ΔZ/Z = n (ΔA/A)

4. सार्थक अंक (Significant Figures)

किसी माप में वे अंक जो विश्वसनीय हैं तथा पहला अनिश्चित अंक, सार्थक अंक कहलाते हैं।

  • नियम:
    1. सभी गैर-शून्य अंक सार्थक होते हैं। (जैसे 123.45 में 5 सार्थक अंक हैं)
    2. दो गैर-शून्य अंकों के बीच के सभी शून्य सार्थक होते हैं। (जैसे 1007 में 4 सार्थक अंक हैं)
    3. यदि संख्या 1 से कम है, तो दशमलव के ठीक बाद के शून्य सार्थक नहीं होते। (जैसे 0.0052 में 2 सार्थक अंक हैं)
    4. दशमलव वाली संख्या में अंतिम गैर-शून्य अंक के बाद आने वाले शून्य सार्थक होते हैं। (जैसे 2.500 में 4 सार्थक अंक हैं)
    5. बिना दशमलव वाली संख्या में अंतिम शून्य सार्थक हो भी सकते हैं और नहीं भी। (जैसे 1200 में 2, 3 या 4 सार्थक अंक हो सकते हैं)। इसे वैज्ञानिक संकेतन 1.2 × 10³ (2 सार्थक अंक) द्वारा स्पष्ट किया जाता है।

5. विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis)

किसी भौतिक राशि की विमाएँ वे घातें होती हैं जिन्हें उस राशि के मात्रक को व्यक्त करने के लिए मूल मात्रकों पर चढ़ाते हैं।

  • विमीय सूत्र: वह व्यंजक जो यह दर्शाता है कि किसी भौतिक राशि में कौन-कौन सी मूल राशियाँ किस प्रकार सम्मिलित हैं। इसे [M^a L^b T^c] के रूप में लिखते हैं।

  • कुछ महत्वपूर्ण विमीय सूत्र:

    • वेग (Velocity): [M⁰LT⁻¹]
    • त्वरण (Acceleration): [M⁰LT⁻²]
    • बल (Force): [MLT⁻²]
    • कार्य/ऊर्जा (Work/Energy): [ML²T⁻²]
    • शक्ति (Power): [ML²T⁻³]
    • दाब (Pressure): [ML⁻¹T⁻²]
    • गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G): [M⁻¹L³T⁻²]
  • अनुप्रयोग (Applications):

    1. भौतिक समीकरण की विमीय संगति की जाँच करना: किसी भी सही समीकरण के दोनों पक्षों की विमाएँ समान होनी चाहिए। (समांगता का सिद्धांत)
    2. भौतिक राशियों के बीच संबंध स्थापित करना: यदि हमें पता हो कि कोई राशि किन-किन अन्य राशियों पर निर्भर करती है, तो हम उनके बीच संबंध स्थापित कर सकते हैं।
    3. एक पद्धति के मात्रकों को दूसरी पद्धति में बदलना: सूत्र n₁u₁ = n₂u₂ का उपयोग करके।

अभ्यास हेतु महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1. निम्नलिखित में से कौन-सा मूल SI मात्रक नहीं है?
(क) ऐम्पियर
(ख) कैंडेला
(ग) न्यूटन
(घ) केल्विन

प्रश्न 2. गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) का विमीय सूत्र है:
(क) [ML²T⁻²]
(ख) [M⁻¹L³T⁻²]
(ग) [MLT⁻¹]
(घ) [ML⁻¹T⁻²]

प्रश्न 3. एक गोले की त्रिज्या के मापन में 2% की त्रुटि होती है। इसके आयतन की गणना में प्रतिशत त्रुटि कितनी होगी?
(क) 2%
(ख) 4%
(ग) 6%
(घ) 8%

प्रश्न 4. संख्या 0.05200 में सार्थक अंकों की संख्या है:
(क) 2
(ख) 3
(ग) 4
(घ) 5

प्रश्न 5. यदि बल (F), वेग (V) तथा समय (T) को मूल राशियाँ मान लिया जाए, तो द्रव्यमान का विमीय सूत्र क्या होगा?
(क) [FVT⁻¹]
(ख) [FV⁻¹T⁻¹]
(ग) [FV⁻¹T]
(घ) [FVT]

प्रश्न 6. निम्नलिखित में से किस युग्म की विमाएँ समान हैं?
(क) बल और दाब
(ख) कार्य और बल आघूर्ण
(ग) कोणीय वेग और आवृत्ति
(घ) ख और ग दोनों

प्रश्न 7. एक वर्नियर कैलिपर्स का अल्पतमांक 0.01 cm है। इससे किसी छड़ की लंबाई मापते समय, पाठ्यांक 2.50 cm आता है। इस माप में परिशुद्धता क्या दर्शाती है?
(क) माप 2.50 cm के निकट है।
(ख) माप 0.01 cm की सीमा तक लिया गया है।
(ग) माप में कोई त्रुटि नहीं है।
(घ) माप पूरी तरह से यथार्थ है।

प्रश्न 8. समीकरण x = at + bt² में, यदि x मीटर में तथा t सेकंड में है, तो 'b' का मात्रक क्या होगा?
(क) m/s
(ख) m/s²
(ग) m
(घ) s²

प्रश्न 9. एक प्रकाश वर्ष (light year) किसका मात्रक है?
(क) समय
(ख) दूरी
(ग) प्रकाश की तीव्रता
(घ) वेग

प्रश्न 10. यदि किसी भौतिक राशि P का सूत्र P = (a³b²)/(√c d) है तथा a, b, c, और d के मापन में प्रतिशत त्रुटियाँ क्रमशः 1%, 2%, 4% और 2% हैं, तो P में अधिकतम प्रतिशत त्रुटि होगी:
(क) 9%
(ख) 11%
(ग) 13%
(घ) 7%


उत्तरमाला:

  1. (ग) न्यूटन (यह बल का व्युत्पन्न मात्रक है)
  2. (ख) [M⁻¹L³T⁻²]
  3. (ग) 6% (गोले का आयतन V = (4/3)πr³, इसलिए ΔV/V = 3(Δr/r) = 3 × 2% = 6%)
  4. (ग) 4 (नियम के अनुसार, 5, 2 और अंतिम दो शून्य सार्थक हैं)
  5. (ग) [FV⁻¹T] (क्योंकि F = ma = m(V/T), तो m = FT/V)
  6. (घ) ख और ग दोनों (कार्य और बल आघूर्ण दोनों की विमा [ML²T⁻²] है, तथा कोणीय वेग और आवृत्ति दोनों की विमा [T⁻¹] है)
  7. (ख) माप 0.01 cm की सीमा तक लिया गया है। (परिशुद्धता अल्पतमांक से संबंधित है)
  8. (ख) m/s² (समांगता के सिद्धांत से, [x] = [bt²], इसलिए [L] = [b][T²], तो [b] = [L]/[T²] = [LT⁻²])
  9. (ख) दूरी
  10. (ख) 11% (ΔP/P = 3(Δa/a) + 2(Δb/b) + (1/2)(Δc/c) + (Δd/d) = 3(1%) + 2(2%) + (1/2)(4%) + (2%) = 3 + 4 + 2 + 2 = 11%)

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