Class 11 Physics Notes Chapter 10 (Chapter 10) – Examplar Problems (Hindi) Book

Examplar Problems (Hindi)
चलिए, आज हम भौतिकी के अध्याय 10, 'तरलों के यांत्रिकी गुण' का गहन अध्ययन करेंगे। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम इसके सभी मुख्य बिंदुओं, सूत्रों और सिद्धांतों को विस्तार से समझेंगे ताकि आपकी तैयारी मजबूत हो सके।

अध्याय 10: तरलों के यांत्रिकी गुण (Mechanical Properties of Fluids) - विस्तृत नोट्स

तरल वे पदार्थ होते हैं जो बह सकते हैं, अर्थात जिनमें द्रव और गैस दोनों शामिल हैं। इस अध्याय में हम स्थिर और गतिशील तरलों के गुणों का अध्ययन करते हैं।

1. दाब (Pressure)

  • परिभाषा: किसी तरल द्वारा उसके संपर्क वाले पृष्ठ के प्रति एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाले अभिलंबवत बल को दाब कहते हैं।
  • यह एक अदिश राशि है।
  • सूत्र: P = F/A (जहाँ F = अभिलंबवत बल, A = क्षेत्रफल)
  • SI मात्रक: पास्कल (Pa) या न्यूटन/मीटर² (N/m²)
  • अन्य मात्रक: वायुमंडलीय दाब (atm), बार (bar), टॉर (torr)
    • 1 atm = 1.013 × 10⁵ Pa = 1.013 bar = 760 torr
  • द्रव स्तंभ के कारण दाब: h ऊँचाई, ρ घनत्व वाले द्रव स्तंभ के कारण दाब P = hρg होता है। (जहाँ g गुरुत्वीय त्वरण है)।

2. पास्कल का नियम (Pascal's Law)

  • कथन: किसी पात्र में रखे तरल के किसी बिंदु पर दाब में परिवर्तन करने पर, यह परिवर्तन बिना किसी क्षय के तरल के सभी बिंदुओं तथा पात्र की दीवारों तक समान रूप से संचरित हो जाता है।
  • अनुप्रयोग:
    • द्रवचालित लिफ्ट (Hydraulic Lift): यह F₁/A₁ = F₂/A₂ के सिद्धांत पर कार्य करती है। कम बल लगाकर अधिक वजन उठाया जा सकता है।
    • द्रवचालित ब्रेक (Hydraulic Brakes): वाहनों में इसी सिद्धांत का उपयोग होता है।

3. आर्किमिडीज का सिद्धांत और उत्प्लावन (Archimedes' Principle and Buoyancy)

  • उत्प्लावन बल (Buoyant Force): जब किसी वस्तु को किसी तरल में डुबोया जाता है, तो तरल उस वस्तु पर ऊपर की ओर एक बल लगाता है, जिसे उत्प्लावन बल कहते हैं।
  • आर्किमिडीज का सिद्धांत: किसी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल, उस वस्तु द्वारा विस्थापित किए गए तरल के भार के बराबर होता है।
  • सूत्र: F_उत्प्लावन = V_विस्थापित × ρ_तरल × g (जहाँ V_विस्थापित विस्थापित तरल का आयतन है)
  • प्लवन का नियम (Law of Floatation):
    1. यदि वस्तु का घनत्व (ρ_वस्तु) > तरल का घनत्व (ρ_तरल), तो वस्तु डूब जाएगी।
    2. यदि ρ_वस्तु < ρ_तरल, तो वस्तु तैरेगी।
    3. यदि ρ_वस्तु = ρ_तरल, तो वस्तु तरल में कहीं भी पूरी डूबी हुई तैरती रहेगी।

4. तरल गतिकी (Fluid Dynamics)

  • धारा रेखीय प्रवाह (Streamline Flow): जब तरल का प्रत्येक कण अपने से पहले वाले कण के पथ का अनुसरण करता है। प्रवाह का वेग एक क्रांतिक वेग (critical velocity) से कम होता है।
  • विक्षुब्ध प्रवाह (Turbulent Flow): जब तरल का प्रवाह अनियमित और अव्यवस्थित होता है। वेग क्रांतिक वेग से अधिक होता है।
  • अविरतता का समीकरण (Equation of Continuity): यह द्रव्यमान संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। एक असंपीड्य तरल के लिए, A₁v₁ = A₂v₂ (जहाँ A अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल और v तरल का वेग है)। इसका अर्थ है कि जहाँ नली संकरी होती है, वहाँ वेग बढ़ जाता है।

5. बरनौली का प्रमेय (Bernoulli's Principle)

  • कथन: किसी आदर्श तरल (असंपीड्य और अश्यान) के धारा रेखीय प्रवाह में, प्रवाह नली के प्रत्येक बिंदु पर प्रति एकांक आयतन की कुल ऊर्जा (दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा) नियत रहती है।
  • सूत्र: P + ½ρv² + ρgh = नियतांक
    • P = दाब ऊर्जा प्रति एकांक आयतन
    • ½ρv² = गतिज ऊर्जा प्रति एकांक आयतन
    • ρgh = स्थितिज ऊर्जा प्रति एकांक आयतन
  • अनुप्रयोग:
    • वेंचुरीमापी (Venturi-meter): प्रवाह की दर मापने में।
    • कणित्र (Atomizer) या स्प्रेयर: फुहार बनाने में।
    • वायुयान के पंखों को मिलने वाला उत्थापक बल (Lift on Aerofoil): पंख के ऊपर वेग अधिक होने से दाब कम हो जाता है और नीचे दाब अधिक रहता है, जिससे ऊपर की ओर बल लगता है।

6. श्यानता (Viscosity)

  • परिभाषा: यह तरल का वह गुण है जिसके कारण वह अपनी विभिन्न परतों के बीच होने वाली आपेक्षिक गति का विरोध करता है। इसे तरल का आंतरिक घर्षण भी कहते हैं।
  • श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity, η): F = -ηA(dv/dx) (जहाँ dv/dx वेग प्रवणता है)।
  • SI मात्रक: प्वाजय (Poiseuille) (Pl) या पास्कल-सेकंड (Pa.s)
  • स्टोक्स का नियम (Stokes' Law): η श्यानता वाले तरल में r त्रिज्या की गोलीय वस्तु v वेग से गति करती है, तो उस पर लगने वाला श्यान बल F = 6πηrv होता है।
  • सीमांत वेग (Terminal Velocity): जब किसी वस्तु पर नीचे की ओर लगने वाला गुरुत्वीय बल, ऊपर की ओर लगने वाले उत्प्लावन बल और श्यान बल के योग के बराबर हो जाता है, तो वस्तु का त्वरण शून्य हो जाता है और वह एक नियत वेग से गिरती है, जिसे सीमांत वेग कहते हैं।
    • v_t = [2r²(ρ_वस्तु - σ_तरल)g] / 9η
  • ताप का प्रभाव:
    • द्रवों की श्यानता: ताप बढ़ाने पर घटती है।
    • गैसों की श्यानता: ताप बढ़ाने पर बढ़ती है।

7. पृष्ठ तनाव (Surface Tension)

  • परिभाषा: द्रव के पृष्ठ का वह गुण जिसके कारण उसका पृष्ठ एक तनी हुई झिल्ली की तरह व्यवहार करता है और न्यूनतम क्षेत्रफल घेरने का प्रयास करता है।
  • इसे द्रव के पृष्ठ पर खींची गई काल्पनिक रेखा की एकांक लंबाई पर लगने वाले बल के रूप में मापा जाता है।
  • सूत्र: T = F/L
  • SI मात्रक: न्यूटन/मीटर (N/m)
  • कारण: अणुओं के बीच ससंजक बल (Cohesive force)।
  • पृष्ठ ऊर्जा (Surface Energy): द्रव के पृष्ठ के एकांक क्षेत्रफल में वृद्धि करने के लिए किया गया कार्य।
  • स्पर्श कोण (Angle of Contact): द्रव के पृष्ठ और ठोस की सतह के बीच बना कोण।
  • केशिकत्व (Capillarity): बहुत कम त्रिज्या की नली (केशिका) में द्रव का ऊपर चढ़ना या नीचे उतरना।
    • ऊपर चढ़ने का सूत्र: h = (2T cosθ) / (rρg)
  • दाब आधिक्य (Excess Pressure):
    • द्रव की बूँद के अंदर: ΔP = 2T/R
    • साबुन के बुलबुले के अंदर: ΔP = 4T/R (क्योंकि बुलबुले में दो पृष्ठ होते हैं)।

अभ्यास के लिए 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: एक द्रवचालित लिफ्ट पास्कल के नियम पर आधारित है। यदि छोटे पिस्टन का क्षेत्रफल A₁ और बड़े पिस्टन का क्षेत्रफल A₂ है, तो F₁ बल लगाकर कितना भार F₂ उठाया जा सकता है?
(a) F₂ = F₁ (A₁/A₂)
(b) F₂ = F₁ (A₂/A₁)
(c) F₂ = F₁ (A₂/A₁)²
(d) F₂ = F₁

प्रश्न 2: जब एक पाइप में पानी का प्रवाह होता है और पाइप आगे जाकर संकरा हो जाता है, तो पानी का वेग और दाब पर क्या प्रभाव पड़ता है?
(a) वेग बढ़ता है, दाब घटता है
(b) वेग घटता है, दाब बढ़ता है
(c) वेग और दाब दोनों बढ़ते हैं
(d) वेग और दाब दोनों घटते हैं

प्रश्न 3: वर्षा की बूँदें गोलाकार होती हैं, इसका कारण है:
(a) श्यानता
(b) वायुमंडलीय दाब
(c) पृष्ठ तनाव
(d) गुरुत्वाकर्षण

प्रश्न 4: एक छोटा स्टील का गोला ग्लिसरीन में गिराया जाता है। कुछ समय बाद उसका वेग नियत हो जाता है। इस नियत वेग को क्या कहते हैं?
(a) क्रांतिक वेग
(b) पलायन वेग
(c) सीमांत वेग
(d) औसत वेग

प्रश्न 5: बरनौली का प्रमेय किस संरक्षण नियम पर आधारित है?
(a) संवेग संरक्षण
(b) द्रव्यमान संरक्षण
(c) ऊर्जा संरक्षण
(d) कोणीय संवेग संरक्षण

प्रश्न 6: एक वस्तु अपने भार के बराबर द्रव विस्थापित करती है। वस्तु तरल में:
(a) डूब जाएगी
(b) तैरेगी
(c) पूरी डूबकर कहीं भी स्थिर रहेगी
(d) सतह पर ऊपर-नीचे होगी

प्रश्न 7: श्यानता गुणांक (η) का SI मात्रक क्या है?
(a) न्यूटन/मीटर
(b) पास्कल-सेकंड
(c) जूल/सेकंड
(d) डाइन/सेमी²

प्रश्न 8: केशनली में जल के ऊपर चढ़ने का कारण है:
(a) जल का पृष्ठ तनाव
(b) जल की श्यानता
(c) जल का घनत्व
(d) जल का दाब

प्रश्न 9: एक साबुन के बुलबुले के अंदर दाब आधिक्य, समान त्रिज्या वाली पानी की बूँद के अंदर दाब आधिक्य का:
(a) आधा होता है
(b) बराबर होता है
(c) दोगुना होता है
(d) चार गुना होता है

प्रश्न 10: तापमान बढ़ाने पर द्रवों की श्यानता:
(a) बढ़ती है
(b) घटती है
(c) अपरिवर्तित रहती है
(d) पहले बढ़ती है फिर घटती है


उत्तरमाला:

  1. (b) F₂ = F₁ (A₂/A₁) (व्याख्या: पास्कल के नियम से P₁=P₂ अर्थात F₁/A₁ = F₂/A₂)
  2. (a) वेग बढ़ता है, दाब घटता है (व्याख्या: अविरतता समीकरण से Av = नियतांक, अतः A घटने पर v बढ़ता है। बरनौली प्रमेय से, जहाँ v बढ़ता है वहाँ P घटता है।)
  3. (c) पृष्ठ तनाव (व्याख्या: पृष्ठ तनाव के कारण द्रव न्यूनतम पृष्ठीय क्षेत्रफल प्राप्त करने का प्रयास करता है, जो दिए गए आयतन के लिए गोले का होता है।)
  4. (c) सीमांत वेग (व्याख्या: जब श्यान बल और उत्प्लावन बल मिलकर गुरुत्वीय बल को संतुलित कर देते हैं।)
  5. (c) ऊर्जा संरक्षण (व्याख्या: बरनौली का प्रमेय तरल प्रवाह के लिए ऊर्जा संरक्षण का ही एक रूप है।)
  6. (b) तैरेगी (व्याख्या: यह प्लवन का सिद्धांत है। तैरती हुई वस्तु अपने भार के बराबर द्रव विस्थापित करती है।)
  7. (b) पास्कल-सेकंड (Pa.s)
  8. (a) जल का पृष्ठ तनाव (व्याख्या: केशिकत्व की घटना पृष्ठ तनाव और ससंजक/आसंजक बलों के कारण होती है।)
  9. (c) दोगुना होता है (व्याख्या: बुलबुले में दाब आधिक्य 4T/R और बूँद में 2T/R होता है।)
  10. (b) घटती है (व्याख्या: तापमान बढ़ने से अणुओं के बीच ससंजक बल कमजोर हो जाता है, जिससे द्रवों की श्यानता घट जाती है।)

Read more

Class 12 Hindi Notes Kavita 3 (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय: यह दीप अकेला; मैंने देखा एक बूँद) – Antra Book

प्रिय विद्यार्थियों, आज हम कक्षा 12 की हिंदी ऐच्छिक की पाठ्यपुस्तक 'अंतरा भाग 2' में संकलित कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्

By NCERT Books

Class 12 Hindi Notes Kavita 2 (सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’: गीत गाने दो मुझे; सरोज-स्मृति) – Antra Book

प्रिय विद्यार्थियों, आज हम सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित दो महत्त्वपूर्ण कविताओं – ‘गीत गाने दो मुझे’ और ‘सरोज-स्मृति’ – का वि

By NCERT Books

Class 12 Hindi Notes Kavita 1 (जयशंकर प्रसाद: देवसेना का गीत; कार्नेलिया का गीत) – Antra Book

प्रिय विद्यार्थियों, आज हम जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित दो अत्यंत महत्वपूर्ण कविताओं 'देवसेना का गीत' और 'कार्नेलिया का गीत&

By NCERT Books