Class 11 Physics Notes Chapter 2 (मात्रक एवं मापन) – Bhautiki-I Book

चलिए बच्चों, आज हम भौतिकी के एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय 'मात्रक एवं मापन' का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी 11वीं कक्षा के लिए, बल्कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आधारशिला है। हम हर टॉपिक को विस्तार से समझेंगे।
अध्याय 2: मात्रक एवं मापन (Units and Measurement) - विस्तृत नोट्स
1. भौतिक राशियाँ (Physical Quantities)
वे सभी राशियाँ जिन्हें मापा जा सकता है और जिनके द्वारा भौतिकी के नियमों को व्यक्त किया जा सकता है, भौतिक राशियाँ कहलाती हैं।
- उदाहरण: लंबाई, द्रव्यमान, समय, बल, वेग, आदि।
भौतिक राशियों को दो भागों में बांटा गया है:
- मूल राशियाँ (Fundamental Quantities): वे राशियाँ जो अन्य किसी राशि पर निर्भर नहीं करतीं, अर्थात् पूर्ण रूप से स्वतंत्र होती हैं। इनकी संख्या 7 है।
- व्युत्पन्न राशियाँ (Derived Quantities): वे राशियाँ जिन्हें मूल राशियों की सहायता से व्यक्त किया जाता है।
- उदाहरण: वेग = दूरी/समय। यहाँ वेग एक व्युत्पन्न राशि है जो मूल राशियों लंबाई (दूरी) और समय पर निर्भर करती है।
2. मात्रक (Unit)
किसी भौतिक राशि को मापने के लिए उपयोग किए जाने वाले निश्चित मानक मान को 'मात्रक' कहते हैं।
किसी भी भौतिक राशि के परिमाण को व्यक्त करने के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है:
- आंकिक मान (Numerical Value - n)
- मात्रक (Unit - u)
- अर्थात्, Q = n × u
- ध्यान दें कि किसी राशि का आंकिक मान उसके मात्रक के व्युत्क्रमानुपाती होता है (n ∝ 1/u)। जैसे- 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर। यहाँ मात्रक (मीटर) बड़ा है तो आंकिक मान (1) छोटा है, और मात्रक (सेंटीमीटर) छोटा है तो आंकिक मान (100) बड़ा है।
3. मात्रकों की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली (The International System of Units - SI)
यह सबसे आधुनिक और विश्वव्यापी रूप से स्वीकृत प्रणाली है।
a) मूल मात्रक (Fundamental Units)
SI प्रणाली में 7 मूल मात्रक हैं:
| क्र.सं. | मूल राशि | SI मात्रक | संकेत |
|---|---|---|---|
| 1 | लंबाई (Length) | मीटर | m |
| 2 | द्रव्यमान (Mass) | किलोग्राम | kg |
| 3 | समय (Time) | सेकंड | s |
| 4 | विद्युत धारा (Electric Current) | ऐम्पियर | A |
| 5 | ऊष्मागतिक ताप (Temperature) | केल्विन | K |
| 6 | पदार्थ की मात्रा (Amount of Substance) | मोल | mol |
| 7 | ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) | कैन्डेला | cd |
b) पूरक मात्रक (Supplementary Units)
| क्र.सं. | पूरक राशि | SI मात्रक | संकेत |
|---|---|---|---|
| 1 | समतल कोण (Plane Angle) | रेडियन | rad |
| 2 | घन कोण (Solid Angle) | स्टेरेडियन | sr |
4. लंबाई, द्रव्यमान एवं समय का मापन
- लंबी दूरियों का मापन (लंबन विधि - Parallax Method): बहुत दूर स्थित ग्रहों या तारों की दूरी मापने के लिए इस विधि का उपयोग होता है।
- सूत्र: D = b/θ (जहाँ D = ग्रह की दूरी, b = पृथ्वी पर दो अवलोकन बिंदुओं के बीच की दूरी, θ = लंबन कोण (रेडियन में))
- लंबाई के अन्य महत्वपूर्ण मात्रक:
- 1 खगोलीय मात्रक (AU) = 1.496 × 10¹¹ m (पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी)
- 1 प्रकाश वर्ष (ly) = 9.46 × 10¹⁵ m (प्रकाश द्वारा निर्वात में एक वर्ष में चली गई दूरी)
- 1 पारसेक (pc) = 3.08 × 10¹⁶ m = 3.26 प्रकाश वर्ष (यह दूरी का सबसे बड़ा मात्रक है)
5. यथार्थता, परिशुद्धता तथा त्रुटि (Accuracy, Precision and Error)
-
यथार्थता (Accuracy): यह बताती है कि किसी माप का मान, उस राशि के वास्तविक मान के कितना निकट है।
-
परिशुद्धता (Precision): यह बताती है कि कोई राशि किस विभेदन या सीमा तक मापी गई है।
-
त्रुटि (Error): किसी माप की अनिश्चितता को त्रुटि कहते हैं।
- क्रमबद्ध त्रुटियाँ (Systematic Errors): ये वे त्रुटियाँ हैं जो एक ही दिशा में (धनात्मक या ऋणात्मक) होती हैं। इनके स्रोत ज्ञात होते हैं, जैसे - यंत्र की बनावट में कमी, प्रयोगात्मक तकनीक में अपूर्णता आदि।
- यादृच्छिक त्रुटियाँ (Random Errors): ये वे त्रुटियाँ हैं जो अनियमित रूप से होती हैं। इनके स्रोत अज्ञात होते हैं। अनेक बार प्रेक्षण लेकर उनका माध्य निकालने से इन त्रुटियों को कम किया जा सकता है।
- अल्पतमांक त्रुटि (Least Count Error): यह किसी मापक यंत्र द्वारा मापी जा सकने वाली सबसे छोटी माप से संबंधित त्रुटि है।
-
त्रुटियों का संयोजन (Combination of Errors):
- योग और अंतर में त्रुटि: यदि Z = A ± B है, तो अधिकतम त्रुटि ΔZ = ΔA + ΔB होगी। (त्रुटियाँ हमेशा जुड़ती हैं)
- गुणन और भाग में त्रुटि: यदि Z = A × B या Z = A/B है, तो आपेक्षिक त्रुटि ΔZ/Z = (ΔA/A) + (ΔB/B) होगी।
- घातों में त्रुटि: यदि Z = Aⁿ है, तो ΔZ/Z = n(ΔA/A) होगी।
6. सार्थक अंक (Significant Figures)
किसी माप में सार्थक अंक, उन अंकों की संख्या है जो हमें किसी राशि के मान के बारे में विश्वसनीय जानकारी देते हैं।
नियम:
- सभी गैर-शून्य अंक सार्थक होते हैं। (जैसे - 285 में 3 सार्थक अंक)
- दो गैर-शून्य अंकों के बीच आने वाले सभी शून्य सार्थक होते हैं। (जैसे - 2005 में 4 सार्थक अंक)
- यदि संख्या 1 से छोटी है, तो दशमलव के दाईं ओर और पहले गैर-शून्य अंक के बाईं ओर के शून्य सार्थक नहीं होते। (जैसे - 0.0052 में केवल 2 सार्थक अंक हैं)
- दशमलव वाली संख्या में, अंतिम गैर-शून्य अंक के बाद आने वाले सभी शून्य सार्थक होते हैं। (जैसे - 2.500 में 4 सार्थक अंक)
- बिना दशमलव वाली संख्या में, अंतिम शून्य सार्थक हो भी सकते हैं और नहीं भी। इसे वैज्ञानिक संकेतन में लिखकर स्पष्ट किया जाता है। (जैसे - 12300 को 1.23 × 10⁴ लिखें तो 3 सार्थक अंक, 1.230 × 10⁴ लिखें तो 4 सार्थक अंक)
7. विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis)
किसी भौतिक राशि की विमाएँ वे घातें होती हैं जिन्हें उस राशि को व्यक्त करने के लिए मूल राशियों पर लगाया जाता है।
- विमीय सूत्र: वह व्यंजक जो यह दर्शाता है कि किसी भौतिक राशि में कौन-कौन सी मूल राशियाँ किस प्रकार सम्मिलित हैं।
- उदाहरण: बल (Force) = द्रव्यमान × त्वरण = M × (LT⁻²) = [MLT⁻²]
विमीय विश्लेषण के उपयोग:
- भौतिक समीकरण की सत्यता की जाँच करना (विमीय समांगता का सिद्धांत): कोई भी समीकरण तभी सही हो सकता है जब उसके दोनों पक्षों की विमाएँ समान हों।
- विभिन्न भौतिक राशियों में संबंध स्थापित करना: यदि हमें यह पता हो कि कोई राशि किन-किन अन्य राशियों पर निर्भर करती है, तो हम उनके बीच संबंध स्थापित कर सकते हैं।
- एक मात्रक पद्धति को दूसरी पद्धति में बदलना: सूत्र n₁[u₁] = n₂[u₂] का उपयोग करके।
कुछ महत्वपूर्ण राशियों के विमीय सूत्र:
| राशि | सूत्र | विमीय सूत्र |
|---|---|---|
| वेग (Velocity) | दूरी/समय | [LT⁻¹] |
| त्वरण (Acceleration) | वेग/समय | [LT⁻²] |
| बल (Force) | द्रव्यमान × त्वरण | [MLT⁻²] |
| कार्य/ऊर्जा (Work/Energy) | बल × दूरी | [ML²T⁻²] |
| शक्ति (Power) | कार्य/समय | [ML²T⁻³] |
| दाब (Pressure) | बल/क्षेत्रफल | [ML⁻¹T⁻²] |
| आवृत्ति (Frequency) | 1/आवर्तकाल | [T⁻¹] |
| गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) | F = Gm₁m₂/r² | [M⁻¹L³T⁻²] |
अभ्यास के लिए 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) का SI मात्रक क्या है?
(a) ल्यूमेन
(b) लक्स
(c) कैन्डेला
(d) वाट
प्रश्न 2: दूरी का सबसे बड़ा मात्रक निम्नलिखित में से कौन सा है?
(a) प्रकाश वर्ष
(b) पारसेक
(c) खगोलीय मात्रक
(d) किलोमीटर
प्रश्न 3: यदि एक गोले की त्रिज्या के मापन में 2% की त्रुटि होती है, तो उसके आयतन के परिकलन में त्रुटि होगी:
(a) 2%
(b) 4%
(c) 6%
(d) 8%
प्रश्न 4: संख्या 0.02350 में सार्थक अंकों की संख्या कितनी है?
(a) 2
(b) 3
(c) 4
(d) 5
प्रश्न 5: गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) का विमीय सूत्र क्या है?
(a) [MLT⁻²]
(b) [M⁻¹L³T⁻²]
(c) [ML⁻¹T⁻²]
(d) [M⁻¹L²T⁻³]
प्रश्न 6: वांडर वाल्स समीकरण (P + a/V²)(V - b) = RT में, 'a' की विमा किसके समान है?
(a) दाब (Pressure)
(b) आयतन (Volume)
(c) दाब × (आयतन)²
(d) दाब / आयतन
प्रश्न 7: लंबन विधि (Parallax method) का प्रयोग किसके मापन के लिए किया जाता है?
(a) बहुत छोटी दूरियाँ
(b) अत्यंत कम समय अंतराल
(c) बहुत बड़ी दूरियाँ
(d) बहुत अधिक द्रव्यमान
प्रश्न 8: निम्नलिखित में से कौन सी एक विमाहीन राशि नहीं है?
(a) विकृति (Strain)
(b) आपेक्षिक घनत्व (Relative Density)
(c) कोण (Angle)
(d) आवृत्ति (Frequency)
प्रश्न 9: एक भौतिक राशि Z का सूत्र Z = A²B / C³ है। A, B और C के मापन में प्रतिशत त्रुटियाँ क्रमशः 1%, 2% और 2% हैं। Z में अधिकतम प्रतिशत त्रुटि क्या होगी?
(a) 5%
(b) 7%
(c) 8%
(d) 10%
प्रश्न 10: यदि बल (F), वेग (V) और समय (T) को मूल राशियाँ मान लिया जाए, तो द्रव्यमान का विमीय सूत्र क्या होगा?
(a) [FVT]
(b) [FV⁻¹T]
(c) [FVT⁻¹]
(d) [FV⁻¹T⁻¹]
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (c) कैन्डेला - यह SI प्रणाली में 7 मूल मात्रकों में से एक है।
- (b) पारसेक - 1 पारसेक ≈ 3.26 प्रकाश वर्ष।
- (c) 6% - गोले का आयतन V = (4/3)πr³। आयतन त्रिज्या की घात 3 पर निर्भर करता है। अतः आयतन में प्रतिशत त्रुटि = 3 × (त्रिज्या में प्रतिशत त्रुटि) = 3 × 2% = 6%.
- (c) 4 - नियम के अनुसार, दशमलव वाली संख्या में पहले गैर-शून्य अंक (2) से लेकर अंतिम अंक (0) तक सभी अंक सार्थक होंगे। अतः 2, 3, 5, 0 सभी सार्थक हैं।
- (b) [M⁻¹L³T⁻²] - F = Gm₁m₂/r² से G = Fr²/m₁m₂। विमाएँ रखने पर [MLT⁻²][L²]/[M][M] = [M⁻¹L³T⁻²]।
- (c) दाब × (आयतन)² - विमीय समांगता के सिद्धांत के अनुसार, समान विमाओं वाली राशियों को ही जोड़ा या घटाया जा सकता है। अतः P की विमा = a/V² की विमा। इसलिए, a की विमा = P की विमा × V² की विमा।
- (c) बहुत बड़ी दूरियाँ - जैसे पृथ्वी से ग्रहों या तारों की दूरी।
- (d) आवृत्ति (Frequency) - आवृत्ति (ν = 1/T) की विमा [T⁻¹] होती है, जबकि अन्य तीनों विमाहीन हैं।
- (d) 10% - Z में % त्रुटि = 2(%A) + 1(%B) + 3(%C) = 2(1%) + 1(2%) + 3(2%) = 2% + 2% + 6% = 10%.
- (b) [FV⁻¹T] - हम जानते हैं F = ma = m(V/T)। तो, m = FT/V = [FTV⁻¹]।
इन सभी टॉपिक्स का अच्छे से अभ्यास करें। कोई भी शंका हो तो पूछने में संकोच न करें। आपकी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएँ