Class 11 Physics Notes Chapter 3 (Chapter 3) – Bhautiki-II Book

नमस्ते विद्यार्थियों!
चलिए, आज हम भौतिकी-II के अध्याय 3, 'अणुगति सिद्धांत' (Kinetic Theory) के महत्वपूर्ण नोट्स को विस्तार से समझते हैं। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए हर बिंदु को ध्यान से समझिएगा।
अध्याय 3: अणुगति सिद्धांत (Kinetic Theory)
यह सिद्धांत गैसों के स्थूल गुणों (जैसे दाब, ताप, आयतन) को उनके सूक्ष्म गुणों (अणुओं की गति, ऊर्जा) से जोड़ता है।
1. आदर्श गैस की अणुगति सिद्धांत की अभिधारणाएँ (Postulates of Kinetic Theory)
- अणुओं की संरचना: प्रत्येक गैस बहुत छोटे-छोटे कणों से मिलकर बनी होती है जिन्हें अणु कहते हैं। किसी एक गैस के सभी अणु आकार, द्रव्यमान और गुणों में समान होते हैं।
- अणुओं का आकार: अणुओं का आकार उनके बीच की औसत दूरी की तुलना में नगण्य होता है। इसलिए, गैस द्वारा घेरा गया वास्तविक आयतन अणुओं के आयतन की तुलना में बहुत अधिक होता है।
- अणुओं की गति: गैस के अणु सभी संभव दिशाओं में निरंतर, यादृच्छिक (random) गति करते रहते हैं।
- टक्करें (Collisions): अपनी गति के दौरान, अणु आपस में और बर्तन की दीवारों से टकराते हैं। ये टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ (perfectly elastic) होती हैं, अर्थात टक्कर में कुल गतिज ऊर्जा और संवेग संरक्षित रहता है।
- अंतराण्विक बल (Intermolecular Forces): अणुओं के बीच कोई आकर्षण या प्रतिकर्षण बल नहीं होता, सिवाय टक्कर के समय। उनकी ऊर्जा केवल गतिज ऊर्जा होती है।
- टक्कर का समय: दो क्रमिक टक्करों के बीच लगे समय की तुलना में टक्कर का समय नगण्य होता है।
- गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव: अणुओं की उच्च गति के कारण उन पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव नगण्य माना जाता है।
2. आदर्श गैस का दाब (Pressure of an Ideal Gas)
अणु जब बर्तन की दीवारों से टकराते हैं, तो वे दीवार पर संवेग स्थानांतरित करते हैं, जिसके कारण दाब उत्पन्न होता है।
इसके लिए व्यंजक है:
P = (1/3) * ρ * v̄²
या
P = (1/3) * (Nm/V) * v̄²
जहाँ:
- P = गैस का दाब
- ρ = गैस का घनत्व (ρ = M/V)
- N = अणुओं की कुल संख्या
- m = प्रत्येक अणु का द्रव्यमान
- V = गैस का आयतन
- v̄² = अणुओं की चालों के वर्गों का माध्य (Mean Square Speed)। v̄² = (v₁² + v₂² + ... + vₙ²)/N
3. ताप की अणुगतिक व्याख्या (Kinetic Interpretation of Temperature)
यह सिद्धांत ताप को अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा से जोड़ता है।
एक अणु की औसत स्थानांतरीय गतिज ऊर्जा (Average Translational Kinetic Energy) गैस के परम ताप (T) के समानुपाती होती है।
औसत गतिज ऊर्जा = (1/2) * m * v̄² = (3/2) * k_B * T
जहाँ:
- k_B = बोल्ट्ज़मान नियतांक (Boltzmann Constant) = 1.38 × 10⁻²³ J/K
- T = परम ताप (Kelvin में)
महत्वपूर्ण निष्कर्ष: गैस का ताप उसके अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का माप है। यदि ताप शून्य हो जाए, तो अणुओं की गति भी सैद्धांतिक रूप से शून्य हो जाएगी।
4. वर्ग माध्य मूल चाल (Root Mean Square Speed - v_rms)
यह अणुओं की गति को मापने का एक तरीका है।
v_rms = √v̄² = √(3k_B T / m) = √(3RT / M)
जहाँ:
- R = सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant) = 8.314 J/mol·K
- M = गैस का मोलर द्रव्यमान (Molar Mass, kg/mol में)
- m = एक अणु का द्रव्यमान (m = M/N_A, जहाँ N_A आवोगाद्रो संख्या है)
5. स्वतंत्रता की कोटियाँ (Degrees of Freedom - f)
किसी निकाय की कुल ऊर्जा को व्यक्त करने के लिए आवश्यक स्वतंत्र पदों की संख्या को स्वतंत्रता की कोटि कहते हैं।
- एकपरमाणुक गैस (Monatomic Gas - He, Ne, Ar): f = 3 (केवल स्थानांतरीय गति)
- द्विपरमाणुक गैस (Diatomic Gas - O₂, N₂, H₂):
- सामान्य ताप पर: f = 5 (3 स्थानांतरीय + 2 घूर्णी)
- उच्च ताप पर: f = 7 (3 स्थानांतरीय + 2 घूर्णी + 2 काम्पनिक)
- बहुपरमाणुक गैस (Polyatomic Gas - CO₂, CH₄):
- रेखीय अणु (जैसे CO₂): f = 5 (सामान्य ताप पर)
- अरेखीय अणु (जैसे H₂O, CH₄): f = 6 (3 स्थानांतरीय + 3 घूर्णी)
6. ऊर्जा का समविभाजन नियम (Law of Equipartition of Energy)
तापीय साम्यावस्था में, किसी निकाय की कुल ऊर्जा उसकी सभी संभव स्वतंत्रता की कोटियों में समान रूप से विभाजित होती है, और प्रत्येक स्वतंत्रता की कोटि से संबद्ध प्रति अणु औसत ऊर्जा (1/2)k_B T होती है।
- एक अणु की कुल औसत ऊर्जा = (f/2) * k_B * T
- एक मोल गैस की कुल आंतरिक ऊर्जा (U) = (f/2) * RT
7. गैसों की विशिष्ट ऊष्माएँ (Specific Heats of Gases)
इस नियम का उपयोग करके हम C_p और C_v की गणना कर सकते हैं।
- नियत आयतन पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा (C_v):
C_v = (dU/dT) = (d/dT) * [(f/2)RT] = (f/2)R - नियत दाब पर मोलर विशिष्ट ऊष्मा (C_p):
मेयर के सूत्र से, C_p - C_v = R
C_p = C_v + R = (f/2)R + R = [(f/2) + 1]R - विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात (γ - गामा):
γ = C_p / C_v = 1 + (2/f)
विभिन्न गैसों के लिए मान (सारणी):
| गैस का प्रकार | f | C_v | C_p | γ = C_p/C_v |
|---|---|---|---|---|
| एकपरमाणुक | 3 | (3/2)R | (5/2)R | 5/3 ≈ 1.67 |
| द्विपरमाणुक | 5 | (5/2)R | (7/2)R | 7/5 = 1.40 |
| बहुपरमाणुक | 6 | 3R | 4R | 4/3 ≈ 1.33 |
8. माध्य मुक्त पथ (Mean Free Path - λ)
किसी गैस के अणु द्वारा दो क्रमिक टक्करों के बीच तय की गई औसत दूरी को माध्य मुक्त पथ कहते हैं।
λ = 1 / (√2 * π * d² * n)
जहाँ:
- d = अणु का व्यास
- n = प्रति इकाई आयतन में अणुओं की संख्या (Number density)
अभ्यास के लिए बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: अणुगति सिद्धांत के अनुसार, गैस के अणु होते हैं:
(a) पूर्णतः अप्रत्यास्थ
(b) पूर्णतः प्रत्यास्थ
(c) आंशिक रूप से प्रत्यास्थ
(d) स्थिर
उत्तर: (b) पूर्णतः प्रत्यास्थ
स्पष्टीकरण: सिद्धांत की मूल अभिधारणा है कि अणुओं के बीच टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ होती हैं, जिसमें ऊर्जा की कोई हानि नहीं होती।
प्रश्न 2: किसी गैस का परम ताप उसके अणुओं की ______ का माप होता है।
(a) औसत स्थितिज ऊर्जा
(b) औसत गतिज ऊर्जा
(c) कुल ऊर्जा
(d) औसत वेग
उत्तर: (b) औसत गतिज ऊर्जा
स्पष्टीकरण: ताप की अणुगतिक व्याख्या के अनुसार, T ∝ (1/2)mv̄², अर्थात ताप सीधे औसत गतिज ऊर्जा के समानुपाती होता है।
प्रश्न 3: यदि किसी गैस का ताप T से बढ़ाकर 4T कर दिया जाए, तो उसकी वर्ग माध्य मूल चाल (v_rms) हो जाएगी:
(a) आधी
(b) दोगुनी
(c) चार गुनी
(d) अपरिवर्तित
उत्तर: (b) दोगुनी
स्पष्टीकरण: v_rms ∝ √T। जब T को 4T किया जाता है, तो v_rms, √4T के समानुपाती होगी, जो कि 2√T के बराबर है। अतः चाल दोगुनी हो जाएगी।
प्रश्न 4: एक द्विपरमाणुक गैस (जैसे ऑक्सीजन) के लिए सामान्य ताप पर स्वतंत्रता की कोटियों (degrees of freedom) की संख्या कितनी होती है?
(a) 3
(b) 5
(c) 6
(d) 7
उत्तर: (b) 5
स्पष्टीकरण: सामान्य ताप पर द्विपरमाणुक गैस में 3 स्थानांतरीय और 2 घूर्णी स्वतंत्रता की कोटियाँ होती हैं।
प्रश्न 5: ऊर्जा समविभाजन नियम के अनुसार, प्रत्येक स्वतंत्रता की कोटि से संबद्ध प्रति अणु औसत ऊर्जा होती है:
(a) k_B T
(b) (1/2)k_B T
(c) (3/2)k_B T
(d) (f/2)k_B T
उत्तर: (b) (1/2)k_B T
स्पष्टीकरण: यह ऊर्जा समविभाजन नियम का मूल कथन है।
प्रश्न 6: एक एकपरमाणुक आदर्श गैस के लिए विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात (γ = C_p/C_v) कितना होता है?
(a) 1.40
(b) 1.33
(c) 1.67
(d) 1.50
उत्तर: (c) 1.67
स्पष्टीकरण: एकपरमाणुक गैस के लिए f=3, इसलिए γ = 1 + 2/f = 1 + 2/3 = 5/3 ≈ 1.67।
प्रश्न 7: गैस द्वारा बर्तन की दीवारों पर लगाया गया दाब किसके कारण होता है?
(a) अणुओं के बीच आकर्षण बल
(b) अणुओं का भार
(c) दीवारों से अणुओं की प्रत्यास्थ टक्कर
(d) दीवारों द्वारा अणुओं का अवशोषण
उत्तर: (c) दीवारों से अणुओं की प्रत्यास्थ टक्कर
स्पष्टीकरण: जब अणु दीवारों से टकराते हैं तो अपने संवेग में परिवर्तन करते हैं, जिससे दीवार पर एक बल लगता है। प्रति इकाई क्षेत्रफल पर यह बल ही दाब कहलाता है।
प्रश्न 8: वर्ग माध्य मूल चाल (v_rms) का सही सूत्र क्या है?
(a) √(3RT/m)
(b) √(3k_B T/m)
(c) √(2RT/M)
(d) √(3P/V)
उत्तर: (b) √(3k_B T/m)
स्पष्टीकरण: v_rms का सूत्र अणु के द्रव्यमान (m) के पदों में √(3k_B T/m) और मोलर द्रव्यमान (M) के पदों में √(3RT/M) होता है। विकल्प (b) सही है।
प्रश्न 9: यदि किसी गैस का दाब बढ़ा दिया जाए (तापमान स्थिर रखते हुए), तो उसके अणुओं का माध्य मुक्त पथ (λ) _______।
(a) बढ़ जाएगा
(b) घट जाएगा
(c) अपरिवर्तित रहेगा
(d) शून्य हो जाएगा
उत्तर: (b) घट जाएगा
स्पष्टीकरण: दाब बढ़ाने पर प्रति इकाई आयतन में अणुओं की संख्या (n) बढ़ जाती है। चूँकि λ ∝ 1/n, इसलिए माध्य मुक्त पथ घट जाएगा।
प्रश्न 10: बॉयल का नियम (PV = नियतांक) अणुगति सिद्धांत के किस आधार पर समझाया जा सकता है?
(a) ताप बढ़ने पर गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
(b) आयतन कम करने पर अणु दीवारों से अधिक बार टकराते हैं।
(c) अणुओं का आकार नगण्य होता है।
(d) टक्करें पूर्णतः प्रत्यास्थ होती हैं।
उत्तर: (b) आयतन कम करने पर अणु दीवारों से अधिक बार टकराते हैं।
स्पष्टीकरण: स्थिर ताप पर जब आयतन (V) कम किया जाता है, तो अणु दीवारों से कम समय में टकराते हैं (टक्कर की आवृत्ति बढ़ जाती है), जिससे दाब (P) बढ़ जाता है।
इन नोट्स और प्रश्नों का अच्छे से अध्ययन करें। आपकी परीक्षा के लिए शुभकामनाएँ