Class 11 Physics Notes Chapter 3 (सरल रेखा में गति) – Bhautiki-I Book

Bhautiki-I
चलिए, आज हम भौतिकी के एक बहुत ही मौलिक और महत्वपूर्ण अध्याय 'सरल रेखा में गति' का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी कक्षा 11 की परीक्षा के लिए, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी और सरकारी परीक्षाओं के लिए भी नींव का काम करता है। हम सभी महत्वपूर्ण अवधारणाओं, सूत्रों और ग्राफ़ को विस्तार से समझेंगे।

अध्याय 3: सरल रेखा में गति (Motion in a Straight Line) - विस्तृत नोट्स

यह अध्याय शुद्ध गतिकी (Kinematics) का हिस्सा है, जिसमें हम गति के कारणों (जैसे बल) पर विचार किए बिना केवल गति का वर्णन करते हैं।


1. स्थिति, पथ-लंबाई और विस्थापन (Position, Path Length and Displacement)

  • स्थिति (Position): किसी भी क्षण पर किसी कण की स्थिति को एक निर्देश तंत्र (frame of reference) के मूल बिंदु (origin) के सापेक्ष बताया जाता है। सरल रेखा में गति के लिए, हम आमतौर पर x-अक्ष का उपयोग करते हैं।
  • पथ-लंबाई (Path Length): किसी वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी को पथ-लंबाई कहते हैं।
    • यह एक अदिश राशि (Scalar Quantity) है, यानी इसमें केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं।
    • यह हमेशा धनात्मक होती है और समय के साथ कभी घटती नहीं है।
  • विस्थापन (Displacement): वस्तु की अंतिम स्थिति और प्रारंभिक स्थिति के बीच की न्यूनतम दूरी (सीधी दूरी) को विस्थापन कहते हैं।
    • यह एक सदिश राशि (Vector Quantity) है, यानी इसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं।
    • इसका मान धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।
    • सूत्र: विस्थापन (Δx) = अंतिम स्थिति (x₂) - प्रारंभिक स्थिति (x₁)
    • महत्वपूर्ण: पथ-लंबाई का परिमाण विस्थापन के परिमाण के बराबर या उससे अधिक होता है। (पथ-लंबाई ≥ |विस्थापन|)

उदाहरण: एक व्यक्ति बिंदु O से चलकर 5 मीटर पूर्व में बिंदु A तक जाता है और फिर 2 मीटर पश्चिम में बिंदु B पर वापस आता है।

  • पथ-लंबाई = 5 मी + 2 मी = 7 मी
  • विस्थापन = अंतिम स्थिति (B) - प्रारंभिक स्थिति (O) = (+3 मी) - (0 मी) = +3 मी (पूर्व की ओर)

2. चाल और वेग (Speed and Velocity)

  • औसत चाल (Average Speed): कुल पथ-लंबाई को कुल समय अंतराल से विभाजित करने पर प्राप्त होती है।
    • सूत्र: औसत चाल = कुल पथ-लंबाई / कुल समय
    • यह एक अदिश राशि है।
  • औसत वेग (Average Velocity): कुल विस्थापन को कुल समय अंतराल से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
    • सूत्र: औसत वेग (v̄) = कुल विस्थापन (Δx) / कुल समय (Δt) = (x₂ - x₁) / (t₂ - t₁)
    • यह एक सदिश राशि है।
  • तात्क्षणिक वेग (Instantaneous Velocity): किसी विशेष क्षण पर वस्तु का वेग। यह समय अंतराल (Δt) के शून्य की ओर अग्रसर होने पर औसत वेग की सीमा होती है।
    • कलन (Calculus) में: v = dx/dt (स्थिति का समय के सापेक्ष अवकलन)
  • तात्क्षणिक चाल (Instantaneous Speed): किसी क्षण पर वस्तु की चाल, जो तात्क्षणिक वेग के परिमाण के बराबर होती है।

3. त्वरण (Acceleration)

  • वेग में परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।
  • औसत त्वरण (Average Acceleration): वेग में कुल परिवर्तन को कुल समय अंतराल से विभाजित करने पर प्राप्त होता है।
    • सूत्र: ā = वेग में परिवर्तन (Δv) / समय अंतराल (Δt) = (v₂ - v₁) / (t₂ - t₁)
    • यह एक सदिश राशि है।
  • तात्क्षणिक त्वरण (Instantaneous Acceleration): किसी विशेष क्षण पर वस्तु का त्वरण।
    • कलन (Calculus) में: a = dv/dt = d(dx/dt)/dt = d²x/dt²
  • त्वरण के प्रकार:
    • धनात्मक त्वरण: जब वेग समय के साथ बढ़ता है (वेग की दिशा में त्वरण)।
    • ऋणात्मक त्वरण (मंदन - Retardation): जब वेग समय के साथ घटता है (वेग की विपरीत दिशा में त्वरण)।
    • शून्य त्वरण: जब वस्तु एकसमान वेग से गति कर रही हो।

4. एकसमान त्वरित गति के लिए गति के समीकरण (Equations of Motion for Uniformly Accelerated Motion)

ये समीकरण केवल तभी लागू होते हैं जब त्वरण (a) स्थिर (constant) हो।

  1. प्रथम समीकरण (वेग-समय संबंध):
    v = u + at
  2. द्वितीय समीकरण (स्थिति-समय संबंध):
    s = ut + (1/2)at²
  3. तृतीय समीकरण (वेग-स्थिति संबंध):
    v² = u² + 2as

जहाँ:

  • u = प्रारंभिक वेग (Initial velocity)
  • v = अंतिम वेग (Final velocity)
  • a = एकसमान त्वरण (Constant acceleration)
  • t = समय (Time)
  • s = विस्थापन (Displacement)

5. गुरुत्व के अधीन गति (Motion under Gravity)

यह एकसमान त्वरित गति का एक विशिष्ट उदाहरण है, जहाँ त्वरण गुरुत्वीय त्वरण g (≈ 9.8 m/s²) होता है।

  • ऊपर की ओर गति (Upward Motion):

    • त्वरण a = -g लिया जाता है (क्योंकि यह गति के विपरीत है)।
    • v = u - gt
    • h = ut - (1/2)gt²
    • v² = u² - 2gh
    • उच्चतम बिंदु पर, अंतिम वेग v = 0 होता है।
  • नीचे की ओर गति (Downward Motion):

    • त्वरण a = +g लिया जाता है (क्योंकि यह गति की दिशा में है)।
    • v = u + gt
    • h = ut + (1/2)gt²
    • v² = u² + 2gh
    • यदि वस्तु को विरामावस्था से गिराया जाए, तो प्रारंभिक वेग u = 0 होता है।

6. आपेक्षिक वेग (Relative Velocity)

एक वस्तु का वेग दूसरी वस्तु के सापेक्ष।

  • यदि दो वस्तुएँ A और B एक ही दिशा में क्रमशः v_A और v_B वेग से चल रही हैं, तो B के सापेक्ष A का आपेक्षिक वेग:
    v_AB = v_A - v_B
  • यदि दोनों वस्तुएँ विपरीत दिशाओं में चल रही हैं, तो B के सापेक्ष A का आपेक्षिक वेग:
    v_AB = v_A - (-v_B) = v_A + v_B

7. गति के ग्राफीय निरूपण (Graphical Representation of Motion)

  • स्थिति-समय ग्राफ (x-t Graph):
    • ग्राफ का ढलान (Slope) वस्तु का वेग देता है। (ढलान = tanθ = Δx/Δt = वेग)
    • एक सीधी रेखा एकसमान वेग को दर्शाती है।
    • एक वक्र (curve) परिवर्ती वेग (त्वरित गति) को दर्शाता है।
  • वेग-समय ग्राफ (v-t Graph):
    • ग्राफ का ढलान (Slope) वस्तु का त्वरण देता है। (ढलान = tanθ = Δv/Δt = त्वरण)
    • ग्राफ और समय-अक्ष के बीच का क्षेत्रफल (Area) विस्थापन देता है।
    • समय-अक्ष के समानांतर एक सीधी रेखा एकसमान वेग (शून्य त्वरण) को दर्शाती है।

अभ्यास के लिए बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: एक कण एक अर्धवृत्ताकार पथ पर चलता है जिसकी त्रिज्या 'r' है। कण द्वारा तय की गई पथ-लंबाई और विस्थापन का अनुपात क्या होगा?
(a) π : 1
(b) π : 2
(c) 2 : π
(d) 1 : 1

प्रश्न 2: यदि किसी वस्तु का विस्थापन शून्य है, तो उसके द्वारा तय की गई पथ-लंबाई:
(a) शून्य होनी चाहिए
(b) ऋणात्मक होनी चाहिए
(c) शून्य हो भी सकती है और नहीं भी
(d) धनात्मक होनी चाहिए

प्रश्न 3: वेग-समय (v-t) ग्राफ का ढलान क्या दर्शाता है?
(a) विस्थापन
(b) चाल
(c) त्वरण
(d) तय की गई दूरी

प्रश्न 4: एक कार विरामावस्था से शुरू होकर 2 m/s² के एकसमान त्वरण से चलती है। 5 सेकंड के बाद उसका वेग क्या होगा?
(a) 5 m/s
(b) 10 m/s
(c) 2 m/s
(d) 2.5 m/s

प्रश्न 5: एक गेंद को 20 m/s के वेग से ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर फेंका जाता है। उसके उच्चतम बिंदु पर, इसका वेग और त्वरण क्रमशः क्या होंगे? (g = 10 m/s² लें)
(a) 0 m/s, 10 m/s²
(b) 20 m/s, 0 m/s²
(c) 0 m/s, 0 m/s²
(d) 20 m/s, 10 m/s²

प्रश्न 6: स्थिति-समय (x-t) ग्राफ में, समय-अक्ष के समानांतर एक सीधी रेखा क्या दर्शाती है?
(a) वस्तु एकसमान वेग से चल रही है
(b) वस्तु त्वरित गति में है
(c) वस्तु विरामावस्था में है
(d) वस्तु वापस लौट रही है

प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन सी एक सदिश राशि है?
(a) दूरी
(b) चाल
(c) विस्थापन
(d) ऊर्जा

प्रश्न 8: एक वस्तु पहले 3 सेकंड में 18 मीटर और अगले 3 सेकंड में 22 मीटर की दूरी तय करती है। वस्तु का औसत वेग क्या है, यदि गति एक ही दिशा में है?
(a) 6.67 m/s
(b) 7.0 m/s
(c) 5.0 m/s
(d) 8.0 m/s

प्रश्न 9: जब कोई वस्तु मुक्त रूप से गिरती है, तो उसकी:
(a) गति एकसमान होती है
(b) वेग एकसमान होता है
(c) त्वरण एकसमान होता है
(d) कोई भी चीज एकसमान नहीं होती

प्रश्न 10: एक ट्रेन 60 km/h की गति से चल रही है। ब्रेक लगाने पर वह -0.5 m/s² का मंदन उत्पन्न करती है। ट्रेन रुकने से पहले कितनी दूरी तय करेगी?
(a) 277.8 मी
(b) 250 मी
(c) 300 मी
(d) 200 मी


उत्तरमाला (Answer Key):

  1. (b)
  2. (c)
  3. (c)
  4. (b)
  5. (a)
  6. (c)
  7. (c)
  8. (a)
  9. (c)
  10. (a)

हल संकेत:

  • प्रश्न 1: पथ-लंबाई = πr, विस्थापन = व्यास = 2r. अनुपात = πr / 2r = π/2.
  • प्रश्न 4: v = u + at = 0 + (2)(5) = 10 m/s.
  • प्रश्न 8: औसत वेग = कुल विस्थापन / कुल समय = (18+22) / (3+3) = 40/6 = 6.67 m/s.
  • प्रश्न 10: पहले u = 60 km/h को m/s में बदलें (60 * 5/18 = 16.67 m/s)। फिर v² = u² + 2as का प्रयोग करें। 0² = (16.67)² + 2(-0.5)s. इससे s ≈ 277.8 मी आएगा।

इन नोट्स को अच्छी तरह से पढ़ें और दिए गए प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें। आपकी परीक्षा के लिए शुभकामनाएँ

Read more

Class 12 Hindi Notes Kavita 3 (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय: यह दीप अकेला; मैंने देखा एक बूँद) – Antra Book

प्रिय विद्यार्थियों, आज हम कक्षा 12 की हिंदी ऐच्छिक की पाठ्यपुस्तक 'अंतरा भाग 2' में संकलित कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्

By NCERT Books

Class 12 Hindi Notes Kavita 2 (सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’: गीत गाने दो मुझे; सरोज-स्मृति) – Antra Book

प्रिय विद्यार्थियों, आज हम सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ द्वारा रचित दो महत्त्वपूर्ण कविताओं – ‘गीत गाने दो मुझे’ और ‘सरोज-स्मृति’ – का वि

By NCERT Books