Class 11 Physics Notes Chapter 4 (Chapter 4) – Examplar Problems (Hindi) Book

नमस्ते विद्यार्थियों। चलिए, आज हम कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 4, 'समतल में गति' के उन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे जो सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह अध्याय सदिश (vectors) और द्विविमीय गति (2D motion) की समझ के लिए नींव का काम करता है।
अध्याय 4: समतल में गति (Motion in a Plane) - विस्तृत नोट्स
इस अध्याय में हम किसी वस्तु की गति का अध्ययन करते हैं जो एक सीधी रेखा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक समतल (जैसे X-Y तल) में होती है।
1. अदिश एवं सदिश राशियाँ (Scalars and Vectors)
- अदिश (Scalar): वे भौतिक राशियाँ जिन्हें व्यक्त करने के लिए केवल परिमाण (magnitude) की आवश्यकता होती है, दिशा की नहीं।
- उदाहरण: दूरी, चाल, द्रव्यमान, समय, कार्य, ऊर्जा, तापमान।
- सदिश (Vector): वे भौतिक राशियाँ जिन्हें व्यक्त करने के लिए परिमाण और दिशा दोनों की आवश्यकता होती है। ये सदिश योग के नियमों का पालन करती हैं।
- उदाहरण: विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग।
- निरूपण: एक तीर (→) द्वारा, जिसकी लंबाई परिमाण को और नोक दिशा को दर्शाती है। जैसे: $\vec{A}$
2. सदिशों का योग (Vector Addition)
दो या दो से अधिक सदिशों को जोड़ने के लिए विशेष नियमों का उपयोग किया जाता है।
-
त्रिभुज का नियम (Triangle Law): यदि दो सदिशों को परिमाण और दिशा में एक त्रिभुज की दो क्रमागत भुजाओं द्वारा दर्शाया जाए, तो उनका परिणामी सदिश विपरीत क्रम में ली गई त्रिभुज की तीसरी भुजा द्वारा दर्शाया जाएगा।
-
समांतर चतुर्भुज का नियम (Parallelogram Law): यदि दो सदिशों को परिमाण और दिशा में एक समांतर चतुर्भुज की दो आसन्न भुजाओं द्वारा दर्शाया जाए, तो उनका परिणामी सदिश उस विकर्ण द्वारा दर्शाया जाएगा जो उन भुजाओं के कटान बिंदु से होकर जाता है।
- परिणामी सदिश का परिमाण:
$R = \sqrt{A^2 + B^2 + 2AB\cos\theta}$
जहाँ A और B दो सदिशों के परिमाण हैं और θ उनके बीच का कोण है। - परिणामी सदिश की दिशा:
$\tan\alpha = \frac{B\sin\theta}{A + B\cos\theta}$
जहाँ α, परिणामी सदिश $\vec{R}$ का सदिश $\vec{A}$ के साथ बनाया गया कोण है।
- परिणामी सदिश का परिमाण:
3. सदिशों का वियोजन (Resolution of Vectors)
किसी सदिश को दो या दो से अधिक घटकों में विभाजित करना सदिश का वियोजन कहलाता है। समकोणीय घटक सबसे महत्वपूर्ण हैं।
- यदि कोई सदिश $\vec{A}$, x-अक्ष के साथ θ कोण बनाता है, तो:
- x-घटक (क्षैतिज घटक): $A_x = A\cos\theta$
- y-घटक (ऊर्ध्वाधर घटक): $A_y = A\sin\theta$
- हम लिख सकते हैं: $\vec{A} = A_x\hat{i} + A_y\hat{j}$
4. प्रक्षेप्य गति (Projectile Motion)
जब किसी पिंड को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में किसी प्रारंभिक वेग से फेंका जाता है (ऊर्ध्वाधर दिशा के अलावा), तो वह एक परवलयाकार (parabolic) पथ पर गति करता है। इस गति को प्रक्षेप्य गति कहते हैं। (वायु प्रतिरोध को नगण्य माना जाता है)।
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मुख्य अवधारणा: प्रक्षेप्य की गति दो स्वतंत्र गतियों का संयोजन है:
- क्षैतिज गति: नियत वेग से गति (त्वरण, $a_x = 0$)।
- ऊर्ध्वाधर गति: नियत त्वरण (गुरुत्वीय त्वरण, $a_y = -g$) से गति।
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महत्वपूर्ण सूत्र: (जहाँ u = प्रारंभिक वेग, θ = प्रक्षेपण कोण)
- पथ का समीकरण (Equation of Trajectory):
$y = (\tan\theta)x - \frac{g}{2u2\cos2\theta}x^2$
यह एक परवलय का समीकरण है। - उड्डयन काल (Time of Flight, T): पिंड जितने समय तक हवा में रहता है।
$T = \frac{2u\sin\theta}{g}$ - अधिकतम ऊँचाई (Maximum Height, H):
$H = \frac{u2\sin2\theta}{2g}$ - क्षैतिज परास (Horizontal Range, R):
$R = \frac{u^2\sin(2\theta)}{g}$ - महत्वपूर्ण बिंदु: अधिकतम परास (Maximum Range) के लिए प्रक्षेपण कोण θ = 45° होना चाहिए।
- पथ का समीकरण (Equation of Trajectory):
5. एकसमान वृत्तीय गति (Uniform Circular Motion)
जब कोई कण एक वृत्ताकार पथ पर एकसमान चाल (constant speed) से गति करता है, तो उसकी गति को एकसमान वृत्तीय गति कहते हैं।
- विशेषताएँ:
- चाल (Speed): नियत रहती है।
- वेग (Velocity): लगातार बदलता रहता है क्योंकि दिशा हर बिंदु पर बदलती है।
- त्वरण (Acceleration): वेग में परिवर्तन के कारण एक त्वरण उत्पन्न होता है, जिसे अभिकेंद्रीय त्वरण (Centripetal Acceleration) कहते हैं।
- इसकी दिशा हमेशा वृत्त के केंद्र की ओर होती है।
- परिमाण: $a_c = \frac{v^2}{r} = \omega^2r$
(जहाँ v = रैखिक चाल, r = वृत्त की त्रिज्या, ω = कोणीय वेग)
- कोणीय वेग (Angular Velocity, ω): ω = Δθ/Δt, इसका मात्रक rad/s है।
- रैखिक वेग और कोणीय वेग में संबंध: $v = \omega r$
अभ्यास के लिए 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन सी एक सदिश राशि है?
(a) कार्य
(b) शक्ति
(c) कोणीय संवेग
(d) ऊर्जा
प्रश्न 2: यदि दो सदिशों $\vec{A}$ और $\vec{B}$ का परिणामी $\vec{R}$ है, और $|\vec{A}| = |\vec{B}| = |\vec{R}|$ है, तो $\vec{A}$ और $\vec{B}$ के बीच का कोण कितना होगा?
(a) 90°
(b) 120°
(c) 60°
(d) 0°
प्रश्न 3: प्रक्षेप्य गति में, उच्चतम बिंदु पर वेग और त्वरण के बीच का कोण होता है:
(a) 0°
(b) 45°
(c) 90°
(d) 180°
प्रश्न 4: एकसमान वृत्तीय गति में क्या स्थिर रहता है?
(a) वेग
(b) त्वरण
(c) गतिज ऊर्जा
(d) संवेग
प्रश्न 5: एक प्रक्षेप्य का क्षैतिज परास उसकी अधिकतम ऊँचाई का चार गुना है। प्रक्षेपण का कोण क्या है?
(a) 30°
(b) 45°
(c) 60°
(d) 75°
प्रश्न 6: एक कण 'r' त्रिज्या के वृत्ताकार पथ पर एकसमान चाल 'v' से गति कर रहा है। आधे चक्कर के बाद उसका विस्थापन कितना होगा?
(a) 2πr
(b) πr
(c) 2r
(d) शून्य
प्रश्न 7: यदि $\vec{A} \cdot \vec{B} = 0$ हो, तो इसका अर्थ है कि:
(a) $\vec{A}$ और $\vec{B}$ समांतर हैं।
(b) $\vec{A}$ और $\vec{B}$ लंबवत हैं।
(c) $\vec{A}$ शून्य सदिश है।
(d) $\vec{B}$ शून्य सदिश है।
प्रश्न 8: प्रक्षेप्य गति के दौरान, निम्नलिखित में से कौन सी राशि संरक्षित रहती है?
(a) वेग का ऊर्ध्वाधर घटक
(b) वेग का क्षैतिज घटक
(c) त्वरण
(d) गतिज ऊर्जा
प्रश्न 9: एक घड़ी की सेकंड की सुई का कोणीय वेग (rad/s में) क्या है?
(a) π/60
(b) π/30
(c) 2π
(d) π
प्रश्न 10: किसी सदिश $\vec{A} = 3\hat{i} + 4\hat{j}$ का परिमाण क्या है?
(a) 3
(b) 4
(c) 5
(d) 7
उत्तर और व्याख्या
- (c) कोणीय संवेग: कार्य, शक्ति और ऊर्जा अदिश राशियाँ हैं। कोणीय संवेग एक सदिश राशि है।
- (b) 120°: सूत्र $R^2 = A^2 + B^2 + 2AB\cos\theta$ का उपयोग करें। यदि A=B=R=x, तो $x^2 = x^2 + x^2 + 2x^2\cos\theta$, जिससे $\cos\theta = -1/2$ आता है। अतः θ = 120°.
- (c) 90°: उच्चतम बिंदु पर, वेग केवल क्षैतिज दिशा में होता है (u cosθ) और त्वरण (g) हमेशा नीचे की ओर (ऊर्ध्वाधर) होता है। अतः कोण 90° है।
- (c) गतिज ऊर्जा: एकसमान वृत्तीय गति में चाल (v) नियत रहती है। गतिज ऊर्जा (1/2 mv²) केवल चाल के परिमाण पर निर्भर करती है, इसलिए यह स्थिर रहती है। वेग, त्वरण और संवेग दिशा बदलने के कारण बदलते रहते हैं।
- (b) 45°: दिया है R = 4H.
$\frac{u^2\sin(2\theta)}{g} = 4 \times \frac{u2\sin2\theta}{2g}$
$2\sin\theta\cos\theta = 2\sin^2\theta$
$\cos\theta = \sin\theta \implies \tan\theta = 1 \implies \theta = 45°$. - (c) 2r: आधे चक्कर के बाद, कण व्यास के विपरीत छोर पर होगा। प्रारंभिक और अंतिम बिंदुओं के बीच की सीधी दूरी वृत्त के व्यास (2r) के बराबर होती है।
- (b) $\vec{A}$ और $\vec{B}$ लंबवत हैं: दो अशून्य सदिशों का अदिश गुणनफल (Dot Product) शून्य तभी होता है जब वे एक दूसरे के लंबवत (perpendicular) हों, क्योंकि $\vec{A} \cdot \vec{B} = AB\cos\theta$ और $\cos(90°) = 0$.
- (b) वेग का क्षैतिज घटक: वायु प्रतिरोध को नगण्य मानने पर, क्षैतिज दिशा में कोई बल या त्वरण नहीं होता है, इसलिए वेग का क्षैतिज घटक (u cosθ) हमेशा नियत रहता है।
- (b) π/30: सेकंड की सुई 60 सेकंड में एक पूरा चक्कर (2π रेडियन) लगाती है। कोणीय वेग ω = Δθ/Δt = 2π / 60 = π/30 rad/s.
- (c) 5: किसी सदिश $\vec{A} = A_x\hat{i} + A_y\hat{j}$ का परिमाण $|\vec{A}| = \sqrt{A_x^2 + A_y^2}$ होता है। यहाँ, $|\vec{A}| = \sqrt{3^2 + 4^2} = \sqrt{9 + 16} = \sqrt{25} = 5$.
इन नोट्स और प्रश्नों का अच्छी तरह से अध्ययन करें। यह आपकी तैयारी को और मजबूत करेगा। शुभकामनाएँ