Class 11 Physics Notes Chapter 5 (Chapter 5) – Bhautiki-II Book

चलिए, आज हम भौतिकी के एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय, 'गति के नियम' का अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी 11वीं कक्षा के लिए, बल्कि सभी सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं, जैसे- NEET, JEE, NDA, और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए भी नींव का पत्थर है। हम इसके हर एक सिद्धांत को विस्तार से समझेंगे।
अध्याय 5: गति के नियम (Laws of Motion) - विस्तृत नोट्स
इस अध्याय में हम बल और जड़त्व की अवधारणा को समझेंगे और न्यूटन द्वारा दिए गए गति के तीन नियमों का अध्ययन करेंगे।
1. भूमिका और अरस्तू की भ्रामकता (Introduction and Aristotle's Fallacy)
- अरस्तू का विचार: किसी वस्तु को गतिमान बनाए रखने के लिए एक बाह्य बल की आवश्यकता होती है। यह एक सामान्य अनुभव पर आधारित था, जहाँ घर्षण को अनदेखा किया गया था।
- गैलीलियो का सुधार: गैलीलियो ने जड़त्व का नियम दिया। उन्होंने बताया कि किसी वस्तु को गतिमान बनाए रखने के लिए नहीं, बल्कि उसकी गति की अवस्था में परिवर्तन करने के लिए बाह्य बल की आवश्यकता होती है। यदि कोई बाह्य बल न हो, तो वस्तु अपनी विरामावस्था या एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है।
2. जड़त्व (Inertia)
- परिभाषा: किसी वस्तु का वह गुण, जिसके कारण वह अपनी विरामावस्था या एकसमान गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है, जड़त्व कहलाता है।
- जड़त्व का मापन: वस्तु का द्रव्यमान (mass) ही उसके जड़त्व का माप है। जिस वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होगा, उसका जड़त्व भी उतना ही अधिक होगा।
- उदाहरण: एक रुकी हुई ट्रेन को धकेलना एक साइकिल को धकेलने से कहीं अधिक कठिन है, क्योंकि ट्रेन का द्रव्यमान (और इसलिए जड़त्व) बहुत अधिक है।
3. न्यूटन के गति के नियम (Newton's Laws of Motion)
a) न्यूटन का प्रथम नियम (जड़त्व का नियम - Law of Inertia)
- कथन: "प्रत्येक वस्तु अपनी विरामावस्था अथवा सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है, जब तक उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्य न करे।"
- व्याख्या: यह नियम बल की गुणात्मक परिभाषा (qualitative definition) देता है। यह बताता है कि बल वह कारक है जो वस्तु की अवस्था में परिवर्तन करता है या करने का प्रयास करता है।
- उदाहरण:
- बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं (गति का जड़त्व)।
- चलती बस के अचानक रुकने पर यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं (विराम का जड़त्व)।
- कंबल को डंडे से पीटने पर धूल के कण अलग हो जाते हैं।
b) न्यूटन का द्वितीय नियम (The Law of Force)
- संवेग (Momentum): किसी वस्तु के द्रव्यमान (m) और उसके वेग (v) के गुणनफल को उसका संवेग (p) कहते हैं।
- सूत्र: p = mv
- यह एक सदिश राशि है, जिसकी दिशा वेग की दिशा में होती है।
- SI मात्रक: kg m/s
- कथन: "किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए बाह्य असंतुलित बल के समानुपाती होती है और यह परिवर्तन बल की दिशा में होता है।"
- गणितीय रूप:
F ∝ (dp/dt)
F = k (dp/dt)
चूँकि p = mv, तो F = k d(mv)/dt = km (dv/dt)
हम जानते हैं कि dv/dt = a (त्वरण)
तो, F = kma
SI मात्रकों में k=1 होता है।- अंतिम सूत्र: F = ma
- व्याख्या: यह नियम बल का परिमाणात्मक माप (quantitative measure) देता है। 1 न्यूटन वह बल है जो 1 kg द्रव्यमान की वस्तु में 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न कर दे।
- आवेग (Impulse): जब कोई बड़ा बल बहुत कम समय के लिए किसी वस्तु पर कार्य करता है, तो बल और समय अंतराल के गुणनफल को आवेग कहते हैं।
- सूत्र: आवेग (I) = F × Δt = Δp (संवेग में परिवर्तन)
c) न्यूटन का तृतीय नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम - Law of Action and Reaction)
- कथन: "प्रत्येक क्रिया के बराबर तथा विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है।" (To every action, there is an equal and opposite reaction.)
- महत्वपूर्ण बिंदु:
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल हमेशा दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं।
- ये बल परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत होते हैं।
- ये बल हमेशा युग्म (pair) में होते हैं।
- उदाहरण:
- रॉकेट का प्रक्षेपण: रॉकेट से निकलने वाली गैसें (क्रिया) रॉकेट को ऊपर की ओर धकेलती हैं (प्रतिक्रिया)।
- बंदूक से गोली चलाना: गोली आगे की ओर जाती है (क्रिया), और बंदूक पीछे की ओर झटका देती है (प्रतिक्रिया)।
- चलना: हम जमीन को पीछे की ओर धकेलते हैं (क्रिया), और जमीन हमें आगे की ओर धकेलती है (प्रतिक्रिया)।
4. संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum)
- कथन: "यदि किसी निकाय (system) पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्य नहीं कर रहा हो, तो उस निकाय का कुल रैखिक संवेग संरक्षित (constant) रहता है।"
- व्युत्पत्ति: न्यूटन के द्वितीय नियम से, F_ext = dp/dt.
यदि F_ext = 0, तो dp/dt = 0, जिसका अर्थ है p = नियतांक (constant)। - अनुप्रयोग: टक्कर (collisions), बम विस्फोट, रॉकेट नोदन।
5. घर्षण (Friction)
- परिभाषा: घर्षण एक संपर्क बल है जो दो सतहों के बीच सापेक्ष गति (relative motion) का विरोध करता है।
- घर्षण के प्रकार:
- स्थैतिक घर्षण (Static Friction, fₛ): जब वस्तु स्थिर होती है। यह एक स्व-समायोजन (self-adjusting) बल है। इसका अधिकतम मान सीमांत घर्षण (limiting friction) कहलाता है।
- fₛ ≤ μₛN (μₛ = स्थैतिक घर्षण गुणांक, N = अभिलंब प्रतिक्रिया)
- गतिक घर्षण (Kinetic Friction, fₖ): जब वस्तु गतिमान होती है। इसका मान नियत होता है और स्थैतिक घर्षण के अधिकतम मान से कम होता है।
- fₖ = μₖN (μₖ = गतिक घर्षण गुणांक)
- लोटनिक घर्षण (Rolling Friction): जब कोई वस्तु किसी सतह पर लुढ़कती है। यह सबसे कम घर्षण होता है।
- स्थैतिक घर्षण (Static Friction, fₛ): जब वस्तु स्थिर होती है। यह एक स्व-समायोजन (self-adjusting) बल है। इसका अधिकतम मान सीमांत घर्षण (limiting friction) कहलाता है।
6. वर्तुल गति (Circular Motion)
- जब कोई वस्तु एक वृत्ताकार पथ पर एकसमान चाल से गति करती है, तो उसकी गति की दिशा लगातार बदलती रहती है, जिससे उसमें एक त्वरण उत्पन्न होता है।
- इस त्वरण को अभिकेंद्रीय त्वरण (Centripetal Acceleration) कहते हैं, और इसकी दिशा हमेशा वृत्त के केंद्र की ओर होती है।
- a_c = v²/r
- इस त्वरण को उत्पन्न करने के लिए आवश्यक बल को अभिकेंद्रीय बल (Centripetal Force) कहते हैं।
- F_c = ma_c = mv²/r
- ध्यान दें: अभिकेंद्रीय बल कोई नया बल नहीं है, बल्कि यह तनाव, गुरुत्वाकर्षण, या घर्षण जैसे बलों द्वारा प्रदान किया जाता है।
- उदाहरण: मोड़ पर कार को मुड़ने के लिए आवश्यक अभिकेंद्रीय बल टायरों और सड़क के बीच घर्षण बल से मिलता है।
अभ्यास के लिए 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: किसी वस्तु का जड़त्व निर्भर करता है:
(a) वस्तु के वेग पर
(b) वस्तु के त्वरण पर
(c) वस्तु के द्रव्यमान पर
(d) वस्तु पर लगने वाले बल पर
उत्तर: (c) वस्तु के द्रव्यमान पर
व्याख्या: जड़त्व किसी वस्तु का वह आंतरिक गुण है जो उसकी अवस्था में परिवर्तन का विरोध करता है और यह केवल वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
प्रश्न 2: एक बम विरामावस्था में फटकर दो बराबर द्रव्यमान के टुकड़ों में बँट जाता है। ये दोनों टुकड़े:
(a) समान वेग से एक ही दिशा में जाएंगे
(b) समान वेग से विपरीत दिशाओं में जाएंगे
(c) भिन्न वेग से किसी भी दिशा में जाएंगे
(d) विरामावस्था में रहेंगे
उत्तर: (b) समान वेग से विपरीत दिशाओं में जाएंगे
व्याख्या: संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, विस्फोट से पहले कुल संवेग शून्य था, इसलिए विस्फोट के बाद भी कुल संवेग शून्य होना चाहिए। यह तभी संभव है जब दोनों टुकड़े बराबर वेग से विपरीत दिशाओं में गति करें।
प्रश्न 3: न्यूटन का गति का द्वितीय नियम ________ का माप देता है।
(a) त्वरण
(b) बल
(c) संवेग
(d) कोणीय संवेग
उत्तर: (b) बल
व्याख्या: न्यूटन का द्वितीय नियम (F=ma) बल को द्रव्यमान और त्वरण के गुणनफल के रूप में परिभाषित करता है, जिससे बल का परिमाण मापा जा सकता है।
प्रश्न 4: एक घुमावदार सड़क पर कार को सुरक्षित रूप से मोड़ने के लिए आवश्यक अभिकेंद्रीय बल कहाँ से प्राप्त होता है?
(a) कार के इंजन से
(b) गुरुत्वाकर्षण बल से
(c) सड़क और टायरों के बीच घर्षण बल से
(d) हवा के प्रतिरोध से
उत्तर: (c) सड़क और टायरों के बीच घर्षण बल से
व्याख्या: घर्षण बल ही कार को अंदर की ओर (केंद्र की ओर) आवश्यक बल प्रदान करता है जिससे वह वृत्ताकार पथ पर मुड़ पाती है।
प्रश्न 5: क्रिया और प्रतिक्रिया बल:
(a) एक ही वस्तु पर कार्य करते हैं
(b) दो भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं
(c) एक दूसरे को निरस्त कर देते हैं
(d) परिमाण में भिन्न हो सकते हैं
उत्तर: (b) दो भिन्न वस्तुओं पर कार्य करते हैं
व्याख्या: न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार, क्रिया और प्रतिक्रिया हमेशा अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, इसीलिए वे एक-दूसरे को निरस्त नहीं करते।
प्रश्न 6: एक 5 kg की वस्तु पर 2 सेकंड के लिए एक नियत बल कार्य करता है। यह वस्तु के वेग को 3 m/s से 7 m/s तक बढ़ा देता है। लगाए गए बल का परिमाण है:
(a) 5 N
(b) 10 N
(c) 15 N
(d) 20 N
उत्तर: (b) 10 N
व्याख्या: त्वरण a = (v-u)/t = (7-3)/2 = 2 m/s²। बल F = ma = 5 kg × 2 m/s² = 10 N.
प्रश्न 7: स्थैतिक घर्षण गुणांक (μₛ) और गतिक घर्षण गुणांक (μₖ) के बीच सही संबंध है:
(a) μₛ > μₖ
(b) μₛ < μₖ
(c) μₛ = μₖ
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (a) μₛ > μₖ
व्याख्या: किसी वस्तु को गतिमान करना, उसे गति में बनाए रखने से अधिक कठिन होता है। इसलिए स्थैतिक घर्षण का अधिकतम मान (सीमांत घर्षण) हमेशा गतिक घर्षण से अधिक होता है।
प्रश्न 8: 'आवेग' की विमा (dimension) किसके समान है?
(a) बल
(b) कार्य
(c) ऊर्जा
(d) संवेग
उत्तर: (d) संवेग
व्याख्या: आवेग-संवेग प्रमेय के अनुसार, आवेग संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है (I = Δp)। इसलिए दोनों की विमाएँ समान होती हैं [MLT⁻¹]।
प्रश्न 9: जब एक लिफ्ट एकसमान वेग से ऊपर की ओर जाती है, तो उसमें खड़े व्यक्ति का आभासी भार:
(a) बढ़ जाएगा
(b) घट जाएगा
(c) वास्तविक भार के बराबर रहेगा
(d) शून्य हो जाएगा
उत्तर: (c) वास्तविक भार के बराबर रहेगा
व्याख्या: जब लिफ्ट एकसमान वेग से चलती है, तो उसका त्वरण शून्य (a=0) होता है। आभासी भार R = m(g+a) होता है। a=0 रखने पर, R = mg, जो वास्तविक भार के बराबर है।
प्रश्न 10: रॉकेट नोदन (Rocket propulsion) किस सिद्धांत पर आधारित है?
(a) ऊर्जा संरक्षण
(b) द्रव्यमान संरक्षण
(c) संवेग संरक्षण
(d) कोणीय संवेग संरक्षण
उत्तर: (c) संवेग संरक्षण
व्याख्या: रॉकेट से गैसें उच्च वेग से बाहर निकलती हैं, जिससे उनका कुछ संवेग होता है। निकाय का कुल संवेग संरक्षित रखने के लिए, रॉकेट विपरीत दिशा में संवेग प्राप्त करता है और आगे बढ़ता है। यह न्यूटन के तीसरे नियम का भी एक उदाहरण है।