Class 11 Physics Notes Chapter 5 (गति के नियम) – Bhautiki-I Book

चलिए, आज हम भौतिकी के एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय, 'गति के नियम' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी कक्षा 11 की परीक्षा के लिए, बल्कि विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सभी मुख्य अवधारणाओं को विस्तार से समझेंगे।
अध्याय 5: गति के नियम (Laws of Motion)
इस अध्याय में हम उस कारण का अध्ययन करते हैं जिससे वस्तुओं में गति उत्पन्न होती है या उनकी गति की अवस्था में परिवर्तन होता है। वह कारण है - बल (Force)।
1. जड़त्व (Inertia)
- परिभाषा: किसी वस्तु का वह गुण जिसके कारण वह अपनी विरामावस्था या एकसमान गति की अवस्था में स्वतः परिवर्तन करने में असमर्थ होती है, जड़त्व कहलाता है।
- सरल शब्दों में: यदि कोई वस्तु रुकी हुई है, तो वह रुकी ही रहना चाहती है और यदि वह चल रही है, तो वह चलती ही रहना चाहती है, जब तक कि उस पर कोई बाहरी बल न लगाया जाए।
- निर्भरता: वस्तु का जड़त्व उसके द्रव्यमान (mass) पर निर्भर करता है। जिस वस्तु का द्रव्यमान अधिक होता है, उसका जड़त्व भी अधिक होता है।
- उदाहरण: एक फुटबॉल को किक मारकर गति देना आसान है, जबकि उतने ही आकार के पत्थर को किक मारना मुश्किल है, क्योंकि पत्थर का द्रव्यमान और इसलिए जड़त्व अधिक है।
- जड़त्व के प्रकार:
- विराम का जड़त्व: चलती हुई बस के अचानक रुकने पर यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं।
- गति का जड़त्व: रुकी हुई बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं।
- दिशा का जड़त्व: जब कार अचानक मुड़ती है, तो हम बाहर की ओर एक बल महसूस करते हैं।
2. न्यूटन का गति का प्रथम नियम (Newton's First Law of Motion)
इस नियम को 'जड़त्व का नियम' भी कहते हैं।
- नियम: "प्रत्येक वस्तु अपनी विरामावस्था अथवा एक सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है, जब तक कि उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्य न करे।"
- यह नियम दो बातों को स्पष्ट करता है:
- बल की गुणात्मक परिभाषा: बल वह बाह्य कारक है जो किसी वस्तु की अवस्था (विराम या गति) में परिवर्तन करता है या करने का प्रयास करता है।
- जड़त्व की अवधारणा: यह नियम हमें जड़त्व के बारे में बताता है।
3. संवेग (Momentum)
- परिभाषा: किसी वस्तु के द्रव्यमान (m) तथा उसके वेग (v) के गुणनफल को उस वस्तु का संवेग (p) कहते हैं।
- सूत्र: p = m × v
- यह एक सदिश राशि है। इसकी दिशा वही होती है जो वेग की दिशा होती है।
- SI मात्रक: किलोग्राम-मीटर/सेकंड (kg m/s)।
4. न्यूटन का गति का द्वितीय नियम (Newton's Second Law of Motion)
यह नियम बल का परिमाण (magnitude) बताता है।
- नियम: "किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए बाह्य असंतुलित बल के अनुक्रमानुपाती होती है तथा यह परिवर्तन बल की दिशा में ही होता है।"
- गणितीय रूप:
- F ∝ (Δp / Δt)
- F = k (Δp / Δt)
- जहाँ, p = mv, तो Δp = mΔv
- F = k (mΔv / Δt)
- चूंकि, a = Δv / Δt (त्वरण), तो F = kma
- SI मात्रकों में, k = 1, इसलिए हमें सबसे प्रसिद्ध सूत्र प्राप्त होता है:
F = m × a
(बल = द्रव्यमान × त्वरण)
- बल का SI मात्रक: न्यूटन (N)।
- 1 न्यूटन की परिभाषा: 1 न्यूटन वह बल है जो 1 किलोग्राम द्रव्यमान की वस्तु में 1 m/s² का त्वरण उत्पन्न कर दे। (1 N = 1 kg m/s²)
5. आवेग (Impulse)
- परिभाषा: जब कोई बहुत बड़ा बल किसी वस्तु पर बहुत कम समय के लिए कार्य करता है, तो बल और समय अंतराल के गुणनफल को आवेग (Impulse, I) कहते हैं।
- सूत्र: आवेग (I) = बल (F) × समय अंतराल (Δt)
- आवेग-संवेग प्रमेय (Impulse-Momentum Theorem): किसी वस्तु पर लगाया गया आवेग उस वस्तु के संवेग में परिवर्तन के बराबर होता है।
- I = F × Δt = (ma) × Δt = m (aΔt) = mΔv = संवेग में परिवर्तन (Δp)
- उदाहरण: क्रिकेट का खिलाड़ी कैच लेते समय अपने हाथों को पीछे की ओर खींचता है। ऐसा करके वह गेंद को रोकने में लगने वाले समय (Δt) को बढ़ा देता है, जिससे उसके हाथों पर लगने वाले बल (F) का मान कम हो जाता है और उसे चोट नहीं लगती।
6. न्यूटन का गति का तृतीय नियम (Newton's Third Law of Motion)
इस नियम को 'क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम' भी कहते हैं।
- नियम: "प्रत्येक क्रिया की सदैव एक बराबर तथा विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।" (To every action, there is an equal and opposite reaction.)
- महत्वपूर्ण बिंदु:
- क्रिया और प्रतिक्रिया बल परिमाण में बराबर और दिशा में विपरीत होते हैं।
- ये बल सदैव दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं। इसलिए वे एक-दूसरे को निरस्त (cancel) नहीं करते।
- उदाहरण:
- रॉकेट का प्रक्षेपण: रॉकेट से गैसें (क्रिया) नीचे की ओर निकलती हैं, और गैसें रॉकेट पर ऊपर की ओर प्रतिक्रिया बल लगाती हैं, जिससे रॉकेट ऊपर उठता है।
- बंदूक से गोली चलाना: गोली (क्रिया) आगे की ओर जाती है, और बंदूक (प्रतिक्रिया) पीछे की ओर झटका देती है, जिसे प्रतिक्षेप (recoil) कहते हैं।
- चलना: हम अपने पैरों से जमीन को पीछे की ओर धकेलते हैं (क्रिया), और जमीन हमें आगे की ओर धकेलती है (प्रतिक्रिया)।
7. संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum)
- नियम: "यदि किसी निकाय (system) पर कोई बाह्य असंतुलित बल कार्य न कर रहा हो, तो उस निकाय का कुल रैखिक संवेग नियत (constant) रहता है।"
- अर्थात: टक्कर से पहले का कुल संवेग = टक्कर के बाद का कुल संवेग।
- m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂
- यह नियम न्यूटन के द्वितीय और तृतीय नियम का संयुक्त परिणाम है। रॉकेट नोदन, बंदूक का प्रतिक्षेप आदि इसी सिद्धांत पर आधारित हैं।
8. घर्षण (Friction)
-
परिभाषा: घर्षण एक संपर्क बल है जो दो सतहों के बीच होने वाली आपेक्षिक गति का विरोध करता है।
-
घर्षण के प्रकार:
- स्थैतिक घर्षण (Static Friction, fₛ): जब वस्तु विराम में होती है, तब लगने वाला घर्षण। यह एक स्व-समायोजित (self-adjusting) बल है। इसका अधिकतम मान सीमांत घर्षण (Limiting Friction) कहलाता है।
- fₛ ≤ μₛN (जहाँ μₛ स्थैतिक घर्षण गुणांक और N अभिलंब प्रतिक्रिया है)
- गतिक घर्षण (Kinetic Friction, fₖ): जब वस्तु गति में होती है, तब लगने वाला घर्षण। इसका मान नियत होता है और स्थैतिक घर्षण के अधिकतम मान से कम होता है।
- fₖ = μₖN (जहाँ μₖ गतिक घर्षण गुणांक है)
- लोटनिक घर्षण (Rolling Friction): जब कोई वस्तु किसी सतह पर लुढ़कती है। यह सबसे कम मान का घर्षण होता है।
- स्थैतिक घर्षण (Static Friction, fₛ): जब वस्तु विराम में होती है, तब लगने वाला घर्षण। यह एक स्व-समायोजित (self-adjusting) बल है। इसका अधिकतम मान सीमांत घर्षण (Limiting Friction) कहलाता है।
-
महत्वपूर्ण तथ्य: μₛ > μₖ (स्थैतिक घर्षण गुणांक, गतिक घर्षण गुणांक से बड़ा होता है)।
अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: चलती हुई बस के अचानक रुकने पर यात्री आगे की ओर क्यों झुक जाते हैं?
(a) गति के जड़त्व के कारण
(b) विराम के जड़त्व के कारण
(c) न्यूटन के तीसरे नियम के कारण
(d) संवेग संरक्षण के कारण
प्रश्न 2: 5 kg द्रव्यमान की एक वस्तु पर 20 N का बल लगाने पर उत्पन्न त्वरण कितना होगा?
(a) 100 m/s²
(b) 4 m/s²
(c) 0.25 m/s²
(d) 25 m/s²
प्रश्न 3: न्यूटन का गति का तीसरा नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) किन वस्तुओं पर लागू होता है?
(a) केवल एक ही वस्तु पर
(b) दो अलग-अलग वस्तुओं पर
(c) केवल विराम में रखी वस्तुओं पर
(d) केवल गतिमान वस्तुओं पर
प्रश्न 4: रॉकेट का प्रक्षेपण किस सिद्धांत पर आधारित है?
(a) न्यूटन का पहला नियम
(b) केवल न्यूटन का तीसरा नियम
(c) संवेग संरक्षण का सिद्धांत
(d) ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत
प्रश्न 5: आवेग का SI मात्रक क्या है?
(a) न्यूटन
(b) जूल
(c) न्यूटन-सेकंड
(d) पास्कल
प्रश्न 6: एक खिलाड़ी गेंद को कैच करते समय अपने हाथों को पीछे खींचता है, ताकि:
(a) गेंद पर अधिक बल लगाया जा सके
(b) संवेग परिवर्तन की दर को कम किया जा सके
(c) गेंद को जल्दी रोका जा सके
(d) जड़त्व को बढ़ाया जा सके
प्रश्न 7: निम्नलिखित में से किस घर्षण का मान सबसे कम होता है?
(a) स्थैतिक घर्षण
(b) सीमांत घर्षण
(c) गतिक घर्षण
(d) लोटनिक घर्षण
प्रश्न 8: "प्रत्येक वस्तु अपनी विरामावस्था या एकसमान गति की अवस्था में बनी रहती है जब तक उस पर कोई बाह्य बल न लगे।" यह कौन सा नियम है?
(a) न्यूटन का द्वितीय नियम
(b) न्यूटन का प्रथम नियम
(c) ऊर्जा संरक्षण का नियम
(d) न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम
प्रश्न 9: 10 ग्राम की एक गोली 100 m/s के वेग से 2 kg की बंदूक से दागी जाती है। बंदूक का प्रतिक्षेप वेग (recoil velocity) कितना होगा?
(a) -0.5 m/s
(b) -1 m/s
(c) -2 m/s
(d) -5 m/s
प्रश्न 10: बल की परिभाषा न्यूटन के किस नियम से मिलती है?
(a) केवल प्रथम नियम से
(b) केवल द्वितीय नियम से
(c) प्रथम और द्वितीय दोनों नियमों से
(d) तृतीय नियम से
उत्तर कुंजी:
- (a) गति के जड़त्व के कारण
- (b) 4 m/s² (हल: F=ma, a=F/m = 20/5 = 4)
- (b) दो अलग-अलग वस्तुओं पर
- (c) संवेग संरक्षण का सिद्धांत (यह न्यूटन के तीसरे नियम का ही एक परिणाम है, लेकिन अधिक सटीक उत्तर संवेग संरक्षण है)
- (c) न्यूटन-सेकंड (यह kg m/s के बराबर भी है)
- (b) संवेग परिवर्तन की दर को कम किया जा सके (जिससे बल कम हो जाता है)
- (d) लोटनिक घर्षण
- (b) न्यूटन का प्रथम नियम
- (a) -0.5 m/s (हल: संवेग संरक्षण से, m₁v₁ + m₂v₂ = 0; (0.01kg)(100m/s) + (2kg)v₂ = 0; v₂ = -1/2 = -0.5 m/s)
- (c) प्रथम और द्वितीय दोनों नियमों से (प्रथम नियम गुणात्मक परिभाषा देता है और द्वितीय नियम मात्रात्मक सूत्र देता है)