Class 11 Physics Notes Chapter 9 (Chapter 9) – Examplar Problems (Hindi) Book

Examplar Problems (Hindi)
नमस्ते विद्यार्थियों।

आज हम कक्षा 11 भौतिकी के NCERT Exemplar के अध्याय 9, 'ठोसों के यांत्रिक गुण' (Mechanical Properties of Solids) पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सीधे-सीधे सैद्धांतिक और आंकिक प्रश्न पूछे जाते हैं। चलिए, इसके मुख्य बिंदुओं को समझते हैं।

अध्याय 9: ठोसों के यांत्रिक गुण - विस्तृत नोट्स

1. परिचय (Introduction)
ठोस पदार्थ वे होते हैं जिनका आकार और आयतन निश्चित होता है। जब किसी ठोस पर कोई बाह्य बल (विರೂपक बल) लगाया जाता है, तो उसके आकार या आयतन या दोनों में परिवर्तन होता है। बल हटाने पर यदि वस्तु अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाती है, तो इस गुण को प्रत्यास्थता (Elasticity) कहते हैं। यदि वह वापस नहीं आती, तो इस गुण को प्लास्टिकता (Plasticity) कहते हैं।

2. प्रतिबल (Stress)
जब किसी वस्तु पर विरूपक बल लगाया जाता है, तो वस्तु के अंदर उसके एकांक क्षेत्रफल पर उत्पन्न होने वाले आंतरिक प्रत्यानयन बल को प्रतिबल कहते हैं।

  • सूत्र: प्रतिबल (σ) = बल (F) / क्षेत्रफल (A)
  • SI मात्रक: न्यूटन/मीटर² (N/m²) या पास्कल (Pa)
  • विमीय सूत्र: [ML⁻¹T⁻²]

प्रतिबल के प्रकार:

  • अनुदैर्ध्य प्रतिबल (Longitudinal Stress): जब बल वस्तु की लंबाई के अनुदिश लगाया जाता है। यह दो प्रकार का होता है:
    • तनन प्रतिबल (Tensile Stress): जब लंबाई में वृद्धि होती है।
    • संपीडन प्रतिबल (Compressive Stress): जब लंबाई में कमी होती है।
  • अपरूपण प्रतिबल (Shearing or Tangential Stress): जब बल वस्तु के पृष्ठ के स्पर्शरेखीय लगाया जाता है, जिससे उसके आयतन में परिवर्तन न होकर केवल आकार (रूप) में परिवर्तन होता है।
  • आयतनात्मक या अभिलंब प्रतिबल (Volume or Normal Stress): जब बल वस्तु के पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर लंबवत् लगाया जाता है, जिससे केवल उसके आयतन में परिवर्तन होता है। इसे दाब (Pressure) भी कहते हैं।

3. विकृति (Strain)
विरूपक बल के कारण वस्तु की विमा (लंबाई, आयतन या आकार) में होने वाले भिन्नात्मक परिवर्तन को विकृति कहते हैं।

  • यह एक विमाहीन और मात्रकहीन राशि है।

विकृति के प्रकार:

  • अनुदैर्ध्य विकृति (Longitudinal Strain): लंबाई में परिवर्तन (ΔL) और प्रारंभिक लंबाई (L) का अनुपात।
    • सूत्र: ΔL / L
  • अपरूपण विकृति (Shearing Strain): वस्तु की दो समांतर सतहों के बीच उत्पन्न कोणीय विस्थापन (θ)।
    • सूत्र: θ ≈ tanθ = x / L (जहाँ x सापेक्ष विस्थापन और L सतहों के बीच की दूरी है)
  • आयतन विकृति (Volume Strain): आयतन में परिवर्तन (ΔV) और प्रारंभिक आयतन (V) का अनुपात।
    • सूत्र: ΔV / V

4. हुक का नियम (Hooke's Law)
प्रत्यास्थता की सीमा के भीतर, किसी वस्तु में उत्पन्न प्रतिबल, उसमें उत्पन्न विकृति के अनुक्रमानुपाती होता है।

  • अर्थात्: प्रतिबल ∝ विकृति
  • सूत्र: प्रतिबल = E × विकृति
  • यहाँ E एक नियतांक है जिसे प्रत्यास्थता गुणांक (Modulus of Elasticity) कहते हैं। इसका मान पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करता है।

5. प्रतिबल-विकृति वक्र (Stress-Strain Curve)
यह वक्र किसी पदार्थ के प्रत्यास्थ व्यवहार को दर्शाता है।

  • अनुपातिक सीमा (Proportional Limit): वह बिंदु जहाँ तक प्रतिबल, विकृति के समानुपाती होता है (हुक का नियम लागू होता है)।
  • प्रत्यास्थ सीमा (Elastic Limit): वह अधिकतम प्रतिबल जहाँ तक वस्तु प्रत्यास्थ बनी रहती है। इस सीमा के बाद वस्तु में स्थायी विरूपण आ जाता है।
  • पराभव बिंदु (Yield Point): प्रत्यास्थ सीमा के बाद का वह बिंदु जहाँ बिना प्रतिबल बढ़ाए भी वस्तु में तेजी से विरूपण होता है।
  • भंजक बिंदु (Breaking Point): वह अधिकतम प्रतिबल जिस पर तार या वस्तु टूट जाती है।
  • तन्य पदार्थ (Ductile Materials): वे पदार्थ जिनमें प्लास्टिक विरूपण का क्षेत्र बड़ा होता है (जैसे - तांबा, सोना)।
  • भंगुर पदार्थ (Brittle Materials): वे पदार्थ जो प्रत्यास्थ सीमा के तुरंत बाद टूट जाते हैं (जैसे - काँच, सिरेमिक)।

6. प्रत्यास्थता गुणांक के प्रकार (Types of Modulus of Elasticity)

  • a) यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Young's Modulus, Y):

    • यह अनुदैर्ध्य प्रतिबल और अनुदैर्ध्य विकृति का अनुपात है।
    • सूत्र: Y = (F/A) / (ΔL/L)
    • यह पदार्थ की लंबाई में परिवर्तन के प्रतिरोध को मापता है। स्टील, रबर की तुलना में अधिक प्रत्यास्थ होता है क्योंकि समान विकृति के लिए स्टील में अधिक प्रतिबल की आवश्यकता होती है (Y_steel > Y_rubber)।
  • b) अपरूपण प्रत्यास्थता गुणांक या दृढ़ता गुणांक (Shear Modulus or Modulus of Rigidity, G):

    • यह अपरूपण प्रतिबल और अपरूपण विकृति का अनुपात है।
    • सूत्र: G = (F/A) / θ
    • यह पदार्थ के आकार (रूप) में परिवर्तन के प्रतिरोध को मापता है।
  • c) आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (Bulk Modulus, B):

    • यह आयतनात्मक प्रतिबल और आयतन विकृति का अनुपात है।
    • सूत्र: B = -P / (ΔV/V)
    • ऋणात्मक चिह्न यह दर्शाता है कि दाब (P) बढ़ने पर आयतन (V) घटता है।
    • संपीड्यता (Compressibility, k): यह आयतन प्रत्यास्थता गुणांक का व्युत्क्रम होती है। k = 1/B.

7. प्वासों अनुपात (Poisson's Ratio, σ)
प्रत्यास्थता सीमा के भीतर, पार्श्विक विकृति (lateral strain) तथा अनुदैर्ध्य विकृति (longitudinal strain) के अनुपात को प्वासों अनुपात कहते हैं।

  • सूत्र: σ = - (पार्श्विक विकृति) / (अनुदैर्ध्य विकृति) = - (ΔD/D) / (ΔL/L)
  • ऋणात्मक चिह्न यह सुनिश्चित करता है कि σ का मान धनात्मक हो (क्योंकि लंबाई बढ़ने पर व्यास घटता है)।
  • इसका सैद्धांतिक मान -1 से +0.5 के बीच होता है, परन्तु व्यावहारिक रूप से यह 0 से 0.5 के बीच होता है।

8. तार को खींचने में संचित प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा (Elastic Potential Energy)
जब किसी तार को खींचा जाता है, तो बाह्य बल द्वारा किया गया कार्य उसमें स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित हो जाता है।

  • प्रति एकांक आयतन में संचित ऊर्जा (ऊर्जा घनत्व):
    • U = ½ × प्रतिबल × विकृति
    • U = ½ × Y × (विकृति)²

अभ्यास के लिए 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: प्रतिबल का SI मात्रक क्या है?
(क) जूल
(ख) न्यूटन
(ग) पास्कल
(घ) वाट

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन सी राशि विमाहीन है?
(क) प्रतिबल
(ख) विकृति
(ग) यंग प्रत्यास्थता गुणांक
(घ) बल नियतांक

प्रश्न 3: हुक का नियम परिभाषित करता है:
(क) प्रतिबल
(ख) विकृति
(ग) प्रत्यास्थता गुणांक
(घ) प्रत्यास्थ सीमा

प्रश्न 4: स्टील और रबर में से कौन अधिक प्रत्यास्थ है और क्यों?
(क) रबर, क्योंकि यह अधिक खिंचता है।
(ख) स्टील, क्योंकि इसका यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक होता है।
(ग) दोनों समान रूप से प्रत्यास्थ हैं।
(घ) रबर, क्योंकि इसका यंग प्रत्यास्थता गुणांक कम होता है।

प्रश्न 5: किसी वस्तु के आकार (रूप) में परिवर्तन के लिए कौन सा प्रत्यास्थता गुणांक उत्तरदायी है?
(क) यंग प्रत्यास्थता गुणांक
(ख) आयतन प्रत्यास्थता गुणांक
(ग) दृढ़ता गुणांक (अपरूपण गुणांक)
(घ) प्वासों अनुपात

प्रश्न 6: आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (Bulk Modulus) के व्युत्क्रम को क्या कहते हैं?
(क) दृढ़ता
(ख) संपीड्यता
(ग) प्वासों अनुपात
(घ) घनत्व

प्रश्न 7: एक तार की लंबाई दोगुनी कर दी जाती है। इसका यंग प्रत्यास्थता गुणांक:
(क) दोगुना हो जाएगा
(ख) आधा हो जाएगा
(ग) चार गुना हो जाएगा
(घ) वही रहेगा

प्रश्न 8: प्रतिबल-विकृति वक्र में, प्रत्यास्थ सीमा और भंजक बिंदु के बीच का क्षेत्र क्या कहलाता है?
(क) प्रत्यास्थ क्षेत्र
(ख) प्लास्टिक क्षेत्र
(ग) ब्रेकिंग क्षेत्र
(घ) हुक का नियम क्षेत्र

प्रश्न 9: प्वासों अनुपात (σ) का व्यावहारिक मान किस सीमा में होता है?
(क) -1 से 0.5
(ख) 0 से 0.5
(ग) 0 से 1
(घ) -1 से 0

प्रश्न 10: किसी खींचे हुए तार में प्रति एकांक आयतन में संचित प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा का सूत्र है:
(क) ½ × प्रतिबल × विकृति
(ख) प्रतिबल × विकृति
(ग) 2 × प्रतिबल × विकृति
(घ) ½ × (प्रतिबल)² × विकृति


उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (ग) पास्कल

    • व्याख्या: प्रतिबल = बल/क्षेत्रफल, जिसका मात्रक N/m² होता है, जिसे पास्कल (Pa) भी कहते हैं।
  2. (ख) विकृति

    • व्याख्या: विकृति दो समान राशियों (जैसे लंबाई/लंबाई) का अनुपात है, इसलिए इसका कोई मात्रक या विमा नहीं होती है।
  3. (ग) प्रत्यास्थता गुणांक

    • व्याख्या: हुक का नियम (प्रतिबल = E × विकृति) प्रतिबल और विकृति के बीच संबंध स्थापित करता है, जिससे प्रत्यास्थता गुणांक (E) परिभाषित होता है।
  4. (ख) स्टील, क्योंकि इसका यंग प्रत्यास्थता गुणांक अधिक होता है।

    • व्याख्या: प्रत्यास्थता का अर्थ विरूपण का विरोध करने की क्षमता है। समान विकृति उत्पन्न करने के लिए स्टील में रबर से कहीं अधिक प्रतिबल की आवश्यकता होती है, अतः स्टील अधिक प्रत्यास्थ है।
  5. (ग) दृढ़ता गुणांक (अपरूपण गुणांक)

    • व्याख्या: दृढ़ता गुणांक या अपरूपण गुणांक किसी वस्तु के आकार में परिवर्तन का विरोध मापता है, जबकि आयतन स्थिर रहता है।
  6. (ख) संपीड्यता

    • व्याख्या: संपीड्यता (Compressibility) यह मापती है कि कोई पदार्थ दाब के अधीन कितना संपीड़ित हो सकता है, और यह आयतन प्रत्यास्थता गुणांक का व्युत्क्रम है।
  7. (घ) वही रहेगा

    • व्याख्या: यंग प्रत्यास्थता गुणांक पदार्थ का एक आंतरिक गुण है। यह तार की लंबाई या मोटाई पर निर्भर नहीं करता है।
  8. (ख) प्लास्टिक क्षेत्र

    • व्याख्या: प्रत्यास्थ सीमा के बाद, वस्तु स्थायी रूप से विरूपित हो जाती है। यह क्षेत्र प्लास्टिक क्षेत्र कहलाता है।
  9. (ख) 0 से 0.5

    • व्याख्या: सैद्धांतिक रूप से मान -1 से 0.5 तक हो सकता है, लेकिन अधिकांश वास्तविक पदार्थों के लिए यह 0 और 0.5 के बीच होता है।
  10. (क) ½ × प्रतिबल × विकृति

    • व्याख्या: यह ऊर्जा घनत्व (energy density) का मानक सूत्र है, जो तार को खींचने में किए गए कार्य से प्राप्त होता है।

इन नोट्स और प्रश्नों का अच्छी तरह से अध्ययन करें। यह आपकी परीक्षा की तैयारी में बहुत सहायक होगा। शुभकामनाएँ

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