Class 11 Political Science Notes Chapter 9 (शांति) – Rajniti Sidhant Book

Rajniti Sidhant
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 11 की राजनीति विज्ञान की पुस्तक 'राजनीति सिद्धांत' के अध्याय 9 'शांति' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अध्याय में हम शांति की अवधारणा, उसके विभिन्न आयामों और उसे प्राप्त करने के उपायों पर गहराई से विचार करेंगे।


अध्याय 9: शांति (Peace)

1. परिचय (Introduction)
शांति मानव अस्तित्व का एक मूलभूत लक्ष्य और आवश्यकता है। यह केवल युद्ध या हिंसा की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि न्याय, समानता और मानवीय गरिमा से परिपूर्ण एक सकारात्मक स्थिति है। आधुनिक विश्व में, जहाँ संघर्ष और हिंसा के अनेक रूप मौजूद हैं, शांति की अवधारणा को समझना और उसे प्राप्त करने के प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करना अत्यंत आवश्यक है।

2. शांति का अर्थ और प्रकार (Meaning and Types of Peace)

  • नकारात्मक शांति (Negative Peace):

    • यह युद्ध, प्रत्यक्ष हिंसा, सशस्त्र संघर्ष या शत्रुता की अनुपस्थिति को संदर्भित करती है।
    • इसका अर्थ है कि कोई सक्रिय युद्ध नहीं चल रहा है, लेकिन यह अंतर्निहित संघर्षों, अन्याय या संरचनात्मक हिंसा को संबोधित नहीं करती।
    • उदाहरण: युद्धविराम या संघर्ष विराम की स्थिति।
  • सकारात्मक शांति (Positive Peace):

    • यह केवल हिंसा की अनुपस्थिति से कहीं अधिक है। इसमें सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता, राजनीतिक स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा और सभी के लिए अवसर की उपस्थिति शामिल है।
    • इसका उद्देश्य हिंसा के मूल कारणों (जैसे गरीबी, असमानता, भेदभाव) को दूर करना है।
    • यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ संघर्षों का समाधान अहिंसक और रचनात्मक तरीकों से किया जाता है।
    • जॉन गाल्टुंग (Johan Galtung) ने इस अवधारणा को लोकप्रिय बनाया।

3. हिंसा के प्रकार (Types of Violence)

जॉन गाल्टुंग ने हिंसा को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया है:

  • प्रत्यक्ष हिंसा (Direct Violence):

    • यह शारीरिक या मौखिक रूप से दिखाई देने वाली हिंसा है, जैसे युद्ध, हत्या, शारीरिक हमला, आतंकवाद, दंगे।
    • इसके परिणाम तुरंत और स्पष्ट होते हैं।
  • संरचनात्मक हिंसा (Structural Violence):

    • यह समाज की संरचनाओं (जैसे आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक व्यवस्था) में निहित होती है, जो लोगों को नुकसान पहुँचाती है या उन्हें अपनी पूरी क्षमता हासिल करने से रोकती है।
    • यह अदृश्य और अप्रत्यक्ष होती है, लेकिन इसके परिणाम विनाशकारी होते हैं।
    • उदाहरण: गरीबी, असमानता, भेदभाव, शोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच का अभाव। यह सीधे तौर पर किसी व्यक्ति द्वारा नहीं की जाती, बल्कि व्यवस्था द्वारा की जाती है।
  • सांस्कृतिक हिंसा (Cultural Violence):

    • यह संस्कृति के उन पहलुओं को संदर्भित करती है (जैसे धर्म, भाषा, कला, विज्ञान, विचारधारा, मीडिया) जो प्रत्यक्ष और संरचनात्मक हिंसा को वैध ठहराते हैं या उन्हें स्वीकार्य बनाते हैं।
    • यह हिंसा को नैतिक या आवश्यक के रूप में प्रस्तुत करती है।
    • उदाहरण: जातिवाद, लिंगवाद, धार्मिक कट्टरता, राष्ट्रवाद का उग्र रूप जो दूसरों को नीचा दिखाता है।

4. शांति के समक्ष चुनौतियाँ (Challenges to Peace)

  • आतंकवाद (Terrorism): गैर-राज्य अभिकर्ताओं द्वारा राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हिंसा का उपयोग।
  • परमाणु हथियारों का प्रसार (Nuclear Proliferation): परमाणु हथियारों का बढ़ता खतरा और उनके उपयोग की संभावना।
  • अंतर्राज्यीय और अंतर-राज्यीय संघर्ष (Inter-state and Intra-state Conflicts): देशों के बीच युद्ध और देशों के भीतर गृहयुद्ध।
  • गरीबी और असमानता (Poverty and Inequality): संरचनात्मक हिंसा के मूल कारण, जो संघर्षों को जन्म देते हैं।
  • पर्यावरण क्षरण (Environmental Degradation): संसाधनों के लिए संघर्ष और जलवायु परिवर्तन के कारण विस्थापन।
  • मानवाधिकारों का उल्लंघन (Human Rights Violations): उत्पीड़न और अन्याय, जो अशांति का कारण बनते हैं।
  • राष्ट्रवाद और पहचान की राजनीति (Nationalism and Identity Politics): उग्र राष्ट्रवाद और जातीय/धार्मिक पहचान पर आधारित संघर्ष।

5. शांति के दृष्टिकोण और उपाय (Approaches and Measures for Peace)

  • निरस्त्रीकरण (Disarmament):

    • हथियारों के उत्पादन, भंडारण और उपयोग को कम करना या समाप्त करना।
    • उद्देश्य: युद्ध की संभावना को कम करना और हथियारों की दौड़ को रोकना।
    • उदाहरण: परमाणु अप्रसार संधि (NPT)।
  • शस्त्र नियंत्रण (Arms Control):

    • हथियारों के विकास, उत्पादन, प्रसार और उपयोग को विनियमित करना।
    • यह निरस्त्रीकरण से कम कठोर है और इसका उद्देश्य हथियारों की दौड़ को प्रबंधित करना है।
  • सामूहिक सुरक्षा (Collective Security):

    • यह एक ऐसी व्यवस्था है जहाँ एक सदस्य पर हमला सभी सदस्यों पर हमला माना जाता है, और सभी मिलकर हमलावर का मुकाबला करते हैं।
    • उद्देश्य: आक्रामकता को रोकना और शांति बनाए रखना।
    • उदाहरण: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, नाटो (NATO) का अनुच्छेद 5।
  • संघर्ष समाधान (Conflict Resolution):

    • विभिन्न पक्षों के बीच विवादों और मतभेदों को अहिंसक तरीकों से हल करना।
    • तरीके: मध्यस्थता (Mediation), वार्ता (Negotiation), पंचाट (Arbitration)।
  • शांति निर्माण (Peacebuilding):

    • संघर्ष के बाद के समाजों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए व्यापक प्रयास।
    • इसमें सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास, लोकतांत्रिक संस्थाओं का निर्माण, सुलह और मानवाधिकारों को बढ़ावा देना शामिल है।
    • यह संघर्ष के मूल कारणों को संबोधित करता है।
  • अहिंसा (Non-violence):

    • महात्मा गांधी द्वारा प्रतिपादित एक शक्तिशाली दर्शन और कार्यप्रणाली।
    • इसका अर्थ है शारीरिक या मानसिक रूप से किसी को चोट न पहुँचाना और अन्याय का प्रतिरोध प्रेम और सत्य के बल पर करना।
    • यह केवल निष्क्रियता नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ सक्रिय, रचनात्मक प्रतिरोध है (सत्याग्रह)।
  • संयुक्त राष्ट्र की भूमिका (Role of United Nations):

    • शांति स्थापना (Peacemaking): संघर्षरत पक्षों के बीच बातचीत और मध्यस्थता के माध्यम से शांति समझौते कराना।
    • शांतिरक्षण (Peacekeeping): संघर्ष विराम की निगरानी करना, बफर जोन बनाना और शांति प्रक्रियाओं का समर्थन करना।
    • शांति निर्माण (Peacebuilding): संघर्ष के बाद के समाजों में स्थिरता और विकास को बढ़ावा देना।
    • मानवीय सहायता (Humanitarian Aid): संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सहायता प्रदान करना।

6. गांधीवादी शांति की अवधारणा (Gandhian Concept of Peace)

महात्मा गांधी के अनुसार, सच्ची शांति केवल बाहरी युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के भीतर और समाज में न्याय, समानता और अहिंसा की उपस्थिति है।

  • अहिंसा (Ahimsa): यह गांधी के दर्शन का मूल सिद्धांत है। इसका अर्थ है मन, वचन और कर्म से किसी को चोट न पहुँचाना। यह एक सकारात्मक शक्ति है जो प्रेम और करुणा पर आधारित है।
  • सत्याग्रह (Satyagraha): सत्य और अहिंसा पर आधारित अन्याय के खिलाफ एक नैतिक और राजनीतिक प्रतिरोध। इसमें आत्म-कष्ट सहना और विरोधी के हृदय परिवर्तन का प्रयास करना शामिल है।
  • स्वराज (Swaraj): स्व-शासन या आत्म-नियम। यह केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि व्यक्ति और समाज की आंतरिक मुक्ति और आत्म-निर्भरता है।
  • सर्वोदय (Sarvodaya): सभी का उत्थान या सभी की भलाई। यह एक ऐसे समाज की कल्पना करता है जहाँ किसी का शोषण न हो और सभी को समान अवसर मिलें।
  • साध्य और साधन की पवित्रता (Purity of Means and Ends): गांधी का मानना था कि अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए साधन भी उतने ही पवित्र होने चाहिए जितने कि साध्य। हिंसा से प्राप्त शांति कभी स्थायी नहीं हो सकती।

7. निष्कर्ष (Conclusion)
शांति एक जटिल और बहुआयामी अवधारणा है। यह केवल राज्यों के बीच संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत आयाम भी शामिल हैं। स्थायी शांति के लिए प्रत्यक्ष हिंसा के साथ-साथ संरचनात्मक और सांस्कृतिक हिंसा को भी संबोधित करना आवश्यक है। यह एक सतत प्रक्रिया है जिसके लिए वैश्विक सहयोग, न्याय, समानता और अहिंसा के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता की आवश्यकता है।


बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1. 'नकारात्मक शांति' का क्या अर्थ है?
a) न्याय और समानता की उपस्थिति
b) युद्ध और प्रत्यक्ष हिंसा की अनुपस्थिति
c) आर्थिक विकास और समृद्धि
d) सांस्कृतिक विविधता का सम्मान

2. 'सकारात्मक शांति' की अवधारणा को किसने लोकप्रिय बनाया?
a) महात्मा गांधी
b) नेल्सन मंडेला
c) जॉन गाल्टुंग
d) मार्टिन लूथर किंग जूनियर

3. गरीबी, असमानता और भेदभाव किस प्रकार की हिंसा के उदाहरण हैं?
a) प्रत्यक्ष हिंसा
b) सांस्कृतिक हिंसा
c) संरचनात्मक हिंसा
d) व्यक्तिगत हिंसा

4. जॉन गाल्टुंग के अनुसार, हिंसा के कितने मुख्य प्रकार हैं?
a) दो
b) तीन
c) चार
d) पाँच

5. 'अहिंसा' और 'सत्याग्रह' के सिद्धांत किस विचारक से संबंधित हैं?
a) कार्ल मार्क्स
b) महात्मा गांधी
c) प्लेटो
d) अरस्तू

6. हथियारों के उत्पादन, भंडारण और उपयोग को कम करने या समाप्त करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
a) शस्त्र नियंत्रण
b) सामूहिक सुरक्षा
c) निरस्त्रीकरण
d) शांति निर्माण

7. संयुक्त राष्ट्र का कौन सा अंग अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार है?
a) महासभा
b) आर्थिक और सामाजिक परिषद
c) अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
d) सुरक्षा परिषद

8. संघर्ष के बाद के समाजों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए व्यापक प्रयासों को क्या कहा जाता है, जिसमें न्याय और विकास भी शामिल है?
a) शांतिरक्षण
b) शांति स्थापना
c) शांति निर्माण
d) संघर्ष समाधान

9. 'सभी का उत्थान' या 'सभी की भलाई' का गांधीवादी सिद्धांत क्या कहलाता है?
a) स्वराज
b) सर्वोदय
c) सत्याग्रह
d) अहिंसा

10. निम्नलिखित में से कौन सा शांति के समक्ष एक प्रमुख चुनौती नहीं है?
a) आतंकवाद
b) परमाणु हथियारों का प्रसार
c) गरीबी और असमानता
d) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में वृद्धि


उत्तरमाला:

  1. b
  2. c
  3. c
  4. b
  5. b
  6. c
  7. d
  8. c
  9. b
  10. d

मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको अध्याय 'शांति' को गहराई से समझने और आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें और किसी भी संदेह के लिए पूछने में संकोच न करें।

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