Class 11 Psychology Notes Chapter 9 (अभिप्रेरणा एवं संवेग) – Manovigyan Book

Manovigyan
प्रिय विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में NCERT की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज हम कक्षा 11 मनोविज्ञान के अध्याय 9 'अभिप्रेरणा एवं संवेग' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इस अध्याय के महत्वपूर्ण बिंदुओं को विस्तार से समझते हैं और फिर कुछ बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास करेंगे।


अध्याय 9: अभिप्रेरणा एवं संवेग (Motivation and Emotion)

यह अध्याय मानव व्यवहार के दो महत्वपूर्ण पहलुओं - अभिप्रेरणा (Motivation) और संवेग (Emotion) - की व्याख्या करता है।


भाग 1: अभिप्रेरणा (Motivation)

अभिप्रेरणा एक आंतरिक प्रक्रिया है जो व्यवहार को आरंभ करती है, दिशा देती है, तीव्रता प्रदान करती है और उसे बनाए रखती है। यह 'क्यों' का उत्तर देती है कि व्यक्ति कोई विशेष कार्य क्यों करता है।

1. अभिप्रेरणा चक्र (Motivational Cycle):
अभिप्रेरणा एक चक्रीय प्रक्रिया है जिसमें निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:

  • आवश्यकता (Need): किसी चीज़ की कमी या अभाव (जैसे भोजन की आवश्यकता)।
  • अंतर्नोद (Drive): आवश्यकता से उत्पन्न तनाव या उत्तेजना की स्थिति (जैसे भूख का अंतर्नोद)।
  • प्रोत्साहन (Incentive): वह बाहरी वस्तु या स्थिति जो आवश्यकता को पूरा करती है और अंतर्नोद को कम करती है (जैसे भोजन)।
  • लक्ष्य-उन्मुखी व्यवहार (Goal-directed Behavior): अंतर्नोद को कम करने के लिए किया गया व्यवहार (जैसे भोजन खोजना)।
  • उपलब्धि (Achievement): लक्ष्य की प्राप्ति (जैसे भोजन करना)।
  • अंतर्नोद में कमी (Reduction of Drive): आवश्यकता पूरी होने पर अंतर्नोद में कमी आती है, जिससे संतुष्टि मिलती है।

2. अभिप्रेरणा के प्रकार (Types of Motivation):

  • जैविक अभिप्रेरणाएँ (Biological Motivations): ये शारीरिक आवश्यकताओं से उत्पन्न होती हैं और शरीर के आंतरिक संतुलन (होमियोस्टेसिस) को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
    • उदाहरण: भूख, प्यास, नींद, लिंग (यौन अभिप्रेरणा), दर्द से बचाव।
  • मनोसामाजिक अभिप्रेरणाएँ (Psychosocial Motivations): ये सामाजिक अंतःक्रियाओं, मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं और सांस्कृतिक कारकों से उत्पन्न होती हैं।
    • उदाहरण: उपलब्धि अभिप्रेरणा, संबद्धता अभिप्रेरणा, शक्ति अभिप्रेरणा, आत्म-सम्मान।

3. अभिप्रेरणा के सिद्धांत (Theories of Motivation):

  • अंतर्नोद न्यूनीकरण सिद्धांत (Drive Reduction Theory - क्लार्क हल):

    • यह सिद्धांत मानता है कि आवश्यकताएँ एक अंतर्नोद (तनाव की स्थिति) उत्पन्न करती हैं, और व्यवहार का लक्ष्य इस अंतर्नोद को कम करना है ताकि शरीर संतुलन (होमियोस्टेसिस) में वापस आ सके।
    • उदाहरण: प्यास लगने पर पानी पीना अंतर्नोद को कम करता है।
  • उद्दीपन सिद्धांत (Arousal Theory):

    • यह सिद्धांत बताता है कि व्यक्ति एक इष्टतम उद्दीपन स्तर (optimal level of arousal) बनाए रखने की कोशिश करता है। बहुत कम या बहुत अधिक उद्दीपन से बचना चाहता है।
    • व्यक्ति रोमांचक गतिविधियों में इसलिए संलग्न होते हैं क्योंकि वे अपने उद्दीपन स्तर को बढ़ाना चाहते हैं।
  • संज्ञानात्मक सिद्धांत (Cognitive Theory):

    • यह सिद्धांत मानता है कि व्यवहार का निर्धारण व्यक्ति के विचारों, अपेक्षाओं, लक्ष्यों और योजनाओं से होता है।
    • आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation): किसी कार्य को स्वयं में आनंद के लिए करना (जैसे पढ़ना क्योंकि आपको विषय पसंद है)।
    • बाह्य अभिप्रेरणा (Extrinsic Motivation): किसी बाहरी पुरस्कार या दंड से बचने के लिए कार्य करना (जैसे अच्छे ग्रेड के लिए पढ़ना)।
  • मैस्लो का आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Maslow's Hierarchy of Needs):

    • अब्राहम मैस्लो ने आवश्यकताओं को एक पदानुक्रम में व्यवस्थित किया है, जिसमें निचली स्तर की आवश्यकताएँ पूरी होने पर ही व्यक्ति उच्च स्तर की आवश्यकताओं की ओर बढ़ता है।
    1. शारीरिक आवश्यकताएँ (Physiological Needs): भोजन, पानी, नींद, आश्रय, लिंग।
    2. सुरक्षा आवश्यकताएँ (Safety Needs): शारीरिक सुरक्षा, नौकरी की सुरक्षा, संसाधनों की सुरक्षा।
    3. स्नेह/संबद्धता आवश्यकताएँ (Love/Belonging Needs): दोस्ती, परिवार, प्रेम, सामाजिक संबंध।
    4. आत्म-सम्मान आवश्यकताएँ (Esteem Needs): आत्म-सम्मान, दूसरों से सम्मान, उपलब्धि, स्वतंत्रता।
    5. आत्म-सिद्धि आवश्यकताएँ (Self-Actualization Needs): अपनी पूरी क्षमता को प्राप्त करना, व्यक्तिगत विकास, रचनात्मकता।

4. विशिष्ट अभिप्रेरणाएँ (Specific Motivations):

  • भूख (Hunger):
    • जैविक कारक: हाइपोथैलेमस (पार्श्व हाइपोथैलेमस - भूख केंद्र; वेंट्रोमेडियल हाइपोथैलेमस - तृप्ति केंद्र), रक्त में ग्लूकोज का स्तर, लेप्टिन जैसे हार्मोन।
    • मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक कारक: खाने की आदतें, भोजन की उपलब्धता, स्वाद, सामाजिक प्रभाव, तनाव।
  • प्यास (Thirst):
    • कोशिका बाह्य प्यास (Extracellular Thirst): शरीर के तरल पदार्थ (रक्त, लिम्फ) में कमी के कारण।
    • कोशिका अंतः प्यास (Intracellular Thirst): कोशिकाओं के अंदर पानी की कमी के कारण।
  • लिंग (Sex):
    • जैविक कारक: हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन), मस्तिष्क के क्षेत्र।
    • मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक कारक: व्यक्तिगत अनुभव, सामाजिक मानदंड, मूल्य, रिश्ते।
  • उपलब्धि अभिप्रेरणा (Achievement Motivation - डेविड मैक्लेलैंड):
    • उत्कृष्टता के मानक को प्राप्त करने, सफल होने और दूसरों से बेहतर प्रदर्शन करने की इच्छा।
    • एटकिंसन का मॉडल: सफलता प्राप्त करने की प्रवृत्ति = (सफलता की आवश्यकता * सफलता की संभावना * सफलता का प्रोत्साहन मूल्य)।
  • संबद्धता अभिप्रेरणा (Affiliation Motivation):
    • दूसरों के साथ जुड़ने, स्वीकार किए जाने, संबंध बनाने और समूह का हिस्सा बनने की इच्छा।
  • शक्ति अभिप्रेरणा (Power Motivation):
    • दूसरों पर प्रभाव डालने, नियंत्रण रखने, प्रभुत्व स्थापित करने और अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने की इच्छा।

भाग 2: संवेग (Emotion)

संवेग एक जटिल पैटर्न है जिसमें शारीरिक उत्तेजना, संज्ञानात्मक मूल्यांकन और व्यवहारात्मक प्रतिक्रियाएँ शामिल होती हैं।

1. संवेग के घटक (Components of Emotion):

  • शारीरिक घटक (Physiological Component):
    • स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) की सक्रियता के कारण होने वाले शारीरिक परिवर्तन।
    • उदाहरण: हृदय गति में वृद्धि, रक्तचाप में परिवर्तन, श्वसन दर में बदलाव, पसीना आना, मांसपेशियों में तनाव।
  • व्यवहारात्मक घटक (Behavioral Component):
    • बाह्य रूप से दिखाई देने वाली प्रतिक्रियाएँ।
    • उदाहरण: चेहरे के हाव-भाव (मुस्कुराना, भौंहें चढ़ाना), शारीरिक मुद्राएँ, स्वर-शैली, रोना, चिल्लाना।
  • संज्ञानात्मक घटक (Cognitive Component):
    • स्थिति की व्याख्या, भावना का नामकरण और मूल्यांकन।
    • उदाहरण: "मैं खुश हूँ," "यह खतरनाक है।"

2. संवेग के प्रकार (Types of Emotion):

  • पॉल एकमैन (Paul Ekman) ने छह मूल संवेगों की पहचान की है जो सार्वभौमिक माने जाते हैं:
    1. खुशी (Happiness)
    2. उदासी (Sadness)
    3. क्रोध (Anger)
    4. भय (Fear)
    5. घृणा (Disgust)
    6. आश्चर्य (Surprise)

3. संवेग के सिद्धांत (Theories of Emotion):

  • जेम्स-लैंग सिद्धांत (James-Lange Theory - विलियम जेम्स और कार्ल लैंग):

    • यह सिद्धांत कहता है कि पहले शारीरिक प्रतिक्रिया होती है, और फिर उस शारीरिक प्रतिक्रिया की व्याख्या के परिणामस्वरूप संवेग का अनुभव होता है।
    • "हम इसलिए दुखी हैं क्योंकि हम रोते हैं, इसलिए नहीं कि हम दुखी हैं इसलिए रोते हैं।"
    • उत्तेजना → शारीरिक प्रतिक्रिया → संवेगात्मक अनुभव।
  • कैनन-बार्ड सिद्धांत (Cannon-Bard Theory - वाल्टर कैनन और फिलिप बार्ड):

    • यह सिद्धांत जेम्स-लैंग सिद्धांत का खंडन करता है। यह कहता है कि संवेगात्मक अनुभव और शारीरिक उत्तेजना एक साथ होते हैं, लेकिन एक दूसरे के कारण नहीं होते। थैलेमस की भूमिका महत्वपूर्ण है।
    • उत्तेजना → (थैलेमस) → शारीरिक प्रतिक्रिया और संवेगात्मक अनुभव (एक साथ)।
  • शेटर-सिंगर का द्वि-कारक सिद्धांत (Schachter-Singer Two-Factor Theory):

    • इस सिद्धांत के अनुसार, संवेग के अनुभव के लिए दो कारकों की आवश्यकता होती है:
      1. शारीरिक उत्तेजना (physiological arousal)।
      2. उस उत्तेजना का संज्ञानात्मक लेबलिंग या व्याख्या (cognitive labeling/interpretation)।
    • उत्तेजना → शारीरिक उत्तेजना → संज्ञानात्मक लेबलिंग → संवेगात्मक अनुभव।
  • लेज़ारस का संज्ञानात्मक मूल्यांकन सिद्धांत (Lazarus's Cognitive Appraisal Theory):

    • यह सिद्धांत जोर देता है कि संवेग का अनुभव स्थिति के संज्ञानात्मक मूल्यांकन (प्राथमिक और द्वितीयक) पर निर्भर करता है। मूल्यांकन पहले होता है, फिर संवेग।
    • उत्तेजना → संज्ञानात्मक मूल्यांकन → संवेगात्मक अनुभव और शारीरिक प्रतिक्रिया।
  • ज़जॉन्क का सिद्धांत (Zajonc's Theory):

    • यह सिद्धांत प्रस्तावित करता है कि संवेग संज्ञानात्मक मूल्यांकन के बिना भी उत्पन्न हो सकते हैं। कुछ संवेग बहुत तेज़ और स्वचालित होते हैं, जो सोचने से पहले ही महसूस हो जाते हैं।

4. संवेग की अभिव्यक्ति (Expression of Emotion):

  • चेहरे के हाव-भाव: चेहरे के हाव-भाव संवेगों को व्यक्त करने का एक सार्वभौमिक तरीका है। पॉल एकमैन के शोध ने दिखाया कि कुछ चेहरे के हाव-भाव विभिन्न संस्कृतियों में समान रूप से पहचाने जाते हैं।
  • सांस्कृतिक प्रभाव (Cultural Influence): हालांकि मूल संवेगों की अभिव्यक्ति सार्वभौमिक हो सकती है, लेकिन 'प्रदर्शन नियम' (display rules) यह निर्धारित करते हैं कि किस संवेग को कब, कहाँ और कैसे व्यक्त किया जाना चाहिए। ये नियम संस्कृति-विशिष्ट होते हैं।

5. संवेग प्रबंधन (Emotion Management):

  • संवेगों को पहचानना, समझना और प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना संवेग प्रबंधन कहलाता है। इसमें तनाव कम करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और सामाजिक कौशल में सुधार करने जैसी रणनीतियाँ शामिल हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

निर्देश: प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प चुनें।

  1. अभिप्रेरणा चक्र का सही क्रम क्या है?
    a) आवश्यकता → प्रोत्साहन → अंतर्नोद → लक्ष्य-उन्मुखी व्यवहार
    b) अंतर्नोद → आवश्यकता → प्रोत्साहन → लक्ष्य-उन्मुखी व्यवहार
    c) आवश्यकता → अंतर्नोद → प्रोत्साहन → लक्ष्य-उन्मुखी व्यवहार
    d) प्रोत्साहन → आवश्यकता → अंतर्नोद → लक्ष्य-उन्मुखी व्यवहार

  2. मैस्लो के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत में, 'आत्म-सिद्धि' किस स्तर पर आती है?
    a) सबसे निचला स्तर
    b) मध्य स्तर
    c) सबसे ऊपरी स्तर
    d) दूसरा स्तर

  3. कौन सा सिद्धांत कहता है कि हम इसलिए दुखी हैं क्योंकि हम रोते हैं, इसलिए नहीं कि हम दुखी हैं इसलिए रोते हैं?
    a) कैनन-बार्ड सिद्धांत
    b) जेम्स-लैंग सिद्धांत
    c) शेटर-सिंगर सिद्धांत
    d) लेज़ारस का सिद्धांत

  4. भूख और प्यास किस प्रकार की अभिप्रेरणाएँ हैं?
    a) मनोसामाजिक
    b) जैविक
    c) संज्ञानात्मक
    d) उपलब्धि

  5. पॉल एकमैन के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा एक मूल संवेग नहीं है?
    a) खुशी
    b) गर्व
    c) क्रोध
    d) भय

  6. शेटर-सिंगर का द्वि-कारक सिद्धांत संवेग के लिए किन दो कारकों को महत्वपूर्ण मानता है?
    a) शारीरिक उत्तेजना और व्यवहार
    b) संज्ञानात्मक मूल्यांकन और व्यवहार
    c) शारीरिक उत्तेजना और संज्ञानात्मक लेबलिंग
    d) केवल शारीरिक उत्तेजना

  7. उपलब्धि अभिप्रेरणा का संबंध किससे है?
    a) दूसरों पर नियंत्रण रखने की इच्छा
    b) उत्कृष्टता के मानक को प्राप्त करने की इच्छा
    c) दूसरों के साथ संबंध बनाने की इच्छा
    d) शारीरिक आवश्यकताओं को पूरा करने की इच्छा

  8. हाइपोथैलेमस का कौन सा भाग भूख केंद्र (feeding center) के रूप में कार्य करता है?
    a) वेंट्रोमेडियल हाइपोथैलेमस
    b) पार्श्व हाइपोथैलेमस
    c) अग्र हाइपोथैलेमस
    d) पश्च हाइपोथैलेमस

  9. कैनन-बार्ड सिद्धांत के अनुसार, संवेगात्मक अनुभव और शारीरिक उत्तेजना:
    a) एक दूसरे का कारण बनते हैं।
    b) एक साथ और स्वतंत्र रूप से होते हैं।
    c) शारीरिक उत्तेजना पहले होती है।
    d) संवेगात्मक अनुभव पहले होता है।

  10. 'प्रदर्शन नियम' (display rules) किससे संबंधित हैं?
    a) अभिप्रेरणा के प्रकार
    b) संवेगों की सार्वभौमिकता
    c) संवेगों की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति
    d) संवेगों के शारीरिक घटक


उत्तर कुंजी:

  1. c)
  2. c)
  3. b)
  4. b)
  5. b)
  6. c)
  7. b)
  8. b)
  9. b)
  10. c)

मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी परीक्षा की तैयारी में सहायक होंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें और सफलता प्राप्त करें!

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