Class 11 Sociology Notes Chapter 2 (ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था) – Samaj ka Bodh Book

Samaj ka Bodh
चलिए, आज हम समाजशास्त्र की किताब 'समाज का बोध' के दूसरे अध्याय 'ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था' का गहन अध्ययन करेंगे। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समाज के दो मूलभूत स्वरूपों और उनकी गतिशीलता को समझाता है।

अध्याय 2: ग्रामीण तथा नगरीय समाज में सामाजिक परिवर्तन तथा सामाजिक व्यवस्था

विस्तृत नोट्स

इस अध्याय को हम चार मुख्य भागों में बांटकर समझेंगे:

  1. ग्रामीण समाज: विशेषताएँ और परिवर्तन
  2. नगरीय समाज: विशेषताएँ और समस्याएँ
  3. सामाजिक परिवर्तन: अर्थ और कारक
  4. सामाजिक व्यवस्था: अर्थ और स्थापना

1. ग्रामीण समाज (Rural Society)

गाँव वह समुदाय है जहाँ कृषि मुख्य व्यवसाय है, जनसंख्या का घनत्व कम होता है और लोगों के बीच घनिष्ठ, व्यक्तिगत और प्राथमिक संबंध पाए जाते हैं।

ग्रामीण समाज की प्रमुख विशेषताएँ:

  • कृषि आधारित अर्थव्यवस्था: अधिकांश जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर होती है।
  • प्रकृति से निकटता: ग्रामीण जीवन सीधे तौर पर प्राकृतिक दशाओं जैसे- मौसम, वर्षा, भूमि की उर्वरता आदि पर निर्भर करता है।
  • प्राथमिक संबंधों की प्रधानता: यहाँ के संबंध व्यक्तिगत, अनौपचारिक और घनिष्ठ होते हैं। लोग एक-दूसरे को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। इसे 'हम' की भावना (We-feeling) भी कहते हैं।
  • जाति व्यवस्था का प्रभाव: सामाजिक स्तरीकरण और व्यवसायों का निर्धारण पारंपरिक रूप से जाति व्यवस्था पर आधारित रहा है, हालांकि अब इसमें परिवर्तन आ रहा है।
  • संयुक्त परिवार प्रणाली: परिवार की संरचना मुख्यतः संयुक्त होती है, जहाँ कई पीढ़ियाँ एक साथ रहती हैं।
  • सामाजिक नियंत्रण: यहाँ नियंत्रण के अनौपचारिक साधन (जैसे- परंपरा, धर्म, प्रथाएँ, परिवार) अधिक प्रभावी होते हैं।
  • कम सामाजिक गतिशीलता: पारंपरिक ग्रामीण समाज में व्यक्ति की सामाजिक स्थिति जन्म से निर्धारित होती थी, जिसमें परिवर्तन की गुंजाइश कम थी।

ग्रामीण समाज में सामाजिक परिवर्तन:

स्वतंत्रता के बाद भारतीय गाँवों में तेजी से परिवर्तन हुए हैं:

  • भूमि सुधार: जमींदारी उन्मूलन जैसे कानूनों ने भूमि के स्वामित्व के पैटर्न को बदला।
  • हरित क्रांति: नई तकनीक, बीज और उर्वरकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन बढ़ा, लेकिन इससे ग्रामीण समाज में आर्थिक असमानता भी बढ़ी।
  • संचार और परिवहन के साधन: सड़कों, टेलीफोन और इंटरनेट के विकास ने गाँवों को शहरों और बाहरी दुनिया से जोड़ा है।
  • पंचायती राज व्यवस्था: 73वें संविधान संशोधन ने स्थानीय स्वशासन को मजबूत किया और महिलाओं तथा वंचित वर्गों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाई।
  • प्रवास (Migration): रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में बड़ी संख्या में ग्रामीण जनसंख्या शहरों की ओर पलायन कर रही है, जिससे 'ग्रामीण-नगरीय सांतत्यक' (Rural-Urban Continuum) की स्थिति बन रही है।

2. नगरीय समाज (Urban Society)

नगर या शहर वह क्षेत्र है जहाँ जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है, अधिकांश लोग गैर-कृषि कार्यों (उद्योग, व्यापार, सेवा) में लगे होते हैं और संबंध अवैयक्तिक व औपचारिक होते हैं।

नगरीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ:

  • जनसंख्या का उच्च घनत्व: कम क्षेत्र में अधिक लोग रहते हैं।
  • व्यवसायों की विविधता: यहाँ उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन आदि अनेक प्रकार के व्यवसाय पाए जाते हैं।
  • द्वितीयक संबंधों की प्रधानता: संबंध औपचारिक, अवैयक्तिक और 'काम से काम' रखने वाले होते हैं। इसे गुमनामी (Anonymity) भी कहते हैं, जहाँ व्यक्ति भीड़ में भी अकेला महसूस कर सकता है।
  • सामाजिक गतिशीलता: नगरों में व्यक्ति अपनी योग्यता और परिश्रम से अपनी सामाजिक स्थिति को बदल सकता है। यहाँ जाति का प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम होता है।
  • व्यक्तिवादिता: नगरीय समाज में सामूहिक जीवन के स्थान पर व्यक्तिगत हितों और स्वतंत्रता को अधिक महत्व दिया जाता है।
  • सामाजिक नियंत्रण: यहाँ नियंत्रण के औपचारिक साधन (जैसे- कानून, पुलिस, न्यायालय) अधिक प्रभावी होते हैं।

नगरीय समाज की समस्याएँ:
अत्यधिक भीड़, आवास की समस्या, गंदी बस्तियों (स्लम) का विकास, प्रदूषण, अपराध दर में वृद्धि, और सामाजिक अलगाव प्रमुख समस्याएँ हैं।


3. सामाजिक परिवर्तन (Social Change)

सामाजिक परिवर्तन का अर्थ समाज की संरचना, उसके संस्थानों, सामाजिक संबंधों और मूल्यों में समय के साथ होने वाले बदलाव से है। यह एक सार्वभौमिक और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

सामाजिक परिवर्तन के प्रमुख कारक:

  • पर्यावरणीय कारक: प्राकृतिक आपदाएँ जैसे- भूकंप, बाढ़, सूखा आदि समाज की संरचना को बदल सकते हैं।
  • प्रौद्योगिकीय कारक: प्रौद्योगिकी में होने वाले आविष्कार (जैसे- भाप का इंजन, इंटरनेट, मोबाइल फोन) सामाजिक जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाते हैं।
  • आर्थिक कारक: औद्योगीकरण, बाजार का विस्तार और आर्थिक नीतियों में बदलाव सामाजिक संबंधों और वर्गों को प्रभावित करते हैं।
  • राजनीतिक कारक: युद्ध, कानून, सरकारी नीतियाँ (जैसे- आरक्षण नीति) और राजनीतिक आंदोलन समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाते हैं।
  • सांस्कृतिक कारक: नए विचार, मूल्य, विश्वास और शिक्षा का प्रसार भी सामाजिक परिवर्तन का एक मुख्य कारण है।

4. सामाजिक व्यवस्था (Social Order)

सामाजिक व्यवस्था का अर्थ समाज में स्थिरता, निरंतरता और प्रतिमानों की मौजूदगी से है, जो सामाजिक जीवन को पूर्वानुमानित और व्यवस्थित बनाती है। यह सामाजिक परिवर्तन का विरोधी तत्व प्रतीत होता है, लेकिन दोनों साथ-साथ चलते हैं।

सामाजिक व्यवस्था कैसे बनी रहती है?

सामाजिक व्यवस्था मुख्य रूप से दो तरीकों से कायम रहती है:

  1. स्वतःस्फूर्त सहमति (Spontaneous Consent): जब व्यक्ति समाजीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से समाज के नियमों, मूल्यों और मानदंडों को आत्मसात कर लेता है और स्वेच्छा से उनका पालन करता है। यह व्यवस्था का सबसे स्थायी रूप है।
  2. दबाव या बल प्रयोग (Coercion): जब लोग नियमों का पालन नहीं करते, तो समाज या राज्य द्वारा शक्ति का प्रयोग करके व्यवस्था कायम की जाती है।

सामाजिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण तत्व:

  • सत्ता (Authority): यह वैध शक्ति (Legitimate Power) है। जब लोग किसी व्यक्ति या संस्था के आदेशों का पालन इसलिए करते हैं क्योंकि वे उसे सही और उचित मानते हैं, तो यह सत्ता कहलाती है। उदाहरण: माता-पिता, शिक्षक, सरकार।
  • कानून (Law): यह नियमों का एक औपचारिक समूह है जिसे राज्य द्वारा लागू किया जाता है। कानून का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान होता है।
  • प्रतिष्ठा (Prestige): समाज में कुछ पदों या भूमिकाओं के साथ सम्मान जुड़ा होता है, जो लोगों को सामाजिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करता है।

निष्कर्ष:
समाज एक ही समय में स्थिर और परिवर्तनशील दोनों है। सामाजिक व्यवस्था समाज को स्थिरता प्रदान करती है, जबकि सामाजिक परिवर्तन उसे विकास और अनुकूलन की क्षमता देता है। ग्रामीण और नगरीय समाज इन दोनों प्रक्रियाओं के सबसे स्पष्ट उदाहरण हैं।


अभ्यास हेतु महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सी एक ग्रामीण समुदाय की विशेषता नहीं है?
(क) कृषि मुख्य व्यवसाय
(ख) प्राथमिक संबंधों की प्रधानता
(ग) जनसंख्या का उच्च घनत्व
(घ) प्रकृति से निकटता

प्रश्न 2: नगरीय समाज में पाए जाने वाले अवैयक्तिक और औपचारिक संबंधों को समाजशास्त्र में क्या कहा जाता है?
(क) प्राथमिक संबंध
(ख) द्वितीयक संबंध
(ग) तृतीयक संबंध
(घ) सामुदायिक संबंध

प्रश्न 3: भारत में 'हरित क्रांति' मुख्य रूप से किस प्रकार के सामाजिक परिवर्तन का उदाहरण है?
(क) राजनीतिक कारक
(ख) सांस्कृतिक कारक
(ग) प्रौद्योगिकीय और आर्थिक कारक
(घ) पर्यावरणीय कारक

प्रश्न 4: सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जब शक्ति को वैध या उचित मान लिया जाता है, तो वह क्या कहलाती है?
(क) दबाव
(ख) कानून
(ग) सत्ता
(घ) बल

प्रश्न 5: शहरों में पाई जाने वाली 'गुमनामी' (Anonymity) की स्थिति का क्या अर्थ है?
(क) सभी लोग एक-दूसरे को जानते हैं
(ख) व्यक्ति भीड़ में भी अपरिचित और अकेला होता है
(ग) सामाजिक नियंत्रण बहुत कठोर होता है
(घ) व्यवसायों में कोई विविधता नहीं होती

प्रश्न 6: ग्रामीण और नगरीय समाज के बीच मुख्य अंतर का आधार क्या है?
(क) भाषा का अंतर
(ख) आजीविका के साधन और सामाजिक संबंधों की प्रकृति
(ग) लोगों की वेशभूषा
(घ) राष्ट्रीयता का अंतर

प्रश्न 7: पुलिस, न्यायालय और कानून सामाजिक नियंत्रण के किस प्रकार के साधन हैं?
(क) अनौपचारिक साधन
(ख) औपचारिक साधन
(ग) पारंपरिक साधन
(घ) व्यक्तिगत साधन

प्रश्न 8: वह प्रक्रिया जिसमें ग्रामीण जनसंख्या रोजगार और बेहतर अवसरों के लिए शहरों की ओर जाती है, क्या कहलाती है?
(क) संस्कृतिकरण
(ख) पश्चिमीकरण
(ग) नगरीकरण/प्रवास
(घ) वैश्वीकरण

प्रश्न 9: 'स्वतःस्फूर्त सहमति' द्वारा सामाजिक व्यवस्था कैसे कायम रहती है?
(क) दंड के भय से
(ख) कानूनों को लागू करके
(ग) लोगों द्वारा सामाजिक मूल्यों को आत्मसात करने और स्वेच्छा से पालन करने से
(घ) सेना के प्रयोग से

प्रश्न 10: भारत में 73वां संवैधानिक संशोधन किससे संबंधित है, जिसने ग्रामीण समाज में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए?
(क) भूमि सुधार
(ख) शिक्षा का अधिकार
(ग) पंचायती राज व्यवस्था
(घ) सूचना का अधिकार


उत्तर कुंजी:

  1. (ग)
  2. (ख)
  3. (ग)
  4. (ग)
  5. (ख)
  6. (ख)
  7. (ख)
  8. (ग)
  9. (ग)
  10. (ग)

मुझे उम्मीद है कि ये विस्तृत नोट्स और प्रश्न आपकी परीक्षा की तैयारी में सहायक सिद्ध होंगे। इन्हें अच्छी तरह से दोहराएं। कोई और प्रश्न हो तो अवश्य पूछें।

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