Class 11 Sociology Notes Chapter 3 (पर्यावरण और समाज) – Samaj ka Bodh Book

चलिए, आज हम समाजशास्त्र की किताब 'समाज का बोध' के अध्याय 3, 'पर्यावरण और समाज' का गहन अध्ययन करेंगे। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समसामयिक मुद्दों को समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से जोड़ता है।
अध्याय 3: पर्यावरण और समाज (Environment and Society) - विस्तृत नोट्स
परिचय
यह अध्याय समाज और पर्यावरण के बीच के जटिल और द्विदिशीय (two-way) संबंध की पड़ताल करता है। समाज केवल पर्यावरण को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पर्यावरण भी सामाजिक संरचना, संस्कृति और जीवन को आकार देता है। यह संबंध हमेशा से गतिशील रहा है।
1. पारिस्थितिकी (Ecology)
- अर्थ: पारिस्थितिकी वह विज्ञान है जो जीवों के आपसी संबंध और उनके भौतिक पर्यावरण के साथ उनके संबंधों का अध्ययन करता है।
- मुख्य विचार: मनुष्य इस जैविक दुनिया का एक हिस्सा है, इसका स्वामी नहीं। हमारा अस्तित्व एक जटिल पारिस्थितिक तंत्र पर निर्भर करता है जिसमें सभी जीव-जंतु और निर्जीव वस्तुएँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।
- उदाहरण: किसी जंगल में पेड़ों की कटाई से केवल पेड़ ही खत्म नहीं होते, बल्कि उस पर निर्भर पक्षियों, जानवरों का आवास छिन जाता है, मिट्टी का कटाव बढ़ता है और जल चक्र भी प्रभावित होता है।
2. सामाजिक पारिस्थितिकी (Social Ecology)
- अर्थ: यह अवधारणा मानती है कि सामाजिक संबंध, विशेष रूप से समाज में मौजूद प्रभुत्व और पदसोपान (hierarchy) की संरचनाएँ, पर्यावरणीय समस्याओं की जड़ में हैं।
- मुख्य विचार: पर्यावरण का विनाश केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक समस्या है। समाज में मौजूद असमानता (जैसे वर्ग, जाति, लिंग आधारित) यह तय करती है कि पर्यावरण का लाभ किसे मिलेगा और पर्यावरणीय विनाश का खामियाजा कौन भुगतेगा।
- उदाहरण: अक्सर गरीब और वंचित समुदाय के लोग ही प्रदूषण फैलाने वाले कारखानों के पास रहने को मजबूर होते हैं, जिससे वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अधिक शिकार होते हैं। इसे पर्यावरणीय न्याय (Environmental Justice) का मुद्दा कहा जाता है।
3. प्रमुख पर्यावरणीय समस्याएँ और जोखिम
यह खंड उन प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डालता है जिनका समाज आज सामना कर रहा है।
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संसाधनों की क्षीणता (Resource Depletion):
- अनवीकरणीय संसाधन: जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोलियम) जैसे संसाधन सीमित हैं और उनका अत्यधिक उपयोग उन्हें समाप्त कर रहा है।
- नवीकरणीय संसाधन: जल और वन जैसे संसाधनों का भी अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे भूजल स्तर गिर रहा है (जल संकट) और वनों का विनाश हो रहा है।
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प्रदूषण (Pollution):
- वायु प्रदूषण: औद्योगिक उत्सर्जन और वाहनों के धुएँ से।
- जल प्रदूषण: औद्योगिक कचरे और अनुपचारित सीवेज को नदियों में छोड़ने से।
- मृदा प्रदूषण: कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से।
- ध्वनि प्रदूषण: शहरी क्षेत्रों में एक बड़ी समस्या।
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ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Global Warming and Climate Change):
- कारण: ग्रीनहाउस गैसों (कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन) के उत्सर्जन से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है।
- प्रभाव: मौसम के पैटर्न में बदलाव, समुद्र के जल स्तर में वृद्धि, ग्लेशियरों का पिघलना, और चरम मौसमी घटनाएँ (बाढ़, सूखा)।
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आनुवंशिक रूप से संशोधित जीव (Genetically Modified Organisms - GMOs):
- यह खाद्य उत्पादन बढ़ाने की एक तकनीक है, लेकिन इसके दीर्घकालिक पारिस्थितिक और स्वास्थ्य प्रभावों पर गंभीर चिंताएँ हैं। यह जैव-विविधता के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
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प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाएँ (Natural and Man-made Disasters):
- जोखिम समाज (Risk Society): समाजशास्त्री उलरिक बेक (Ulrich Beck) का तर्क है कि आधुनिक समाज प्रौद्योगिकी के कारण नए प्रकार के 'निर्मित जोखिम' पैदा कर रहा है जो बड़े पैमाने पर विनाश कर सकते हैं (जैसे- परमाणु आपदा, रासायनिक रिसाव)।
- मानवीय गतिविधियाँ अक्सर प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़, भूस्खलन) की तीव्रता और आवृत्ति को बढ़ा देती हैं। उदाहरण - वनों की कटाई से भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है।
4. पर्यावरण एक सामाजिक मुद्दा क्यों है?
यह अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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सामाजिक असमानता और पर्यावरण:
- पर्यावरणीय समस्याओं का प्रभाव सभी पर समान रूप से नहीं पड़ता। गरीब, आदिवासी, और दलित समुदाय अक्सर सबसे अधिक प्रभावित होते हैं क्योंकि उनकी आजीविका सीधे प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती है और उनके पास इन जोखिमों से बचने के साधन कम होते हैं।
- उदाहरण: बड़े बांधों के निर्माण से अक्सर आदिवासी समुदायों का विस्थापन होता है।
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पर्यावरण संबंधी समस्याओं के विभिन्न सामाजिक दृष्टिकोण:
- संरक्षणवादी (Conservationist): ये लोग प्रकृति को उसके मूल रूप में बचाने पर जोर देते हैं, कभी-कभी मानव हितों की अनदेखी करके।
- विकासवादी (Developmentalist): ये आर्थिक विकास को प्राथमिकता देते हैं और मानते हैं कि पर्यावरण की कीमत पर विकास आवश्यक है।
- पारि-नारीवाद (Ecofeminism): यह दृष्टिकोण मानता है कि प्रकृति पर पुरुषों का प्रभुत्व और महिलाओं पर पुरुषों का प्रभुत्व आपस में जुड़े हुए हैं। वंदना शिवा इसकी एक प्रमुख प्रस्तावक हैं।
- टिकाऊ विकास (Sustainable Development): यह सबसे संतुलित दृष्टिकोण है। इसका लक्ष्य एक ऐसा विकास करना है जो वर्तमान पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करे और आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों से समझौता न करे।
अभ्यास के लिए 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1: 'सामाजिक पारिस्थितिकी' (Social Ecology) की अवधारणा का मूल तर्क क्या है?
(क) पर्यावरणीय समस्याएँ केवल तकनीकी विफलता का परिणाम हैं।
(ख) समाज में मौजूद प्रभुत्व और असमानता ही पर्यावरणीय समस्याओं की जड़ हैं।
(ग) जनसंख्या वृद्धि ही सभी पर्यावरणीय समस्याओं का एकमात्र कारण है।
(घ) पर्यावरण और समाज दो अलग-अलग इकाइयाँ हैं।
उत्तर: (ख) समाज में मौजूद प्रभुत्व और असमानता ही पर्यावरणीय समस्याओं की जड़ हैं।
व्याख्या: सामाजिक पारिस्थितिकी मानती है कि जब तक समाज में असमानता रहेगी, तब तक पर्यावरण का शोषण भी जारी रहेगा।
प्रश्न 2: 'जोखिम समाज' (Risk Society) की अवधारणा किस समाजशास्त्री ने दी है?
(क) कार्ल मार्क्स
(ख) मैक्स वेबर
(ग) उलरिक बेक
(घ) एम.एन. श्रीनिवास
उत्तर: (ग) उलरिक बेक
व्याख्या: उलरिक बेक ने तर्क दिया कि आधुनिक समाज प्रौद्योगिकी के माध्यम से ऐसे नए जोखिम पैदा कर रहा है जिनका प्रभाव वैश्विक और विनाशकारी हो सकता है।
प्रश्न 3: 'टिकाऊ विकास' (Sustainable Development) का क्या अर्थ है?
(क) केवल तीव्र आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना।
(ख) पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी प्रकार के विकास को रोक देना।
(ग) वर्तमान की जरूरतों को पूरा करना, बिना भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों से समझौता किए।
(घ) केवल नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग करना।
उत्तर: (ग) वर्तमान की जरूरतों को पूरा करना, बिना भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों से समझौता किए।
व्याख्या: यह विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने का एक दृष्टिकोण है।
प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन सा ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण है?
(क) ओजोन परत का क्षरण
(ख) ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन
(ग) अम्ल वर्षा
(घ) ध्वनि प्रदूषण
उत्तर: (ख) ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन
व्याख्या: कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसें पृथ्वी के वायुमंडल में गर्मी को रोक लेती हैं, जिससे तापमान बढ़ता है।
प्रश्न 5: पारि-नारीवाद (Ecofeminism) किस विचार पर आधारित है?
(क) महिलाएँ पुरुषों की तुलना में पर्यावरण की बेहतर देखभाल करती हैं।
(ख) प्रकृति पर प्रभुत्व और महिलाओं पर पितृसत्तात्मक प्रभुत्व के बीच एक गहरा संबंध है।
(ग) सभी पर्यावरणीय आंदोलनों का नेतृत्व महिलाओं को करना चाहिए।
(घ) पर्यावरण संरक्षण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी है।
उत्तर: (ख) प्रकृति पर प्रभुत्व और महिलाओं पर पितृसत्तात्मक प्रभुत्व के बीच एक गहरा संबंध है।
व्याख्या: पारि-नारीवाद इन दोनों प्रकार के प्रभुत्व को एक ही शोषणकारी मानसिकता का परिणाम मानता है।
प्रश्न 6: भारत में 'चिपको आंदोलन' मुख्य रूप से किससे संबंधित था?
(क) बड़े बांधों के विरोध से
(ख) वायु प्रदूषण के खिलाफ
(ग) वनों की कटाई को रोकने से
(घ) जीएम फसलों के विरोध से
उत्तर: (ग) वनों की कटाई को रोकने से
व्याख्या: यह उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) में पेड़ों को काटने से बचाने के लिए एक प्रसिद्ध पर्यावरण आंदोलन था, जिसमें महिलाएँ पेड़ों से चिपक जाती थीं।
प्रश्न 7: जब किसी पर्यावरणीय आपदा का प्रभाव समाज के गरीब और वंचित वर्गों पर असमान रूप से अधिक पड़ता है, तो इसे क्या कहा जाता है?
(क) पर्यावरणीय समाजवाद
(ख) पर्यावरणीय न्याय का मुद्दा
(ग) पर्यावरणीय निर्धारणवाद
(घ) पर्यावरणीय पर्यटन
उत्तर: (ख) पर्यावरणीय न्याय का मुद्दा
व्याख्या: पर्यावरणीय न्याय यह सुनिश्चित करने की मांग करता है कि पर्यावरणीय लाभ और हानियों का वितरण समाज में निष्पक्ष रूप से हो।
प्रश्न 8: निम्नलिखित में से कौन सा एक अनवीकरणीय (Non-renewable) संसाधन का उदाहरण है?
(क) सौर ऊर्जा
(ख) जल
(ग) वन
(घ) कोयला
उत्तर: (घ) कोयला
व्याख्या: कोयला जीवाश्म ईंधन है जिसे बनने में लाखों वर्ष लगते हैं और इसका भंडार सीमित है।
प्रश्न 9: भोपाल गैस त्रासदी किस प्रकार के जोखिम का एक उदाहरण है?
(क) विशुद्ध प्राकृतिक आपदा
(ख) मानव निर्मित या प्रौद्योगिकीय जोखिम
(ग) सामाजिक जोखिम
(घ) आर्थिक जोखिम
उत्तर: (ख) मानव निर्मित या प्रौद्योगिकीय जोखिम
व्याख्या: यह एक औद्योगिक दुर्घटना थी जो एक कीटनाशक संयंत्र से जहरीली गैस के रिसाव के कारण हुई थी।
प्रश्न 10: 'पारिस्थितिकी' (Ecology) शब्द का संबंध किसके अध्ययन से है?
(क) केवल समाज की संरचना के अध्ययन से
(ख) केवल पृथ्वी की भौगोलिक विशेषताओं के अध्ययन से
(ग) जीवों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच के संबंधों के अध्ययन से
(घ) केवल प्रदूषण के कारणों के अध्ययन से
उत्तर: (ग) जीवों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच के संबंधों के अध्ययन से
व्याख्या: पारिस्थितिकी एक व्यापक विज्ञान है जो जीवित और निर्जीव घटकों के बीच की अंतर्निर्भरता का अध्ययन करता है।
इन नोट्स और प्रश्नों का अच्छी तरह से अध्ययन करें। यह आपको इस अध्याय की गहरी समझ विकसित करने में मदद करेगा। आपकी परीक्षा के लिए शुभकामनाएँ