Class 11 Sociology Notes Chapter 4 (संस्कृति तथा सामाजीकरण) – SamajShashtra-I Book

SamajShashtra-I
चलिए, आज हम समाजशास्त्र की कक्षा 11 की पुस्तक के अध्याय 4, 'संस्कृति तथा सामाजीकरण' का गहन अध्ययन करेंगे। यह अध्याय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समाज की मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट करता है।

अध्याय 4: संस्कृति तथा सामाजीकरण (विस्तृत नोट्स)

यह अध्याय दो मुख्य भागों में विभाजित है: संस्कृति और सामाजीकरण। दोनों ही समाज के निर्माण और निरंतरता के लिए आवश्यक हैं।


भाग 1: संस्कृति (Culture)

1. संस्कृति का अर्थ:
संस्कृति का अर्थ केवल संगीत, नृत्य या कला नहीं है। समाजशास्त्र में, संस्कृति एक समूह या समाज की 'जीवन शैली' को संदर्भित करती है। इसमें वे सभी सीखी हुई बातें शामिल हैं जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हस्तांतरित होती हैं, जैसे - विचार, मूल्य, विश्वास, भाषा, रीति-रिवाज, व्यवहार के तरीके और भौतिक वस्तुएँ।

2. संस्कृति की परिभाषा:

  • एडवर्ड टाइलर (Edward Tylor) के अनुसार: "संस्कृति वह जटिल समग्रता है जिसमें ज्ञान, विश्वास, कला, नैतिकता, कानून, प्रथा और ऐसी अन्य क्षमताएँ और आदतें शामिल हैं जिन्हें मनुष्य समाज के सदस्य के रूप में प्राप्त करता है।" यह परिभाषा सबसे व्यापक और स्वीकृत परिभाषाओं में से एक है।

3. संस्कृति के आयाम (Dimensions of Culture):
संस्कृति के तीन मुख्य आयाम हैं:

  • संज्ञानात्मक (Cognitive): इसका संबंध 'जानने' या 'समझने' की प्रक्रियाओं से है। इसमें वे सभी विचार, विश्वास और ज्ञान शामिल हैं जो हम अपने परिवेश को समझने के लिए उपयोग करते हैं।
  • मानदंडीय (Normative): इसका संबंध आचरण के नियमों से है। इसमें मूल्य (values) और मानदंड (norms) शामिल होते हैं जो बताते हैं कि क्या सही है और क्या गलत, और हमें कैसा व्यवहार करना चाहिए।
  • भौतिक (Material): इसमें मानव द्वारा निर्मित सभी भौतिक या मूर्त वस्तुएँ शामिल हैं, जैसे - उपकरण, प्रौद्योगिकी, भवन, कपड़े, मशीनें आदि।

4. संस्कृति के प्रकार (Types of Culture):
मुख्य रूप से संस्कृति को दो भागों में बांटा गया है:

  • भौतिक संस्कृति (Material Culture): वे सभी वस्तुएँ जिन्हें हम देख और छू सकते हैं। उदाहरण: कंप्यूटर, मोबाइल फोन, सड़कें, बर्तन, किताबें।
  • अभौतिक संस्कृति (Non-material Culture): वे सभी अमूर्त चीज़ें जो समाज के सदस्यों द्वारा साझा की जाती हैं। उदाहरण: भाषा, मूल्य (जैसे ईमानदारी, समानता), विश्वास (धार्मिक विश्वास), मानदंड (बड़ों का सम्मान करना), प्रथाएँ।

5. संस्कृति से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाएँ:

  • मूल्य (Values): ये समाज में सही-गलत, अच्छे-बुरे और वांछनीय-अवांछनीय के बारे में साझा विचार हैं। उदाहरण: भारतीय समाज में बड़ों का सम्मान करना एक महत्वपूर्ण मूल्य है।
  • मानदंड (Norms): ये व्यवहार के विशिष्ट नियम हैं जो मूल्यों पर आधारित होते हैं। मानदंड दो प्रकार के होते हैं:
    • लोकरीतियाँ (Folkways): ये दैनिक जीवन के सामान्य शिष्टाचार हैं, जिनका उल्लंघन करने पर कोई कठोर दंड नहीं मिलता। जैसे - खाने का तरीका, अभिवादन का तरीका।
    • रूढ़ियाँ (Mores): ये समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानदंड होते हैं, जिनका उल्लंघन गंभीर माना जाता है और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान होता है। जैसे - चोरी न करना, हत्या न करना।
  • नृजातीयकेंद्रवाद (Ethnocentrism): यह अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ मानने और दूसरी संस्कृतियों का मूल्यांकन अपनी संस्कृति के मानदंडों के आधार पर करने की प्रवृत्ति है। यह अक्सर पूर्वाग्रह को जन्म देता है।
  • विश्वग्रामीयता/सार्वभौमिकता (Cosmopolitanism): यह नृजातीयकेंद्रवाद के विपरीत है। इसमें व्यक्ति दूसरी संस्कृतियों को महत्व देता है और उनका सम्मान करता है। वह सभी संस्कृतियों से सीखने और उन्हें अपनाने के लिए तैयार रहता है।
  • उपसंस्कृति (Subculture): यह एक बड़े समाज के भीतर एक ऐसा समूह है जिसके अपने विशिष्ट मूल्य, मानदंड और जीवन शैली होती है, जो मुख्यधारा की संस्कृति से कुछ भिन्न होती है। उदाहरण: किसी कॉलेज के छात्रों का समूह, रॉक संगीत के प्रशंसक।
  • प्रति-संस्कृति (Counter-culture): यह एक ऐसी उपसंस्कृति है जो न केवल मुख्यधारा की संस्कृति से भिन्न होती है, बल्कि सक्रिय रूप से उसके मूल्यों और मानदंडों का विरोध भी करती है। उदाहरण: 1960 के दशक में अमेरिका का 'हिप्पी' आंदोलन।
  • सांस्कृतिक विलंबना (Cultural Lag): यह अवधारणा विलियम ऑगबर्न (William Ogburn) ने दी थी। इसके अनुसार, संस्कृति का भौतिक पक्ष (प्रौद्योगिकी, आविष्कार) अभौतिक पक्ष (मूल्य, विश्वास, मानदंड) की तुलना में अधिक तेज़ी से बदलता है। इन दोनों के बीच पैदा होने वाले इस अंतर को सांस्कृतिक विलंबना कहते हैं। उदाहरण: इंटरनेट और सोशल मीडिया (भौतिक पक्ष) बहुत तेज़ी से विकसित हुए, लेकिन उनसे संबंधित नियम, कानून और शिष्टाचार (अभौतिक पक्ष) विकसित होने में समय लगा।

भाग 2: सामाजीकरण (Socialization)

1. सामाजीकरण का अर्थ:
सामाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक असहाय शिशु धीरे-धीरे आत्म-जागरूक, ज्ञानी व्यक्ति बनता है और अपने समाज की संस्कृति के तरीकों को सीखता है। यह एक जीवन भर चलने वाली प्रक्रिया है। इसी प्रक्रिया के माध्यम से व्यक्ति समाज का एक क्रियाशील सदस्य बनता है।

2. सामाजीकरण का उद्देश्य:

  • व्यक्ति को सामाजिक भूमिकाएँ निभाने के लिए तैयार करना।
  • समाज के मूल्यों, मानदंडों और विश्वासों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाना (संस्कृति का हस्तांतरण)।
  • व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास करना।
  • समाज में सामाजिक नियंत्रण बनाए रखना।

3. सामाजीकरण के अभिकरण/एजेंसियां (Agencies of Socialization):
वे संस्थाएँ या समूह जो सामाजीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उन्हें सामाजीकरण के अभिकरण कहा जाता है।

  • परिवार (Family): यह सामाजीकरण का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण अभिकरण है। इसे प्राथमिक सामाजीकरण (Primary Socialization) का केंद्र माना जाता है। बच्चा अपनी भाषा, प्रारंभिक मूल्य और व्यवहार के तरीके परिवार में ही सीखता है।
  • संगी-समूह/मित्र-मंडली (Peer Group): किशोरावस्था में इसका प्रभाव बहुत बढ़ जाता है। यहाँ व्यक्ति समानता के रिश्ते में रहना, सहयोग करना और अपनी पहचान बनाना सीखता है। कभी-कभी संगी-समूह का दबाव परिवार के मूल्यों के विरुद्ध भी हो सकता है।
  • विद्यालय (School): यह सामाजीकरण का एक औपचारिक अभिकरण है। यहाँ बच्चा केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, नियमों का पालन, सहयोग और प्रतिस्पर्धा जैसी बातें भी सीखता है। विद्यालय में एक 'प्रच्छन्न पाठ्यचर्या' (Hidden Curriculum) भी होती है, जिसमें बच्चे अनौपचारिक रूप से कई सामाजिक नियम सीखते हैं।
  • जनसंचार माध्यम (Mass Media): आज के युग में टीवी, इंटरनेट, सोशल मीडिया, समाचार पत्र आदि सामाजीकरण के शक्तिशाली अभिकरण बन गए हैं। ये हमारे विचारों, फैशन, जीवन शैली और दुनिया को देखने के नजरिए को बहुत प्रभावित करते हैं।
  • अन्य अभिकरण: कार्यस्थल, धार्मिक संस्थाएँ, राजनीतिक दल आदि भी व्यक्ति के जीवन के विभिन्न चरणों में उसके सामाजीकरण में भूमिका निभाते हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: "संस्कृति वह जटिल समग्रता है जिसमें ज्ञान, विश्वास, कला, नैतिकता, कानून, प्रथा शामिल हैं।" यह प्रसिद्ध परिभाषा किस समाजशास्त्री ने दी है?
(क) कार्ल मार्क्स
(ख) मैक्स वेबर
(ग) एडवर्ड टाइलर
(घ) इमाइल दुर्खीम

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन सा अभौतिक संस्कृति का उदाहरण है?
(क) एक स्मार्टफोन
(ख) एक पारंपरिक पोशाक
(ग) यातायात के नियम
(घ) एक ऐतिहासिक इमारत

प्रश्न 3: जब कोई व्यक्ति अपनी संस्कृति को अन्य सभी संस्कृतियों से श्रेष्ठ समझता है, तो इस प्रवृत्ति को क्या कहा जाता है?
(क) विश्वग्रामीयता
(ख) नृजातीयकेंद्रवाद
(ग) सामाजीकरण
(घ) उपसंस्कृति

प्रश्न 4: 'सांस्कृतिक विलंबना' (Cultural Lag) की अवधारणा किसने प्रतिपादित की?
(क) हर्बर्ट स्पेंसर
(ख) विलियम ऑगबर्न
(ग) रॉबर्ट मर्टन
(घ) अगस्त कॉम्त

प्रश्न 5: सामाजीकरण का प्राथमिक अभिकरण (Primary Agency) किसे माना जाता है?
(क) विद्यालय
(ख) संगी-समूह
(ग) परिवार
(घ) जनसंचार माध्यम

प्रश्न 6: समाज के वे मानदंड जिनका उल्लंघन गंभीर माना जाता है और जिसके लिए कठोर दंड दिया जा सकता है, क्या कहलाते हैं?
(क) लोकरीतियाँ (Folkways)
(ख) मूल्य (Values)
(ग) रूढ़ियाँ (Mores)
(घ) विश्वास (Beliefs)

प्रश्न 7: 1960 के दशक में अमेरिका का 'हिप्पी आंदोलन', जो तत्कालीन मुख्यधारा के मूल्यों का विरोध करता था, किसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है?
(क) उपसंस्कृति
(ख) प्रति-संस्कृति
(ग) नृजातीयकेंद्रवाद
(घ) भौतिक संस्कृति

प्रश्न 8: विद्यालय में छात्रों द्वारा अनौपचारिक रूप से सीखे गए सामाजिक नियम और मूल्य, जो औपचारिक पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होते, क्या कहलाते हैं?
(क) द्वितीयक सामाजीकरण
(ख) प्रत्याशित सामाजीकरण
(ग) प्रच्छन्न पाठ्यचर्या (Hidden Curriculum)
(घ) सांस्कृतिक हस्तांतरण

प्रश्न 9: प्रौद्योगिकी और मशीनों में तेज़ी से बदलाव होता है, लेकिन लोगों के विश्वास और मूल्यों में बदलाव धीमी गति से होता है। यह स्थिति क्या दर्शाती है?
(क) सांस्कृतिक सापेक्षवाद
(ख) सांस्कृतिक एकीकरण
(ग) सांस्कृतिक विलंबना
(घ) सांस्कृतिक आत्मसात्करण

प्रश्न 10: सामाजीकरण की प्रक्रिया:
(क) केवल बचपन में होती है
(ख) केवल किशोरावस्था में होती है
(ग) जन्म से मृत्यु तक चलती है
(घ) केवल विद्यालय में होती है


उत्तरमाला:

  1. (ग) एडवर्ड टाइलर
  2. (ग) यातायात के नियम
  3. (ख) नृजातीयकेंद्रवाद
  4. (ख) विलियम ऑगबर्न
  5. (ग) परिवार
  6. (ग) रूढ़ियाँ (Mores)
  7. (ख) प्रति-संस्कृति
  8. (ग) प्रच्छन्न पाठ्यचर्या (Hidden Curriculum)
  9. (ग) सांस्कृतिक विलंबना
  10. (ग) जन्म से मृत्यु तक चलती है

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