Class 12 Accountancy Notes Chapter 3 (कंपनी के वित्तीय विवरण) – Lekhashashtra Part-II Book

Lekhashashtra Part-II
प्रिय विद्यार्थियों, आज हम लेखाशास्त्र के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय, 'कंपनी के वित्तीय विवरण' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी बोर्ड परीक्षाओं के लिए बल्कि विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी आधारभूत और महत्वपूर्ण है। आइए, इस विषय की गहराई को समझते हुए इसके हर पहलू पर विस्तार से चर्चा करें।


अध्याय 3: कंपनी के वित्तीय विवरण (Financial Statements of a Company)

1. परिचय (Introduction)

वित्तीय विवरण किसी कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य और प्रदर्शन की एक औपचारिक रिपोर्ट होती है। ये एक निश्चित अवधि के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति और एक निश्चित तिथि पर उसकी वित्तीय स्थिति को दर्शाते हैं।

  • अर्थ: वित्तीय विवरण वे संगठित सारांश होते हैं जो कंपनी के वित्तीय लेन-देन और घटनाओं को एक संरचित तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
  • उद्देश्य:
    • निवेशकों और लेनदारों को निर्णय लेने में उपयोगी जानकारी प्रदान करना।
    • कंपनी की लाभप्रदता, शोधन क्षमता और तरलता का मूल्यांकन करना।
    • प्रबंधन को योजना बनाने और नियंत्रण करने में सहायता करना।
    • कानूनी और नियामक आवश्यकताओं का पालन करना।
  • उपयोगकर्ता:
    • आंतरिक उपयोगकर्ता: प्रबंधन, कर्मचारी।
    • बाहरी उपयोगकर्ता: निवेशक (वर्तमान और संभावित), लेनदार, बैंक, सरकार और नियामक एजेंसियां, ग्राहक, शोधकर्ता और आम जनता।

2. वित्तीय विवरणों की प्रकृति (Nature of Financial Statements)

वित्तीय विवरण पूरी तरह से सटीक नहीं होते, बल्कि कुछ धारणाओं और निर्णयों पर आधारित होते हैं:

  • रिकॉर्ड किए गए तथ्य: ये केवल उन्हीं लेन-देनों पर आधारित होते हैं जिन्हें लेखा पुस्तकों में दर्ज किया गया है।
  • लेखांकन अवधारणाएँ और परिपाटियाँ: ये गोइंग कंसर्न (चालू व्यवसाय), उपार्जन (Accrual), रूढ़िवादिता (Prudence) आदि लेखांकन अवधारणाओं और परिपाटियों के आधार पर तैयार किए जाते हैं।
  • व्यक्तिगत निर्णय: मूल्यह्रास की विधि, स्टॉक का मूल्यांकन, संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान आदि में प्रबंधन के व्यक्तिगत निर्णयों का प्रभाव होता है।
  • ऐतिहासिक लागत: अधिकांश परिसंपत्तियाँ ऐतिहासिक लागत पर दर्ज की जाती हैं, न कि वर्तमान बाजार मूल्य पर।

3. वित्तीय विवरणों के घटक (Components of Financial Statements)

कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 129 के अनुसार, प्रत्येक कंपनी को अपने वित्तीय विवरण कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची III के भाग I और भाग II में निर्धारित प्रारूप के अनुसार तैयार करने होते हैं।

वित्तीय विवरणों में मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल होते हैं:

  1. तुलन पत्र (Balance Sheet)
  2. लाभ और हानि विवरण (Statement of Profit and Loss)
  3. नकद प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement) (कुछ कंपनियों के लिए अनिवार्य)
  4. वित्तीय विवरणों के नोट्स (Notes to Financial Statements)
  5. लेखांकन नीतियों का सार (Summary of Significant Accounting Policies)
  6. इक्विटी में परिवर्तनों का विवरण (Statement of Changes in Equity) (यदि लागू हो)

आइए, तुलन पत्र और लाभ और हानि विवरण के प्रारूप को विस्तार से देखें:

A. तुलन पत्र (Balance Sheet)
(कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची III के भाग I के अनुसार प्रारूप)

विवरण नोट संख्या चालू वर्ष की राशि (₹) पिछले वर्ष की राशि (₹)
I. इक्विटी और देयताएँ (EQUITY AND LIABILITIES)
1. शेयरधारक निधि (Shareholders' Funds)
(a) शेयर पूंजी (Share Capital)
(b) संचितियाँ और अधिशेष (Reserves and Surplus)
(c) शेयर वारंट के विरुद्ध प्राप्त धन (Money received against share warrants)
2. शेयर आवेदन धन आबंटन लंबित (Share Application Money pending allotment)
3. गैर-चालू देयताएँ (Non-Current Liabilities)
(a) दीर्घकालिक उधार (Long-term Borrowings)
(b) आस्थगित कर देयताएँ (शुद्ध) (Deferred Tax Liabilities (Net))
(c) अन्य दीर्घकालिक देयताएँ (Other Long-term Liabilities)
(d) दीर्घकालिक प्रावधान (Long-term Provisions)
4. चालू देयताएँ (Current Liabilities)
(a) अल्पकालिक उधार (Short-term Borrowings)
(b) व्यापार देय (Trade Payables)
(c) अन्य चालू देयताएँ (Other Current Liabilities)
(d) अल्पकालिक प्रावधान (Short-term Provisions)
कुल इक्विटी और देयताएँ (Total Equity and Liabilities)
II. परिसंपत्तियाँ (ASSETS)
1. गैर-चालू परिसंपत्तियाँ (Non-Current Assets)
(a) स्थायी परिसंपत्तियाँ (Fixed Assets)
(i) मूर्त परिसंपत्तियाँ (Tangible Assets)
(ii) अमूर्त परिसंपत्तियाँ (Intangible Assets)
(iii) पूंजीगत कार्य प्रगति पर (Capital Work-in-Progress)
(iv) विकास के अधीन अमूर्त परिसंपत्तियाँ (Intangible Assets under Development)
(b) गैर-चालू निवेश (Non-Current Investments)
(c) आस्थगित कर परिसंपत्तियाँ (शुद्ध) (Deferred Tax Assets (Net))
(d) दीर्घकालिक ऋण और अग्रिम (Long-term Loans and Advances)
(e) अन्य गैर-चालू परिसंपत्तियाँ (Other Non-Current Assets)
2. चालू परिसंपत्तियाँ (Current Assets)
(a) चालू निवेश (Current Investments)
(b) मालसूची (Inventories)
(c) व्यापार प्राप्तियाँ (Trade Receivables)
(d) नकद और नकद समकक्ष (Cash and Cash Equivalents)
(e) अल्पकालिक ऋण और अग्रिम (Short-term Loans and Advances)
(f) अन्य चालू परिसंपत्तियाँ (Other Current Assets)
कुल परिसंपत्तियाँ (Total Assets)

B. लाभ और हानि विवरण (Statement of Profit and Loss)
(कंपनी अधिनियम, 2013 की अनुसूची III के भाग II के अनुसार प्रारूप)

विवरण नोट संख्या चालू वर्ष की राशि (₹) पिछले वर्ष की राशि (₹)
I. प्रचालन से राजस्व (Revenue from Operations)
II. अन्य आय (Other Income)
III. कुल राजस्व (Total Revenue) (I + II)
IV. व्यय (Expenses)
(a) उपभोग की गई सामग्री की लागत (Cost of Materials Consumed)
(b) स्टॉक-इन-ट्रेड की खरीद (Purchases of Stock-in-Trade)
(c) मालसूची में परिवर्तन (Changes in Inventories of Finished Goods, Work-in-Progress and Stock-in-Trade)
(d) कर्मचारी लाभ व्यय (Employee Benefits Expense)
(e) वित्त लागत (Finance Costs)
(f) मूल्यह्रास और परिशोधन व्यय (Depreciation and Amortisation Expense)
(g) अन्य व्यय (Other Expenses)
कुल व्यय (Total Expenses)
V. कर और असाधारण मदों से पहले लाभ (Profit before exceptional and extraordinary items and tax) (III - IV)
VI. असाधारण मदें (Exceptional Items)
VII. असाधारण मदों और कर से पहले लाभ (Profit before extraordinary items and tax) (V - VI)
VIII. असाधारण मदें (Extraordinary Items)
IX. कर से पहले लाभ (Profit before tax) (VII - VIII)
X. कर व्यय (Tax Expense)
(a) चालू कर (Current Tax)
(b) आस्थगित कर (Deferred Tax)
XI. अवधि के लिए लाभ/हानि (Profit/Loss for the period) (IX - X)

C. नकद प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement)

यह एक निश्चित अवधि के दौरान कंपनी के नकदी और नकद समकक्षों के अंतर्वाह और बहिर्वाह को दर्शाता है। इसे परिचालन, निवेश और वित्तपोषण गतिविधियों में वर्गीकृत किया जाता है। (इसका विस्तृत अध्ययन अगले अध्याय में किया जाएगा)।

D. वित्तीय विवरणों के नोट्स (Notes to Financial Statements)

ये वित्तीय विवरणों का एक अभिन्न अंग होते हैं। ये मुख्य विवरणों में दी गई मदों के बारे में अतिरिक्त जानकारी, स्पष्टीकरण और विस्तृत विवरण प्रदान करते हैं। इनमें लेखांकन नीतियां, आकस्मिक देयताएँ, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होती है जो उपयोगकर्ताओं को वित्तीय विवरणों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है।

4. वित्तीय विवरणों की सीमाएँ (Limitations of Financial Statements)

  • ऐतिहासिक लागत पर आधारित: परिसंपत्तियाँ आमतौर पर उनकी मूल लागत पर दिखाई जाती हैं, जो उनके वर्तमान बाजार मूल्य को प्रतिबिंबित नहीं करती।
  • मुद्रास्फीति का प्रभाव: मुद्रास्फीति के कारण मुद्रा के मूल्य में परिवर्तन को ठीक से समायोजित नहीं किया जाता।
  • गैर-मौद्रिक पहलुओं की उपेक्षा: प्रबंधन की गुणवत्ता, कर्मचारी संबंध, औद्योगिक शांति आदि जैसे महत्वपूर्ण गैर-मौद्रिक पहलुओं को वित्तीय विवरणों में शामिल नहीं किया जाता।
  • व्यक्तिगत निर्णय और अनुमान: लेखांकन अनुमानों (जैसे मूल्यह्रास दर, संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान) और व्यक्तिगत निर्णयों का विवरणों पर प्रभाव पड़ता है।
  • विंडो ड्रेसिंग की संभावना: प्रबंधन द्वारा वित्तीय स्थिति को बेहतर दिखाने के लिए हेरफेर किया जा सकता है।
  • सटीकता की कमी: ये पूर्णतः सटीक नहीं होते बल्कि अनुमानों पर आधारित होते हैं।

5. वित्तीय विवरणों की गुणवत्तात्मक विशेषताएँ (Qualitative Characteristics of Financial Statements)

ये विशेषताएँ वित्तीय विवरणों की उपयोगिता को बढ़ाती हैं:

  • बोधगम्यता (Understandability): जानकारी को इस तरह से प्रस्तुत किया जाना चाहिए कि वह उपयोगकर्ताओं द्वारा आसानी से समझी जा सके।
  • प्रासंगिकता (Relevance): जानकारी में उपयोगकर्ताओं के निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • विश्वसनीयता (Reliability): जानकारी त्रुटियों और पूर्वाग्रह से मुक्त होनी चाहिए, और उसे ईमानदारी से प्रस्तुत करना चाहिए।
  • तुलनीयता (Comparability): जानकारी को समय के साथ (एक ही इकाई के लिए) और विभिन्न संस्थाओं के बीच (एक ही लेखांकन नीतियों का उपयोग करके) तुलना करने योग्य होना चाहिए।

6. महत्वपूर्ण शब्दावली और बिंदु (Important Terminology and Points)

  • कार्यशील पूंजी (Working Capital): चालू परिसंपत्तियाँ - चालू देयताएँ। यह कंपनी की अल्पकालिक तरलता का माप है।
  • संचितियाँ और अधिशेष (Reserves & Surplus): इसमें पूंजी संचिति, प्रतिभूति प्रीमियम संचिति, सामान्य संचिति, लाभ और हानि विवरण का शेष आदि शामिल होते हैं।
  • दीर्घकालिक प्रावधान (Long-term Provisions): ऐसे प्रावधान जो 12 महीने या एक परिचालन चक्र से अधिक समय के बाद देय होते हैं, जैसे कर्मचारी लाभों के लिए प्रावधान।
  • अल्पकालिक प्रावधान (Short-term Provisions): ऐसे प्रावधान जो 12 महीने या एक परिचालन चक्र के भीतर देय होते हैं, जैसे कर के लिए प्रावधान।
  • व्यापार प्राप्तियाँ (Trade Receivables): देनदार और प्राप्य बिल।
  • व्यापार देय (Trade Payables): लेनदार और देय बिल।
  • परिचालन चक्र (Operating Cycle): यह वह समय होता है जो नकदी को माल और सेवाओं में निवेश करने से लेकर उन माल और सेवाओं की बिक्री से नकदी प्राप्त करने तक लगता है। यदि परिचालन चक्र 12 महीने से अधिक है, तो उस चक्र को आधार माना जाता है, अन्यथा 12 महीने को।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) - 10 प्रश्न

  1. कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार, कंपनी के वित्तीय विवरण किस अनुसूची के भाग I और II में निर्धारित प्रारूप के अनुसार तैयार किए जाते हैं?
    a) अनुसूची II
    b) अनुसूची III
    c) अनुसूची IV
    d) अनुसूची V

  2. निम्नलिखित में से कौन-सा तुलन पत्र में 'शेयरधारक निधि' का एक घटक नहीं है?
    a) शेयर पूंजी
    b) संचितियाँ और अधिशेष
    c) शेयर आवेदन धन आबंटन लंबित
    d) शेयर वारंट के विरुद्ध प्राप्त धन

  3. 'पूंजीगत कार्य प्रगति पर' (Capital Work-in-Progress) को तुलन पत्र में किस मुख्य शीर्षक के अंतर्गत दर्शाया जाता है?
    a) चालू परिसंपत्तियाँ
    b) गैर-चालू परिसंपत्तियाँ
    c) शेयरधारक निधि
    d) गैर-चालू देयताएँ

  4. निम्नलिखित में से कौन-सी मद लाभ और हानि विवरण में 'प्रचालन से राजस्व' का हिस्सा नहीं है?
    a) माल की बिक्री से राजस्व
    b) सेवाओं के प्रावधान से राजस्व
    c) निवेश पर प्राप्त ब्याज
    d) स्क्रैप की बिक्री से राजस्व

  5. एक कंपनी के वित्तीय विवरणों की एक सीमा क्या है?
    a) बोधगम्यता
    b) विश्वसनीयता
    c) ऐतिहासिक लागत पर आधारित होना
    d) तुलनीयता

  6. 'आस्थगित कर देयताएँ (शुद्ध)' तुलन पत्र में किस मुख्य शीर्षक के अंतर्गत आती हैं?
    a) चालू देयताएँ
    b) गैर-चालू देयताएँ
    c) शेयरधारक निधि
    d) अन्य चालू देयताएँ

  7. वित्तीय विवरणों की कौन-सी गुणवत्तात्मक विशेषता यह सुनिश्चित करती है कि जानकारी उपयोगकर्ताओं के निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सके?
    a) बोधगम्यता
    b) विश्वसनीयता
    c) प्रासंगिकता
    d) तुलनीयता

  8. 'कर्मचारी लाभ व्यय' को लाभ और हानि विवरण में किस मुख्य शीर्षक के अंतर्गत दर्शाया जाता है?
    a) प्रचालन से राजस्व
    b) अन्य आय
    c) व्यय
    d) कर से पहले लाभ

  9. निम्नलिखित में से कौन-सा 'चालू परिसंपत्ति' का उदाहरण नहीं है?
    a) मालसूची
    b) व्यापार प्राप्तियाँ
    c) दीर्घकालिक ऋण और अग्रिम
    d) नकद और नकद समकक्ष

  10. 'कार्यशील पूंजी' की गणना कैसे की जाती है?
    a) कुल परिसंपत्तियाँ - कुल देयताएँ
    b) चालू परिसंपत्तियाँ - चालू देयताएँ
    c) गैर-चालू परिसंपत्तियाँ - गैर-चालू देयताएँ
    d) शेयर पूंजी + संचितियाँ और अधिशेष


उत्तर कुंजी (MCQs):

  1. b) अनुसूची III
  2. c) शेयर आवेदन धन आबंटन लंबित
  3. b) गैर-चालू परिसंपत्तियाँ
  4. c) निवेश पर प्राप्त ब्याज (यह 'अन्य आय' का हिस्सा है)
  5. c) ऐतिहासिक लागत पर आधारित होना
  6. b) गैर-चालू देयताएँ
  7. c) प्रासंगिकता
  8. c) व्यय
  9. c) दीर्घकालिक ऋण और अग्रिम
  10. b) चालू परिसंपत्तियाँ - चालू देयताएँ

मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। किसी भी अन्य स्पष्टीकरण के लिए आप पूछ सकते हैं।

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