Class 12 Accountancy Notes Chapter 6 (रोकड़ प्रवाह विवरण) – Lekhashashtra Part-II Book

Lekhashashtra Part-II
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम लेखाशास्त्र के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'रोकड़ प्रवाह विवरण' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। यह अध्याय न केवल सैद्धांतिक समझ के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि व्यावहारिक अनुप्रयोगों और बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए भी आधार प्रदान करता है।


अध्याय 6: रोकड़ प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement)

1. परिचय (Introduction)
रोकड़ प्रवाह विवरण एक वित्तीय विवरण है जो एक निश्चित लेखांकन अवधि के दौरान रोकड़ और रोकड़ समतुल्य के अंतर्वाह (Inflows) और बहिर्वाह (Outflows) को दर्शाता है। यह विवरण बताता है कि एक व्यावसायिक इकाई ने अपनी रोकड़ कहाँ से प्राप्त की और उसे कहाँ उपयोग किया। यह कंपनी की तरलता (Liquidity) और शोधन क्षमता (Solvency) का मूल्यांकन करने में सहायक होता है।

2. रोकड़ और रोकड़ समतुल्य (Cash and Cash Equivalents)

  • रोकड़ (Cash): इसमें हाथ में रोकड़ (Cash in Hand) और बैंक में मांग जमा (Demand Deposits with Banks) शामिल है।
  • रोकड़ समतुल्य (Cash Equivalents): ये अल्पकालिक, अत्यधिक तरल निवेश होते हैं जिन्हें रोकड़ में आसानी से परिवर्तनीय माना जाता है और जिनके मूल्य में परिवर्तन का जोखिम नगण्य होता है। इनकी परिपक्वता अवधि (Maturity Period) आमतौर पर अधिग्रहण की तारीख से तीन महीने या उससे कम होती है।
    • उदाहरण: बैंक ओवरड्राफ्ट (यदि यह कंपनी की रोकड़ प्रबंधन का एक अभिन्न अंग है), ट्रेजरी बिल, वाणिज्यिक पत्र, मुद्रा बाजार म्यूचुअल फंड में निवेश।

3. रोकड़ प्रवाह विवरण के उद्देश्य (Objectives of Cash Flow Statement)

  • एक अवधि में रोकड़ की प्राप्ति और भुगतान के कारणों की जानकारी प्रदान करना।
  • कंपनी की रोकड़ उत्पन्न करने की क्षमता का मूल्यांकन करने में मदद करना।
  • भविष्य के रोकड़ प्रवाह का पूर्वानुमान लगाने में सहायक होना।
  • तरलता और शोधन क्षमता का विश्लेषण करना।
  • गैर-रोकड़ लेन-देनों से रोकड़ लेन-देनों को अलग करना।
  • विभिन्न लेखांकन अवधियों में रोकड़ प्रवाह की तुलना करने में मदद करना।

4. रोकड़ प्रवाह का वर्गीकरण (Classification of Cash Flows)
लेखांकन मानक AS-3 (संशोधित) के अनुसार, रोकड़ प्रवाह को तीन मुख्य गतिविधियों में वर्गीकृत किया जाता है:

A. परिचालन गतिविधियाँ (Operating Activities):
ये किसी उद्यम की राजस्व-उत्पादक मुख्य गतिविधियाँ होती हैं और वे गतिविधियाँ जो निवेश या वित्तपोषण गतिविधियाँ नहीं होती हैं।

  • रोकड़ अंतर्वाह (Cash Inflows):
    • माल की बिक्री और सेवाओं के प्रावधान से प्राप्त रोकड़।
    • रॉयल्टी, शुल्क, कमीशन और अन्य राजस्व से प्राप्त रोकड़।
  • रोकड़ बहिर्वाह (Cash Outflows):
    • माल और सेवाओं के आपूर्तिकर्ताओं को किए गए रोकड़ भुगतान।
    • कर्मचारियों को और उनकी ओर से किए गए रोकड़ भुगतान।
    • परिचालन से संबंधित आयकर का भुगतान (यदि निवेश या वित्तपोषण गतिविधियों से विशिष्ट रूप से पहचान योग्य न हो)।

B. निवेश गतिविधियाँ (Investing Activities):
ये दीर्घकालिक संपत्तियों और उन निवेशों के अधिग्रहण और निपटान से संबंधित गतिविधियाँ हैं जो रोकड़ समतुल्य में शामिल नहीं हैं।

  • रोकड़ अंतर्वाह (Cash Inflows):
    • अचल संपत्तियों (भूमि, भवन, संयंत्र, मशीनरी) के निपटान से प्राप्तियाँ।
    • अन्य उद्यमों के इक्विटी या ऋण उपकरणों (शेयर, डिबेंचर) के निपटान से प्राप्तियाँ।
    • तीसरे पक्ष को दिए गए अग्रिमों और ऋणों की चुकौती से प्राप्तियाँ।
    • निवेशों पर प्राप्त ब्याज और लाभांश।
  • रोकड़ बहिर्वाह (Cash Outflows):
    • अचल संपत्तियों (भूमि, भवन, संयंत्र, मशीनरी) के अधिग्रहण के लिए भुगतान।
    • अन्य उद्यमों के इक्विटी या ऋण उपकरणों के अधिग्रहण के लिए भुगतान।
    • तीसरे पक्ष को दिए गए अग्रिमों और ऋणों के लिए भुगतान।

C. वित्तपोषण गतिविधियाँ (Financing Activities):
ये ऐसी गतिविधियाँ हैं जिनके परिणामस्वरूप उद्यम की इक्विटी पूंजी और उधार लेने वाली राशि के आकार और संरचना में परिवर्तन होता है।

  • रोकड़ अंतर्वाह (Cash Inflows):
    • शेयरों या अन्य समान उपकरणों के जारी करने से प्राप्त रोकड़।
    • डिबेंचर, ऋण, बॉन्ड और अन्य अल्पकालिक/दीर्घकालिक उधारों से प्राप्त रोकड़।
  • रोकड़ बहिर्वाह (Cash Outflows):
    • ऋणों की चुकौती के लिए भुगतान।
    • शेयरों के पुनर्खरीद (Buy-back) के लिए भुगतान।
    • शेयरधारकों को लाभांश का भुगतान।
    • ऋणों पर चुकाया गया ब्याज।

5. रोकड़ प्रवाह विवरण तैयार करने की विधियाँ (Methods of Preparing Cash Flow Statement)
AS-3 (संशोधित) के अनुसार, परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह की गणना के लिए दो विधियाँ हैं:

A. प्रत्यक्ष विधि (Direct Method):
इस विधि में, प्रमुख वर्गों की सकल रोकड़ प्राप्तियों और सकल रोकड़ भुगतानों को दिखाया जाता है। यह विधि परिचालन रोकड़ प्रवाह की अधिक सीधी जानकारी प्रदान करती है, लेकिन इसे तैयार करना अधिक जटिल होता है क्योंकि इसमें लेखांकन अभिलेखों से विशिष्ट रोकड़ लेन-देनों को ट्रैक करना पड़ता है। (सरकारी परीक्षाओं के लिए अप्रत्यक्ष विधि पर अधिक ध्यान दिया जाता है, क्योंकि NCERT पाठ्यक्रम में भी यही प्रमुख है)।

B. अप्रत्यक्ष विधि (Indirect Method):
यह विधि शुद्ध लाभ (या हानि) से शुरू होती है और फिर उसे गैर-रोकड़ मदों, गैर-परिचालन मदों और कार्यशील पूंजी में परिवर्तनों के लिए समायोजित करके परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह तक पहुँचती है। यह विधि व्यापक रूप से उपयोग की जाती है क्योंकि इसे तैयार करना आसान होता है।

6. अप्रत्यक्ष विधि से रोकड़ प्रवाह विवरण का प्रारूप (Format of Cash Flow Statement - Indirect Method)

A. परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह (Cash Flow from Operating Activities)

  1. शुद्ध लाभ/हानि (Net Profit/Loss) (कर और असाधारण मदों से पहले):

    • (समायोजन के लिए शुद्ध लाभ की गणना: चालू वर्ष का अधिशेष - पिछले वर्ष का अधिशेष + अंतरिम लाभांश + प्रस्तावित लाभांश (पिछले वर्ष का) + सामान्य संचय में हस्तांतरण + आयकर प्रावधान (चालू वर्ष का) - लाभांश आय (यदि लाभ में शामिल है) - संपत्ति बेचने पर लाभ + संपत्ति बेचने पर हानि)
  2. गैर-रोकड़ और गैर-परिचालन मदों के लिए समायोजन (Adjustments for Non-Cash and Non-Operating Items):

    • जोड़ें (Add):
      • मूल्यह्रास (Depreciation)
      • अमूर्त संपत्तियों का अपलेखन (Amortisation of Intangible Assets) जैसे सद्भावना, पेटेंट
      • अचल संपत्ति/निवेश की बिक्री पर हानि (Loss on Sale of Fixed Assets/Investments)
      • ब्याज व्यय (Interest Expense) (डिबेंचर, ऋण पर)
      • असाधारण हानियाँ (Extraordinary Losses)
      • प्रावधान (जैसे संदिग्ध ऋणों के लिए प्रावधान)
    • घटाएँ (Less):
      • अचल संपत्ति/निवेश की बिक्री पर लाभ (Profit on Sale of Fixed Assets/Investments)
      • निवेशों पर प्राप्त ब्याज (Interest Received on Investments)
      • लाभांश आय (Dividend Income)
      • असाधारण लाभ (Extraordinary Gains)
  3. परिचालन लाभ कार्यशील पूंजी परिवर्तनों से पहले (Operating Profit Before Working Capital Changes)

  4. कार्यशील पूंजी में परिवर्तनों के लिए समायोजन (Adjustments for Changes in Working Capital):

    • जोड़ें (Add):
      • चालू देनदारियों में वृद्धि (Increase in Current Liabilities) (जैसे लेनदार, देय बिल, बकाया व्यय)
      • चालू संपत्तियों में कमी (Decrease in Current Assets) (जैसे देनदार, प्राप्य बिल, स्टॉक, प्रीपेड व्यय)
    • घटाएँ (Less):
      • चालू देनदारियों में कमी (Decrease in Current Liabilities)
      • चालू संपत्तियों में वृद्धि (Increase in Current Assets)
  5. रोकड़ परिचालन से उत्पन्न (Cash Generated from Operations)

  6. आयकर भुगतान (Income Tax Paid): (घटाएँ)

    • (यदि कोई असाधारण मदें हैं, तो उन्हें अलग से दिखाया जाता है)
  7. परिचालन गतिविधियों से शुद्ध रोकड़ प्रवाह (Net Cash Flow from Operating Activities)

B. निवेश गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह (Cash Flow from Investing Activities)

  • अचल संपत्तियों की बिक्री से प्राप्तियाँ (जोड़ें)
  • निवेशों की बिक्री से प्राप्तियाँ (जोड़ें)
  • ब्याज और लाभांश प्राप्तियाँ (जोड़ें)
  • अचल संपत्तियों की खरीद के लिए भुगतान (घटाएँ)
  • निवेशों की खरीद के लिए भुगतान (घटाएँ)
  • ऋण देने के लिए भुगतान (घटाएँ)
  • ऋणों की चुकौती से प्राप्तियाँ (जोड़ें)

निवेश गतिविधियों से शुद्ध रोकड़ प्रवाह (Net Cash Flow from Investing Activities)

C. वित्तपोषण गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह (Cash Flow from Financing Activities)

  • शेयरों/डिबेंचरों के जारी करने से प्राप्तियाँ (जोड़ें)
  • दीर्घकालिक ऋणों से प्राप्तियाँ (जोड़ें)
  • लाभांश का भुगतान (घटाएँ)
  • ब्याज का भुगतान (घटाएँ)
  • ऋणों की चुकौती (घटाएँ)
  • शेयरों के पुनर्खरीद के लिए भुगतान (घटाएँ)

वित्तपोषण गतिविधियों से शुद्ध रोकड़ प्रवाह (Net Cash Flow from Financing Activities)

D. रोकड़ और रोकड़ समतुल्य में शुद्ध वृद्धि/कमी (Net Increase/Decrease in Cash and Cash Equivalents)
(A + B + C का योग)

E. वर्ष के प्रारंभ में रोकड़ और रोकड़ समतुल्य (Cash and Cash Equivalents at the Beginning of the Year)

F. वर्ष के अंत में रोकड़ और रोकड़ समतुल्य (Cash and Cash Equivalents at the End of the Year)
(D + E का योग)

7. महत्वपूर्ण समायोजन और बिंदु (Important Adjustments and Points)

  • प्रस्तावित लाभांश (Proposed Dividend): इसे चालू वर्ष के लाभ में से नहीं घटाया जाता, बल्कि पिछले वर्ष के प्रस्तावित लाभांश को चालू वर्ष में भुगतान किया गया माना जाता है और इसे वित्तपोषण गतिविधियों में रोकड़ बहिर्वाह के रूप में दिखाया जाता है। चालू वर्ष के प्रस्तावित लाभांश को केवल नोट्स टू अकाउंट्स में दर्शाया जाता है।
  • अंतरिम लाभांश (Interim Dividend): इसे चालू वर्ष में भुगतान किया गया माना जाता है और वित्तपोषण गतिविधियों में रोकड़ बहिर्वाह के रूप में दिखाया जाता है।
  • आयकर (Income Tax): परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह की गणना करते समय, आयकर प्रावधान को लाभ में जोड़ा जाता है और फिर आयकर भुगतान को घटाया जाता है। यदि आयकर प्रावधान खाता दिया गया है, तो भुगतान की गई राशि की गणना करनी पड़ सकती है।
  • बैंक ओवरड्राफ्ट/रोकड़ साख (Bank Overdraft/Cash Credit): यदि ये कंपनी की रोकड़ प्रबंधन का एक अभिन्न अंग हैं, तो इन्हें रोकड़ समतुल्य का हिस्सा माना जाता है। अन्यथा, इन्हें वित्तपोषण गतिविधि माना जाता है।
  • गैर-रोकड़ लेन-देन (Non-Cash Transactions): जैसे डिबेंचर के बदले संपत्ति का अधिग्रहण, शेयरों के बदले संपत्ति का अधिग्रहण, बोनस शेयर जारी करना - इन्हें रोकड़ प्रवाह विवरण में शामिल नहीं किया जाता है।
  • अचल संपत्ति खाता (Fixed Asset Account): यदि मूल्यह्रास प्रावधान खाता अलग से नहीं बनाया जाता है, तो संपत्ति खाते में मूल्यह्रास को समायोजित किया जाता है। यदि मूल्यह्रास प्रावधान खाता बनाया जाता है, तो संपत्ति खाते को उसकी मूल लागत पर रखा जाता है।

8. रोकड़ प्रवाह विवरण के लाभ (Advantages of Cash Flow Statement)

  • तरलता और शोधन क्षमता का मूल्यांकन: यह कंपनी की अल्पकालिक और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिति का आकलन करने में मदद करता है।
  • रोकड़ प्रबंधन में सहायक: यह प्रबंधन को रोकड़ की कमी या अधिशेष की योजना बनाने में मदद करता है।
  • भविष्य के रोकड़ प्रवाह का पूर्वानुमान: यह भविष्य की निवेश और वित्तपोषण आवश्यकताओं का अनुमान लगाने में सहायक है।
  • लाभप्रदता के साथ तुलना: यह बताता है कि शुद्ध लाभ रोकड़ की स्थिति से कैसे भिन्न है।
  • निर्णय लेने में सहायक: यह निवेशकों और लेनदारों को कंपनी में निवेश या ऋण देने के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद करता है।

9. रोकड़ प्रवाह विवरण की सीमाएँ (Limitations of Cash Flow Statement)

  • ऐतिहासिक प्रकृति: यह पिछले रोकड़ प्रवाह को दर्शाता है, भविष्य के लिए केवल एक अनुमान प्रदान करता है।
  • गैर-रोकड़ लेन-देन की उपेक्षा: यह महत्वपूर्ण गैर-रोकड़ लेन-देनों को अनदेखा करता है जो कंपनी की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।
  • लेखांकन नीतियों का प्रभाव: विभिन्न लेखांकन नीतियाँ रोकड़ प्रवाह विवरण को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे तुलनात्मकता प्रभावित होती है।
  • पूरी तस्वीर नहीं: यह केवल रोकड़ पर केंद्रित है और कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति का पूरा चित्र प्रस्तुत नहीं करता है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

निम्नलिखित में से प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प चुनें:

1. रोकड़ प्रवाह विवरण लेखांकन मानक ______ के अनुसार तैयार किया जाता है।
a) AS-1
b) AS-2
c) AS-3 (संशोधित)
d) AS-10

2. निम्नलिखित में से कौन-सा रोकड़ समतुल्य का उदाहरण नहीं है?
a) ट्रेजरी बिल
b) वाणिज्यिक पत्र
c) बैंक ओवरड्राफ्ट (यदि रोकड़ प्रबंधन का हिस्सा हो)
d) 6 महीने की परिपक्वता वाला सावधि जमा

3. मशीनरी का क्रय किस गतिविधि का रोकड़ बहिर्वाह है?
a) परिचालन गतिविधि
b) निवेश गतिविधि
c) वित्तपोषण गतिविधि
d) इनमें से कोई नहीं

4. अंशों का निर्गमन किस गतिविधि का रोकड़ अंतर्वाह है?
a) परिचालन गतिविधि
b) निवेश गतिविधि
c) वित्तपोषण गतिविधि
d) इनमें से कोई नहीं

5. रोकड़ प्रवाह विवरण की अप्रत्यक्ष विधि में, मूल्यह्रास को शुद्ध लाभ में ______।
a) जोड़ा जाता है
b) घटाया जाता है
c) कोई समायोजन नहीं किया जाता है
d) अलग से दिखाया जाता है

6. देनदारों में वृद्धि (Increase in Debtors) को परिचालन गतिविधियों से रोकड़ प्रवाह की गणना करते समय ______।
a) जोड़ा जाता है
b) घटाया जाता है
c) कोई समायोजन नहीं किया जाता है
d) वित्तपोषण गतिविधि में दिखाया जाता है

7. प्राप्त लाभांश (Dividend Received) को किस गतिविधि के तहत दर्शाया जाता है?
a) परिचालन गतिविधि
b) निवेश गतिविधि
c) वित्तपोषण गतिविधि
d) इनमें से कोई नहीं

8. प्रस्तावित लाभांश (Proposed Dividend) के संबंध में सही कथन क्या है?
a) चालू वर्ष के प्रस्तावित लाभांश को वित्तपोषण गतिविधि में भुगतान के रूप में दिखाया जाता है।
b) पिछले वर्ष के प्रस्तावित लाभांश को वित्तपोषण गतिविधि में भुगतान के रूप में दिखाया जाता है।
c) इसे लाभ में जोड़ा जाता है और फिर घटाया जाता है।
d) इसे रोकड़ प्रवाह विवरण में नहीं दिखाया जाता है।

9. बैंक ओवरड्राफ्ट को रोकड़ समतुल्य माना जाता है यदि ______।
a) इसकी परिपक्वता अवधि 3 महीने से अधिक हो।
b) यह कंपनी की रोकड़ प्रबंधन का एक अभिन्न अंग हो।
c) यह एक दीर्घकालिक ऋण हो।
d) यह एक गैर-रोकड़ लेन-देन हो।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा गैर-रोकड़ मद है जिसे अप्रत्यक्ष विधि में समायोजित किया जाता है?
a) वेतन का भुगतान
b) मशीनरी का क्रय
c) सद्भावना का अपलेखन
d) अंशों का निर्गमन


उत्तर कुंजी (Answer Key):

  1. c) AS-3 (संशोधित)
  2. d) 6 महीने की परिपक्वता वाला सावधि जमा
  3. b) निवेश गतिविधि
  4. c) वित्तपोषण गतिविधि
  5. a) जोड़ा जाता है
  6. b) घटाया जाता है
  7. b) निवेश गतिविधि
  8. b) पिछले वर्ष के प्रस्तावित लाभांश को वित्तपोषण गतिविधि में भुगतान के रूप में दिखाया जाता है।
  9. b) यह कंपनी की रोकड़ प्रबंधन का एक अभिन्न अंग हो।
  10. c) सद्भावना का अपलेखन

मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। किसी भी संदेह या अतिरिक्त जानकारी के लिए आप पूछ सकते हैं।

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