Class 12 Chemistry Notes Chapter 1 (Chapter 1) – Lab Manual (Hindi) Book

Lab Manual (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम रसायन विज्ञान प्रयोगशाला मैनुअल के अध्याय 1 पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अध्याय आपको प्रयोगशाला में सुरक्षित रूप से कार्य करने, विभिन्न उपकरणों को समझने और मूलभूत रासायनिक तकनीकों को सीखने में मदद करेगा।


अध्याय 1: प्रयोगशाला में सुरक्षा, उपकरण और मूलभूत तकनीकें

इस अध्याय में हम प्रयोगशाला में सुरक्षित वातावरण बनाए रखने, सामान्य रूप से उपयोग होने वाले उपकरणों को पहचानने और उनके सही उपयोग को समझने के साथ-साथ रसायन विज्ञान के मूलभूत प्रयोगात्मक तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

1. प्रयोगशाला सुरक्षा (Laboratory Safety)

प्रयोगशाला में कार्य करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

  • व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (Personal Protective Equipment - PPE):
    • लैब कोट (Lab Coat): हमेशा पहनें ताकि आपके कपड़े रसायनों से सुरक्षित रहें।
    • सुरक्षा चश्मे (Safety Goggles): रसायनों को संभालते समय या गर्म करते समय आँखों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं।
    • दस्ताने (Gloves): संक्षारक (corrosive) या हानिकारक रसायनों से त्वचा के संपर्क से बचने के लिए पहनें।
    • बालों को बांधना: लंबे बालों को बांधकर रखें ताकि वे आग या रसायनों के संपर्क में न आएं।
    • सही जूते: खुले जूते या सैंडल पहनने से बचें; बंद जूते पहनें।
  • रसायनों का सुरक्षित प्रबंधन (Safe Handling of Chemicals):
    • लेबल पढ़ना: किसी भी रसायन का उपयोग करने से पहले उसका लेबल ध्यान से पढ़ें।
    • गंध लेना: रसायनों को सीधे सूंघने के बजाय, हाथ से हवा को अपनी नाक की ओर घुमाकर (waving motion) गंध लें।
    • एसिड और पानी: हमेशा एसिड को पानी में धीरे-धीरे मिलाएं, कभी भी पानी को एसिड में न मिलाएं। (अम्ल को जल में मिलाएँ, जल को अम्ल में नहीं)।
    • ज्वलनशील पदार्थ: ज्वलनशील रसायनों को आग या गर्मी के स्रोतों से दूर रखें।
    • चखना नहीं: किसी भी रसायन को मुंह से न चखें।
  • सामान्य नियम (General Rules):
    • प्रयोगशाला में खाना, पीना या धूम्रपान न करें।
    • प्रयोगशाला छोड़ने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
    • टूटे हुए कांच के बर्तनों को सावधानी से निर्दिष्ट कचरा पेटी में डालें।
    • किसी भी दुर्घटना, रासायनिक फैलाव (spill) या चोट की सूचना तुरंत अपने शिक्षक को दें।
    • प्रयोगशाला में अकेले काम करने से बचें।
    • प्रयोगशाला छोड़ने से पहले सभी बर्नर बंद करें और पानी के नल बंद करें।
    • कार्य क्षेत्र को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें।

2. सामान्य प्रयोगशाला उपकरण (Common Laboratory Apparatus)

विभिन्न प्रयोगों के लिए अलग-अलग उपकरणों का उपयोग किया जाता है। उनके नाम, उपयोग और सामग्री को जानना महत्वपूर्ण है।

  • कांच के उपकरण (Glassware):
    • बीकर (Beaker): रसायनों को रखने, मिश्रण करने और गर्म करने के लिए। अनुमानित आयतन मापने के लिए भी।
    • शंक्वाकार फ्लास्क / कोनिकल फ्लास्क (Conical Flask / Erlenmeyer Flask): अनुमापन (titration) के लिए, रसायनों को मिश्रण करने और गर्म करने के लिए।
    • परखनली (Test Tube): छोटी मात्रा में रसायनों को गर्म करने और प्रतिक्रियाओं का निरीक्षण करने के लिए।
    • मापक सिलिंडर / ग्रेजुएटेड सिलिंडर (Measuring Cylinder / Graduated Cylinder): तरल पदार्थों का अनुमानित आयतन मापने के लिए।
    • पिपेट (Pipette): तरल पदार्थों का सटीक आयतन (विशेषकर अनुमापन में) निकालने के लिए।
    • ब्यूरेट (Burette): अनुमापन में एक अभिकारक का सटीक, परिवर्तनीय आयतन जोड़ने के लिए।
    • आयतनमितीय फ्लास्क / वॉल्यूमेट्रिक फ्लास्क (Volumetric Flask): मानक विलयन (standard solutions) बनाने के लिए सटीक आयतन मापने के लिए।
    • फनेल (Funnel): तरल पदार्थों को एक कंटेनर से दूसरे में स्थानांतरित करने या छानने (filtration) के लिए।
    • वॉच ग्लास (Watch Glass): थोड़ी मात्रा में पदार्थ रखने, वाष्पीकरण करने या बीकर को ढकने के लिए।
    • ड्रॉपर / पिपेट (Dropper / Pasteur Pipette): तरल की छोटी बूंदें स्थानांतरित करने के लिए।
  • धातु और अन्य उपकरण (Metal and Other Apparatus):
    • टेस्ट ट्यूब होल्डर (Test Tube Holder): परखनली को पकड़ने के लिए, खासकर जब गर्म हो।
    • टेस्ट ट्यूब स्टैंड (Test Tube Stand): परखनली को सीधा रखने के लिए।
    • बर्नर (Burner - Bunsen/Spirit): गर्म करने के लिए।
    • ट्राइपॉड स्टैंड (Tripod Stand): बीकर या फ्लास्क को गर्म करते समय सहारा देने के लिए।
    • वायर गॉज (Wire Gauze): गर्म करते समय कांच के बर्तनों को समान रूप से गर्मी वितरित करने के लिए।
    • पिपेट फिलर / पिपेट बल्ब (Pipette Filler / Pipette Bulb): पिपेट में तरल भरने के लिए (मुंह से खींचने से बचने के लिए)।
    • स्पैटुला (Spatula): ठोस रसायनों को स्थानांतरित करने के लिए।
    • वेइंग बैलेंस / इलेक्ट्रॉनिक बैलेंस (Weighing Balance / Electronic Balance): पदार्थों का द्रव्यमान मापने के लिए।

3. मूलभूत प्रयोगशाला तकनीकें (Basic Laboratory Techniques)

  • आयतन मापना (Measuring Volume):
    • मापक सिलिंडर: अनुमानित आयतन के लिए। तरल की निचली मेनिस्कस (meniscus) को चिह्न के साथ संरेखित करें।
    • पिपेट: सटीक आयतन के लिए। पिपेट फिलर का उपयोग करके तरल भरें, अतिरिक्त तरल को बाहर निकालें जब तक कि मेनिस्कस चिह्न पर न आ जाए।
    • ब्यूरेट: अनुमापन में परिवर्तनीय, सटीक आयतन के लिए। ब्यूरेट को स्टैंड पर लंबवत रखें, शून्य चिह्न तक भरें, और रीडिंग लेने से पहले हवा के बुलबुले हटा दें।
    • आयतनमितीय फ्लास्क: मानक विलयन बनाने के लिए सटीक आयतन के लिए।
  • तोलना (Weighing):
    • ठोस पदार्थों को वेइंग बैलेंस का उपयोग करके तौला जाता है।
    • हमेशा एक वेइंग बोट या वॉच ग्लास का उपयोग करें।
    • बैलेंस को "टियर" (tare) करना न भूलें (यानी, कंटेनर के वजन को शून्य पर सेट करें)।
  • गर्म करना (Heating):
    • बर्नर का उपयोग करें। लौ को नियंत्रित करें।
    • परखनली को गर्म करते समय, इसे झुकाकर रखें और मुंह को किसी व्यक्ति की ओर न रखें।
    • बीकर या फ्लास्क को ट्राइपॉड स्टैंड और वायर गॉज पर रखकर गर्म करें।
  • मिश्रण करना (Mixing):
    • कांच की छड़ (glass rod) या चुंबकीय स्टिरर (magnetic stirrer) का उपयोग करें।
    • अनुमापन में, शंक्वाकार फ्लास्क को धीरे-धीरे घुमाकर मिश्रण किया जाता है।
  • छानना (Filtration):
    • ठोस को तरल से अलग करने के लिए फिल्टर पेपर और फनेल का उपयोग करें।
    • फिल्टर पेपर को मोड़कर फनेल में रखें और गीला करें।

4. आयतनमितीय विश्लेषण (Volumetric Analysis) - अनुमापन (Titration)

यह एक मात्रात्मक विश्लेषण तकनीक है जिसका उपयोग किसी विलयन में एक ज्ञात पदार्थ की सांद्रता निर्धारित करने के लिए किया जाता है।

  • मानक विलयन (Standard Solutions):
    • एक ऐसा विलयन जिसकी सांद्रता (concentration) सटीक रूप से ज्ञात हो।
    • प्राथमिक मानक पदार्थ (Primary Standard Substance): उच्च शुद्धता, वायुमंडलीय नमी और CO2 के प्रति अप्रतिक्रियाशील, स्थिर, आसानी से उपलब्ध और उच्च समतुल्य द्रव्यमान वाला पदार्थ। उदाहरण: ऑक्सेलिक एसिड (oxalic acid), सोडियम कार्बोनेट (sodium carbonate), पोटेशियम डाइक्रोमेट (potassium dichromate)।
    • द्वितीयक मानक पदार्थ (Secondary Standard Substance): जिसकी सांद्रता प्राथमिक मानक पदार्थ का उपयोग करके निर्धारित की जाती है। उदाहरण: NaOH, HCl, KMnO4।
  • अनुमापन (Titration):
    • एक ज्ञात सांद्रता के विलयन (अनुमापक - titrant) का उपयोग करके अज्ञात सांद्रता के विलयन (अनुमाप्य - analyte) की सांद्रता निर्धारित करने की प्रक्रिया।
  • सूचक (Indicators):
    • रासायनिक पदार्थ जो अनुमापन के अंतिम बिंदु (end point) पर रंग परिवर्तन द्वारा प्रतिक्रिया के पूर्ण होने का संकेत देते हैं।
    • उदाहरण:
      • एसिड-बेस अनुमापन में:
        • फेनोल्फथेलिन (Phenolphthalein): अम्लीय माध्यम में रंगहीन, क्षारीय माध्यम में गुलाबी।
        • मिथाइल ऑरेंज (Methyl Orange): अम्लीय माध्यम में लाल, क्षारीय माध्यम में पीला।
      • रेडॉक्स अनुमापन में (जैसे KMnO4): KMnO4 स्वयं एक स्व-सूचक (self-indicator) के रूप में कार्य करता है। अंतिम बिंदु पर, विलयन हल्का गुलाबी हो जाता है।
  • तुल्यता बिंदु (Equivalence Point) बनाम अंतिम बिंदु (End Point):
    • तुल्यता बिंदु: वह बिंदु जहां अनुमाप्य और अनुमापक रासायनिक रूप से एक दूसरे के साथ पूरी तरह से प्रतिक्रिया कर चुके होते हैं (स्टोइकियोमेट्रिक रूप से बराबर मात्रा)।
    • अंतिम बिंदु: वह बिंदु जहां सूचक रंग परिवर्तन दिखाता है। आदर्श रूप से, अंतिम बिंदु तुल्यता बिंदु के बहुत करीब होना चाहिए।
  • गणनाएँ (Calculations):
    • मोलरता (Molarity - M): प्रति लीटर विलयन में विलेय के मोलों की संख्या।
      • $M_1V_1 = M_2V_2$ (अनुमापन के लिए, जहां 1 अनुमापक और 2 अनुमाप्य है)।
    • नॉर्मलता (Normality - N): प्रति लीटर विलयन में विलेय के ग्राम तुल्यांकों की संख्या।
      • $N_1V_1 = N_2V_2$

5. गुणात्मक विश्लेषण (Qualitative Analysis)

यह किसी पदार्थ में मौजूद तत्वों या आयनों की पहचान करने की प्रक्रिया है।

  • कार्बनिक यौगिकों में क्रियात्मक समूहों की पहचान (Identification of Functional Groups in Organic Compounds):
    • असंतृप्तता (Unsaturation): ब्रोमीन जल परीक्षण (रंगहीन हो जाता है) या बेयर परीक्षण (बैंगनी रंग गायब हो जाता है)।
    • अल्कोहलिक समूह (-OH): सोडियम धातु परीक्षण (H2 गैस निकलती है), एस्टरीफिकेशन परीक्षण।
    • कार्बोनिल समूह (C=O): 2,4-डाइनाइट्रोफेनिलहाइड्राज़ीन (2,4-DNP) परीक्षण (पीला/नारंगी/लाल अवक्षेप)।
    • एल्डिहाइड समूह (-CHO): टॉलन का अभिकर्मक (सिल्वर मिरर), फेलिंग का विलयन (लाल अवक्षेप)।
    • कार्बोक्सिलिक समूह (-COOH): सोडियम बाइकार्बोनेट परीक्षण (CO2 गैस निकलती है)।
    • एमीन समूह (-NH2): लिटमस परीक्षण (क्षारीय), कार्बिलएमीन परीक्षण।
  • अकार्बनिक लवणों में आयनों की पहचान (Identification of Ions in Inorganic Salts):
    • अम्लीय मूलक (Acidic Radicals - Anions):
      • तनु H2SO4 समूह: कार्बोनेट (CO3^2-), सल्फाइट (SO3^2-), सल्फाइड (S^2-), नाइट्राइट (NO2^-), एसीटेट (CH3COO^-)।
      • सांद्र H2SO4 समूह: क्लोराइड (Cl^-), ब्रोमाइड (Br^-), आयोडाइड (I^-), नाइट्रेट (NO3^-), ऑक्सालेट (C2O4^2-)।
      • विशेष समूह: सल्फेट (SO4^2-), फॉस्फेट (PO4^3-)।
    • क्षारीय मूलक (Basic Radicals - Cations):
      • समूह 0: अमोनियम (NH4^+)
      • समूह I: लेड (Pb^2+), सिल्वर (Ag^+)
      • समूह II: कॉपर (Cu^2+), कैडमियम (Cd^2+), आर्सेनिक (As^3+), बिस्मथ (Bi^3+), मर्करी (Hg^2+)
      • समूह III: आयरन (Fe^3+), एल्यूमीनियम (Al^3+), क्रोमियम (Cr^3+)
      • समूह IV: जिंक (Zn^2+), मैंगनीज (Mn^2+), निकेल (Ni^2+), कोबाल्ट (Co^2+)
      • समूह V: बेरियम (Ba^2+), स्ट्रोंटियम (Sr^2+), कैल्शियम (Ca^2+)
      • समूह VI: मैग्नीशियम (Mg^2+)
    • प्रत्येक आयन की पहचान विशिष्ट अभिकर्मकों और रंग परिवर्तनों/अवक्षेपों के निर्माण के माध्यम से की जाती है।

6. डेटा रिकॉर्डिंग और निष्कर्ष (Data Recording and Inference)

  • सभी अवलोकन (observations) और माप (measurements) को एक साफ सुथरी तालिका में दर्ज करें।
  • प्रेक्षणों के आधार पर उचित निष्कर्ष (inferences) निकालें।
  • संभावित त्रुटियों (errors) पर विचार करें और उन्हें कम करने के तरीकों का उल्लेख करें।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs):

निर्देश: प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प चुनें।

  1. प्रयोगशाला में एसिड को पानी में मिलाते समय कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए?
    a) पानी को एसिड में धीरे-धीरे मिलाएं।
    b) एसिड को पानी में धीरे-धीरे मिलाएं।
    c) दोनों को एक साथ तेजी से मिलाएं।
    d) पहले एसिड, फिर पानी मिलाएं, चाहे कैसे भी मिलाएं।

  2. अनुमापन में तरल पदार्थों का सटीक आयतन निकालने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
    a) बीकर
    b) मापक सिलिंडर
    c) पिपेट
    d) शंक्वाकार फ्लास्क

  3. निम्न में से कौन सा पदार्थ प्राथमिक मानक पदार्थ का उदाहरण है?
    a) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)
    b) हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl)
    c) पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO4)
    d) ऑक्सेलिक एसिड (Oxalic Acid)

  4. फेनोल्फथेलिन सूचक अम्लीय माध्यम में कौन सा रंग दर्शाता है?
    a) गुलाबी
    b) नीला
    c) रंगहीन
    d) पीला

  5. एक परखनली को गर्म करते समय, उसके मुंह को किस दिशा में नहीं रखना चाहिए?
    a) ऊपर की ओर
    b) किसी व्यक्ति की ओर
    c) बर्नर से दूर
    d) नीचे की ओर

  6. कार्बनिक यौगिकों में असंतृप्तता (unsaturation) की पहचान के लिए कौन सा परीक्षण किया जाता है?
    a) टॉलन का अभिकर्मक परीक्षण
    b) सोडियम बाइकार्बोनेट परीक्षण
    c) ब्रोमीन जल परीक्षण
    d) 2,4-DNP परीक्षण

  7. अमोनियम आयन (NH4^+) किस क्षारीय मूलक समूह से संबंधित है?
    a) समूह I
    b) समूह 0
    c) समूह II
    d) समूह III

  8. मानक विलयन बनाने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है?
    a) बीकर
    b) ब्यूरेट
    c) आयतनमितीय फ्लास्क
    d) पिपेट

  9. अनुमापन में तुल्यता बिंदु (equivalence point) क्या दर्शाता है?
    a) सूचक का रंग परिवर्तन।
    b) जब अनुमाप्य और अनुमापक रासायनिक रूप से पूरी तरह से प्रतिक्रिया कर चुके होते हैं।
    c) जब अनुमापक पूरी तरह से समाप्त हो जाता है।
    d) जब अनुमाप्य पूरी तरह से समाप्त हो जाता है।

  10. प्रयोगशाला में आग लगने की स्थिति में सबसे पहले क्या करना चाहिए?
    a) आग बुझाने वाले यंत्र की तलाश करें।
    b) तुरंत अपने शिक्षक को सूचित करें।
    c) प्रयोगशाला से बाहर भाग जाएं।
    d) पानी से आग बुझाने की कोशिश करें।


उत्तर कुंजी (Answer Key):

  1. b)
  2. c)
  3. d)
  4. c)
  5. b)
  6. c)
  7. b)
  8. c)
  9. b)
  10. b)

आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय को समझने और सरकारी परीक्षाओं के लिए तैयारी करने में सहायक होंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें और कोई भी संदेह होने पर पूछने में संकोच न करें।

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