Class 12 Chemistry Notes Chapter 4 (Chapter 4) – Lab Manual (Hindi) Book

प्रिय विद्यार्थीगण,
सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रसायन विज्ञान के प्रायोगिक भाग का गहन अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपके 'लैब मैनुअल (हिंदी)' के अध्याय 4 में सामान्यतः 'गुणात्मक विश्लेषण' या 'लवण विश्लेषण' का विस्तृत वर्णन होता है, जो कि परीक्षा के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है। मैं यहाँ आपको इसी अध्याय के विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) प्रदान कर रहा हूँ।
अध्याय 4: लवण विश्लेषण (गुणात्मक विश्लेषण)
परिचय:
लवण विश्लेषण रसायन विज्ञान की वह शाखा है जिसमें किसी अज्ञात अकार्बनिक लवण में उपस्थित धनायन (क्षारीय मूलक) और ऋणायन (अम्लीय मूलक) की पहचान की जाती है। यह विश्लेषण उनके विशिष्ट रासायनिक गुणों और अभिक्रियाओं पर आधारित होता है।
मूल सिद्धांत:
- विलेयता गुणनफल (Solubility Product): विभिन्न आयनों को उनके विलेयता गुणनफल से कम विलेयता वाले यौगिकों के रूप में अवक्षेपित करके अलग किया जाता है।
- सम आयन प्रभाव (Common Ion Effect): किसी दुर्बल विद्युत अपघट्य की विलेयता को उसके किसी सम आयन की उपस्थिति में कम किया जा सकता है। इसका उपयोग समूह अभिकर्मकों के साथ अवक्षेपण को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
- जटिल यौगिकों का बनना (Formation of Complex Compounds): कुछ आयन जटिल यौगिक बनाकर घुलनशील रहते हैं या रंगीन यौगिक बनाते हैं, जो उनकी पहचान में सहायक होते हैं।
विश्लेषण के चरण:
A. प्रारंभिक परीक्षण (Preliminary Tests):
ये परीक्षण लवण के बारे में कुछ प्रारंभिक जानकारी देते हैं।
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भौतिक अवस्था और रंग (Physical State and Colour):
- रंगहीन: अधिकांश लवण।
- नीला: Cu²⁺ (कॉपर)
- हरा: Ni²⁺ (निकेल), Fe²⁺ (फेरस)
- गुलाबी: Mn²⁺ (मैंगनीज), Co²⁺ (कोबाल्ट)
- पीला/भूरा: Fe³⁺ (फेरिक)
- बैंगनी: Cr³⁺ (क्रोमियम)
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ज्वाला परीक्षण (Flame Test): (प्लेटिनम तार को सांद्र HCl में डुबोकर लवण के साथ गर्म करने पर)
- ईंट जैसा लाल: Ca²⁺ (कैल्शियम)
- सेब जैसा हरा: Ba²⁺ (बेरियम)
- किरमिजी लाल: Sr²⁺ (स्ट्रोन्शियम)
- सुनहरा पीला: Na⁺ (सोडियम)
- बैंगनी (कोबाल्ट ग्लास से देखने पर): K⁺ (पोटेशियम)
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बोरेक्स बीड परीक्षण (Borax Bead Test):
- नीला: Cu²⁺ (गर्म और ठंडा)
- हरा: Cr³⁺ (गर्म), Cu²⁺ (ठंडा, अपचायक ज्वाला में)
- भूरा: Ni²⁺ (गर्म और ठंडा)
- बैंगनी: Mn²⁺ (गर्म और ठंडा)
- पीला: Fe³⁺ (गर्म)
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तनु H₂SO₄ के साथ क्रिया (Action with Dilute H₂SO₄): (अम्लीय मूलकों के समूह I के लिए)
- रंगहीन, गंधहीन गैस, चूने के पानी को दूधिया करती है: CO₃²⁻ (कार्बोनेट)
- रंगहीन गैस, सड़े अंडे जैसी गंध, लेड एसीटेट पेपर को काला करती है: S²⁻ (सल्फाइड)
- रंगहीन गैस, SO₂ जैसी गंध, अम्लीकृत K₂Cr₂O₇ को हरा करती है: SO₃²⁻ (सल्फाइट)
- भूरे रंग की गैस, NO₂ जैसी गंध: NO₂⁻ (नाइट्राइट)
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सांद्र H₂SO₄ के साथ क्रिया (Action with Concentrated H₂SO₄): (अम्लीय मूलकों के समूह II के लिए)
- तीखी गंध वाली रंगहीन गैस, अमोनिया के साथ सफेद धुआँ: Cl⁻ (क्लोराइड)
- लाल-भूरे रंग की गैस, तीखी गंध: Br⁻ (ब्रोमाइड)
- बैंगनी वाष्प, तीखी गंध: I⁻ (आयोडाइड)
- भूरे रंग की गैस, तांबे के छिलन के साथ गर्म करने पर: NO₃⁻ (नाइट्रेट)
B. अम्लीय मूलकों (Anions) का विश्लेषण:
समूह I (तनु H₂SO₄ समूह): CO₃²⁻, S²⁻, SO₃²⁻, NO₂⁻
- अभिकर्मक: तनु H₂SO₄
- CO₃²⁻: चूने के पानी को दूधिया करने वाली CO₂ गैस। पुष्टि: BaCl₂ के साथ सफेद अवक्षेप, जो तनु HCl में घुलनशील।
- S²⁻: सड़े अंडे जैसी गंध वाली H₂S गैस। पुष्टि: सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड के साथ बैंगनी रंग।
- SO₃²⁻: SO₂ जैसी गंध वाली गैस। पुष्टि: अम्लीकृत K₂Cr₂O₇ को हरा करती है।
- NO₂⁻: भूरे रंग की NO₂ गैस। पुष्टि: स्टार्च-आयोडाइड पेपर को नीला करती है।
समूह II (सांद्र H₂SO₄ समूह): Cl⁻, Br⁻, I⁻, NO₃⁻
- अभिकर्मक: सांद्र H₂SO₄
- Cl⁻: HCl गैस। पुष्टि: AgNO₃ के साथ सफेद अवक्षेप (अमोनिया में घुलनशील)। क्रोमाइल क्लोराइड परीक्षण: लाल-नारंगी वाष्प (CrO₂Cl₂)।
- Br⁻: लाल-भूरे रंग की Br₂ वाष्प। पुष्टि: AgNO₃ के साथ हल्का पीला अवक्षेप (अमोनिया में आंशिक रूप से घुलनशील)। कार्बन डाइसल्फाइड परीक्षण: CS₂ परत में नारंगी रंग।
- I⁻: बैंगनी I₂ वाष्प। पुष्टि: AgNO₃ के साथ पीला अवक्षेप (अमोनिया में अघुलनशील)। कार्बन डाइसल्फाइड परीक्षण: CS₂ परत में बैंगनी रंग।
- NO₃⁻: वलय परीक्षण (Ring Test): लवण विलयन + ताजा बना FeSO₄ विलयन + परखनली की दीवार के सहारे सांद्र H₂SO₄ → दो परतों के जंक्शन पर भूरा वलय।
समूह III (विशेष परीक्षण समूह): SO₄²⁻, PO₄³⁻
- SO₄²⁻ (सल्फेट): BaCl₂ के साथ सफेद अवक्षेप (BaSO₄), जो तनु HCl या HNO₃ में अघुलनशील।
- PO₄³⁻ (फॉस्फेट): सांद्र HNO₃ + अमोनियम मोलिब्डेट के साथ गर्म करने पर पीला अवक्षेप या पीला रंग।
C. क्षारीय मूलकों (Cations) का विश्लेषण:
समूह 0: NH₄⁺ (अमोनियम)
- अभिकर्मक: कोई नहीं।
- परीक्षण: लवण + NaOH → NH₃ गैस (तीखी गंध, लाल लिटमस को नीला करती है, नेसलर अभिकर्मक के साथ भूरा अवक्षेप)।
समूह I: Pb²⁺ (लेड)
- समूह अभिकर्मक: तनु HCl
- अवक्षेप: PbCl₂ (सफेद), गर्म पानी में घुलनशील।
- पुष्टि: KI विलयन के साथ पीला अवक्षेप (PbI₂), गर्म करने पर घुलनशील और ठंडा करने पर सुनहरा क्रिस्टल (गोल्डन स्पैंगल्स) बनता है।
समूह II: Cu²⁺, Cd²⁺, As³⁺, Sb³⁺, Sn²⁺
- समूह अभिकर्मक: H₂S गैस + तनु HCl की उपस्थिति में (pH 0.5-1.0)
- अवक्षेप: धात्विक सल्फाइड।
- Cu²⁺: काला अवक्षेप (CuS)। पुष्टि: अमोनिया के साथ गहरा नीला विलयन।
- Cd²⁺: पीला अवक्षेप (CdS)। पुष्टि: अमोनिया के साथ रंगहीन विलयन।
समूह III: Fe³⁺, Al³⁺, Cr³⁺
- समूह अभिकर्मक: NH₄Cl + NH₄OH
- अवक्षेप: धात्विक हाइड्रॉक्साइड।
- Fe³⁺: लाल-भूरा अवक्षेप (Fe(OH)₃)। पुष्टि: K₄[Fe(CN)₆] के साथ प्रूशियन ब्लू रंग।
- Al³⁺: सफेद जिलेटिनस अवक्षेप (Al(OH)₃)। पुष्टि: लिटमस परीक्षण (कोबाल्ट नाइट्रेट के साथ नीला अवक्षेप)।
- Cr³⁺: हरा अवक्षेप (Cr(OH)₃)। पुष्टि: NaOH और H₂O₂ के साथ गर्म करने पर पीला विलयन (क्रोमेट)।
समूह IV: Ba²⁺, Sr²⁺, Ca²⁺
- समूह अभिकर्मक: (NH₄)₂CO₃ + NH₄Cl + NH₄OH
- अवक्षेप: धात्विक कार्बोनेट।
- Ba²⁺: सफेद अवक्षेप। पुष्टि: ज्वाला परीक्षण (सेब जैसा हरा), K₂CrO₄ के साथ पीला अवक्षेप।
- Sr²⁺: सफेद अवक्षेप। पुष्टि: ज्वाला परीक्षण (किरमिजी लाल), (NH₄)₂SO₄ के साथ सफेद अवक्षेप।
- Ca²⁺: सफेद अवक्षेप। पुष्टि: ज्वाला परीक्षण (ईंट जैसा लाल), अमोनियम ऑक्सलेट के साथ सफेद अवक्षेप।
समूह V: Mg²⁺ (मैग्नीशियम)
- समूह अभिकर्मक: (NH₄)₂HPO₄ + NH₄Cl + NH₄OH
- अवक्षेप: MgNH₄PO₄ (सफेद क्रिस्टलीय अवक्षेप)।
- पुष्टि: मैग्नेसॉन अभिकर्मक (मैग्नेसॉन + NaOH) के साथ नीला अवक्षेप।
समूह VI: Na⁺, K⁺
- समूह अभिकर्मक: कोई नहीं।
- Na⁺: ज्वाला परीक्षण (सुनहरा पीला)।
- K⁺: ज्वाला परीक्षण (बैंगनी, कोबाल्ट ग्लास से देखने पर)। सोडियम कोबाल्टिनिट्राइट के साथ पीला अवक्षेप।
महत्वपूर्ण सावधानियाँ (Important Precautions):
- सभी अभिकर्मकों का सही सांद्रता में उपयोग करें।
- परखनली और उपकरण साफ होने चाहिए।
- समूह अभिकर्मकों को सही क्रम में और उचित मात्रा में मिलाएं।
- H₂S गैस का उपयोग करते समय सावधानी बरतें, क्योंकि यह जहरीली होती है।
- अवक्षेप को अच्छी तरह से धोएं ताकि उसमें कोई अशुद्धि न रहे।
- वलय परीक्षण में सांद्र H₂SO₄ को परखनली की दीवार के सहारे धीरे-धीरे डालें।
सरकारी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु:
- प्रत्येक समूह के लिए समूह अभिकर्मक याद रखें।
- विभिन्न आयनों के अवक्षेपों का रंग और विशेष परीक्षणों के अवलोकन (जैसे क्रोमाइल क्लोराइड परीक्षण, वलय परीक्षण, गोल्डन स्पैंगल्स, बोरेक्स बीड परीक्षण के रंग) बहुत महत्वपूर्ण हैं।
- गैसों की पहचान (CO₂, H₂S, SO₂, HCl, Br₂, I₂, NO₂, NH₃) और उनके विशिष्ट गुण।
- समूह II के लिए pH के नियंत्रण का महत्व।
- कुछ आयनों के अपवाद या विशेष व्यवहार (जैसे Pb²⁺ समूह I और II दोनों में)।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
-
कौन सी गैस चूने के पानी को दूधिया कर देती है?
a) SO₂
b) H₂S
c) CO₂
d) NH₃
उत्तर: c) CO₂ -
किस धनायन के लिए K₄[Fe(CN)₆] के साथ प्रूशियन ब्लू रंग प्राप्त होता है?
a) Cu²⁺
b) Fe³⁺
c) Ni²⁺
d) Co²⁺
उत्तर: b) Fe³⁺ -
समूह III के धनायनों के लिए समूह अभिकर्मक क्या है?
a) तनु HCl
b) H₂S/तनु HCl
c) NH₄Cl/NH₄OH
d) (NH₄)₂CO₃/NH₄Cl/NH₄OH
उत्तर: c) NH₄Cl/NH₄OH -
ऑक्सीकारक ज्वाला में Cu²⁺ के लिए बोरेक्स बीड का रंग क्या होता है?
a) हरा
b) पीला
c) नीला
d) लाल
उत्तर: c) नीला -
कौन सा ऋणायन सांद्र H₂SO₄ के साथ लाल-भूरे रंग की वाष्प देता है?
a) Cl⁻
b) I⁻
c) Br⁻
d) NO₃⁻
उत्तर: c) Br⁻ -
'गोल्डन स्पैंगल्स' परीक्षण किस धनायन की पुष्टि के लिए किया जाता है?
a) Ba²⁺
b) Ca²⁺
c) Pb²⁺
d) Sr²⁺
उत्तर: c) Pb²⁺ -
वलय परीक्षण (Ring Test) का उपयोग किस ऋणायन की पहचान के लिए किया जाता है?
a) SO₄²⁻
b) Cl⁻
c) NO₃⁻
d) PO₄³⁻
उत्तर: c) NO₃⁻ -
कौन सा धनायन ज्वाला परीक्षण में सेब जैसा हरा रंग देता है?
a) Ca²⁺
b) Sr²⁺
c) Ba²⁺
d) Na⁺
उत्तर: c) Ba²⁺ -
H₂S गैस की गंध कैसी होती है?
a) तीखी
b) सड़े अंडे जैसी
c) बिना गंध की
d) मीठी
उत्तर: b) सड़े अंडे जैसी -
निम्नलिखित में से कौन सा समूह V का धनायन है?
a) Na⁺
b) K⁺
c) Mg²⁺
d) NH₄⁺
उत्तर: c) Mg²⁺
मुझे आशा है कि यह विस्तृत जानकारी और प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध होंगे। इन अवधारणाओं को अच्छी तरह से समझें और अभ्यास करें। शुभकामनाएँ!