Class 12 Chemistry Notes Chapter 6 (Chapter 6) – Lab Manual (Hindi) Book

Lab Manual (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों,

सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रसायन विज्ञान के प्रायोगिक मैनुअल के अध्याय 6 (आयतनमितीय विश्लेषण) के विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) यहाँ दिए गए हैं। यह अध्याय प्रायोगिक रसायन विज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसमें से कई वैचारिक तथा गणना-आधारित प्रश्न विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।


अध्याय 6: आयतनमितीय विश्लेषण (Volumetric Analysis)

1. परिचय (Introduction)
आयतनमितीय विश्लेषण रासायनिक विश्लेषण की वह विधि है जिसमें किसी अज्ञात सांद्रता वाले विलयन की सांद्रता ज्ञात करने के लिए एक ज्ञात सांद्रता (मानक विलयन) वाले अभिकर्मक के आवश्यक आयतन का मापन किया जाता है।

  • अनुमापन (Titration): यह आयतनमितीय विश्लेषण की एक प्रक्रिया है जिसमें एक अभिकर्मक (अनुमापक, titrant) को धीरे-धीरे दूसरे अभिकर्मक (अनुमाप्य, analyte) में मिलाया जाता है जब तक कि अभिक्रिया पूर्ण न हो जाए।
  • मानक विलयन (Standard Solution): वह विलयन जिसकी सांद्रता ठीक-ठीक ज्ञात हो।
    • प्राथमिक मानक पदार्थ (Primary Standard Substance): वे पदार्थ जिनका उपयोग सीधे मानक विलयन बनाने के लिए किया जा सकता है क्योंकि वे उच्च शुद्धता वाले, वायुमंडलीय नमी और CO₂ से अप्रभावित, आसानी से उपलब्ध और स्थिर होते हैं। उदाहरण: ऑक्सेलिक अम्ल, फेरस अमोनियम सल्फेट (मोर लवण), सोडियम कार्बोनेट।
    • द्वितीयक मानक पदार्थ (Secondary Standard Substance): वे पदार्थ जिनकी शुद्धता कम होती है या जो वायुमंडलीय नमी/CO₂ से अभिक्रिया करते हैं, इसलिए उनका विलयन सीधे मानक नहीं बनाया जा सकता। इनकी सांद्रता ज्ञात करने के लिए इन्हें प्राथमिक मानक विलयन के विरुद्ध अनुमापित किया जाता है। उदाहरण: पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO₄), सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH), हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)।
  • तुल्यता बिंदु (Equivalence Point): वह बिंदु जहाँ अनुमाप्य और अनुमापक अभिकारकों की रासायनिक रूप से समतुल्य मात्राएँ एक-दूसरे से अभिक्रिया कर चुकी होती हैं।
  • अंतिम बिंदु (End Point): वह बिंदु जहाँ अनुमापन में सूचक अपना रंग बदलता है, जो अभिक्रिया के पूर्ण होने का संकेत देता है। एक आदर्श अनुमापन में, अंतिम बिंदु तुल्यता बिंदु के बहुत करीब होना चाहिए।
  • सूचक (Indicator): एक रासायनिक पदार्थ जो तुल्यता बिंदु के पास अपने रंग या अन्य भौतिक गुणों में परिवर्तन करके अभिक्रिया के पूर्ण होने का संकेत देता है।

2. महत्वपूर्ण शब्दावली और गणनाएँ (Important Terminology and Calculations)

  • मोलरता (Molarity, M): 1 लीटर विलयन में घुले विलेय के मोलों की संख्या।
    • M = (विलेय के मोलों की संख्या) / (विलयन का आयतन लीटर में)
  • नॉर्मलता (Normality, N): 1 लीटर विलयन में घुले विलेय के तुल्यांकों की संख्या।
    • N = (विलेय के तुल्यांकों की संख्या) / (विलयन का आयतन लीटर में)
  • तुल्यांकी भार (Equivalent Weight, E): पदार्थ का वह द्रव्यमान जो 1 ग्राम हाइड्रोजन, 8 ग्राम ऑक्सीजन या 35.5 ग्राम क्लोरीन से अभिक्रिया करता है या उसे विस्थापित करता है।
    • E = (मोलर द्रव्यमान) / (संयोजकता कारक या n-कारक)
    • संयोजकता कारक (n-factor):
      • अम्ल के लिए: उसकी क्षारकता (प्रति मोल H⁺ आयनों की संख्या)।
      • क्षार के लिए: उसकी अम्लता (प्रति मोल OH⁻ आयनों की संख्या)।
      • लवण के लिए: कुल धनात्मक या ऋणात्मक आवेश।
      • रेडॉक्स अभिक्रियाओं के लिए: प्रति मोल स्थानांतरित इलेक्ट्रॉनों की संख्या।
  • अनुमापन समीकरण:
    • मोलरता के संदर्भ में: M₁V₁/n₁ = M₂V₂/n₂ (जहां n₁ और n₂ अभिक्रिया के संतुलित समीकरण में अभिकारकों के स्टोइकियोमेट्रिक गुणांक हैं)
    • नॉर्मलता के संदर्भ में: N₁V₁ = N₂V₂

3. रेडॉक्स अनुमापन (Redox Titrations)
यह Class 12 के पाठ्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण अनुमापन है, जिसमें ऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाएँ शामिल होती हैं।

  • पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO₄) अनुमापन (परमैंगनेटोमेट्री):
    • KMnO₄ एक प्रबल ऑक्सीकारक है।
    • यह अम्लीय माध्यम में सबसे प्रभावी होता है: MnO₄⁻ + 8H⁺ + 5e⁻ → Mn²⁺ + 4H₂O (यहाँ n-कारक = 5)
    • KMnO₄ को द्वितीयक मानक माना जाता है क्योंकि:
      • यह पूरी तरह से शुद्ध नहीं होता।
      • यह प्रकाश की उपस्थिति में धीरे-धीरे अपघटित होता है (4KMnO₄ + 2H₂O → 4MnO₂ + 4KOH + 3O₂)।
      • यह वायुमंडलीय CO₂ और नमी से अभिक्रिया कर सकता है।
      • इसलिए, इसके विलयन को उपयोग से पहले प्राथमिक मानक (जैसे ऑक्सेलिक अम्ल या मोर लवण) के विरुद्ध मानकीकृत (standardized) किया जाना चाहिए।
    • स्व-सूचक (Self-indicator): KMnO₄ विलयन स्वयं एक गहरा बैंगनी रंग का होता है। तुल्यता बिंदु पर, जब अनुमाप्य पूरी तरह से ऑक्सीकृत हो जाता है, तो अनुमापक की एक अतिरिक्त बूंद विलयन को हल्का गुलाबी/बैंगनी रंग देती है, जो अंतिम बिंदु को दर्शाता है।

3.1. ऑक्सेलिक अम्ल (H₂C₂O₄·2H₂O) बनाम KMnO₄ अनुमापन

  • सिद्धांत: इस अनुमापन में, पोटेशियम परमैंगनेट (KMnO₄) ऑक्सेलिक अम्ल को ऑक्सीकृत करता है। यह अभिक्रिया सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा अम्लीय माध्यम में की जाती है।
  • अभिक्रिया:
    • आयनिक समीकरण: 2MnO₄⁻ + 5C₂O₄²⁻ + 16H⁺ → 2Mn²⁺ + 10CO₂ + 8H₂O
    • पूर्ण समीकरण: 2KMnO₄ + 3H₂SO₄ + 5H₂C₂O₄ → K₂SO₄ + 2MnSO₄ + 8H₂O + 10CO₂
  • n-कारक:
    • KMnO₄ के लिए: 5 (MnO₄⁻ से Mn²⁺ में 5 इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण)
    • ऑक्सेलिक अम्ल के लिए: 2 (C₂O₄²⁻ से 2CO₂ में 2 इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण, प्रत्येक कार्बन +3 से +4 में जाता है, कुल 2 कार्बन के लिए 2 इलेक्ट्रॉन)
  • तापमान का महत्व: यह अभिक्रिया कमरे के तापमान पर धीमी होती है। इसलिए, अनुमापन को लगभग 60-70°C पर गर्म करके किया जाता है। Mn²⁺ आयन एक स्वतः उत्प्रेरक (autocatalyst) के रूप में कार्य करता है, जो अभिक्रिया की दर को बढ़ाता है।
  • अम्लीय माध्यम: सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) का उपयोग किया जाता है।
    • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) का उपयोग नहीं किया जाता क्योंकि यह स्वयं KMnO₄ द्वारा Cl₂ में ऑक्सीकृत हो सकता है (2KMnO₄ + 16HCl → 2KCl + 2MnCl₂ + 8H₂O + 5Cl₂), जिससे त्रुटि उत्पन्न होगी।
    • नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) का उपयोग नहीं किया जाता क्योंकि यह स्वयं एक प्रबल ऑक्सीकारक है और अनुमापन में हस्तक्षेप कर सकता है।

3.2. फेरस अमोनियम सल्फेट (FAS या मोर लवण, FeSO₄(NH₄)₂SO₄·6H₂O) बनाम KMnO₄ अनुमापन

  • सिद्धांत: इस अनुमापन में, KMnO₄ मोर लवण में Fe²⁺ आयनों को Fe³⁺ आयनों में ऑक्सीकृत करता है। यह अभिक्रिया भी सल्फ्यूरिक अम्ल द्वारा अम्लीय माध्यम में की जाती है।
  • अभिक्रिया:
    • आयनिक समीकरण: MnO₄⁻ + 5Fe²⁺ + 8H⁺ → Mn²⁺ + 5Fe³⁺ + 4H₂O
    • पूर्ण समीकरण: 2KMnO₄ + 8H₂SO₄ + 10FeSO₄(NH₄)₂SO₄·6H₂O → K₂SO₄ + 2MnSO₄ + 5Fe₂(SO₄)₃ + 10(NH₄)₂SO₄ + 68H₂O
  • n-कारक:
    • KMnO₄ के लिए: 5
    • Fe²⁺ के लिए: 1 (Fe²⁺ से Fe³⁺ में 1 इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण)
  • अम्लीय माध्यम: सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) का उपयोग किया जाता है। HCl और HNO₃ का उपयोग उन्हीं कारणों से नहीं किया जाता जो ऑक्सेलिक अम्ल अनुमापन में बताए गए हैं।
  • तापमान: यह अभिक्रिया कमरे के तापमान पर की जा सकती है क्योंकि यह अपेक्षाकृत तेज होती है।

4. सावधानियाँ (Precautions)

  • सभी कांच के उपकरण (ब्यूरेट, पिपेट, कोनिकल फ्लास्क) को आसुत जल से अच्छी तरह धोना चाहिए।
  • पिपेटीकरण करते समय विलयन को मुंह से नहीं खींचना चाहिए, पिपेट बल्ब का उपयोग करें।
  • ब्यूरेट में हवा के बुलबुले नहीं होने चाहिए।
  • ब्यूरेट रीडिंग को हमेशा मेनिस्कस के निचले बिंदु से लेना चाहिए।
  • कोनिकल फ्लास्क को अनुमापन के दौरान लगातार घुमाते रहना चाहिए।
  • सूचक की सही मात्रा का उपयोग करें।
  • KMnO₄ विलयन को अंधेरे में रखना चाहिए और उपयोग से पहले मानकीकृत करना चाहिए।
  • तापमान नियंत्रण का ध्यान रखें (विशेषकर ऑक्सेलिक अम्ल अनुमापन में)।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

1. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ प्राथमिक मानक पदार्थ का उदाहरण नहीं है?
a) ऑक्सेलिक अम्ल
b) फेरस अमोनियम सल्फेट
c) सोडियम कार्बोनेट
d) पोटेशियम परमैंगनेट
सही उत्तर: d) पोटेशियम परमैंगनेट

2. KMnO₄ अनुमापन में, अम्लीय माध्यम के लिए आमतौर पर किस अम्ल का उपयोग किया जाता है?
a) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
b) नाइट्रिक अम्ल
c) सल्फ्यूरिक अम्ल
d) फॉस्फोरिक अम्ल
सही उत्तर: c) सल्फ्यूरिक अम्ल

3. ऑक्सेलिक अम्ल बनाम KMnO₄ अनुमापन को गर्म क्यों किया जाता है?
a) अभिक्रिया को धीमा करने के लिए
b) KMnO₄ को अपघटित करने के लिए
c) अभिक्रिया की दर बढ़ाने के लिए
d) सूचक के रंग परिवर्तन को तेज करने के लिए
सही उत्तर: c) अभिक्रिया की दर बढ़ाने के लिए

4. KMnO₄ अनुमापन में, KMnO₄ स्वयं किस रूप में कार्य करता है?
a) एक अपचायक
b) एक सूचक
c) एक उत्प्रेरक
d) एक जटिल बनाने वाला अभिकर्मक
सही उत्तर: b) एक सूचक (स्व-सूचक)

5. अम्लीय माध्यम में MnO₄⁻ आयन का तुल्यांकी भार क्या है? (KMnO₄ का मोलर द्रव्यमान = 158 g/mol)
a) 158 g/mol
b) 79 g/mol
c) 31.6 g/mol
d) 15.8 g/mol
सही उत्तर: c) 31.6 g/mol (n-कारक = 5, इसलिए 158/5 = 31.6)

6. ऑक्सेलिक अम्ल (H₂C₂O₄) का n-कारक (संयोजकता कारक) KMnO₄ के साथ अभिक्रिया में क्या है?
a) 1
b) 2
c) 3
d) 5
सही उत्तर: b) 2

7. यदि 25 mL 0.1 M NaOH विलयन को उदासीन करने के लिए 20 mL HCl की आवश्यकता होती है, तो HCl विलयन की मोलरता क्या है?
a) 0.1 M
b) 0.125 M
c) 0.08 M
d) 0.2 M
सही उत्तर: b) 0.125 M (M₁V₁ = M₂V₂, 0.1 * 25 = M₂ * 20, M₂ = 2.5/20 = 0.125 M)

8. फेरस अमोनियम सल्फेट (मोर लवण) बनाम KMnO₄ अनुमापन में, Fe²⁺ आयन का ऑक्सीकरण किसमें होता है?
a) Fe⁰
b) Fe³⁺
c) Fe⁴⁺
d) FeO
सही उत्तर: b) Fe³⁺

9. KMnO₄ विलयन को द्वितीयक मानक क्यों माना जाता है?
a) यह महंगा होता है।
b) यह प्रकाश में अपघटित होता है और पूरी तरह से शुद्ध नहीं होता।
c) यह रंगीन होता है।
d) यह पानी में अघुलनशील होता है।
सही उत्तर: b) यह प्रकाश में अपघटित होता है और पूरी तरह से शुद्ध नहीं होता।

10. तुल्यता बिंदु और अंतिम बिंदु के बीच के अंतर को क्या कहा जाता है?
a) अनुमापन त्रुटि (Titration error)
b) सांद्रता त्रुटि (Concentration error)
c) सूचक त्रुटि (Indicator error)
d) आयतन त्रुटि (Volume error)
सही उत्तर: a) अनुमापन त्रुटि (Titration error)


मुझे उम्मीद है कि ये विस्तृत नोट्स और MCQs आपकी सरकारी परीक्षा की तैयारी में सहायक होंगे। शुभकामनाएँ!

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