Class 12 Chemistry Notes Chapter 7 (Chapter 7) – Examplar Problems (Hindi) Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम रसायन विज्ञान के अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'P-ब्लॉक तत्व' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय आपकी सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। हम NCERT Exemplar Problems (Hindi) पुस्तक के आधार पर सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं, अभिक्रियाओं और अवधारणाओं को कवर करेंगे ताकि आपकी तैयारी सुदृढ़ हो सके।
P-ब्लॉक तत्व: विस्तृत नोट्स
P-ब्लॉक तत्व वे तत्व हैं जिनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन उनके संबंधित P-उपकोश में प्रवेश करता है। आवर्त सारणी में ये वर्ग 13 से वर्ग 18 तक स्थित हैं। इस अध्याय में हम मुख्य रूप से वर्ग 15, 16, 17 और 18 के तत्वों का अध्ययन करेंगे।
1. वर्ग 15 के तत्व (नाइट्रोजन परिवार)
-
तत्व: नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), आर्सेनिक (As), एंटीमनी (Sb), बिस्मथ (Bi)।
-
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: ns²np³।
-
सामान्य गुण:
- परमाणु एवं आयनिक त्रिज्या: वर्ग में नीचे जाने पर बढ़ती है।
- आयनन एन्थैल्पी: वर्ग में नीचे जाने पर घटती है। (वर्ग 14 से अधिक और वर्ग 16 से कम होती है, क्योंकि अर्ध-भरे p-कक्षक अधिक स्थायी होते हैं)।
- विद्युत ऋणात्मकता: वर्ग में नीचे जाने पर घटती है।
- धात्विक गुण: वर्ग में नीचे जाने पर बढ़ते हैं (N, P अधातु; As, Sb उपधातु; Bi धातु)।
- ऑक्सीकरण अवस्थाएँ: -3, +3, +5। नाइट्रोजन -3 से +5 तक की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाता है।
- अपररूपता: नाइट्रोजन को छोड़कर सभी तत्व अपररूपता दर्शाते हैं।
- संयोजकता: N की अधिकतम सहसंयोजकता 4 होती है (d-कक्षक की अनुपस्थिति के कारण)। P और अन्य तत्वों की संयोजकता 5 तक हो सकती है।
-
नाइट्रोजन का असंगत व्यवहार:
- छोटा आकार, उच्च विद्युत ऋणात्मकता, उच्च आयनन एन्थैल्पी और d-कक्षक की अनुपस्थिति के कारण।
- N, pπ-pπ बहुबंध बनाता है (N≡N), जबकि P, As, Sb नहीं बनाते।
- नाइट्रोजन हाइड्राइड (NH₃) हाइड्रोजन बंध बनाता है, जबकि PH₃ नहीं बनाता।
- नाइट्रोजन NCl₅ नहीं बनाता, जबकि P, PCl₅ बनाता है (d-कक्षक की उपलब्धता के कारण)।
-
डाईनाइट्रोजन (N₂):
- बनाने की विधियाँ:
- अमोनियम क्लोराइड और सोडियम नाइट्राइट के जलीय विलयन को गर्म करके (प्रयोगशाला):
NH₄Cl(aq) + NaNO₂(aq) → N₂(g) + 2H₂O(l) + NaCl(aq) - अमोनियम डाइक्रोमेट को गर्म करके:
(NH₄)₂Cr₂O₇ → N₂ + 4H₂O + Cr₂O₃ - बेरियम एजाइड या सोडियम एजाइड के तापीय अपघटन से (अत्यंत शुद्ध N₂):
Ba(N₃)₂ → Ba + 3N₂
- अमोनियम क्लोराइड और सोडियम नाइट्राइट के जलीय विलयन को गर्म करके (प्रयोगशाला):
- गुण: रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन गैस। अक्रिय (उच्च बंध वियोजन एन्थैल्पी के कारण)।
- उपयोग: अमोनिया के निर्माण में (हैबर विधि), निष्क्रिय वातावरण बनाने में, क्रायोजेनिक एजेंट के रूप में।
- बनाने की विधियाँ:
-
अमोनिया (NH₃):
- बनाने की विधियाँ:
- हैबर विधि (औद्योगिक):
N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g); ΔH = -46.1 kJ/mol
(उच्च दाब ~200 atm, अनुकूल तापमान ~700 K, उत्प्रेरक Fe/Mo) - यूरिया के जल अपघटन से:
(NH₂)₂CO + 2H₂O → (NH₄)₂CO₃ ⇌ 2NH₃ + H₂O + CO₂
- हैबर विधि (औद्योगिक):
- गुण: तीखी गंध वाली गैस। जल में अत्यधिक घुलनशील (क्षारीय विलयन)। लुईस क्षार (एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म के कारण)।
- Cu²⁺ आयनों के साथ गहरा नीला संकुल [Cu(NH₃)₄]²⁺ बनाता है।
- Ag⁺ आयनों के साथ [Ag(NH₃)₂]⁺ संकुल बनाता है।
- उपयोग: उर्वरक, नाइट्रिक अम्ल, सोडियम कार्बोनेट (सॉल्वे विधि) के निर्माण में।
- बनाने की विधियाँ:
-
नाइट्रोजन के ऑक्साइड: N₂O, NO, N₂O₃, NO₂, N₂O₄, N₂O₅।
- विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाएँ (+1 से +5)।
- N₂O (नाइट्रस ऑक्साइड) - लाफिंग गैस, उदासीन।
- NO (नाइट्रिक ऑक्साइड) - उदासीन, अनुचुंबकीय।
- N₂O₃ - अम्लीय, नीला ठोस।
- NO₂ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) - भूरी गैस, अम्लीय, विषम इलेक्ट्रॉन अणु, अनुचुंबकीय।
- N₂O₄ - रंगहीन ठोस/द्रव, अम्लीय, प्रतिचुंबकीय (NO₂ का द्विलक)।
- N₂O₅ - रंगहीन ठोस, अम्लीय।
-
नाइट्रिक अम्ल (HNO₃):
- बनाने की विधि (ओस्टवाल्ड विधि, औद्योगिक):
- अमोनिया का उत्प्रेरकीय ऑक्सीकरण:
4NH₃(g) + 5O₂(g) → 4NO(g) + 6H₂O(g) (Pt/Rh गेज उत्प्रेरक, 500 K, 9 bar) - नाइट्रिक ऑक्साइड का ऑक्सीकरण:
2NO(g) + O₂(g) → 2NO₂(g) - नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का जल में अवशोषण:
3NO₂(g) + H₂O(l) → 2HNO₃(aq) + NO(g)
- अमोनिया का उत्प्रेरकीय ऑक्सीकरण:
- गुण: प्रबल अम्लीय, प्रबल ऑक्सीकारक। भूरी वलय परीक्षण (नाइट्रेट आयन की पहचान)।
- Au और Pt को छोड़कर अधिकांश धातुओं से अभिक्रिया करता है।
- सांद्र HNO₃ + Cu → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂ + 2H₂O
- तनु HNO₃ + Cu → Cu(NO₃)₂ + 2NO + 4H₂O
- सांद्र HNO₃ एल्युमीनियम और क्रोमियम को निष्क्रिय कर देता है (ऑक्साइड परत बनने के कारण)।
- उपयोग: उर्वरक, विस्फोटक (TNT, नाइट्रोग्लिसरीन), रॉकेट ईंधन के ऑक्सीकारक, एक्वा रेजिया (Au, Pt घोलने के लिए)।
- बनाने की विधि (ओस्टवाल्ड विधि, औद्योगिक):
-
फॉस्फोरस (P):
- अपररूप:
- श्वेत फॉस्फोरस (P₄ अणु): विषैला, जल में अघुलनशील, अंधेरे में चमकता है (रसायन संदीप्ति), अत्यधिक क्रियाशील, CS₂ में घुलनशील।
- लाल फॉस्फोरस: बहुलकी, कम विषैला, कम क्रियाशील, CS₂ में अघुलनशील।
- काला फॉस्फोरस: दो रूप (α-काला, β-काला), सबसे स्थायी।
- अपररूप:
-
फॉस्फीन (PH₃):
- बनाने की विधि:
- श्वेत फॉस्फोरस की NaOH से अभिक्रिया:
P₄ + 3NaOH + 3H₂O → PH₃ + 3NaH₂PO₂ (सोडियम हाइपोफॉस्फाइट) - कैल्शियम फॉस्फाइड का जल अपघटन:
Ca₃P₂ + 6H₂O → 3Ca(OH)₂ + 2PH₃
- श्वेत फॉस्फोरस की NaOH से अभिक्रिया:
- गुण: विषैली गैस, सड़ी मछली जैसी गंध। दुर्बल क्षारीय।
- उपयोग: होम्स सिग्नल (कैल्शियम कार्बाइड और कैल्शियम फॉस्फाइड के मिश्रण से उत्पन्न गैस, जो जल के संपर्क में आने पर PH₃ और C₂H₂ देती है, जो स्वतः प्रज्वलित होकर संकेत देती है)।
- बनाने की विधि:
-
फॉस्फोरस के हैलाइड: PCl₃, PCl₅।
- PCl₃ (फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड):
- बनाने की विधि: श्वेत फॉस्फोरस की SOCl₂ से अभिक्रिया:
P₄ + 8SOCl₂ → 4PCl₃ + 4SO₂ + 2S₂Cl₂ - गुण: जल अपघटन (PCl₃ + 3H₂O → H₃PO₃ + 3HCl)।
- बनाने की विधि: श्वेत फॉस्फोरस की SOCl₂ से अभिक्रिया:
- PCl₅ (फॉस्फोरस पेंटाक्लोराइड):
- बनाने की विधि: P₄ + 10Cl₂ → 4PCl₅
- गुण: जल अपघटन (PCl₅ + H₂O → POCl₃ + 2HCl; POCl₃ + 3H₂O → H₃PO₄ + 3HCl)।
- ठोस अवस्था में आयनिक [PCl₄]⁺[PCl₆]⁻ के रूप में होता है। गैस और द्रव अवस्था में त्रिकोणीय द्विपिरामिडी (trigonal bipyramidal) संरचना।
- PCl₃ (फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड):
-
फॉस्फोरस के ऑक्सोअम्ल:
- H₃PO₂ (हाइपोफॉस्फोरस अम्ल): ऑक्सीकरण अवस्था +1, प्रबल अपचायक (दो P-H बंध)। एक P-OH बंध, एक P=O बंध।
- H₃PO₃ (ऑर्थोफॉस्फोरस अम्ल): ऑक्सीकरण अवस्था +3, अपचायक (एक P-H बंध)। दो P-OH बंध, एक P=O बंध।
- H₃PO₄ (ऑर्थोफॉस्फोरिक अम्ल): ऑक्सीकरण अवस्था +5। तीन P-OH बंध, एक P=O बंध।
- सभी ऑक्सोअम्लों में कम से कम एक P=O बंध और एक P-OH बंध होता है।
- P-H बंध वाले ऑक्सोअम्ल अपचायक गुण दर्शाते हैं।
- P-OH बंध की संख्या अम्लीयता निर्धारित करती है।
2. वर्ग 16 के तत्व (ऑक्सीजन परिवार/चैल्कोजन)
-
तत्व: ऑक्सीजन (O), सल्फर (S), सेलेनियम (Se), टेल्यूरियम (Te), पोलोनियम (Po)।
-
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: ns²np⁴।
-
सामान्य गुण:
- परमाणु एवं आयनिक त्रिज्या: वर्ग में नीचे जाने पर बढ़ती है।
- आयनन एन्थैल्पी: वर्ग में नीचे जाने पर घटती है। (वर्ग 15 से कम)।
- विद्युत ऋणात्मकता: वर्ग में नीचे जाने पर घटती है।
- इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी: ऑक्सीजन की कम ऋणात्मक होती है (छोटे आकार के कारण इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण), उसके बाद सल्फर की सर्वाधिक ऋणात्मक होती है।
- धात्विक गुण: वर्ग में नीचे जाने पर बढ़ते हैं (O, S अधातु; Se, Te उपधातु; Po धातु)।
- ऑक्सीकरण अवस्थाएँ: -2, +2, +4, +6। ऑक्सीजन सामान्यतः -2 दर्शाता है (OF₂ में +2, O₂F₂ में +1)।
- अपररूपता: सभी तत्व अपररूपता दर्शाते हैं।
-
ऑक्सीजन का असंगत व्यवहार:
- छोटा आकार, उच्च विद्युत ऋणात्मकता, उच्च आयनन एन्थैल्पी और d-कक्षक की अनुपस्थिति के कारण।
- O, pπ-pπ बहुबंध बनाता है (O=O)।
- ऑक्सीजन की अधिकतम सहसंयोजकता 4 होती है।
- हाइड्रोजन बंध बनाता है (H₂O)।
-
डाइऑक्सीजन (O₂):
- बनाने की विधियाँ:
- पोटेशियम क्लोरेट का अपघटन (MnO₂ उत्प्रेरक):
2KClO₃ → 2KCl + 3O₂ - हाइड्रोजन परऑक्साइड का अपघटन:
2H₂O₂ → 2H₂O + O₂ - धातु ऑक्साइड का तापीय अपघटन (Ag₂O, HgO, Pb₃O₄)।
- पोटेशियम क्लोरेट का अपघटन (MnO₂ उत्प्रेरक):
- गुण: रंगहीन, गंधहीन गैस। अनुचुंबकीय (आणविक कक्षक सिद्धांत के अनुसार)।
- उपयोग: श्वसन, ऑक्सी-एसिटिलीन वेल्डिंग, इस्पात निर्माण।
- बनाने की विधियाँ:
-
ओजोन (O₃):
- बनाने की विधि: ऑक्सीजन के नीरव विद्युत विसर्जन से:
3O₂ → 2O₃ (ऊष्माशोषी अभिक्रिया) - गुण: नीला रंग, विशेष गंध। प्रबल ऑक्सीकारक।
- I⁻ को I₂ में ऑक्सीकृत करता है: 2I⁻ + H₂O + O₃ → 2OH⁻ + I₂ + O₂
- ओजोन परत UV विकिरण से पृथ्वी की रक्षा करती है।
- संरचना: बेंट (मुड़ी हुई) संरचना, अनुनाद।
- बनाने की विधि: ऑक्सीजन के नीरव विद्युत विसर्जन से:
-
सल्फर (S):
- अपररूप:
- रोम्बिक सल्फर (α-सल्फर): पीला, सबसे स्थायी अपररूप, S₈ रिंग संरचना।
- मोनोक्लिनिक सल्फर (β-सल्फर): 95.6°C से ऊपर स्थायी, S₈ रिंग संरचना।
- प्लास्टिक सल्फर, कोलाइडल सल्फर आदि।
- अपररूप:
-
सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂):
- बनाने की विधि:
- सल्फर का दहन: S + O₂ → SO₂
- सल्फाइड अयस्कों का भर्जन: 4FeS₂ + 11O₂ → 2Fe₂O₃ + 8SO₂
- गुण: रंगहीन, तीखी गंध वाली गैस। जल में घुलनशील (सल्फ्यूरस अम्ल, H₂SO₃)।
- अपचायक गुण (Fe³⁺ को Fe²⁺ में अपचयित करता है, KMnO₄ को रंगहीन करता है)।
- ऑक्सीकारक गुण (H₂S को S में ऑक्सीकृत करता है)।
- उपयोग: चीनी और पेट्रोलियम के विरंजन में, सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण में।
- बनाने की विधि:
-
सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄):
- बनाने की विधि (संपर्क विधि, औद्योगिक):
- सल्फर या सल्फाइड अयस्क से SO₂ का उत्पादन।
- SO₂ का O₂ द्वारा SO₃ में उत्प्रेरकीय ऑक्सीकरण:
2SO₂(g) + O₂(g) ⇌ 2SO₃(g); ΔH = -196.6 kJ/mol
(उत्प्रेरक V₂O₅, अनुकूल तापमान ~720 K, उच्च दाब) - SO₃ का 98% H₂SO₄ में अवशोषण (ओलियम, H₂S₂O₇ बनाने के लिए):
SO₃ + H₂SO₄ → H₂S₂O₇ (ओलियम) - ओलियम का जल अपघटन:
H₂S₂O₇ + H₂O → 2H₂SO₄
- गुण: प्रबल अम्लीय, प्रबल निर्जलीकारक, प्रबल ऑक्सीकारक।
- C + 2H₂SO₄(सांद्र) → CO₂ + 2SO₂ + 2H₂O
- Cu + 2H₂SO₄(सांद्र) → CuSO₄ + SO₂ + 2H₂O
- उपयोग: उर्वरक, डिटर्जेंट, पेट्रोलियम शोधन, बैटरी अम्ल, रसायनों का राजा।
- बनाने की विधि (संपर्क विधि, औद्योगिक):
-
सल्फर के ऑक्सोअम्ल:
- H₂SO₃ (सल्फ्यूरस अम्ल)
- H₂SO₄ (सल्फ्यूरिक अम्ल)
- H₂S₂O₇ (ओलियम/पाइरोसल्फ्यूरिक अम्ल)
- H₂SO₅ (परऑक्सोमोनेसल्फ्यूरिक अम्ल/कैरो अम्ल)
- H₂S₂O₈ (परऑक्सोडाइसल्फ्यूरिक अम्ल/मार्शल अम्ल)
- इनकी संरचनाएँ और ऑक्सीकरण अवस्थाएँ महत्वपूर्ण हैं।
3. वर्ग 17 के तत्व (हैलोजन)
-
तत्व: फ्लोरीन (F), क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br), आयोडीन (I), एस्टेटीन (At)।
-
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: ns²np⁵।
-
सामान्य गुण:
- परमाणु एवं आयनिक त्रिज्या: वर्ग में नीचे जाने पर बढ़ती है।
- आयनन एन्थैल्पी: वर्ग में नीचे जाने पर घटती है।
- विद्युत ऋणात्मकता: वर्ग में नीचे जाने पर घटती है (F सर्वाधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व)।
- इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी: Cl की सर्वाधिक ऋणात्मक होती है (F की कम होती है, छोटे आकार के कारण इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण)।
- भौतिक अवस्था: F₂, Cl₂ गैसें; Br₂ द्रव; I₂ ठोस।
- रंग: F₂ (हल्का पीला), Cl₂ (हरा-पीला), Br₂ (लाल-भूरा), I₂ (गहरा बैंगनी)।
- ऑक्सीकरण अवस्थाएँ: -1 (सभी), +1, +3, +5, +7 (Cl, Br, I)। F केवल -1 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाता है।
- अम्लीय शक्ति (हाइड्रोजन हैलाइड): HF < HCl < HBr < HI (HI प्रबलतम अम्ल)।
- बंध वियोजन एन्थैल्पी: Cl₂ > Br₂ > F₂ > I₂ (F₂ की कम होती है, छोटे आकार के कारण एकाकी युग्म-एकाकी युग्म प्रतिकर्षण)।
- ऑक्सीकारक शक्ति: F₂ > Cl₂ > Br₂ > I₂ (F₂ प्रबलतम ऑक्सीकारक)।
-
फ्लोरीन का असंगत व्यवहार:
- छोटा आकार, उच्च विद्युत ऋणात्मकता, उच्च आयनन एन्थैल्पी और d-कक्षक की अनुपस्थिति के कारण।
- केवल -1 ऑक्सीकरण अवस्था।
- HF में प्रबल हाइड्रोजन बंध।
- केवल एक ऑक्सोअम्ल (HOF) बनाता है।
-
क्लोरीन (Cl₂):
- बनाने की विधियाँ:
- डीकन विधि (औद्योगिक):
4HCl(g) + O₂(g) → 2Cl₂(g) + 2H₂O(g) (CuCl₂ उत्प्रेरक, 723 K) - MnO₂ की HCl से अभिक्रिया:
MnO₂ + 4HCl → MnCl₂ + Cl₂ + 2H₂O - ब्लीचिंग पाउडर से:
CaOCl₂ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + Cl₂ - NaCl के जलीय विलयन का विद्युत अपघटन (कास्टनर-केलनर सेल)।
- डीकन विधि (औद्योगिक):
- गुण: हरा-पीला रंग, तीखी गंध। जल में घुलनशील (क्लोरीन जल, HCl + HOCl)। प्रबल ऑक्सीकारक और विरंजक।
- NaOH से अभिक्रिया (गर्म/ठंडा, तनु/सांद्र):
2NaOH(ठंडा, तनु) + Cl₂ → NaCl + NaClO + H₂O (हाइपोक्लोराइट)
6NaOH(गर्म, सांद्र) + 3Cl₂ → 5NaCl + NaClO₃ + 3H₂O (क्लोरेट)
- NaOH से अभिक्रिया (गर्म/ठंडा, तनु/सांद्र):
- उपयोग: जल शोधन, विरंजक (कागज, कपड़ा), PVC, CFCs के निर्माण में।
- बनाने की विधियाँ:
-
हाइड्रोजन हैलाइड (HX):
- अम्लीय शक्ति: HF < HCl < HBr < HI (HI सबसे प्रबल, बंध लंबाई बढ़ने के कारण)।
- तापीय स्थायित्व: HF > HCl > HBr > HI (HF सबसे स्थायी, बंध ऊर्जा अधिक होने के कारण)।
- अपचायक गुण: HF < HCl < HBr < HI (HI सबसे प्रबल अपचायक)।
-
हैलोजनों के ऑक्सोअम्ल:
- HOX (हाइपोहेलस अम्ल), HOXO (हेलस अम्ल), HOXO₂ (हेलिक अम्ल), HOXO₃ (परहेलिक अम्ल)।
- अम्लीय शक्ति का क्रम: HOCl < HClO₂ < HClO₃ < HClO₄ (ऑक्सीकरण अवस्था बढ़ने पर अम्लीय शक्ति बढ़ती है)।
- एक ही ऑक्सीकरण अवस्था में: HOCl > HOBr > HOI (विद्युत ऋणात्मकता घटने पर अम्लीय शक्ति घटती है)।
-
अंतरहैलोजन यौगिक:
- दो भिन्न हैलोजनों के बीच बनते हैं (XX', XX'₃, XX'₅, XX'₇)।
- X बड़ा हैलोजन, X' छोटा हैलोजन। X की ऑक्सीकरण अवस्था धनात्मक होती है।
- उदाहरण: ClF, BrF₃, IF₅, IF₇।
- संरचनाएँ (VSEPR सिद्धांत के अनुसार):
- ClF₃ (T-आकार)
- BrF₅ (वर्ग पिरामिडी)
- IF₇ (पंचकोणीय द्विपिरामिडी)
- ये हैलोजनों की तुलना में अधिक क्रियाशील होते हैं क्योंकि X-X' बंध X-X बंध से दुर्बल होता है।
4. वर्ग 18 के तत्व (उत्कृष्ट गैसें)
- तत्व: हीलियम (He), नियॉन (Ne), आर्गन (Ar), क्रिप्टन (Kr), जीनॉन (Xe), रेडॉन (Rn)।
- इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: ns²np⁶ (He को छोड़कर, 1s²)। पूर्णतः भरे हुए बाह्यतम कोश।
- सामान्य गुण:
- एकपरमाणुक गैसें: रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन।
- आयनन एन्थैल्पी: आवर्त में सर्वाधिक (स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के कारण)। वर्ग में नीचे जाने पर घटती है।
- परमाणु त्रिज्या: वर्ग में नीचे जाने पर बढ़ती है।
- इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी: धनात्मक (इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृत्ति नहीं होती)।
- क्वथनांक: बहुत कम (दुर्बल परिक्षेपण बल)। वर्ग में नीचे जाने पर बढ़ते हैं।
- रासायनिक अक्रियता: अत्यंत कम क्रियाशील।
- जीनॉन के यौगिक:
- जीनॉन के यौगिकों का निर्माण (उच्च आयनन एन्थैल्पी के बावजूद) फ्लोरीन और ऑक्सीजन जैसे प्रबल विद्युत ऋणात्मक तत्वों के साथ संभव है।
- XeF₂: रेखीय (linear) संरचना।
- XeF₄: वर्ग समतलीय (square planar) संरचना।
- XeF₆: विकृत अष्टफलकीय (distorted octahedral) संरचना।
- XeO₃: पिरामिडी (pyramidal) संरचना।
- XeOF₄: वर्ग पिरामिडी (square pyramidal) संरचना।
- उपयोग:
- He: गुब्बारों, गोताखोरों के सिलेंडरों में (नाइट्रोजन के बजाय, क्योंकि He रक्त में कम घुलनशील है), NMR स्पेक्ट्रोमीटर में, क्रायोजेनिक एजेंट के रूप में।
- Ne: नियॉन लैंप, विज्ञापन संकेत।
- Ar: अक्रिय वातावरण बनाने में (वेल्डिंग), विद्युत बल्बों में (तंतु के जीवनकाल को बढ़ाने के लिए)।
- Kr, Xe: विशेष बल्बों में, फोटोग्राफी में।
- Rn: कैंसर के उपचार में (रेडियोधर्मी)।
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
यहाँ P-ब्लॉक तत्वों से संबंधित 10 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं:
-
निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व pπ-pπ बहुबंध बनाने की प्रवृत्ति नहीं रखता है?
(a) नाइट्रोजन
(b) ऑक्सीजन
(c) फॉस्फोरस
(d) कार्बन -
ओस्टवाल्ड विधि द्वारा नाइट्रिक अम्ल के निर्माण में अमोनिया के उत्प्रेरकीय ऑक्सीकरण के लिए किस उत्प्रेरक का उपयोग किया जाता है?
(a) V₂O₅
(b) Fe
(c) Pt/Rh गेज
(d) Mo -
श्वेत फॉस्फोरस के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(a) यह अंधेरे में चमकता है।
(b) यह कार्बन डाइसल्फाइड (CS₂) में घुलनशील है।
(c) यह विषैला होता है।
(d) यह लाल फॉस्फोरस की तुलना में कम क्रियाशील होता है। -
संपर्क विधि द्वारा सल्फ्यूरिक अम्ल के निर्माण में SO₃ को सीधे जल में अवशोषित क्यों नहीं किया जाता है?
(a) यह एक अत्यधिक ऊष्माशोषी अभिक्रिया है।
(b) यह एक अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है जिससे अम्लीय फुहार (acid mist) उत्पन्न होती है।
(c) SO₃ जल में अघुलनशील है।
(d) अभिक्रिया बहुत धीमी होती है। -
हैलोजनों के लिए इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का सही क्रम क्या है?
(a) F < Cl < Br < I
(b) Cl > F > Br > I
(c) F > Cl > Br > I
(d) Cl > Br > F > I -
जीनॉन के किस फ्लोराइड की संरचना वर्ग पिरामिडी (square pyramidal) होती है?
(a) XeF₂
(b) XeF₄
(c) XeF₆
(d) XeOF₄ -
निम्नलिखित में से कौन-सा हाइड्रोजन हैलाइड सबसे प्रबल अपचायक है?
(a) HF
(b) HCl
(c) HBr
(d) HI -
अमोनिया (NH₃) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
(a) इसकी संरचना पिरामिडीय होती है।
(b) यह एक लुईस क्षार है।
(c) यह जल में अघुलनशील है।
(d) यह हाइड्रोजन बंध बनाता है। -
निम्नलिखित में से किस फॉस्फोरस के ऑक्सोअम्ल में दो P-H बंध होते हैं?
(a) H₃PO₂
(b) H₃PO₃
(c) H₃PO₄
(d) H₄P₂O₇ -
गोताखोरों द्वारा गहरे समुद्र में सांस लेने के लिए ऑक्सीजन के साथ किस उत्कृष्ट गैस का मिश्रण उपयोग किया जाता है ताकि डीकंप्रेसन सिकनेस (bends) से बचा जा सके?
(a) नियॉन
(b) आर्गन
(c) हीलियम
(d) क्रिप्टन
उत्तरमाला:
- (c)
- (c)
- (d)
- (b)
- (b)
- (d)
- (d)
- (c)
- (a)
- (c)
मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और अभ्यास प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध होंगे। इस अध्याय को बार-बार दोहराएँ और सभी महत्वपूर्ण अभिक्रियाओं, संरचनाओं और गुणों को याद रखें। शुभकामनाएँ!