Class 12 Chemistry Notes Chapter 7 () – Rasayan Vigyan Bhag-II Book

Rasayan Vigyan Bhag-II
प्रिय विद्यार्थियों, रसायन विज्ञान के इस महत्वपूर्ण अध्याय 'p-ब्लॉक के तत्व' में आपका स्वागत है। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें तत्वों के गुणों, उनके यौगिकों और उनके अनुप्रयोगों से संबंधित कई अवधारणाएँ शामिल हैं। आइए, हम इस अध्याय का विस्तृत अध्ययन करें।


अध्याय 7: p-ब्लॉक के तत्व (The p-Block Elements)

परिचय:
आवर्त सारणी में समूह 13 से समूह 18 तक के तत्व p-ब्लॉक के तत्व कहलाते हैं। इन तत्वों में, अंतिम इलेक्ट्रॉन संबंधित p-उपकोश में प्रवेश करता है। इन तत्वों का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns²np¹⁻⁶ है। p-ब्लॉक के तत्वों में धातु, अधातु और उपधातु तीनों प्रकार के तत्व पाए जाते हैं।

सामान्य अभिलक्षण:

  1. इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: इन तत्वों का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns²np¹⁻⁶ होता है।
  2. ऑक्सीकरण अवस्थाएँ: ये तत्व विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाते हैं। समूह में नीचे जाने पर, निचले ऑक्सीकरण अवस्थाओं का स्थायित्व अक्रिय युग्म प्रभाव (inert pair effect) के कारण बढ़ जाता है।
  3. परमाणु एवं आयनिक त्रिज्याएँ: समूह में नीचे जाने पर परमाणु एवं आयनिक त्रिज्याएँ बढ़ती हैं। आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण घटती हैं।
  4. आयनन एन्थैल्पी: समूह में नीचे जाने पर परमाणु आकार बढ़ने के कारण घटती है। आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर बढ़ती है।
  5. विद्युत ऋणात्मकता: समूह में नीचे जाने पर घटती है। आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर बढ़ती है।
  6. धात्विक गुण: समूह में नीचे जाने पर धात्विक गुण बढ़ते हैं (जैसे-जैसे आयनन एन्थैल्पी घटती है)। आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर अधात्विक गुण बढ़ते हैं।

समूह 15 के तत्व (नाइट्रोजन परिवार)

  • तत्व: नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), आर्सेनिक (As), एंटीमनी (Sb), बिस्मथ (Bi)।
  • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: ns²np³।
  • उपलब्धता: N₂ वायुमंडल का 78% भाग है। फॉस्फोरस खनिजों जैसे एपेटाइट (Ca₃(PO₄)₂) में पाया जाता है। As, Sb, Bi सल्फाइड अयस्कों के रूप में मिलते हैं।

सामान्य गुण:

  1. परमाणु एवं आयनिक त्रिज्याएँ: समूह में नीचे जाने पर बढ़ती हैं।
  2. आयनन एन्थैल्पी: समूह में नीचे जाने पर घटती है।
  3. विद्युत ऋणात्मकता: समूह में नीचे जाने पर घटती है।
  4. अपररूपता: नाइट्रोजन को छोड़कर सभी तत्व अपररूपता दर्शाते हैं।
  5. गलनांक एवं क्वथनांक: N से As तक बढ़ता है, फिर Sb से Bi तक घटता है।
  6. धात्विक गुण: N, P अधातु हैं। As, Sb उपधातु हैं। Bi धातु है।

रासायनिक गुण:

  1. ऑक्सीकरण अवस्थाएँ: -3, +3, +5। नाइट्रोजन +1 से +5 तक की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ भी दर्शाता है। समूह में नीचे जाने पर +3 ऑक्सीकरण अवस्था का स्थायित्व बढ़ता है (अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण)।
  2. हाइड्रोजन के प्रति अभिक्रियाशीलता (MH₃ हाइड्राइड):
    • NH₃, PH₃, AsH₃, SbH₃, BiH₃।
    • क्षारीय गुण: NH₃ > PH₃ > AsH₃ > SbH₃ > BiH₃ (घटता है)।
    • तापीय स्थायित्व: NH₃ > PH₃ > AsH₃ > SbH₃ > BiH₃ (घटता है)।
    • अपचायक गुण: NH₃ < PH₃ < AsH₃ < SbH₃ < BiH₃ (बढ़ता है)।
  3. ऑक्सीजन के प्रति अभिक्रियाशीलता (M₂O₃, M₂O₅):
    • अम्लीय गुण: N₂O₃ > P₂O₃ > As₂O₃ > Sb₂O₃ > Bi₂O₃ (घटता है)।
    • N₂O₃, P₂O₃ अम्लीय हैं। As₂O₃, Sb₂O₃ उभयधर्मी हैं। Bi₂O₃ क्षारीय है।
  4. हैलोजन के प्रति अभिक्रियाशीलता (MX₃, MX₅):
    • नाइट्रोजन पेंटाहैलाइड नहीं बनाता (d-कक्षक की अनुपस्थिति के कारण)।
    • MX₃ सभी बनाते हैं। MX₅ केवल P, As, Sb बनाते हैं।
    • PCl₅ अधिक स्थायी है, NCl₅ नहीं बनता।
  5. धातुओं के प्रति अभिक्रियाशीलता: ये तत्व धातुओं के साथ अभिक्रिया कर द्विअंगी यौगिक बनाते हैं (जैसे Ca₃N₂, Ca₃P₂)।

समूह 15 के महत्वपूर्ण यौगिक:

  1. डाईनाइट्रोजन (N₂):

    • बनाने की विधियाँ:
      • NH₄Cl(aq) + NaNO₂(aq) → N₂(g) + 2H₂O(l) + NaCl(aq)
      • (NH₄)₂Cr₂O₇ → N₂(g) + Cr₂O₃ + 4H₂O (गर्म करने पर)
      • Ba(N₃)₂ → Ba + 3N₂ (उच्च शुद्धता)
    • गुण: रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन, अक्रिय गैस। जल में कम विलेय।
    • उपयोग: अमोनिया के निर्माण में, अक्रिय वातावरण बनाने में, क्रायोजेनिक एजेंट के रूप में।
  2. अमोनिया (NH₃):

    • बनाने की विधियाँ:
      • प्रयोगशाला: 2NH₄Cl + Ca(OH)₂ → CaCl₂ + 2H₂O + 2NH₃
      • औद्योगिक (हैबर प्रक्रम): N₂(g) + 3H₂(g) ⇌ 2NH₃(g) (उच्च दाब ~200 atm, मध्यम ताप ~700 K, उत्प्रेरक Fe/Mo)
    • गुण: तीखी गंध वाली रंगहीन गैस। लुईस क्षार (एकल इलेक्ट्रॉन युग्म के कारण)। जल में अत्यधिक विलेय।
    • उपयोग: उर्वरक (यूरिया, अमोनियम सल्फेट) बनाने में, नाइट्रिक अम्ल बनाने में, प्रशीतक के रूप में।
  3. नाइट्रिक अम्ल (HNO₃):

    • बनाने की विधियाँ:
      • प्रयोगशाला: NaNO₃ + H₂SO₄ → NaHSO₄ + HNO₃
      • औद्योगिक (ओस्टवाल्ड प्रक्रम):
        1. 4NH₃(g) + 5O₂(g) → 4NO(g) + 6H₂O(g) (Pt/Rh गॉज उत्प्रेरक, 500 K, 9 बार)
        2. 2NO(g) + O₂(g) → 2NO₂(g)
        3. 3NO₂(g) + H₂O(l) → 2HNO₃(aq) + NO(g)
    • गुण: प्रबल ऑक्सीकारक अम्ल। धातुओं और अधातुओं से अभिक्रिया करता है।
      • Cu + 4HNO₃(सांद्र) → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂ + 2H₂O
      • 3Cu + 8HNO₃(तनु) → 3Cu(NO₃)₂ + 2NO + 4H₂O
      • P + 5HNO₃(सांद्र) → H₃PO₄ + 5NO₂ + H₂O
    • उपयोग: उर्वरक, विस्फोटक (TNT, नाइट्रोग्लिसरीन), रॉकेट ईंधन, ऑक्सीकारक के रूप में।
  4. नाइट्रोजन के ऑक्साइड्स: N₂O, NO, N₂O₃, NO₂, N₂O₄, N₂O₅।

    • N₂O: नाइट्रस ऑक्साइड (हँसाने वाली गैस), उदासीन।
    • NO: नाइट्रिक ऑक्साइड, उदासीन।
    • N₂O₃: डाईनाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड, अम्लीय।
    • NO₂: नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, अम्लीय।
    • N₂O₄: डाईनाइट्रोजन टेट्राऑक्साइड, अम्लीय।
    • N₂O₅: डाईनाइट्रोजन पेंटाऑक्साइड, अम्लीय।
  5. फॉस्फोरस के अपररूप:

    • श्वेत फॉस्फोरस (P₄): मोम जैसा ठोस, विषैला, जल में अविलेय, CS₂ में विलेय, अंधेरे में चमकता है (स्फुरदीप्ति)।
    • लाल फॉस्फोरस: श्वेत फॉस्फोरस को अक्रिय वातावरण में गर्म करने पर बनता है। कम क्रियाशील, अविषैला, CS₂ में अविलेय।
    • काला फॉस्फोरस: दो रूप - α-काला और β-काला।
  6. फॉस्फीन (PH₃):

    • बनाने की विधियाँ: Ca₃P₂ + 6HCl → 3CaCl₂ + 2PH₃
      P₄ + 3NaOH + 3H₂O → PH₃ + 3NaH₂PO₂
    • गुण: विषैली गैस, सड़ी मछली जैसी गंध। दुर्बल क्षारीय।
    • उपयोग: होम सिग्नल (समुद्री जहाजों के लिए)।
  7. फॉस्फोरस के हैलाइड्स (PCl₃, PCl₅):

    • PCl₃: P₄ + 6Cl₂ → 4PCl₃ (थायोनिल क्लोराइड से भी)
      • गुण: रंगहीन तैलीय द्रव। जल-अपघटन: PCl₃ + 3H₂O → H₃PO₃ + 3HCl
    • PCl₅: P₄ + 10Cl₂ → 4PCl₅
      • गुण: श्वेत ठोस। जल-अपघटन: PCl₅ + H₂O → POCl₃ + 2HCl, POCl₃ + 3H₂O → H₃PO₄ + 3HCl
      • गर्म करने पर PCl₅ ⇌ PCl₃ + Cl₂
  8. फॉस्फोरस के ऑक्सोअम्ल:

    • हाइपोफॉस्फोरस अम्ल (H₃PO₂): ऑक्सीकरण अवस्था +1। प्रबल अपचायक। एकाक्षारकीय।
    • ऑर्थोफॉस्फोरस अम्ल (H₃PO₃): ऑक्सीकरण अवस्था +3। अपचायक। द्विक्षारकीय।
    • ऑर्थोफॉस्फोरिक अम्ल (H₃PO₄): ऑक्सीकरण अवस्था +5। त्रिक्षारकीय।

समूह 16 के तत्व (ऑक्सीजन परिवार/चैल्कोजन)

  • तत्व: ऑक्सीजन (O), सल्फर (S), सेलेनियम (Se), टेल्यूरियम (Te), पो

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