Class 12 Chemistry Notes Chapter 8 (Chapter 8) – Lab Manual (Hindi) Book

Lab Manual (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 12 रसायन विज्ञान की प्रायोगिक पुस्तिका के अध्याय 8, 'अकार्बनिक लवणों का गुणात्मक विश्लेषण' पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें विभिन्न आयनों की पहचान से संबंधित सैद्धांतिक और प्रायोगिक ज्ञान का समावेश है। हम इस विषय को विस्तार से समझेंगे ताकि आप सभी महत्वपूर्ण अवधारणाओं और परीक्षणों को आत्मसात कर सकें।


अध्याय 8: अकार्बनिक लवणों का गुणात्मक विश्लेषण

1. परिचय (Introduction):
गुणात्मक विश्लेषण रसायन विज्ञान की वह शाखा है जो किसी पदार्थ में उपस्थित विभिन्न रासायनिक घटकों (आयनों) की पहचान से संबंधित है। अकार्बनिक लवणों के गुणात्मक विश्लेषण में, हम दिए गए लवण में उपस्थित एक अम्लीय मूलक (ऋणायन) और एक क्षारीय मूलक (धनायन) की पहचान करते हैं। यह विश्लेषण एक व्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करता है जिसमें विभिन्न अभिकर्मकों के साथ अभिक्रियाओं के आधार पर विशिष्ट अवक्षेपों, गैसों या रंग परिवर्तनों का अवलोकन किया जाता है।

2. मूल सिद्धांत (Basic Principles):

  • विलेयता उत्पाद (Solubility Product): जब किसी आयनिक यौगिक के आयनों की सांद्रता का गुणनफल उसके विलेयता उत्पाद (Ksp) से अधिक हो जाता है, तो यौगिक अवक्षेपित हो जाता है।
  • सामान्य आयन प्रभाव (Common Ion Effect): किसी दुर्बल वैद्युत अपघट्य के विलयन में एक प्रबल वैद्युत अपघट्य मिलाने पर, जिसमें एक सामान्य आयन हो, दुर्बल वैद्युत अपघट्य का आयनन घट जाता है। इसका उपयोग विभिन्न समूहों के क्षारीय मूलकों को अवक्षेपित करने के लिए किया जाता है।
  • pH का नियंत्रण: कई अभिक्रियाएँ pH पर निर्भर करती हैं। बफर विलयनों का उपयोग करके pH को नियंत्रित किया जाता है, जिससे केवल वांछित आयन ही अवक्षेपित होते हैं।

3. प्रारंभिक परीक्षण (Preliminary Tests):
ये परीक्षण लवण की प्रकृति के बारे में प्रारंभिक जानकारी देते हैं और विश्लेषण की दिशा तय करने में मदद करते हैं।

  • a. भौतिक अवस्था (Physical State):
    • रंग:
      • Cu²⁺: नीला/नीला-हरा
      • Fe²⁺: हल्का हरा
      • Fe³⁺: पीला/भूरा
      • Ni²⁺: हरा
      • Co²⁺: गुलाबी
      • Mn²⁺: हल्का गुलाबी
      • Cr³⁺: हरा/बैंगनी
      • अधिकांश अन्य आयन: रंगहीन या सफेद लवण बनाते हैं।
    • गंध:
      • अमोनियम लवण: अमोनिया जैसी गंध (गर्म करने पर)
      • एसीटेट लवण: सिरके जैसी गंध (गर्म करने पर)
      • सल्फाइड लवण: सड़े अंडे जैसी गंध (तनु H₂SO₄ के साथ)
  • b. गर्म करने का प्रभाव (Effect of Heating):
    • क्रेपिटेशन (Crepitation): Pb(NO₃)₂, Ba(NO₃)₂ (विस्फोट के साथ चटकने की आवाज)
    • गैस का निकलना:
      • CO₂ (चूने के पानी को दूधिया करता है): कार्बोनेट, ऑक्सलेट
      • SO₂ (K₂Cr₂O₇ को हरा करता है): सल्फाइट, थायोसल्फेट
      • NO₂ (लाल-भूरे रंग की गैस): नाइट्रेट (Pb, Cu, Ag के)
      • NH₃ (अमोनिया की गंध): अमोनियम लवण
      • H₂O (परखनली की दीवारों पर बूंदें): हाइड्रेटेड लवण
    • अवशिष्ट का रंग:
      • ZnO (गर्म करने पर पीला, ठंडा होने पर सफेद): Zn²⁺
      • CuO (गर्म करने पर काला, ठंडा होने पर काला): Cu²⁺
      • PbO (गर्म करने पर पीला, ठंडा होने पर पीला): Pb²⁺
      • Fe₂O₃ (गर्म करने पर लाल-भूरा, ठंडा होने पर लाल-भूरा): Fe³⁺
  • c. ज्वाला परीक्षण (Flame Test): (सांद्र HCl के साथ पेस्ट बनाकर प्लैटिनम तार पर)
    • Li⁺: क्रिमसन लाल
    • Na⁺: सुनहरा पीला
    • K⁺: बकाइन (बैंगनी)
    • Ca²⁺: ईंट जैसा लाल
    • Sr²⁺: क्रिमसन लाल
    • Ba²⁺: सेब जैसा हरा
    • Cu²⁺: नीला-हरा
  • d. बोरेक्स बीड परीक्षण (Borax Bead Test): (Ni, Co, Cr, Mn, Fe के लिए)
    • Co²⁺: गर्म और ठंडा होने पर नीला
    • Ni²⁺: गर्म करने पर भूरा, ठंडा होने पर पीला
    • Fe²⁺: गर्म करने पर हरा, ठंडा होने पर पीला
    • Cr³⁺: गर्म करने पर पीला, ठंडा होने पर हरा
    • Mn²⁺: गर्म करने पर बैंगनी, ठंडा होने पर बैंगनी

4. अम्लीय मूलकों का परीक्षण (Detection of Acid Radicals):
अम्लीय मूलकों को उनकी तनु H₂SO₄, सांद्र H₂SO₄ के साथ अभिक्रिया और कुछ विशेष परीक्षणों के आधार पर तीन समूहों में बांटा गया है।

समूह I: तनु H₂SO₄ समूह (Dilute H₂SO₄ Group)
(CO₃²⁻, S²⁻, SO₃²⁻, NO₂⁻, CH₃COO⁻)

  • अभिकर्मक: तनु H₂SO₄
  • परीक्षण: लवण + तनु H₂SO₄
    • CO₃²⁻ (कार्बोनेट): रंगहीन, गंधहीन गैस (CO₂) निकलती है, जो चूने के पानी को दूधिया करती है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: BaCl₂ के साथ सफेद अवक्षेप, जो तनु HCl में घुलनशील है।
    • S²⁻ (सल्फाइड): सड़े अंडे जैसी गंध वाली रंगहीन गैस (H₂S) निकलती है, जो लेड एसीटेट पेपर को काला करती है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड के साथ बैंगनी रंग।
    • SO₃²⁻ (सल्फाइट): SO₂ गैस निकलती है, जो अम्लीय K₂Cr₂O₇ पेपर को हरा करती है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: BaCl₂ के साथ सफेद अवक्षेप, जो तनु HCl में घुलनशील है।
    • NO₂⁻ (नाइट्राइट): लाल-भूरे रंग की गैस (NO₂) निकलती है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: स्टार्च-आयोडाइड पेपर को नीला करती है।
    • CH₃COO⁻ (एसीटेट): सिरके जैसी गंध (एथिल एसीटेट) आती है जब इसे एथिल अल्कोहल और सांद्र H₂SO₄ के साथ गर्म किया जाता है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: उदासीन FeCl₃ के साथ लाल रंग।

समूह II: सांद्र H₂SO₄ समूह (Concentrated H₂SO₄ Group)
(Cl⁻, Br⁻, I⁻, NO₃⁻, C₂O₄²⁻)

  • अभिकर्मक: सांद्र H₂SO₄
  • परीक्षण: लवण + सांद्र H₂SO₄ (गर्म करना)
    • Cl⁻ (क्लोराइड): तीखी गंध वाली रंगहीन गैस (HCl) निकलती है, जो अमोनिया की छड़ के संपर्क में सफेद धुआँ देती है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: AgNO₃ के साथ सफेद अवक्षेप, जो अमोनिया में घुलनशील है।
    • Br⁻ (ब्रोमाइड): लाल-भूरे रंग की गैस (Br₂) निकलती है, जो स्टार्च पेपर को पीला करती है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: AgNO₃ के साथ हल्का पीला अवक्षेप, जो अमोनिया में आंशिक रूप से घुलनशील है।
    • I⁻ (आयोडाइड): बैंगनी रंग की गैस (I₂) निकलती है, जो स्टार्च पेपर को नीला करती है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: AgNO₃ के साथ पीला अवक्षेप, जो अमोनिया में अघुलनशील है।
    • NO₃⁻ (नाइट्रेट): लाल-भूरे रंग की गैस (NO₂) निकलती है (धातु के छिलन के साथ गर्म करने पर)।
      • पुष्टिकारी परीक्षण (वलय परीक्षण): फेरस सल्फेट और सांद्र H₂SO₄ के साथ भूरा वलय।
    • C₂O₄²⁻ (ऑक्सलेट): CO₂ और CO गैसें निकलती हैं। CO गैस जलती है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: KMnO₄ के गुलाबी रंग को रंगहीन करता है (गर्म करने पर)।

समूह III: विशेष समूह (Special Group)
(SO₄²⁻, PO₄³⁻, BO₃³⁻)

  • SO₄²⁻ (सल्फेट):
    • परीक्षण: BaCl₂ विलयन के साथ सफेद अवक्षेप, जो सांद्र HCl में अघुलनशील है।
  • PO₄³⁻ (फॉस्फेट):
    • परीक्षण: अमोनियम मोलिब्डेट और सांद्र HNO₃ के साथ गर्म करने पर पीला अवक्षेप।
  • BO₃³⁻ (बोरेट):
    • परीक्षण: एथिल अल्कोहल और सांद्र H₂SO₄ के साथ गर्म करने पर हरे किनारे वाली ज्वाला।

5. क्षारीय मूलकों का परीक्षण (Detection of Basic Radicals):
क्षारीय मूलकों को उनके समूह अभिकर्मकों के साथ अभिक्रिया के आधार पर छह समूहों में बांटा गया है। परीक्षण से पहले, मूल विलयन (O.S.) तैयार किया जाता है (लवण को पानी या तनु HCl में घोलकर)।

समूह 0: (NH₄⁺)

  • अभिकर्मक: NaOH
  • परीक्षण: लवण + NaOH को गर्म करने पर अमोनिया गैस निकलती है, जो नेसलर अभिकर्मक के साथ भूरा अवक्षेप देती है।

समूह I: (Pb²⁺, Ag⁺, Hg₂²⁺)

  • समूह अभिकर्मक: तनु HCl
  • परीक्षण: O.S. + तनु HCl मिलाने पर सफेद अवक्षेप आता है।
    • Pb²⁺ (लेड): सफेद अवक्षेप (PbCl₂), गर्म पानी में घुलनशील।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: KI के साथ पीला अवक्षेप (PbI₂), जो गर्म पानी में घुलनशील है और ठंडा होने पर सुनहरा क्रिस्टल देता है।
    • Ag⁺ (सिल्वर): सफेद अवक्षेप (AgCl), अमोनिया में घुलनशील।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: अमोनिया में घुलनशील अवक्षेप।
    • Hg₂²⁺ (मरक्यूरस): सफेद अवक्षेप (Hg₂Cl₂), अमोनिया के साथ काला होता है।
      • पुष्टिकारी परीक्षण: अमोनिया के साथ काला अवक्षेप।

समूह II: (Cu²⁺, Cd²⁺, Bi³⁺, As³⁺, Sb³⁺, Sn²⁺/⁴⁺, Hg²⁺)

  • समूह अभिकर्मक: H₂S गैस (तनु HCl की उपस्थिति में)
  • परीक्षण: समूह I के अवक्षेप को हटाने के बाद, विलयन में तनु HCl मिलाकर H₂S गैस प्रवाहित करने पर अवक्षेप आता है।
    • समूह IIA (तांबा समूह): (Cu²⁺, Cd²⁺, Bi³⁺, Hg²⁺) - पीले/काले अवक्षेप, अमोनियम पॉलीसल्फाइड में अघुलनशील।
      • Cu²⁺ (कॉपर): काला अवक्षेप (CuS), KCN में घुलनशील, अमोनिया के साथ नीला रंग।
      • Cd²⁺ (कैडमियम): पीला अवक्षेप (CdS), KCN में घुलनशील।
      • Bi³⁺ (बिस्मथ): काला अवक्षेप (Bi₂S₃), NaOH के साथ सफेद अवक्षेप।
      • Hg²⁺ (मरक्यूरिक): काला अवक्षेप (HgS), एक्वा रेजिया में घुलनशील।
    • समूह IIB (आर्सेनिक समूह): (As³⁺, Sb³⁺, Sn²⁺/⁴⁺) - पीले/नारंगी/भूरे अवक्षेप, अमोनियम पॉलीसल्फाइड में घुलनशील।
      • As³⁺ (आर्सेनिक): पीला अवक्षेप (As₂S₃), अमोनियम मोलिब्डेट के साथ पीला अवक्षेप।
      • Sb³⁺ (एंटीमनी): नारंगी अवक्षेप (Sb₂S₃), रोडामिन-B परीक्षण।
      • Sn²⁺/⁴⁺ (टिन): भूरा/पीला अवक्षेप (SnS/SnS₂), मरक्यूरिक क्लोराइड के साथ सफेद/ग्रे अवक्षेप।

समूह III: (Fe³⁺, Al³⁺, Cr³⁺)

  • समूह अभिकर्मक: NH₄Cl (ठोस) + NH₄OH
  • परीक्षण: समूह II के अवक्षेप को हटाने के बाद, विलयन में NH₄Cl और NH₄OH मिलाने पर अवक्षेप आता है।
    • Fe³⁺ (फेरिक): लाल-भूरा अवक्षेप (Fe(OH)₃), K₄[Fe(CN)₆] के साथ प्रूशियन ब्लू रंग।
    • Al³⁺ (एल्युमिनियम): सफेद जिलेटिनस अवक्षेप (Al(OH)₃), कोबाल्ट नाइट्रेट परीक्षण में नीला रंग।
    • Cr³⁺ (क्रोमियम): हरा अवक्षेप (Cr(OH)₃), NaOH और H₂O₂ के साथ पीला विलयन।

समूह IV: (Mn²⁺, Ni²⁺, Co²⁺, Zn²⁺)

  • समूह अभिकर्मक: H₂S गैस (NH₄Cl + NH₄OH की उपस्थिति में)
  • परीक्षण: समूह III के अवक्षेप को हटाने के बाद, विलयन में NH₄Cl, NH₄OH मिलाकर H₂S गैस प्रवाहित करने पर अवक्षेप आता है।
    • Mn²⁺ (मैंगनीज): गुलाबी अवक्षेप (MnS), लेड परऑक्साइड और सांद्र HNO₃ के साथ बैंगनी रंग।
    • Ni²⁺ (निकेल): काला अवक्षेप (NiS), डाइमिथाइल ग्लाइऑक्साइम (DMG) के साथ चेरी लाल अवक्षेप।
    • Co²⁺ (कोबाल्ट): काला अवक्षेप (CoS), अमोनियम थायोसायनेट और एसीटोन के साथ नीला रंग।
    • Zn²⁺ (जिंक): सफेद अवक्षेप (ZnS), कोबाल्ट नाइट्रेट परीक्षण में हरा रंग।

समूह V: (Ba²⁺, Sr²⁺, Ca²⁺)

  • समूह अभिकर्मक: अमोनियम कार्बोनेट ((NH₄)₂CO₃) (NH₄Cl + NH₄OH की उपस्थिति में)
  • परीक्षण: समूह IV के अवक्षेप को हटाने के बाद, विलयन में NH₄Cl, NH₄OH और (NH₄)₂CO₃ मिलाने पर सफेद अवक्षेप आता है।
    • Ba²⁺ (बेरियम): सफेद अवक्षेप (BaCO₃), K₂CrO₄ के साथ पीला अवक्षेप, ज्वाला परीक्षण में सेब जैसा हरा रंग।
    • Sr²⁺ (स्ट्रॉन्शियम): सफेद अवक्षेप (SrCO₃), अमोनियम सल्फेट के साथ सफेद अवक्षेप, ज्वाला परीक्षण में क्रिमसन लाल रंग।
    • Ca²⁺ (कैल्शियम): सफेद अवक्षेप (CaCO₃), अमोनियम ऑक्सलेट के साथ सफेद अवक्षेप, ज्वाला परीक्षण में ईंट जैसा लाल रंग।

समूह VI: (Mg²⁺)

  • समूह अभिकर्मक: कोई नहीं (समूह अभिकर्मक के साथ अवक्षेपित नहीं होता)
  • परीक्षण: समूह V के अवक्षेप को हटाने के बाद, विलयन में NaOH और मैगनीसोन अभिकर्मक मिलाने पर नीला अवक्षेप।
    • Mg²⁺ (मैग्नीशियम): Na₂HPO₄ और NH₄OH के साथ सफेद क्रिस्टलीय अवक्षेप।

6. महत्वपूर्ण बिंदु एवं सावधानियाँ (Important Points and Precautions):

  • प्रत्येक समूह के परीक्षण से पहले पिछले समूह के आयनों को पूरी तरह से हटाना आवश्यक है।
  • समूह अभिकर्मकों को उचित मात्रा में और सही क्रम में मिलाना चाहिए।
  • H₂S गैस का उपयोग करते समय सावधानी बरतें, क्योंकि यह जहरीली होती है।
  • pH का नियंत्रण महत्वपूर्ण है; बफर विलयनों का सही उपयोग करें।
  • सभी अभिकर्मक ताजे और शुद्ध होने चाहिए।
  • ज्वाला परीक्षण के लिए प्लैटिनम तार को सांद्र HCl में धोकर गर्म करके साफ करें।

7. महत्वपूर्ण अभिकर्मक (Important Reagents):
तनु HCl, सांद्र HCl, तनु HNO₃, सांद्र HNO₃, तनु H₂SO₄, सांद्र H₂SO₄, NaOH, NH₄OH, NH₄Cl, (NH₄)₂CO₃, (NH₄)₂S, H₂S गैस, BaCl₂, AgNO₃, FeCl₃, K₄[Fe(CN)₆], KSCN, DMG, नेसलर अभिकर्मक, अमोनियम मोलिब्डेट, लेड एसीटेट, स्टार्च-आयोडाइड पेपर, KMnO₄, K₂Cr₂O₇, आदि।


बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

निम्नलिखित प्रश्न सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं:

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन सा अम्लीय मूलक तनु H₂SO₄ के साथ प्रतिक्रिया करके सड़े अंडे जैसी गंध वाली गैस देता है?
a) कार्बोनेट (CO₃²⁻)
b) सल्फाइट (SO₃²⁻)
c) सल्फाइड (S²⁻)
d) एसीटेट (CH₃COO⁻)

प्रश्न 2: लेड (Pb²⁺) आयन के पुष्टिकारी परीक्षण में पोटेशियम आयोडाइड (KI) मिलाने पर किस रंग का अवक्षेप प्राप्त होता है?
a) सफेद
b) काला
c) पीला
d) लाल-भूरा

प्रश्न 3: ब्राउन रिंग टेस्ट (भूरा वलय परीक्षण) किस अम्लीय मूलक की पहचान के लिए किया जाता है?
a) क्लोराइड (Cl⁻)
b) नाइट्रेट (NO₃⁻)
c) ब्रोमाइड (Br⁻)
d) आयोडाइड (I⁻)

प्रश्न 4: अमोनियम आयन (NH₄⁺) की पहचान के लिए नेसलर अभिकर्मक के साथ किस रंग का अवक्षेप प्राप्त होता है?
a) सफेद
b) पीला
c) भूरा
d) नीला

प्रश्न 5: समूह III के क्षारीय मूलकों (Fe³⁺, Al³⁺, Cr³⁺) का समूह अभिकर्मक क्या है?
a) तनु HCl
b) H₂S गैस (तनु HCl की उपस्थिति में)
c) NH₄Cl (ठोस) + NH₄OH
d) (NH₄)₂CO₃ (NH₄Cl + NH₄OH की उपस्थिति में)

प्रश्न 6: डाइमिथाइल ग्लाइऑक्साइम (DMG) अभिकर्मक का उपयोग किस क्षारीय मूलक के पुष्टिकारी परीक्षण के लिए किया जाता है?
a) Zn²⁺
b) Mn²⁺
c) Ni²⁺
d) Co²⁺

प्रश्न 7: ज्वाला परीक्षण में बेरियम (Ba²⁺) आयन किस रंग की ज्वाला देता है?
a) क्रिमसन लाल
b) सुनहरा पीला
c) सेब जैसा हरा
d) ईंट जैसा लाल

प्रश्न 8: निम्नलिखित में से कौन सा आयन कोबाल्ट नाइट्रेट परीक्षण में नीला रंग देता है?
a) Zn²⁺
b) Mg²⁺
c) Al³⁺
d) Fe³⁺

प्रश्न 9: सल्फेट (SO₄²⁻) आयन के पुष्टिकारी परीक्षण में BaCl₂ विलयन मिलाने पर प्राप्त सफेद अवक्षेप किसमें अघुलनशील होता है?
a) तनु HCl
b) तनु HNO₃
c) सांद्र HCl
d) अमोनिया विलयन

प्रश्न 10: एक अज्ञात लवण को गर्म करने पर लाल-भूरे रंग की गैस निकलती है। यह किस अम्लीय मूलक की उपस्थिति का संकेत हो सकता है?
a) कार्बोनेट
b) सल्फाइट
c) नाइट्रेट
d) एसीटेट


उत्तरमाला (Answer Key):

  1. c) सल्फाइड (S²⁻)
  2. c) पीला
  3. b) नाइट्रेट (NO₃⁻)
  4. c) भूरा
  5. c) NH₄Cl (ठोस) + NH₄OH
  6. c) Ni²⁺
  7. c) सेब जैसा हरा
  8. c) Al³⁺ (जिलेटिनस अवक्षेप के साथ)
  9. c) सांद्र HCl
  10. c) नाइट्रेट

मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। किसी भी प्रकार के संदेह या प्रश्न के लिए आप पूछ सकते हैं। शुभकामनाएँ!

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