Class 12 Chemistry Notes Chapter 9 (Chapter 9) – Lab Manual (Hindi) Book

Lab Manual (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों, आज हम रसायन विज्ञान के प्रायोगिक मैनुअल के अध्याय 9, 'गुणात्मक विश्लेषण' पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अध्याय आपको अकार्बनिक लवणों में उपस्थित अम्लीय और क्षारीय मूलकों (आयनों) की पहचान करने के सिद्धांतों और विधियों से परिचित कराता है।


अध्याय 9: गुणात्मक विश्लेषण (Qualitative Analysis)

गुणात्मक विश्लेषण रसायन विज्ञान की वह शाखा है जिसमें किसी अज्ञात पदार्थ में उपस्थित विभिन्न रासायनिक घटकों (आयनों या मूलकों) की पहचान की जाती है। अकार्बनिक गुणात्मक विश्लेषण में, हम एक अज्ञात अकार्बनिक लवण में उपस्थित अम्लीय मूलक (ऋणायन) और क्षारीय मूलक (धनायन) की पहचान करते हैं।

I. अम्लीय मूलकों (Acid Radicals / Anions) का विश्लेषण

अम्लीय मूलकों को उनकी तनु सल्फ्यूरिक अम्ल (dil. H2SO4) और सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (conc. H2SO4) के प्रति अभिक्रिया के आधार पर तीन समूहों में वर्गीकृत किया जाता है:

समूह A: तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया करने वाले मूलक
(CO₃²⁻, SO₃²⁻, S²⁻, NO₂⁻, CH₃COO⁻)

  1. कार्बोनेट (CO₃²⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + तनु H₂SO₄ → रंगहीन, गंधहीन गैस (CO₂) बुदबुदाहट के साथ निकलती है, जो चूने के पानी (Ca(OH)₂) को दूधिया कर देती है।
      CO₃²⁻ + 2H⁺ → H₂O + CO₂↑
      Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ (सफेद अवक्षेप) + H₂O
    • पुष्टि परीक्षण:
      • मैग्नीशियम सल्फेट परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + MgSO₄ विलयन → सफेद अवक्षेप।
        CO₃²⁻ + MgSO₄ → MgCO₃↓ (सफेद अवक्षेप)
  2. सल्फाइट (SO₃²⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + तनु H₂SO₄ → रंगहीन गैस (SO₂) निकलती है, जिसकी गंध जले हुए सल्फर जैसी होती है। यह गैस अम्लीकृत पोटेशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇) विलयन को हरे रंग में बदल देती है।
      SO₃²⁻ + 2H⁺ → H₂O + SO₂↑
      K₂Cr₂O₇ (नारंगी) + H₂SO₄ + SO₂ → K₂SO₄ + Cr₂(SO₄)₃ (हरा) + H₂O
    • पुष्टि परीक्षण:
      • बेरियम क्लोराइड परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + BaCl₂ विलयन → सफेद अवक्षेप। यह अवक्षेप तनु HCl में घुलनशील होता है।
        SO₃²⁻ + BaCl₂ → BaSO₃↓ (सफेद अवक्षेप)
  3. सल्फाइड (S²⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + तनु H₂SO₄ → रंगहीन गैस (H₂S) निकलती है, जिसकी गंध सड़े हुए अंडे जैसी होती है। यह गैस लेड एसीटेट पेपर को काला कर देती है।
      S²⁻ + 2H⁺ → H₂S↑
      Pb(CH₃COO)₂ + H₂S → PbS↓ (काला अवक्षेप) + 2CH₃COOH
    • पुष्टि परीक्षण:
      • सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड विलयन → बैंगनी रंग।
        Na₂[Fe(CN)₅NO] + Na₂S → Na₄[Fe(CN)₅NOS] (बैंगनी)
  4. नाइट्राइट (NO₂⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + तनु H₂SO₄ → भूरे रंग की गैस (NO₂) निकलती है।
      2NO₂⁻ + 2H⁺ → H₂O + NO↑ + NO₂↑
      2NO + O₂ → 2NO₂ (भूरा)
    • पुष्टि परीक्षण:
      • रिंग परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + फेरस सल्फेट (FeSO₄) विलयन + परखनली की दीवार के सहारे सांद्र H₂SO₄ धीरे-धीरे डालें → दो परतों के जंक्शन पर भूरी वलय (ring) बनती है।
        FeSO₄ + NO → [Fe(NO)]SO₄ (भूरा वलय)
  5. एसीटेट (CH₃COO⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + तनु H₂SO₄ → सिरके जैसी गंध (एसिटिक अम्ल की)।
    • पुष्टि परीक्षण:
      • फेरिक क्लोराइड परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + उदासीन FeCl₃ विलयन → रक्त-लाल रंग।
        3CH₃COO⁻ + FeCl₃ → (CH₃COO)₃Fe (रक्त-लाल) + 3Cl⁻

समूह B: सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया करने वाले मूलक
(Cl⁻, Br⁻, I⁻, NO₃⁻, C₂O₄²⁻)

  1. क्लोराइड (Cl⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + सांद्र H₂SO₄ → तीखी गंध वाली रंगहीन गैस (HCl) निकलती है, जो अमोनिया छड़ के पास लाने पर सफेद धुआँ देती है।
      Cl⁻ + H₂SO₄ → HCl↑ + HSO₄⁻
      HCl + NH₃ → NH₄Cl (सफेद धुआँ)
    • पुष्टि परीक्षण:
      • सिल्वर नाइट्रेट परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + AgNO₃ विलयन → सफेद अवक्षेप। यह अवक्षेप अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH₄OH) में घुलनशील होता है।
        Cl⁻ + AgNO₃ → AgCl↓ (सफेद अवक्षेप) + NO₃⁻
        AgCl + 2NH₄OH → [Ag(NH₃)₂]Cl (घुलनशील) + 2H₂O
      • क्रोमिल क्लोराइड परीक्षण (CrO₂Cl₂): लवण + K₂Cr₂O₇ + सांद्र H₂SO₄ को गर्म करें → लाल-भूरे रंग की वाष्प (क्रोमिल क्लोराइड) निकलती है। इस वाष्प को NaOH विलयन में प्रवाहित करने पर पीला विलयन बनता है, जिसमें लेड एसीटेट डालने पर पीला अवक्षेप (PbCrO₄) मिलता है।
        4Cl⁻ + Cr₂O₇²⁻ + 6H₂SO₄ → 2CrO₂Cl₂↑ + 6HSO₄⁻ + 3H₂O
  2. ब्रोमाइड (Br⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + सांद्र H₂SO₄ → लाल-भूरे रंग की वाष्प (Br₂) निकलती है।
      2Br⁻ + H₂SO₄ → 2HBr + SO₄²⁻
      2HBr + H₂SO₄ → Br₂↑ (लाल-भूरा) + SO₂ + 2H₂O
    • पुष्टि परीक्षण:
      • सिल्वर नाइट्रेट परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + AgNO₃ विलयन → हल्का पीला अवक्षेप। यह अवक्षेप NH₄OH में आंशिक रूप से घुलनशील होता है।
        Br⁻ + AgNO₃ → AgBr↓ (हल्का पीला अवक्षेप)
      • कार्बन डाइसल्फाइड (CS₂) या कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl₄) परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + CS₂/CCl₄ + क्लोरीन जल → CS₂/CCl₄ परत में नारंगी-पीला रंग (Br₂ की उपस्थिति)।
  3. आयोडाइड (I⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + सांद्र H₂SO₄ → बैंगनी रंग की वाष्प (I₂) निकलती है।
      2I⁻ + H₂SO₄ → 2HI + SO₄²⁻
      2HI + H₂SO₄ → I₂↑ (बैंगनी) + SO₂ + 2H₂O
    • पुष्टि परीक्षण:
      • सिल्वर नाइट्रेट परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + AgNO₃ विलयन → पीला अवक्षेप। यह अवक्षेप NH₄OH में अघुलनशील होता है।
        I⁻ + AgNO₃ → AgI↓ (पीला अवक्षेप)
      • कार्बन डाइसल्फाइड (CS₂) या कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl₄) परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + CS₂/CCl₄ + क्लोरीन जल → CS₂/CCl₄ परत में बैंगनी रंग (I₂ की उपस्थिति)।
  4. नाइट्रेट (NO₃⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + सांद्र H₂SO₄ + तांबे के छिलके → भूरी गैस (NO₂) निकलती है।
      NO₃⁻ + H₂SO₄ → HNO₃ + HSO₄⁻
      Cu + 4HNO₃ → Cu(NO₃)₂ + 2NO₂↑ (भूरा) + 2H₂O
    • पुष्टि परीक्षण:
      • रिंग परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + फेरस सल्फेट (FeSO₄) विलयन + परखनली की दीवार के सहारे सांद्र H₂SO₄ धीरे-धीरे डालें → दो परतों के जंक्शन पर भूरी वलय (ring) बनती है।
        NO₃⁻ + 3Fe²⁺ + 4H⁺ → 3Fe³⁺ + NO + 2H₂O
        FeSO₄ + NO → [Fe(NO)]SO₄ (भूरा वलय)
  5. ऑक्सालेट (C₂O₄²⁻):

    • प्राथमिक परीक्षण: लवण + सांद्र H₂SO₄ → रंगहीन गैसें (CO, CO₂) निकलती हैं। CO ज्वलनशील होती है।
      C₂O₄²⁻ + H₂SO₄ → H₂C₂O₄ + SO₄²⁻
      H₂C₂O₄ → CO↑ + CO₂↑ + H₂O
    • पुष्टि परीक्षण:
      • कैल्शियम क्लोराइड परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + CaCl₂ विलयन → सफेद अवक्षेप। यह अवक्षेप तनु एसिटिक अम्ल में अघुलनशील होता है लेकिन तनु HCl में घुलनशील होता है।
        C₂O₄²⁻ + CaCl₂ → CaC₂O₄↓ (सफेद अवक्षेप)
      • पोटेशियम परमैंगनेट परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + तनु H₂SO₄ + KMnO₄ विलयन (बैंगनी) को गर्म करें → KMnO₄ का रंग उड़ जाता है।
        5C₂O₄²⁻ + 2MnO₄⁻ + 16H⁺ → 10CO₂ + 2Mn²⁺ + 8H₂O

समूह C: विशेष परीक्षण वाले मूलक (तनु या सांद्र H₂SO₄ से अभिक्रिया नहीं करते)
(SO₄²⁻, PO₄³⁻)

  1. सल्फेट (SO₄²⁻):

    • पुष्टि परीक्षण:
      • बेरियम क्लोराइड परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + BaCl₂ विलयन + तनु HCl → सफेद अवक्षेप। यह अवक्षेप तनु HCl में अघुलनशील होता है।
        SO₄²⁻ + BaCl₂ → BaSO₄↓ (सफेद अवक्षेप)
  2. फॉस्फेट (PO₄³⁻):

    • पुष्टि परीक्षण:
      • अमोनियम मोलिब्डेट परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + सांद्र HNO₃ + अमोनियम मोलिब्डेट विलयन को गर्म करें → पीला अवक्षेप।
        PO₄³⁻ + 12(NH₄)₂MoO₄ + 21HNO₃ → (NH₄)₃PO₄.12MoO₃↓ (पीला अवक्षेप) + 21NH₄NO₃ + 12H₂O
      • मैग्नीशिया मिश्रण परीक्षण: लवण का जलीय विलयन + अमोनियम क्लोराइड (NH₄Cl) + अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH₄OH) + मैग्नीशिया मिश्रण (MgSO₄ + NH₄Cl + NH₄OH) → सफेद अवक्षेप।
        PO₄³⁻ + Mg²⁺ + NH₄⁺ → MgNH₄PO₄↓ (सफेद अवक्षेप)

II. क्षारीय मूलकों (Basic Radicals / Cations) का विश्लेषण

क्षारीय मूलकों को उनके समूह अभिकर्मकों (group reagents) के प्रति व्यवहार के आधार पर छह समूहों में वर्गीकृत किया जाता है।

समूह 0: (NH₄⁺)

  • समूह अभिकर्मक: कोई नहीं।
  • परीक्षण: लवण + NaOH विलयन को गर्म करें → अमोनिया गैस (NH₃) निकलती है, जिसकी तीखी गंध होती है और जो नम लाल लिटमस पेपर को नीला कर देती है।
    NH₄⁺ + OH⁻ → NH₃↑ + H₂O
  • पुष्टि परीक्षण:
    • नेसलर अभिकर्मक परीक्षण: अमोनिया गैस को नेसलर अभिकर्मक (K₂[HgI₄] का क्षारीय विलयन) में प्रवाहित करें → भूरा अवक्षेप या विलयन।
      2K₂[HgI₄] + NH₃ + 3KOH → H₂N-Hg-O-HgI↓ (भूरा) + 7KI + 2H₂O

समूह I: (Pb²⁺, Ag⁺, Hg₂²⁺)

  • समूह अभिकर्मक: तनु HCl
  • अवक्षेप: क्लोराइड (PbCl₂, AgCl, Hg₂Cl₂) के सफेद अवक्षेप।
  • पृथक्करण और पुष्टि:
    1. अवक्षेप में गर्म जल डालें और हिलाएं। PbCl₂ घुल जाता है।
      • Pb²⁺ (लेड): गर्म जल विलयन + K₂CrO₄ → पीला अवक्षेप (PbCrO₄)।
    2. अघुलनशील अवक्षेप में NH₄OH डालें।
      • Ag⁺ (सिल्वर): AgCl घुल जाता है, [Ag(NH₃)₂]Cl बनाता है। विलयन + HNO₃ → सफेद अवक्षेप (AgCl) पुनः बनता है।
      • Hg₂²⁺ (मरक्यूरस): Hg₂Cl₂ काले रंग के मिश्रण (Hg + HgNH₂Cl) में बदल जाता है।

समूह II: (Pb²⁺, Cu²⁺, Cd²⁺, Bi³⁺, As³⁺, Sb³⁺, Sn²⁺/Sn⁴⁺)

  • समूह अभिकर्मक: तनु HCl की उपस्थिति में H₂S गैस।
  • अवक्षेप: सल्फाइड (PbS, CuS, CdS, Bi₂S₃, As₂S₃, Sb₂S₃, SnS/SnS₂) के अवक्षेप।
  • उपसमूह IIA (अम्ल में अघुलनशील सल्फाइड): PbS (काला), CuS (काला), CdS (पीला), Bi₂S₃ (भूरा-काला)।
  • उपसमूह IIB (अमोनियम पॉलीसल्फाइड में घुलनशील सल्फाइड): As₂S₃ (पीला), Sb₂S₃ (नारंगी), SnS₂ (पीला)।
  • पुष्टि परीक्षण (उदाहरण):
    • Cu²⁺ (कॉपर): विलयन + NH₄OH (आधिक्य में) → गहरा नीला विलयन ([Cu(NH₃)₄]²⁺)।
    • Cd²⁺ (कैडमियम): विलयन + H₂S → पीला अवक्षेप (CdS)।

समूह III: (Fe³⁺, Al³⁺, Cr³⁺)

  • समूह अभिकर्मक: NH₄Cl की उपस्थिति में NH₄OH।
  • अवक्षेप: हाइड्रॉक्साइड (Fe(OH)₃, Al(OH)₃, Cr(OH)₃) के अवक्षेप।
  • पुष्टि परीक्षण:
    • Fe³⁺ (फेरिक): लाल-भूरा अवक्षेप (Fe(OH)₃)। अवक्षेप + HCl + पोटेशियम फेरोसायनाइड (K₄[Fe(CN)₆]) → प्रुशियन नीला रंग।
    • Al³⁺ (एल्युमिनियम): सफेद जिलेटिनस अवक्षेप (Al(OH)₃)। अवक्षेप + HCl + नीला लिटमस + NH₄OH → नीली झील (blue lake) बनती है।
    • Cr³⁺ (क्रोमियम): हरा अवक्षेप (Cr(OH)₃)। अवक्षेप + NaOH + H₂O₂ (गर्म करें) → पीला विलयन (क्रोमेट)।

समूह IV: (Ni²⁺, Co²⁺, Mn²⁺, Zn²⁺)

  • समूह अभिकर्मक: NH₄Cl और NH₄OH की उपस्थिति में H₂S गैस।
  • अवक्षेप: सल्फाइड (NiS, CoS, MnS, ZnS) के अवक्षेप।
  • पुष्टि परीक्षण:
    • Ni²⁺ (निकिल): विलयन + डाइमिथाइल ग्लाइऑक्साइम (DMG) + NH₄OH → लाल अवक्षेप।
    • Co²⁺ (कोबाल्ट): विलयन + KNO₂ + एसिटिक अम्ल → पीला अवक्षेप (K₃[Co(NO₂)₆])।
    • Mn²⁺ (मैंगनीज): मांस-रंग (flesh-colored) अवक्षेप (MnS)। अवक्षेप + HNO₃ + PbO₂ को गर्म करें → बैंगनी रंग (MnO₄⁻)।
    • Zn²⁺ (जिंक): सफेद अवक्षेप (ZnS)। अवक्षेप + HCl + पोटेशियम फेरोसायनाइड → सफेद अवक्षेप (Zn₂[Fe(CN)₆])।

समूह V: (Ba²⁺, Sr²⁺, Ca²⁺)

  • समूह अभिकर्मक: NH₄Cl और NH₄OH की उपस्थिति में (NH₄)₂CO₃।
  • अवक्षेप: कार्बोनेट (BaCO₃, SrCO₃, CaCO₃) के सफेद अवक्षेप।
  • पुष्टि परीक्षण:
    • Ba²⁺ (बेरियम): विलयन + K₂CrO₄ → पीला अवक्षेप (BaCrO₄)। ज्वाला परीक्षण: हरा रंग।
    • Sr²⁺ (स्ट्रॉन्शियम): विलयन + (NH₄)₂SO₄ → सफेद अवक्षेप (SrSO₄)। ज्वाला परीक्षण: गहरा लाल रंग।
    • Ca²⁺ (कैल्शियम): विलयन + अमोनियम ऑक्सालेट ((NH₄)₂C₂O₄) → सफेद अवक्षेप (CaC₂O₄)। ज्वाला परीक्षण: ईंट जैसा लाल रंग।

समूह VI: (Mg²⁺, Na⁺, K⁺)

  • समूह अभिकर्मक: कोई नहीं।
  • पुष्टि परीक्षण:
    • Mg²⁺ (मैग्नीशियम): विलयन + NH₄Cl + NH₄OH + Na₂HPO₄ → सफेद अवक्षेप (MgNH₄PO₄)।
    • Na⁺ (सोडियम): ज्वाला परीक्षण: चमकदार पीला रंग।
    • K⁺ (पोटेशियम): ज्वाला परीक्षण: बैंगनी (lilac) रंग (कोबाल्ट ग्लास से देखने पर)।

III. महत्वपूर्ण सावधानियाँ

  1. सभी अभिकर्मकों का उपयोग उचित मात्रा में करें।
  2. परखनली और उपकरण साफ होने चाहिए।
  3. गर्म करते समय परखनली का मुँह अपनी या दूसरों की ओर न रखें।
  4. अम्लीय मूलकों का परीक्षण क्षारीय मूलकों से पहले करें।
  5. प्रत्येक परीक्षण के बाद परखनली को अच्छी तरह धो लें।
  6. समूह अभिकर्मकों को सही क्रम में और सही pH पर डालें।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

  1. निम्नलिखित में से कौन सा अम्लीय मूलक तनु H₂SO₄ के साथ अभिक्रिया करके सड़े अंडे जैसी गंध वाली गैस देता है?
    a) कार्बोनेट
    b) सल्फाइट
    c) सल्फाइड
    d) नाइट्रेट

  2. क्रोमिल क्लोराइड परीक्षण किस अम्लीय मूलक की पुष्टि के लिए उपयोग किया जाता है?
    a) ब्रोमाइड
    b) आयोडाइड
    c) क्लोराइड
    d) नाइट्रेट

  3. रिंग परीक्षण (Brown Ring Test) किस अम्लीय मूलक की पहचान के लिए किया जाता है?
    a) सल्फेट
    b) नाइट्रेट
    c) फॉस्फेट
    d) एसीटेट

  4. क्षारीय मूलकों के समूह I का समूह अभिकर्मक क्या है?
    a) NH₄Cl + NH₄OH
    b) H₂S (तनु HCl की उपस्थिति में)
    c) तनु HCl
    d) (NH₄)₂CO₃ (NH₄Cl + NH₄OH की उपस्थिति में)

  5. यदि एक अज्ञात लवण के जलीय विलयन में NH₄OH (आधिक्य में) डालने पर गहरा नीला रंग प्राप्त होता है, तो उसमें कौन सा धनायन उपस्थित हो सकता है?
    a) Fe³⁺
    b) Al³⁺
    c) Cu²⁺
    d) Ni²⁺

  6. मैग्नीशिया मिश्रण परीक्षण किस क्षारीय मूलक की पुष्टि के लिए किया जाता है?
    a) Ba²⁺
    b) Sr²⁺
    c) Ca²⁺
    d) Mg²⁺

  7. ज्वाला परीक्षण में चमकदार पीला रंग किस धनायन की उपस्थिति को दर्शाता है?
    a) पोटेशियम
    b) सोडियम
    c) कैल्शियम
    d) बेरियम

  8. लेड एसीटेट पेपर को काला करने वाली गैस कौन सी है?
    a) CO₂
    b) SO₂
    c) H₂S
    d) NO₂

  9. निम्नलिखित में से कौन सा धनायन समूह III में आता है?
    a) Zn²⁺
    b) Mn²⁺
    c) Cr³⁺
    d) Co²⁺

  10. अमोनियम मोलिब्डेट परीक्षण किस अम्लीय मूलक की पहचान के लिए किया जाता है?
    a) सल्फेट
    b) कार्बोनेट
    c) फॉस्फेट
    d) ऑक्सालेट


उत्तरमाला (MCQs):

  1. c) सल्फाइड
  2. c) क्लोराइड
  3. b) नाइट्रेट
  4. c) तनु HCl
  5. c) Cu²⁺
  6. d) Mg²⁺
  7. b) सोडियम
  8. c) H₂S
  9. c) Cr³⁺
  10. c) फॉस्फेट

मुझे उम्मीद है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। शुभकामनाएँ!

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