Class 12 Economics Notes Chapter 2 (राष्ट्रीय आय का लेखांकन) – Samashthy Arthshashtra ek Parichay Book

विद्यार्थियों, आज हम समष्टि अर्थशास्त्र के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय, 'राष्ट्रीय आय का लेखांकन' पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी बोर्ड परीक्षाओं के लिए, बल्कि विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम राष्ट्रीय आय की अवधारणाओं, मापन की विधियों और संबंधित महत्वपूर्ण समुच्चयों को गहराई से समझेंगे।
अध्याय 2: राष्ट्रीय आय का लेखांकन (National Income Accounting)
I. परिचय
राष्ट्रीय आय किसी देश की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। यह एक निश्चित अवधि (सामान्यतः एक वित्तीय वर्ष) में एक अर्थव्यवस्था द्वारा उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य का माप है। राष्ट्रीय आय का लेखांकन हमें अर्थव्यवस्था की संरचना, विकास दर और विभिन्न क्षेत्रों के योगदान को समझने में मदद करता है।
II. आय का चक्रीय प्रवाह (Circular Flow of Income)
आय का चक्रीय प्रवाह अर्थव्यवस्था में उत्पादन, आय सृजन और व्यय के निरंतर प्रवाह को दर्शाता है। यह अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों (परिवार, फर्म, सरकार और विदेशी क्षेत्र) के बीच वस्तुओं, सेवाओं और धन के आदान-प्रदान का एक मॉडल है।
-
दो-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था (फर्म और परिवार):
- वास्तविक प्रवाह: परिवार फर्मों को कारक सेवाएं (श्रम, भूमि, पूंजी, उद्यम) प्रदान करते हैं, और फर्म परिवारों को वस्तुएं और सेवाएं प्रदान करती हैं।
- मौद्रिक प्रवाह: फर्म कारक सेवाओं के बदले परिवारों को कारक भुगतान (वेतन, किराया, ब्याज, लाभ) करती हैं, और परिवार वस्तुओं और सेवाओं के बदले फर्मों को उपभोग व्यय करते हैं।
- बचत और निवेश: परिवार अपनी आय का कुछ हिस्सा बचाते हैं (रिसाव/Leakage)। फर्म इस बचत को निवेश के रूप में उधार लेती हैं (अंतःक्षेपण/Injection)। संतुलन के लिए, बचत = निवेश होना चाहिए।
-
तीन-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था (फर्म, परिवार और सरकार):
- सरकार परिवारों से कर एकत्र करती है (रिसाव) और उन्हें हस्तांतरण भुगतान (पेंशन, सब्सिडी) देती है।
- सरकार फर्मों से कर एकत्र करती है (रिसाव) और उनसे वस्तुएं व सेवाएं खरीदती है (सरकारी व्यय - अंतःक्षेपण)।
-
चार-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था (फर्म, परिवार, सरकार और विदेशी क्षेत्र):
- यह एक खुली अर्थव्यवस्था है जिसमें विदेशी क्षेत्र भी शामिल है।
- आयात (Imports): घरेलू क्षेत्र द्वारा विदेशी क्षेत्र से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद (रिसाव)।
- निर्यात (Exports): विदेशी क्षेत्र द्वारा घरेलू क्षेत्र से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद (अंतःक्षेपण)।
- संतुलन के लिए, कुल रिसाव (बचत + कर + आयात) = कुल अंतःक्षेपण (निवेश + सरकारी व्यय + निर्यात) होना चाहिए।
III. राष्ट्रीय आय मापने की विधियाँ (Methods of Measuring National Income)
राष्ट्रीय आय को मापने के तीन मुख्य तरीके हैं, जो सैद्धांतिक रूप से समान परिणाम देते हैं:
A. उत्पाद विधि / मूल्य वर्धन विधि (Product Method / Value Added Method)
- सिद्धांत: एक अर्थव्यवस्था में एक लेखा वर्ष के दौरान उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के बाजार मूल्य का योग। दोहरी गणना से बचने के लिए, केवल अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को जोड़ा जाता है, या प्रत्येक उत्पादन चरण पर किए गए मूल्य वर्धन को जोड़ा जाता है।
- मूल्य वर्धन (Value Added): उत्पादन का मूल्य - मध्यवर्ती उपभोग।
- गणना:
- प्रत्येक उत्पादक इकाई द्वारा सकल मूल्य वर्धन (GVA_MP) की गणना करें।
- सभी उत्पादक इकाइयों के GVA_MP को जोड़कर सकल घरेलू उत्पाद (GDP_MP) प्राप्त करें।
- GDP_MP = सभी क्षेत्रों का सकल मूल्य वर्धन (बाजार मूल्य पर)
- सावधानियाँ:
- केवल अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य शामिल करें।
- पुनर्विक्रय की गई वस्तुओं का मूल्य शामिल न करें।
- स्व-उपभोग के लिए उत्पादन का अनुमानित मूल्य शामिल करें।
- मध्यवर्ती वस्तुओं के मूल्य को बाहर रखें।
B. आय विधि (Income Method)
- सिद्धांत: एक लेखा वर्ष के दौरान उत्पादन के कारकों (श्रम, भूमि, पूंजी, उद्यम) को उनके योगदान के लिए किए गए सभी कारक भुगतानों का योग।
- घटक:
- कर्मचारियों का पारिश्रमिक (Compensation of Employees - COE): इसमें नकद और वस्तु के रूप में मजदूरी और वेतन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नियोक्ता का योगदान आदि शामिल है।
- परिचालन अधिशेष (Operating Surplus - OS): इसमें किराया, रॉयल्टी, ब्याज और लाभ शामिल हैं। लाभ को आगे लाभांश, अवितरित लाभ (या प्रतिधारित आय) और कॉर्पोरेट कर में विभाजित किया जाता है।
- स्व-नियोजितों की मिश्रित आय (Mixed Income of Self-employed - MI): इसमें छोटे व्यवसायों, किसानों, दुकानदारों आदि की आय शामिल होती है, जहां श्रम, पूंजी और उद्यम के बीच स्पष्ट अंतर करना मुश्किल होता है।
- गणना:
- शुद्ध घरेलू उत्पाद (कारक लागत पर) (NDP_FC) = COE + OS + MI
- सावधानियाँ:
- हस्तांतरण आय (पेंशन, छात्रवृत्ति) शामिल न करें।
- गैर-कानूनी गतिविधियों से आय शामिल न करें।
- पूंजीगत लाभ (शेयरों की बिक्री से लाभ) शामिल न करें।
C. व्यय विधि (Expenditure Method)
- सिद्धांत: एक लेखा वर्ष के दौरान अर्थव्यवस्था में अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर किए गए कुल अंतिम व्यय का योग।
- घटक:
- निजी अंतिम उपभोग व्यय (Private Final Consumption Expenditure - PFCE): परिवारों और निजी गैर-लाभकारी संस्थानों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं पर किया गया व्यय।
- सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (Government Final Consumption Expenditure - GFCE): सरकार द्वारा वस्तुओं और सेवाओं पर किया गया व्यय (प्रशासन, रक्षा, शिक्षा आदि)।
- सकल घरेलू पूंजी निर्माण (Gross Domestic Capital Formation - GDCF):
- सकल स्थायी पूंजी निर्माण (Gross Fixed Capital Formation): मशीनरी, भवन, बुनियादी ढांचे पर निवेश।
- इन्वेंट्री निवेश (Inventory Investment): स्टॉक में परिवर्तन (अंतिम स्टॉक - प्रारंभिक स्टॉक)।
- शुद्ध निर्यात (Net Exports - NX): निर्यात (X) - आयात (M)।
- गणना:
- सकल घरेलू उत्पाद (बाजार मूल्य पर) (GDP_MP) = PFCE + GFCE + GDCF + NX
- सावधानियाँ:
- मध्यवर्ती वस्तुओं पर व्यय शामिल न करें।
- पुरानी वस्तुओं की खरीद पर व्यय शामिल न करें।
- शेयरों और बांडों की खरीद पर व्यय शामिल न करें (यह केवल स्वामित्व का हस्तांतरण है, नया उत्पादन नहीं)।
IV. राष्ट्रीय आय के समुच्चय (Aggregates of National Income)
विभिन्न अवधारणाओं को समझने के लिए निम्नलिखित समायोजन महत्वपूर्ण हैं:
-
सकल (Gross) बनाम शुद्ध (Net):
- मूल्यह्रास (Depreciation): पूंजीगत वस्तुओं के सामान्य टूट-फूट, अप्रचलन या आकस्मिक क्षति के कारण उनके मूल्य में कमी।
- शुद्ध = सकल - मूल्यह्रास
- सकल = शुद्ध + मूल्यह्रास
-
घरेलू (Domestic) बनाम राष्ट्रीय (National):
- विदेशों से शुद्ध कारक आय (Net Factor Income from Abroad - NFIA): विदेशों से प्राप्त कारक आय - विदेशों को दी गई कारक आय।
- राष्ट्रीय = घरेलू + NFIA
- घरेलू = राष्ट्रीय - NFIA
-
बाजार मूल्य (Market Price - MP) बनाम कारक लागत (Factor Cost - FC):
- शुद्ध अप्रत्यक्ष कर (Net Indirect Taxes - NIT): अप्रत्यक्ष कर - सब्सिडी।
- MP = FC + NIT
- FC = MP - NIT
प्रमुख राष्ट्रीय आय समुच्चय:
- सकल घरेलू उत्पाद (बाजार मूल्य पर) (GDP_MP): एक देश की घरेलू सीमा के भीतर एक लेखा वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाजार मूल्य। (C + I + G + (X-M))
- शुद्ध घरेलू उत्पाद (बाजार मूल्य पर) (NDP_MP): GDP_MP - मूल्यह्रास।
- सकल राष्ट्रीय उत्पाद (बाजार मूल्य पर) (GNP_MP): GDP_MP + NFIA।
- शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (बाजार मूल्य पर) (NNP_MP): GNP_MP - मूल्यह्रास।
- सकल घरेलू उत्पाद (कारक लागत पर) (GDP_FC): GDP_MP - NIT।
- शुद्ध घरेलू उत्पाद (कारक लागत पर) (NDP_FC): GDP_FC - मूल्यह्रास या NDP_MP - NIT। (यह आय विधि से प्राप्त होता है।)
- सकल राष्ट्रीय उत्पाद (कारक लागत पर) (GNP_FC): GNP_MP - NIT।
- शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (कारक लागत पर) (NNP_FC): GNP_FC - मूल्यह्रास या NNP_MP - NIT। इसे ही "राष्ट्रीय आय (National Income)" कहा जाता है।
V. वास्तविक GDP बनाम सांकेतिक GDP (Real GDP vs. Nominal GDP)
- सांकेतिक GDP (Nominal GDP): वर्तमान बाजार कीमतों पर मापा गया GDP। यह उत्पादन की मात्रा और कीमतों दोनों में परिवर्तन को दर्शाता है।
- वास्तविक GDP (Real GDP): आधार वर्ष की स्थिर कीमतों पर मापा गया GDP। यह केवल उत्पादन की मात्रा में परिवर्तन को दर्शाता है, जिससे आर्थिक वृद्धि का अधिक सटीक माप मिलता है।
- GDP अपस्फीतिकारक (GDP Deflator): यह कीमतों के स्तर में परिवर्तन को मापने वाला एक सूचकांक है।
- GDP अपस्फीतिकारक = (सांकेतिक GDP / वास्तविक GDP) × 100
VI. GDP और कल्याण (GDP and Welfare)
GDP आर्थिक कल्याण का एक पूर्ण माप नहीं है, क्योंकि इसमें कई सीमाएँ हैं:
- आय का वितरण: उच्च GDP का मतलब यह नहीं है कि सभी को इसका समान लाभ मिल रहा है। आय असमानता कल्याण को कम कर सकती है।
- गैर-मौद्रिक विनिमय/वस्तु विनिमय: ग्रामीण क्षेत्रों में या घरेलू सेवाओं में होने वाले गैर-मौद्रिक लेनदेन GDP में शामिल नहीं होते हैं।
- बाह्य कारक (Externalities): उत्पादन से उत्पन्न होने वाले सकारात्मक (जैसे हरित स्थान) या नकारात्मक (जैसे प्रदूषण) बाह्य कारकों को GDP में शामिल नहीं किया जाता है। प्रदूषण कल्याण को कम करता है लेकिन GDP में वृद्धि कर सकता है।
- उत्पादित वस्तुओं की प्रकृति: GDP में वृद्धि युद्ध सामग्री के उत्पादन के कारण भी हो सकती है, जो कल्याण में वृद्धि नहीं करती।
- खाली समय (Leisure): अधिक खाली समय कल्याण में वृद्धि करता है, लेकिन यह GDP में कमी ला सकता है।
- अंडरग्राउंड इकोनॉमी (काला धन): अवैध या अघोषित आर्थिक गतिविधियाँ GDP में शामिल नहीं होतीं।
VII. राष्ट्रीय आय मापन की समस्याएँ (Problems in Measuring National Income)
- अपरंपरागत अर्थव्यवस्था: भारत जैसे विकासशील देशों में, असंगठित क्षेत्र और वस्तु विनिमय प्रणाली के कारण सटीक डेटा एकत्र करना मुश्किल है।
- दोहरी गणना: मध्यवर्ती वस्तुओं को अंतिम वस्तुओं के रूप में गिनने की संभावना।
- मूल्यह्रास का अनुमान: पूंजीगत वस्तुओं के मूल्यह्रास का सटीक अनुमान लगाना कठिन है।
- गैर-मौद्रिक लेनदेन: स्व-उपभोग के लिए उत्पादन और घरेलू सेवाओं का मूल्यांकन करना मुश्किल।
- अवैध गतिविधियां: तस्करी, जुआ आदि से होने वाली आय राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं होती।
- पर्याप्त और विश्वसनीय डेटा की कमी: विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र से।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
-
निम्नलिखित में से किसे 'राष्ट्रीय आय' कहा जाता है?
a) GDP_MP
b) NDP_MP
c) NNP_FC
d) GNP_MP -
यदि सकल घरेलू उत्पाद (GDP_MP) 1000 करोड़ रुपये है, मूल्यह्रास 100 करोड़ रुपये है, और शुद्ध अप्रत्यक्ष कर 50 करोड़ रुपये है, तो शुद्ध घरेलू उत्पाद (कारक लागत पर) (NDP_FC) क्या होगा?
a) 850 करोड़ रुपये
b) 900 करोड़ रुपये
c) 950 करोड़ रुपये
d) 1050 करोड़ रुपये -
आय विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना करते समय निम्नलिखित में से किसे शामिल नहीं किया जाता है?
a) कर्मचारियों का पारिश्रमिक
b) किराया और ब्याज
c) हस्तांतरण भुगतान
d) लाभ -
'सकल घरेलू पूंजी निर्माण' निम्नलिखित में से किस विधि का घटक है?
a) उत्पाद विधि
b) आय विधि
c) व्यय विधि
d) उपरोक्त सभी -
जब GDP की गणना आधार वर्ष की कीमतों पर की जाती है, तो उसे क्या कहा जाता है?
a) सांकेतिक GDP
b) वास्तविक GDP
c) GDP अपस्फीतिकारक
d) बाजार मूल्य पर GDP -
GDP अपस्फीतिकारक का सूत्र क्या है?
a) (वास्तविक GDP / सांकेतिक GDP) × 100
b) (सांकेतिक GDP / वास्तविक GDP) × 100
c) (GDP_MP / GDP_FC) × 100
d) (GDP_FC / GDP_MP) × 100 -
निम्नलिखित में से कौन सा राष्ट्रीय आय के मापन में दोहरी गणना से बचने का तरीका है?
a) केवल मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य जोड़ना
b) प्रत्येक उत्पादन चरण पर केवल मूल्य वर्धन जोड़ना
c) अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य शामिल न करना
d) सभी वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य जोड़ना -
यदि विदेशों से शुद्ध कारक आय (NFIA) ऋणात्मक है, तो इसका क्या अर्थ है?
a) विदेशों से प्राप्त कारक आय > विदेशों को दी गई कारक आय
b) विदेशों से प्राप्त कारक आय < विदेशों को दी गई कारक आय
c) विदेशों से प्राप्त कारक आय = विदेशों को दी गई कारक आय
d) NFIA का राष्ट्रीय आय से कोई संबंध नहीं है -
निम्नलिखित में से कौन GDP को कल्याण का एक अपर्याप्त माप बनाता है?
a) गैर-मौद्रिक विनिमय
b) आय का असमान वितरण
c) प्रदूषण जैसे बाह्य कारक
d) उपरोक्त सभी -
यदि बाजार मूल्य (MP) पर किसी वस्तु का मूल्य 120 रुपये है और शुद्ध अप्रत्यक्ष कर (NIT) 20 रुपये है, तो कारक लागत (FC) पर उसका मूल्य क्या होगा?
a) 100 रुपये
b) 140 रुपये
c) 120 रुपये
d) 20 रुपये
उत्तर:
- c) NNP_FC
- a) 850 करोड़ रुपये (NDP_FC = GDP_MP - मूल्यह्रास - NIT = 1000 - 100 - 50 = 850)
- c) हस्तांतरण भुगतान
- c) व्यय विधि
- b) वास्तविक GDP
- b) (सांकेतिक GDP / वास्तविक GDP) × 100
- b) प्रत्येक उत्पादन चरण पर केवल मूल्य वर्धन जोड़ना
- b) विदेशों से प्राप्त कारक आय < विदेशों को दी गई कारक आय
- d) उपरोक्त सभी
- a) 100 रुपये (FC = MP - NIT = 120 - 20 = 100)