Class 12 Geography Notes Chapter 2 (विश्व जनसंख्या वितरण; घनत्व और वृद्धि) – Manav Bhugol ke Mool Sidhant Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम आपकी भूगोल की पाठ्यपुस्तक 'मानव भूगोल के मूल सिद्धांत' के अध्याय 2 'विश्व जनसंख्या वितरण; घनत्व और वृद्धि' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः प्रत्येक बिंदु पर विशेष ध्यान दें।
अध्याय 2: विश्व जनसंख्या वितरण; घनत्व और वृद्धि
1. परिचय
जनसंख्या भूगोल, मानव भूगोल का एक महत्वपूर्ण उपक्षेत्र है जो पृथ्वी पर लोगों की संख्या, उनके वितरण, वृद्धि, संरचना और विशेषताओं का अध्ययन करता है। यह अध्याय विश्व जनसंख्या के इन्हीं तीन मूलभूत पहलुओं – वितरण, घनत्व और वृद्धि – पर केंद्रित है।
2. जनसंख्या वितरण (Population Distribution)
जनसंख्या वितरण का अर्थ है कि लोग पृथ्वी की सतह पर किस प्रकार फैले हुए हैं। यह वितरण अत्यंत असमान है।
- असमान वितरण: विश्व की लगभग 90% जनसंख्या इसके 10% स्थलीय क्षेत्र पर निवास करती है।
- घनी आबादी वाले क्षेत्र:
- एशिया के सघन बसे क्षेत्र (चीन, भारत, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, पाकिस्तान)
- यूरोप के औद्योगिक क्षेत्र
- उत्तरी अमेरिका का उत्तर-पूर्वी भाग
- विरल आबादी वाले क्षेत्र:
- उच्च अक्षांशों के ध्रुवीय क्षेत्र (अत्यधिक ठंड)
- उष्ण मरुस्थल (अत्यधिक गर्मी और शुष्कता)
- उच्च पर्वतीय क्षेत्र (कठोर भू-आकृति)
- विषुवतीय वनों के क्षेत्र (अत्यधिक गर्मी, आर्द्रता और सघन वनस्पति)
- महाद्वीपीय वितरण: एशिया महाद्वीप में विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या निवास करती है।
- देशों के अनुसार वितरण: विश्व के शीर्ष 10 सर्वाधिक आबादी वाले देश (जनसंख्या के अवरोही क्रम में) विश्व की लगभग 60% जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें से 6 देश एशिया में स्थित हैं। (चीन, भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, ब्राजील, नाइजीरिया, बांग्लादेश, रूस और मेक्सिको)।
जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक:
जनसंख्या के वितरण को मुख्य रूप से तीन प्रकार के कारक प्रभावित करते हैं:
अ. भौगोलिक कारक:
- जल की उपलब्धता: लोग उन क्षेत्रों में रहना पसंद करते हैं जहाँ जल आसानी से उपलब्ध हो। नदियाँ और झीलों के किनारे प्राचीन सभ्यताओं का विकास हुआ।
- भू-आकृति: समतल मैदान और मंद ढाल वाले क्षेत्र (जैसे नदी घाटियाँ) कृषि, सड़क निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अनुकूल होते हैं। पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्र कम आबादी वाले होते हैं।
- जलवायु: लोग अत्यधिक गर्म या अत्यधिक ठंडी जलवायु वाले क्षेत्रों से बचते हैं। समशीतोष्ण जलवायु वाले क्षेत्र अधिक घनी आबादी वाले होते हैं।
- मृदाएँ: उपजाऊ दोमट मृदाएँ कृषि के लिए महत्वपूर्ण हैं, अतः ये क्षेत्र सघन आबादी वाले होते हैं (जैसे गंगा का मैदान)।
ब. आर्थिक कारक:
- खनिज: खनिज निक्षेप वाले क्षेत्र उद्योगों को आकर्षित करते हैं और रोजगार के अवसर पैदा करते हैं, जिससे जनसंख्या घनत्व बढ़ता है (जैसे अफ्रीका की कटंगा-जाम्बिया ताँबा पेटी)।
- नगरीकरण: नगर रोजगार के बेहतर अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और परिवहन प्रदान करते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से नगरों की ओर प्रवास होता है।
- औद्योगीकरण: औद्योगिक पेटियाँ रोजगार के बड़े अवसर प्रदान करती हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग इन क्षेत्रों की ओर आकर्षित होते हैं (जैसे जापान का कोबे-ओसाका क्षेत्र)।
स. सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारक:
- सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व: कुछ स्थान धार्मिक या सांस्कृतिक महत्व के कारण अधिक लोगों को आकर्षित करते हैं।
- राजनीतिक स्थिरता: राजनीतिक अशांति और युद्ध वाले क्षेत्रों में लोग पलायन करते हैं, जबकि शांति और स्थिरता वाले क्षेत्र लोगों को आकर्षित करते हैं।
- सरकारी नीतियाँ: सरकारें प्रोत्साहन या प्रतिबंधों के माध्यम से जनसंख्या वितरण को प्रभावित कर सकती हैं।
3. जनसंख्या घनत्व (Population Density)
जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या को दर्शाता है। यह भूमि और जनसंख्या के बीच के संबंध को समझने में मदद करता है।
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सूत्र: जनसंख्या घनत्व = कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल
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विश्व का औसत घनत्व (2018 के अनुसार): 54 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर।
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घनत्व के आधार पर क्षेत्र:
- उच्च घनत्व वाले क्षेत्र (200 व्यक्ति/वर्ग किमी से अधिक): पूर्वी एशिया, दक्षिणी एशिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया, उत्तर-पश्चिमी यूरोप और उत्तरी अमेरिका का उत्तर-पूर्वी भाग।
- मध्यम घनत्व वाले क्षेत्र (11-50 व्यक्ति/वर्ग किमी): पश्चिमी चीन, दक्षिणी भारत, नॉर्वे, स्वीडन।
- निम्न घनत्व वाले क्षेत्र (1 व्यक्ति/वर्ग किमी से कम): ध्रुवीय क्षेत्र, उष्ण मरुस्थल, विषुवतीय वन।
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जनसंख्या घनत्व के प्रकार:
- कायिक घनत्व (Physiological Density): कुल जनसंख्या / कुल कृषि योग्य भूमि। यह कृषि योग्य भूमि पर जनसंख्या के दबाव को दर्शाता है।
- कृषि घनत्व (Agricultural Density): कुल कृषक जनसंख्या / कुल कृषि योग्य भूमि। यह कृषि कार्य में संलग्न लोगों पर भूमि के दबाव को दर्शाता है।
4. जनसंख्या वृद्धि (Population Growth)
जनसंख्या वृद्धि का अर्थ है किसी क्षेत्र विशेष में, किसी विशिष्ट समयावधि (जैसे 10 वर्ष) के दौरान जनसंख्या में होने वाला परिवर्तन। यह परिवर्तन धनात्मक (वृद्धि) या ऋणात्मक (कमी) हो सकता है।
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निरपेक्ष वृद्धि: वर्तमान जनसंख्या - पूर्व जनसंख्या।
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प्रतिशत वृद्धि: (निरपेक्ष वृद्धि / पूर्व जनसंख्या) × 100।
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जनसंख्या परिवर्तन के घटक:
- जन्म दर (Birth Rate): प्रति हजार व्यक्तियों पर प्रति वर्ष जीवित जन्मों की संख्या। इसे अशोधित जन्म दर (CBR) के रूप में व्यक्त किया जाता है।
- मृत्यु दर (Death Rate): प्रति हजार व्यक्तियों पर प्रति वर्ष मरने वालों की संख्या। इसे अशोधित मृत्यु दर (CDR) के रूप में व्यक्त किया जाता है।
- प्रवास (Migration): लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना।
- उत्प्रवास (Emigration): लोग किसी स्थान से बाहर जाते हैं।
- अप्रवास (Immigration): लोग किसी स्थान में आते हैं।
- प्रवास के कारण:
- प्रतिकर्ष कारक (Push Factors): जो लोगों को मूल स्थान छोड़ने के लिए मजबूर करते हैं (जैसे बेरोजगारी, खराब रहन-सहन, राजनीतिक अशांति, प्रतिकूल जलवायु, प्राकृतिक आपदाएँ, महामारियाँ)।
- अपकर्ष कारक (Pull Factors): जो लोगों को किसी स्थान की ओर आकर्षित करते हैं (जैसे बेहतर रोजगार, रहन-सहन, शांति, संपत्ति, सुरक्षा, सुखद जलवायु)।
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जनसंख्या वृद्धि की प्रवृत्तियाँ:
- मानव जनसंख्या की वृद्धि दर प्रारंभ में धीमी थी, लेकिन पिछले कुछ शताब्दियों में इसमें तेजी से वृद्धि हुई है।
- कृषि के विकास, औद्योगिक क्रांति, वैज्ञानिक प्रगति और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के कारण मृत्यु दर में कमी आई और जन्म दर उच्च बनी रही, जिससे जनसंख्या में तीव्र वृद्धि हुई।
- जनसंख्या दोगुनी होने का समय (Doubling Time): यह वह समय है जिसमें किसी जनसंख्या को अपनी वर्तमान संख्या से दोगुना होने में लगता है। विकासशील देशों में यह समय विकसित देशों की तुलना में कम होता है।
- लगभग 10,000 ईसा पूर्व: विश्व जनसंख्या 50 लाख
- 1600 ईस्वी: 50 करोड़ (दोगुना होने में 1500 वर्ष)
- 1750 ईस्वी: 70 करोड़
- 1900 ईस्वी: 160 करोड़ (दोगुना होने में 80 वर्ष)
- 1999 ईस्वी: 600 करोड़ (दोगुना होने में 39 वर्ष)
- 2018 अनुमान: 7.6 अरब
- जनसंख्या विस्फोट: 18वीं शताब्दी में औद्योगिक क्रांति के बाद चिकित्सा विज्ञान में प्रगति से मृत्यु दर में कमी आई, जिससे जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई, जिसे जनसंख्या विस्फोट कहा जाता है।
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जनसंख्या परिवर्तन के स्थानिक प्रतिरूप:
- विश्व में जनसंख्या वृद्धि दर में व्यापक भिन्नता पाई जाती है।
- विकसित देशों में जनसंख्या वृद्धि दर कम होती है, जबकि विकासशील देशों में यह अधिक होती है।
- अफ्रीका में जनसंख्या वृद्धि दर उच्चतम है, जबकि यूरोप में सबसे कम (कुछ देशों में ऋणात्मक)।
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जनसंख्या परिवर्तन के प्रभाव:
- संसाधनों पर दबाव (जल, भोजन, भूमि)।
- आर्थिक विकास पर प्रभाव (प्रति व्यक्ति आय में कमी, गरीबी)।
- पर्यावरणीय समस्याएँ (प्रदूषण, वनों की कटाई)।
5. जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत (Demographic Transition Theory)
यह सिद्धांत हमें बताता है कि जैसे-जैसे समाज ग्रामीण, खेतिहर और अल्प-विकसित अवस्था से नगरीय, औद्योगिक और साक्षर अवस्था की ओर बढ़ता है, वैसे-वैसे उस समाज की जनसंख्या की उच्च जन्म दरें और उच्च मृत्यु दरें निम्न जन्म दरों और निम्न मृत्यु दरों में परिवर्तित होती हैं। यह सिद्धांत भविष्य की जनसंख्या का पूर्वानुमान लगाने में सहायक है।
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तीन अवस्थाएँ:
अ. प्रथम अवस्था (उच्च स्थिर अवस्था):
- उच्च जन्म दर और उच्च मृत्यु दर।
- जनसंख्या वृद्धि धीमी होती है।
- अधिकांश लोग कृषि में संलग्न, अशिक्षित और प्रौद्योगिकी का स्तर निम्न होता है।
- महामारियाँ और अनियमित खाद्य आपूर्ति मृत्यु दर को उच्च रखती हैं।
- विश्व के सभी देश 200 वर्ष पहले इस अवस्था में थे।
ब. द्वितीय अवस्था (प्रारंभिक विस्तारशील अवस्था):
- जन्म दर उच्च बनी रहती है, लेकिन मृत्यु दर में कमी आती है।
- स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और स्वच्छता में वृद्धि के कारण मृत्यु दर में गिरावट आती है।
- जनसंख्या में तीव्र वृद्धि होती है (जनसंख्या विस्फोट)।
- भारत जैसे कई विकासशील देश वर्तमान में इस अवस्था में हैं।
स. तृतीय अवस्था (उत्तर विस्तारशील/निम्न स्थिर अवस्था):
- जन्म दर और मृत्यु दर दोनों में गिरावट आती है।
- जनसंख्या वृद्धि धीमी या स्थिर हो जाती है।
- लोग शिक्षित, नगरीय होते हैं और तकनीकी ज्ञान का उपयोग करते हैं।
- परिवार के आकार को नियंत्रित करने की प्रवृत्ति बढ़ती है।
- विकसित देश इस अवस्था में हैं।
6. जनसंख्या नियंत्रण के उपाय
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परिवार नियोजन कार्यक्रम।
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बच्चों की संख्या सीमित रखने के तरीके।
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स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और जागरूकता।
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महिला शिक्षा का प्रसार।
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गर्भनिरोधक उपायों की सुलभता।
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थॉमस माल्थस का सिद्धांत (1798):
- माल्थस ने तर्क दिया कि जनसंख्या ज्यामितीय दर से बढ़ती है (1, 2, 4, 8, ...), जबकि खाद्य आपूर्ति अंकगणितीय दर से बढ़ती है (1, 2, 3, 4, ...)।
- परिणामस्वरूप, जनसंख्या खाद्य आपूर्ति से आगे निकल जाती है, जिससे अकाल, बीमारियाँ और युद्ध जैसी प्राकृतिक आपदाएँ (जिन्हें 'सकारात्मक जाँच' कहा गया) जनसंख्या को नियंत्रित करती हैं।
- उनके अनुसार, जनसंख्या नियंत्रण के लिए निवारक जाँच (Preventive Checks) जैसे ब्रह्मचर्य, देर से विवाह आदि आवश्यक हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
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विश्व की लगभग कितनी प्रतिशत जनसंख्या इसके 10% स्थलीय क्षेत्र पर निवास करती है?
अ) 50%
ब) 70%
स) 90%
द) 20% -
निम्नलिखित में से कौन-सा जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाला एक भौगोलिक कारक नहीं है?
अ) जल की उपलब्धता
ब) भू-आकृति
स) औद्योगीकरण
द) जलवायु -
जनसंख्या घनत्व की गणना का सूत्र क्या है?
अ) कुल जनसंख्या × कुल क्षेत्रफल
ब) कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल
स) कुल क्षेत्रफल / कुल जनसंख्या
द) कुल जन्म / कुल मृत्यु -
कायिक घनत्व (Physiological Density) का अर्थ क्या है?
अ) कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल
ब) कुल कृषक जनसंख्या / कुल कृषि योग्य भूमि
स) कुल जनसंख्या / कुल कृषि योग्य भूमि
द) कुल जनसंख्या / कुल गैर-कृषि योग्य भूमि -
जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत की किस अवस्था में जन्म दर उच्च बनी रहती है, लेकिन मृत्यु दर में कमी आती है, जिससे जनसंख्या में तीव्र वृद्धि होती है?
अ) प्रथम अवस्था
ब) द्वितीय अवस्था
स) तृतीय अवस्था
द) चौथी अवस्था -
निम्नलिखित में से कौन-सा एक 'प्रतिकर्ष कारक' (Push Factor) का उदाहरण है?
अ) बेहतर रोजगार के अवसर
ब) शांति और स्थिरता
स) राजनीतिक अशांति
द) सुखद जलवायु -
थॉमस माल्थस के सिद्धांत के अनुसार, जनसंख्या किस दर से बढ़ती है?
अ) अंकगणितीय दर से
ब) ज्यामितीय दर से
स) रैखिक दर से
द) स्थिर दर से -
विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वृद्धि दर किस महाद्वीप में पाई जाती है?
अ) एशिया
ब) यूरोप
स) अफ्रीका
द) उत्तरी अमेरिका -
जनसंख्या दोगुनी होने का समय (Doubling Time) किस प्रकार के देशों में कम होता है?
अ) विकसित देशों में
ब) विकासशील देशों में
स) उच्च आय वाले देशों में
द) निम्न मृत्यु दर वाले देशों में -
2018 के अनुमान के अनुसार, विश्व का औसत जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किलोमीटर कितना था?
अ) 35 व्यक्ति
ब) 45 व्यक्ति
स) 54 व्यक्ति
द) 65 व्यक्ति
MCQ उत्तरमाला:
- स) 90%
- स) औद्योगीकरण
- ब) कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल
- स) कुल जनसंख्या / कुल कृषि योग्य भूमि
- ब) द्वितीय अवस्था
- स) राजनीतिक अशांति
- ब) ज्यामितीय दर से
- स) अफ्रीका
- ब) विकासशील देशों में
- स) 54 व्यक्ति
मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। किसी भी प्रकार के संदेह या अतिरिक्त जानकारी के लिए आप पूछ सकते हैं।