Class 12 Geography Notes Chapter 3 (आंकड़ों का आलेखी निरूपण) – Bhugol me Peryojnatmak Karya Book

Bhugol me Peryojnatmak Karya
प्रिय विद्यार्थियों, आज हम भूगोल में प्रयोगात्मक कार्य पुस्तक के अध्याय 3, 'आंकड़ों का आलेखी निरूपण' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी आगामी सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अध्याय आंकड़ों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और उनका विश्लेषण करने की कला सिखाता है।


अध्याय 3: आंकड़ों का आलेखी निरूपण (Graphic Representation of Data)

परिचय:
आंकड़ों का आलेखी निरूपण, संख्यात्मक डेटा को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने की एक विधि है। यह जटिल आंकड़ों को सरल, समझने योग्य और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करता है, जिससे उनकी तुलना करना और रुझानों को पहचानना आसान हो जाता है। भूगोल में, यह विधि स्थानिक और गैर-स्थानिक दोनों प्रकार के आंकड़ों (जैसे जनसंख्या, वर्षा, तापमान, फसल उत्पादन आदि) के विश्लेषण और प्रस्तुति के लिए अत्यंत उपयोगी है।

आलेखीय निरूपण के उद्देश्य और महत्व:

  1. सरलता: जटिल आंकड़ों को आसानी से समझने योग्य बनाना।
  2. आकर्षण: प्रस्तुति को अधिक आकर्षक और स्मरणीय बनाना।
  3. तुलना: विभिन्न चरों या अवधियों के बीच तुलना को सरल बनाना।
  4. रुझान: आंकड़ों में निहित पैटर्न, रुझान और संबंधों को उजागर करना।
  5. समय की बचत: आंकड़ों का त्वरित विश्लेषण संभव बनाना।
  6. व्यापकता: निरक्षर व्यक्तियों के लिए भी आंकड़ों को समझना संभव बनाना।

आलेखीय निरूपण के सामान्य नियम एवं महत्वपूर्ण बिंदु:
एक प्रभावी आलेखीय निरूपण के लिए कुछ सामान्य नियमों का पालन करना आवश्यक है:

  1. शीर्षक (Title): आरेख का एक स्पष्ट, संक्षिप्त और वर्णनात्मक शीर्षक होना चाहिए जो यह बताए कि आरेख क्या दर्शाता है।
  2. पैमाना (Scale): आरेख में प्रयुक्त पैमाना (जैसे X-अक्ष और Y-अक्ष पर) स्पष्ट रूप से इंगित होना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि आरेख सटीक रूप से पढ़ा जा सके।
  3. कुंजी/संकेतक (Legend/Key): यदि आरेख में विभिन्न रंग, पैटर्न या प्रतीक उपयोग किए गए हैं, तो उन्हें समझाने वाली एक कुंजी होनी चाहिए।
  4. अक्षों का नामकरण (Labelling of Axes): X-अक्ष (क्षैतिज) और Y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर) दोनों पर दर्शाए गए चरों का नाम स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए।
  5. स्वच्छता और सटीकता (Neatness and Accuracy): आरेख स्वच्छ, स्पष्ट और सटीक रूप से बनाया जाना चाहिए।
  6. स्रोत (Source): यदि आंकड़े किसी विशिष्ट स्रोत से लिए गए हैं, तो उसका उल्लेख करना उचित होता है।

विभिन्न प्रकार के आलेखीय निरूपण:

I. रेखीय आरेख (Line Graphs):

  • उपयोग: यह समय-श्रृंखला डेटा (Time Series Data) को दर्शाने के लिए सबसे उपयुक्त है, जहाँ समय के साथ एक या अधिक चरों में परिवर्तन दिखाया जाता है। उदाहरण: वार्षिक वर्षा, मासिक तापमान, जनसंख्या वृद्धि दर।
  • प्रकार:
    1. सरल रेखीय आरेख (Simple Line Graph): एक ही चर के समय के साथ परिवर्तन को दर्शाता है। (जैसे: किसी शहर का वार्षिक औसत तापमान)।
    2. बहु-रेखीय आरेख (Multiple Line Graph): दो या दो से अधिक संबंधित चरों के समय के साथ परिवर्तन को एक साथ दर्शाता है। (जैसे: विभिन्न फसलों का वार्षिक उत्पादन)।
    3. पट्टिका/बैंड आरेख (Band Graph): यह समय के साथ विभिन्न घटकों के संचयी योग और उनके सापेक्ष योगदान को दर्शाता है। इसमें विभिन्न घटकों को अलग-अलग पट्टियों (बैंड) के रूप में दिखाया जाता है जो एक दूसरे के ऊपर स्थित होती हैं। यह कुल योग और उसके भीतर घटकों के परिवर्तन को एक साथ दिखाता है।

II. दंड आरेख (Bar Diagrams):

  • उपयोग: यह विभिन्न श्रेणियों या अवधियों के बीच मात्राओं की तुलना करने के लिए उपयोग किया जाता है। दंडों की ऊंचाई या लंबाई मात्रा को दर्शाती है।
  • प्रकार:
    1. सरल दंड आरेख (Simple Bar Diagram): एक ही चर के विभिन्न श्रेणियों के मानों को दर्शाता है। (जैसे: विभिन्न राज्यों की जनसंख्या)।
    2. समूह/बहु-दंड आरेख (Multiple Bar Diagram): दो या दो से अधिक संबंधित चरों के मानों को विभिन्न श्रेणियों के लिए एक साथ दर्शाता है। यह विभिन्न समूहों के बीच तुलना को आसान बनाता है। (जैसे: विभिन्न राज्यों में पुरुष और महिला साक्षरता दर)।
    3. मिश्रित/यौगिक दंड आरेख (Compound Bar Diagram): एक ही दंड में कुल योग और उसके विभिन्न घटकों को दर्शाता है। प्रत्येक दंड को विभिन्न भागों में विभाजित किया जाता है, जो कुल के घटकों को दर्शाते हैं। (जैसे: किसी देश के कुल निर्यात में विभिन्न वस्तुओं का योगदान)।
    4. प्रतिशत दंड आरेख (Percentage Bar Diagram): यह मिश्रित दंड आरेख का एक प्रकार है जहाँ प्रत्येक दंड की कुल ऊंचाई 100% होती है, और उसके घटक प्रतिशत के रूप में दर्शाए जाते हैं। यह घटकों के सापेक्ष महत्व को दर्शाता है, न कि उनके निरपेक्ष मान को।

III. वृत्त आरेख (Pie Diagrams):

  • उपयोग: यह एक पूरे के विभिन्न घटकों के आनुपातिक वितरण को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। वृत्त का पूरा क्षेत्र (360 डिग्री) कुल योग का प्रतिनिधित्व करता है, और प्रत्येक घटक को एक वृत्तखंड (सेक्टर) के रूप में दर्शाया जाता है, जिसका कोण उसके प्रतिशत योगदान के समानुपाती होता है।
  • बनाने की विधि:
    1. प्रत्येक घटक के मान को कुल योग के प्रतिशत में परिवर्तित करें।
    2. प्रत्येक प्रतिशत को 360 डिग्री के अंश में बदलें। (डिग्री = (घटक का प्रतिशत / 100) * 360)।
    3. एक वृत्त खींचें और केंद्र से शुरू होकर इन कोणों के अनुसार वृत्तखंडों का निर्माण करें।
    4. प्रत्येक वृत्तखंड को उपयुक्त रंग या पैटर्न से भरें और कुंजी प्रदान करें।

IV. प्रकीर्ण आरेख (Scatter Diagrams):

  • उपयोग: यह दो चरों के बीच संबंध (सहसंबंध) की प्रकृति और शक्ति को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। एक चर को X-अक्ष पर और दूसरे को Y-अक्ष पर दर्शाया जाता है, और प्रत्येक डेटा बिंदु इन दोनों चरों के मानों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • सहसंबंध के प्रकार:
    • धनात्मक सहसंबंध (Positive Correlation): जब एक चर बढ़ता है, तो दूसरा भी बढ़ता है (बिंदुएँ नीचे बाईं ओर से ऊपर दाईं ओर झुकी होती हैं)।
    • ऋणात्मक सहसंबंध (Negative Correlation): जब एक चर बढ़ता है, तो दूसरा घटता है (बिंदुएँ ऊपर बाईं ओर से नीचे दाईं ओर झुकी होती हैं)।
    • शून्य सहसंबंध (No Correlation): चरों के बीच कोई स्पष्ट संबंध नहीं होता (बिंदुएँ बेतरतीब ढंग से बिखरी होती हैं)।

आलेखीय निरूपण के लाभ:

  • आंकड़ों को समझना और याद रखना आसान होता है।
  • जटिल आंकड़ों को सरल रूप में प्रस्तुत करता है।
  • विभिन्न चरों या अवधियों के बीच तुलना करना आसान बनाता है।
  • आंकड़ों में रुझानों और पैटर्न को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
  • समय और प्रयास की बचत होती है।

आलेखीय निरूपण की सीमाएँ:

  • यह केवल अनुमानित मान प्रदान करता है, सटीक मान नहीं।
  • अधिक डेटा बिंदुओं के लिए आरेख जटिल और समझने में कठिन हो सकता है।
  • कभी-कभी, आरेख भ्रामक हो सकते हैं यदि उन्हें सही ढंग से न बनाया जाए या गलत पैमाना चुना जाए।
  • यह केवल दृश्य प्रस्तुति है, गहन सांख्यिकीय विश्लेषण के लिए अतिरिक्त विधियों की आवश्यकता होती है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

  1. आंकड़ों के आलेखी निरूपण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    अ) आंकड़ों को केवल संख्यात्मक रूप में प्रस्तुत करना
    ब) आंकड़ों को जटिल और समझने में कठिन बनाना
    स) आंकड़ों को सरल, आकर्षक और तुलना योग्य बनाना
    द) आंकड़ों को केवल शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी बनाना
    उत्तर: स)

  2. समय-श्रृंखला डेटा (जैसे वार्षिक वर्षा या मासिक तापमान) को दर्शाने के लिए कौन सा आरेख सबसे उपयुक्त है?
    अ) दंड आरेख
    ब) वृत्त आरेख
    स) रेखीय आरेख
    द) प्रकीर्ण आरेख
    उत्तर: स)

  3. एक वृत्त आरेख में, यदि किसी घटक का प्रतिशत योगदान 25% है, तो वह केंद्र पर कितने डिग्री का कोण बनाएगा?
    अ) 45 डिग्री
    ब) 90 डिग्री
    स) 180 डिग्री
    द) 360 डिग्री
    उत्तर: ब) (गणना: (25/100) * 360 = 90 डिग्री)

  4. विभिन्न देशों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की तुलना करने के लिए कौन सा दंड आरेख सबसे उपयुक्त है?
    अ) मिश्रित दंड आरेख
    ब) प्रतिशत दंड आरेख
    स) सरल दंड आरेख
    द) बहु-दंड आरेख
    उत्तर: स)

  5. यदि एक दंड आरेख में कुल उत्पादन और उसके विभिन्न घटकों को एक ही दंड में दर्शाया गया है, तो उसे क्या कहते हैं?
    अ) सरल दंड आरेख
    ब) समूह दंड आरेख
    स) मिश्रित दंड आरेख
    द) प्रतिशत दंड आरेख
    उत्तर: स)

  6. दो चरों (जैसे तापमान और फसल उत्पादन) के बीच संबंध की प्रकृति और शक्ति को दर्शाने के लिए कौन सा आरेख प्रयोग किया जाता है?
    अ) रेखीय आरेख
    ब) वृत्त आरेख
    स) प्रकीर्ण आरेख
    द) पट्टिका आरेख
    उत्तर: स)

  7. विभिन्न घटकों के संचयी योग और उनके सापेक्ष योगदान को समय के साथ दर्शाने के लिए कौन सा रेखीय आरेख उपयुक्त है?
    अ) सरल रेखीय आरेख
    ब) बहु-रेखीय आरेख
    स) पट्टिका/बैंड आरेख
    द) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर: स)

  8. एक अच्छे आलेखीय निरूपण की एक महत्वपूर्ण विशेषता क्या नहीं है?
    अ) स्पष्ट शीर्षक
    ब) पैमाना और कुंजी का अभाव
    स) अक्षों का नामकरण
    द) स्वच्छता और सटीकता
    उत्तर: ब)

  9. यदि प्रकीर्ण आरेख में बिंदुएँ ऊपर बाईं ओर से नीचे दाईं ओर एक सीधी रेखा में झुकी हुई हों, तो यह किस प्रकार का सहसंबंध दर्शाता है?
    अ) धनात्मक सहसंबंध
    ब) ऋणात्मक सहसंबंध
    स) शून्य सहसंबंध
    द) पूर्ण सहसंबंध
    उत्तर: ब)

  10. प्रतिशत दंड आरेख में प्रत्येक दंड की कुल ऊंचाई कितनी होती है?
    अ) चर के कुल मान के बराबर
    ब) 100%
    स) 360 डिग्री
    द) 100 इकाई
    उत्तर: ब)


मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें और सफलता प्राप्त करें!

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