Class 12 Geography Notes Chapter 4 (आंकड़ों का प्रकमण एव मानचित्रण में कंप्यूटर का उपयोग) – Bhugol me Peryojnatmak Karya Book

Bhugol me Peryojnatmak Karya
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 12 भूगोल की प्रायोगिक पुस्तक 'भूगोल में प्रायोगिक कार्य' के अध्याय 4, 'आंकड़ों का प्रकमण एवं मानचित्रण में कंप्यूटर का उपयोग' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आधुनिक भूगोल में प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग को समझाता है।


अध्याय 4: आंकड़ों का प्रकमण एवं मानचित्रण में कंप्यूटर का उपयोग

परिचय:
आधुनिक युग में कंप्यूटर ने भूगोल सहित विभिन्न क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए हैं। भौगोलिक आंकड़ों के संग्रह, प्रकमण (प्रोसेसिंग), विश्लेषण और मानचित्रण में कंप्यूटर का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। यह न केवल कार्य को गति और सटीकता प्रदान करता है, बल्कि जटिल भौगोलिक परिघटनाओं को समझने और उनका प्रतिनिधित्व करने में भी मदद करता है।

1. कंप्यूटर के घटक (Components of Computer):
कंप्यूटर मुख्य रूप से दो घटकों से मिलकर बना होता है:

  • अ हार्डवेयर (Hardware): कंप्यूटर के भौतिक भाग जिन्हें हम छू सकते हैं, हार्डवेयर कहलाते हैं।

    • इनपुट युक्तियाँ (Input Devices): डेटा और निर्देशों को कंप्यूटर में दर्ज करने के लिए उपयोग की जाती हैं।
      • कीबोर्ड (Keyboard): अक्षरों, संख्याओं और प्रतीकों को दर्ज करने के लिए।
      • माउस (Mouse): स्क्रीन पर कर्सर को नियंत्रित करने और कमांड देने के लिए।
      • स्कैनर (Scanner): हार्ड कॉपी (कागजी दस्तावेज़, मानचित्र, चित्र) को डिजिटल रूप में परिवर्तित करने के लिए।
      • डिजिटाइज़र (Digitizer): मानचित्रों या चित्रों पर मौजूद भौगोलिक विशेषताओं (जैसे बिंदु, रेखाएँ, बहुभुज) को डिजिटल निर्देशांक (X, Y) में बदलने के लिए। यह GIS में स्थानिक डेटा प्रविष्टि के लिए महत्वपूर्ण है।
      • GPS (Global Positioning System): प्रत्यक्ष रूप से भौगोलिक निर्देशांक (अक्षांश, देशांतर) को इनपुट के रूप में प्रदान करता है।
    • केंद्रीय प्रकमण इकाई (Central Processing Unit - CPU): कंप्यूटर का 'मस्तिष्क', जो सभी गणनाएँ और नियंत्रण कार्य करता है।
    • आउटपुट युक्तियाँ (Output Devices): प्रकमित डेटा को उपयोगकर्ता तक पहुँचाने के लिए।
      • मॉनिटर (Monitor): दृश्य आउटपुट प्रदर्शित करने के लिए।
      • प्रिंटर (Printer): डिजिटल डेटा को हार्ड कॉपी (कागजी मानचित्र, रिपोर्ट) में मुद्रित करने के लिए।
      • प्लॉटर (Plotter): बड़े आकार के उच्च-गुणवत्ता वाले मानचित्रों और ग्राफिक्स को प्रिंट करने के लिए।
    • भंडारण युक्तियाँ (Storage Devices): डेटा और प्रोग्राम को स्थायी या अस्थायी रूप से संग्रहीत करने के लिए।
      • हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD), सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD): स्थायी भंडारण।
      • रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM): अस्थायी भंडारण, CPU द्वारा वर्तमान में उपयोग किए जा रहे डेटा और प्रोग्राम को रखता है।
  • ब सॉफ्टवेयर (Software): कंप्यूटर को विशिष्ट कार्य करने के लिए दिए गए निर्देशों और प्रोग्रामों का समूह।

    • सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software): कंप्यूटर हार्डवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के बीच इंटरफ़ेस प्रदान करता है।
      • ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System - OS): जैसे Windows, macOS, Linux। यह कंप्यूटर के सभी संसाधनों का प्रबंधन करता है।
    • एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software): विशिष्ट उपयोगकर्ता कार्यों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किए गए प्रोग्राम।
      • स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर (Spreadsheet Software): जैसे Microsoft Excel, LibreOffice Calc। यह सारणीबद्ध डेटा (पंक्तियों और स्तंभों में) को व्यवस्थित करने, गणना करने और विश्लेषण करने के लिए उपयोग किया जाता है। भौगोलिक डेटा (जैसे जनसंख्या, वर्षा, तापमान) को सारणीबद्ध रूप में दर्ज करने और संसाधित करने के लिए अत्यंत उपयोगी।
      • डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (Database Management System - DBMS): जैसे Microsoft Access, MySQL। बड़े डेटासेट को व्यवस्थित और प्रबंधित करने के लिए।
      • भौगोलिक सूचना प्रणाली (Geographic Information System - GIS) सॉफ्टवेयर: जैसे ArcGIS, QGIS। यह स्थानिक और गैर-स्थानिक डेटा को एकीकृत करने, संग्रहीत करने, विश्लेषण करने और प्रदर्शित करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। मानचित्रण और स्थानिक विश्लेषण के लिए केंद्रीय उपकरण।
      • कंप्यूटर एडेड डिजाइन (Computer Aided Design - CAD) सॉफ्टवेयर: जैसे AutoCAD। इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चरल डिज़ाइन के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन मानचित्रण में भी इसका उपयोग हो सकता है।
      • सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर (Statistical Software): जैसे SPSS, R, Python के सांख्यिकीय लाइब्रेरीज़। जटिल सांख्यिकीय विश्लेषण के लिए।

2. भौगोलिक आंकड़ों का कंप्यूटर में प्रविष्टि (Data Entry in Computer for Geographical Data):
भौगोलिक डेटा को कंप्यूटर में दर्ज करने के कई तरीके हैं:

  • कीबोर्ड द्वारा प्रविष्टि (Keyboard Entry): गैर-स्थानिक डेटा जैसे जनसंख्या के आंकड़े, साक्षरता दर, वर्षा की मात्रा आदि को सीधे कीबोर्ड का उपयोग करके स्प्रेडशीट या डेटाबेस में दर्ज किया जाता है।
  • स्कैनर द्वारा प्रविष्टि (Scanner Entry): पुराने कागजी मानचित्रों, हवाई तस्वीरों या उपग्रह चित्रों को डिजिटल प्रारूप में बदलने के लिए स्कैनर का उपयोग किया जाता है।
  • डिजिटाइज़र द्वारा प्रविष्टि (Digitizer Entry): यह एक विशेष इनपुट डिवाइस है जिसका उपयोग कागजी मानचित्रों से स्थानिक डेटा (जैसे सड़कों, नदियों, सीमाओं) को डिजिटल वेक्टर प्रारूप (बिंदु, रेखा, बहुभुज) में बदलने के लिए किया जाता है।
  • GPS द्वारा प्रविष्टि (GPS Entry): GPS उपकरण सीधे किसी स्थान के अक्षांश और देशांतर निर्देशांक को डिजिटल रूप में कैप्चर करते हैं, जो सीधे GIS में उपयोग किए जा सकते हैं।
  • रिमोट सेंसिंग डेटा (Remote Sensing Data): उपग्रहों या हवाई जहाजों द्वारा प्राप्त सुदूर संवेदन डेटा (जैसे उपग्रह चित्र) सीधे डिजिटल प्रारूप में होते हैं और GIS में उपयोग किए जा सकते हैं।
  • मौजूदा डिजिटल डेटा (Existing Digital Data): कई सरकारी एजेंसियां और संगठन पहले से ही डिजिटल प्रारूप में भौगोलिक डेटा (जैसे जनगणना डेटा, प्रशासनिक सीमाएँ) प्रदान करते हैं, जिन्हें सीधे आयात किया जा सकता है।

3. आंकड़ों का प्रकमण (Data Processing):
डेटा प्रविष्टि के बाद, कच्चे डेटा को उपयोगी जानकारी में बदलने के लिए प्रकमण किया जाता है। इसमें निम्नलिखित चरण शामिल हैं:

  • संपादन (Editing): दर्ज किए गए डेटा में त्रुटियों को पहचानना और सुधारना।
  • वर्गीकरण (Classification): डेटा को उनकी विशेषताओं के आधार पर विभिन्न श्रेणियों या समूहों में व्यवस्थित करना। उदाहरण के लिए, जनसंख्या को आयु वर्ग या आय वर्ग के अनुसार वर्गीकृत करना।
  • सारणीकरण (Tabulation): डेटा को व्यवस्थित रूप से तालिकाओं (टेबल्स) में प्रस्तुत करना ताकि उनका विश्लेषण आसान हो सके। स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर इसमें बहुत उपयोगी है।
  • गणना (Calculations): विभिन्न सांख्यिकीय गणनाएँ करना जैसे योग (SUM), औसत (AVERAGE), प्रतिशत (PERCENTAGE), मानक विचलन (STANDARD DEVIATION), सहसंबंध (CORRELATION) आदि। स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर (जैसे MS Excel) इन गणनाओं के लिए व्यापक कार्यक्षमता प्रदान करता है।
  • विश्लेषण (Analysis): डेटा में पैटर्न, रुझानों और संबंधों की पहचान करना। यह स्थानिक विश्लेषण (GIS में) या गैर-स्थानिक सांख्यिकीय विश्लेषण हो सकता है।

4. आंकड़ों का मानचित्रण (Data Mapping):
कंप्यूटर का उपयोग करके मानचित्र बनाना एक अत्यधिक कुशल और सटीक प्रक्रिया है।

  • कंप्यूटर मानचित्रण के लाभ:

    • गति (Speed): कम समय में जटिल मानचित्र बनाना।
    • सटीकता (Accuracy): मानवीय त्रुटियों को कम करना।
    • लचीलापन (Flexibility): आसानी से मानचित्रों को संशोधित करना और विभिन्न संस्करण बनाना।
    • बहु-स्तरीकरण (Multi-layering): विभिन्न प्रकार के भौगोलिक डेटा को अलग-अलग परतों (layers) के रूप में एक साथ प्रदर्शित करना।
    • जटिल विश्लेषण (Complex Analysis): GIS का उपयोग करके स्थानिक संबंधों और पैटर्न का विश्लेषण करना।
  • मानचित्रण में प्रयुक्त सॉफ्टवेयर:

    • GIS सॉफ्टवेयर (जैसे ArcGIS, QGIS): स्थानिक डेटा के संग्रह, भंडारण, विश्लेषण और प्रदर्शन के लिए सबसे शक्तिशाली उपकरण। यह विभिन्न डेटा परतों को एकीकृत करके जटिल भौगोलिक मानचित्र बनाने में सक्षम है।
    • CAD सॉफ्टवेयर (जैसे AutoCAD): मुख्य रूप से इंजीनियरिंग डिज़ाइन के लिए, लेकिन सटीक रेखाचित्र और मानचित्र बनाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
    • ग्राफिक डिज़ाइन सॉफ्टवेयर (जैसे Adobe Illustrator, CorelDRAW): मानचित्रों को सौंदर्यपूर्ण रूप से आकर्षक बनाने और प्रस्तुति के लिए उपयोग किया जा सकता है।
  • कंप्यूटर द्वारा बनाए जाने वाले मानचित्रों के प्रकार:

    • विषयगत मानचित्र (Thematic Maps): किसी विशिष्ट विषय (जैसे जनसंख्या घनत्व, वर्षा, फसल उत्पादन) के वितरण को दर्शाते हैं।
    • कोरोप्लेथ मानचित्र (Choropleth Maps): प्रशासनिक इकाइयों (जैसे जिले, राज्य) को विभिन्न रंगों या शेड्स से रंगकर किसी भौगोलिक विशेषता के घनत्व या तीव्रता को दर्शाते हैं।
    • आइसोप्लेथ मानचित्र (Isopleth Maps): समान मान वाले बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखाओं (जैसे समोच्च रेखाएँ, समदाब रेखाएँ, समताप रेखाएँ) का उपयोग करके निरंतर वितरण वाली विशेषताओं को दर्शाते हैं।
    • बिंदु मानचित्र (Dot Maps): बिंदुओं का उपयोग करके किसी भौगोलिक विशेषता के वितरण और घनत्व को दर्शाते हैं, जहाँ प्रत्येक बिंदु एक निश्चित मात्रा का प्रतिनिधित्व करता है।
    • प्रवाह मानचित्र (Flow Maps): वस्तुओं, लोगों या विचारों की गति और दिशा को तीरों की मोटाई और दिशा से दर्शाते हैं।

5. कंप्यूटर के उपयोग के लाभ (Advantages of Using Computers):

  • गति और दक्षता (Speed and Efficiency): बड़ी मात्रा में डेटा को तेज़ी से संसाधित और विश्लेषण किया जा सकता है।
  • सटीकता (Accuracy): मानवीय त्रुटियों को कम करता है और गणनाओं में उच्च सटीकता सुनिश्चित करता है।
  • पुनरावृत्ति (Repetitiveness): एक ही कार्य को बार-बार बिना किसी त्रुटि के किया जा सकता है।
  • जटिल विश्लेषण (Complex Analysis): जटिल स्थानिक और सांख्यिकीय विश्लेषण करना संभव बनाता है जो मैन्युअल रूप से असंभव होगा।
  • डेटा प्रबंधन (Data Management): बड़ी मात्रा में डेटा को व्यवस्थित और कुशलता से संग्रहीत करने में मदद करता है।
  • बेहतर प्रस्तुति (Better Presentation): उच्च गुणवत्ता वाले मानचित्र और ग्राफिक्स बनाने में मदद करता है।
  • निर्णय लेने में सहायक (Aid in Decision Making): विश्लेषण के आधार पर बेहतर और सूचित निर्णय लेने में मदद करता है।

6. कंप्यूटर के उपयोग की सीमाएँ (Limitations of Using Computers):

  • उच्च लागत (High Cost): कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और उनके रखरखाव की लागत अधिक होती है।
  • विशेषज्ञता की आवश्यकता (Need for Expertise): कंप्यूटर और संबंधित सॉफ्टवेयर को प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए विशेष कौशल और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है।
  • बिजली पर निर्भरता (Dependence on Electricity): कंप्यूटर को कार्य करने के लिए निरंतर बिजली आपूर्ति की आवश्यकता होती है।
  • डेटा गुणवत्ता (Data Quality): "कचरा अंदर, कचरा बाहर" (Garbage In, Garbage Out - GIGO) का सिद्धांत लागू होता है; यदि इनपुट डेटा खराब गुणवत्ता का है, तो आउटपुट भी अविश्वसनीय होगा।
  • तकनीकी समस्याएँ (Technical Problems): हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर में खराबी आने पर काम बाधित हो सकता है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर का चयन करें:

1. भौगोलिक आंकड़ों को डिजिटल रूप में परिवर्तित करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी इनपुट युक्ति का उपयोग किया जाता है?
अ) प्रिंटर
ब) मॉनिटर
स) डिजिटाइज़र
द) कीबोर्ड

2. MS Excel किस प्रकार के सॉफ्टवेयर का उदाहरण है, जो भौगोलिक डेटा की सारणीकरण और गणना के लिए उपयोगी है?
अ) सिस्टम सॉफ्टवेयर
ब) ऑपरेटिंग सिस्टम
स) स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर
द) GIS सॉफ्टवेयर

3. 'भौगोलिक सूचना प्रणाली' (GIS) का मुख्य कार्य क्या है?
अ) केवल टेक्स्ट डेटा दर्ज करना
ब) केवल हार्डवेयर का प्रबंधन करना
स) स्थानिक और गैर-स्थानिक डेटा का संग्रह, भंडारण, विश्लेषण और प्रदर्शन
द) केवल चित्र बनाना

4. वह मानचित्र जो प्रशासनिक इकाइयों को विभिन्न रंगों या शेड्स से रंगकर किसी भौगोलिक विशेषता के घनत्व या तीव्रता को दर्शाता है, क्या कहलाता है?
अ) बिंदु मानचित्र
ब) प्रवाह मानचित्र
स) कोरोप्लेथ मानचित्र
द) आइसोप्लेथ मानचित्र

5. आंकड़ों के प्रकमण में 'वर्गीकरण' का क्या अर्थ है?
अ) डेटा में त्रुटियों को सुधारना
ब) डेटा को उनकी विशेषताओं के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में व्यवस्थित करना
स) डेटा को तालिकाओं में प्रस्तुत करना
द) डेटा का योग ज्ञात करना

6. निम्नलिखित में से कौन कंप्यूटर द्वारा भौगोलिक आंकड़ों के प्रकमण का एक लाभ नहीं है?
अ) उच्च सटीकता
ब) कार्य की गति
स) विशेषज्ञता की आवश्यकता
द) जटिल विश्लेषण की क्षमता

7. GPS का पूर्ण रूप क्या है?
अ) ग्लोबल प्रोग्रामिंग सिस्टम
ब) ज्योग्राफिक पोजीशनिंग सॉफ्टवेयर
स) ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम
द) ज्योग्राफिक प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर

8. पुराने कागजी मानचित्रों को डिजिटल प्रारूप में बदलने के लिए कौन सी युक्ति सबसे उपयुक्त है?
अ) माउस
ब) स्कैनर
स) प्लॉटर
द) CPU

9. वह सॉफ्टवेयर जो इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चरल डिज़ाइन के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन मानचित्रण में भी सहायक हो सकता है?
अ) MS Word
ब) AutoCAD
स) SPSS
द) Windows

10. "कचरा अंदर, कचरा बाहर" (Garbage In, Garbage Out - GIGO) का सिद्धांत कंप्यूटर के उपयोग की किस सीमा से संबंधित है?
अ) उच्च लागत
ब) बिजली पर निर्भरता
स) डेटा की गुणवत्ता
द) विशेषज्ञता की आवश्यकता


उत्तर कुंजी (Answer Key):

  1. स) डिजिटाइज़र
  2. स) स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर
  3. स) स्थानिक और गैर-स्थानिक डेटा का संग्रह, भंडारण, विश्लेषण और प्रदर्शन
  4. स) कोरोप्लेथ मानचित्र
  5. ब) डेटा को उनकी विशेषताओं के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में व्यवस्थित करना
  6. स) विशेषज्ञता की आवश्यकता (यह एक सीमा है, लाभ नहीं)
  7. स) ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम
  8. ब) स्कैनर
  9. ब) AutoCAD
  10. स) डेटा की गुणवत्ता

मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय की गहन समझ प्रदान करेंगे और आपकी सरकारी परीक्षा की तैयारी में सहायक होंगे। किसी भी अन्य प्रश्न या स्पष्टीकरण के लिए आप पूछ सकते हैं।

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