Class 12 Geography Notes Chapter 5 (क्षेत्रीय सर्वेक्षण) – Bhugol me Peryojnatmak Karya Book

Bhugol me Peryojnatmak Karya
प्रिय विद्यार्थियों, आज हम भूगोल के प्रायोगिक कार्य के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'क्षेत्रीय सर्वेक्षण' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपको व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करेगा, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आपकी सहायता करेगा। आइए, इस विषय की गहराई को समझें और इसके हर पहलू पर ध्यान दें।


अध्याय 5: क्षेत्रीय सर्वेक्षण (Regional Survey)

परिचय (Introduction):
क्षेत्रीय सर्वेक्षण भूगोल में आँकड़ा संग्रह की एक मौलिक और अत्यंत महत्वपूर्ण विधि है। इसके माध्यम से किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र की प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक या पर्यावरणीय विशेषताओं के बारे में प्रत्यक्ष और प्रथम-हस्त जानकारी (first-hand information) एकत्र की जाती है। यह 'करके सीखने' (learning by doing) के सिद्धांत पर आधारित है, जो छात्रों को जमीनी हकीकत से परिचित कराता है और उन्हें वास्तविक दुनिया की समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान खोजने में सक्षम बनाता है। यह किसी समस्या की पहचान करने, उसके कारणों का विश्लेषण करने और संभावित समाधान खोजने में सहायक होता है।

उद्देश्य (Objectives):
क्षेत्रीय सर्वेक्षण के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  1. भौगोलिक विशेषताओं का अध्ययन: किसी क्षेत्र की भू-आकृति, जलवायु, वनस्पति, जल निकासी प्रणाली, मृदा आदि प्राकृतिक विशेषताओं को समझना।
  2. सामाजिक-आर्थिक विशेषताओं का विश्लेषण: जनसंख्या घनत्व, व्यवसायिक संरचना, जीवन स्तर, शिक्षा का स्तर, स्वास्थ्य सुविधाएँ, आवास पैटर्न आदि का अध्ययन करना।
  3. पर्यावरणीय समस्याओं की पहचान: प्रदूषण (वायु, जल, ध्वनि), वनों की कटाई, मरुस्थलीकरण, जल संकट, अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पर्यावरणीय समस्याओं की पहचान करना और उनके कारणों का विश्लेषण करना।
  4. स्थानीय समस्याओं का समाधान: स्थानीय स्तर पर मौजूद समस्याओं (जैसे पेयजल की कमी, यातायात जाम, स्वच्छता) के लिए आँकड़े और जानकारी एकत्र करना तथा संभावित समाधान सुझाना।
  5. योजना निर्माण और नीति निर्धारण: विश्वसनीय और अद्यतन डेटा प्रदान करना जो स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए आधार का काम करता है।
  6. कौशल विकास: छात्रों में अवलोकन, आँकड़ा संग्रह, विश्लेषण, मानचित्रण, सांख्यिकीय तकनीकों का उपयोग और रिपोर्ट लेखन जैसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक कौशल विकसित करना।

क्षेत्रीय सर्वेक्षण के चरण (Stages of Regional Survey):
क्षेत्रीय सर्वेक्षण को मुख्य रूप से चार चरणों में विभाजित किया जा सकता है:

1. योजना बनाना (Planning): यह सर्वेक्षण का सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है, जो पूरे सर्वेक्षण की दिशा और सफलता को निर्धारित करता है।
* विषय का चयन (Selection of Topic): सर्वेक्षण के लिए एक स्पष्ट, विशिष्ट और प्रासंगिक विषय का चुनाव करना। यह शोधकर्ता की रुचि और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप होना चाहिए (जैसे - 'किसी ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता और गुणवत्ता का अध्ययन', 'शहरी क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियाँ', 'बाजार क्षेत्र में यातायात प्रवाह का विश्लेषण', 'किसी क्षेत्र में भूमि उपयोग पैटर्न में परिवर्तन')।
* उद्देश्यों का निर्धारण (Defining Objectives): चुने हुए विषय के संबंध में स्पष्ट, विशिष्ट, मापने योग्य, प्राप्त करने योग्य, प्रासंगिक और समय-बद्ध (SMART) उद्देश्य निर्धारित करना। ये उद्देश्य सर्वेक्षण के दायरे और गहराई को परिभाषित करते हैं।
* सर्वेक्षण क्षेत्र का निर्धारण (Defining Survey Area): अध्ययन के लिए एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र का सीमांकन करना। यह क्षेत्र विषय की प्रकृति, उपलब्ध समय और संसाधनों के अनुरूप होना चाहिए।
* समय-सीमा और बजट (Timeframe and Budget): सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए यथार्थवादी समय-सीमा और अनुमानित वित्तीय बजट निर्धारित करना। इसमें यात्रा, उपकरण, सामग्री, डेटा प्रोसेसिंग आदि का खर्च शामिल होता है।
* उपकरण और सामग्री (Tools and Materials): सर्वेक्षण के लिए आवश्यक सभी उपकरणों और सामग्रियों की सूची बनाना और उन्हें एकत्र करना:
* मापन उपकरण: टेप (दूरी के लिए), जीपीएस (भौगोलिक स्थिति के लिए), थर्मामीटर (तापमान), बैरोमीटर (वायुमंडलीय दाब), कंपास (दिशा), ध्वनि मीटर (ध्वनि प्रदूषण), जल गुणवत्ता परीक्षण किट (जल की गुणवत्ता)।
* रिकॉर्डिंग उपकरण: नोटबुक, पेंसिल/पेन, कैमरा (तस्वीरें), वॉयस रिकॉर्डर (साक्षात्कार)।
* मानचित्र: स्थलाकृतिक मानचित्र (टोपोशीट), विषयगत मानचित्र, आधार मानचित्र, हवाई तस्वीरें।
* अन्य: प्राथमिक चिकित्सा किट, पहचान पत्र, पानी की बोतल, भोजन, फर्स्ट-एड किट।
* प्रश्नावली/साक्षात्कार अनुसूची का निर्माण (Designing Questionnaire/Interview Schedule):
* प्रश्नों को स्पष्ट, संक्षिप्त, निष्पक्ष और उद्देश्यपूर्ण होना चाहिए।
* प्रश्नों का क्रम तार्किक होना चाहिए।
* खुले-छोर वाले (open-ended) और बंद-छोर वाले (closed-ended) दोनों प्रकार के प्रश्नों का समावेश किया जा सकता है।
* उत्तरदाताओं की जनसांख्यिकीय जानकारी (आयु, लिंग, व्यवसाय, शिक्षा) भी शामिल की जानी चाहिए।
* पूर्व-सर्वेक्षण/पायलट अध्ययन (Pre-survey/Pilot Study): मुख्य सर्वेक्षण से पहले एक छोटे पैमाने पर सर्वेक्षण करना। यह प्रश्नावली की प्रभावशीलता, संभावित समस्याओं, आवश्यक संशोधनों और समय की आवश्यकता का आकलन करने में मदद करता है।

2. आँकड़ा संग्रह (Data Collection): यह वह चरण है जहाँ वास्तविक जानकारी और डेटा क्षेत्र से एकत्र किया जाता है।
* प्राथमिक आँकड़े (Primary Data): ये वे आँकड़े होते हैं जिन्हें शोधकर्ता द्वारा सीधे क्षेत्र से पहली बार (first-hand) एकत्र किया जाता है।
* अवलोकन (Observation): प्रत्यक्ष रूप से देखकर जानकारी एकत्र करना। यह सहभागी (शोधकर्ता समूह का हिस्सा बनकर अवलोकन करता है) या असहभागी (शोधकर्ता दूर से अवलोकन करता है) हो सकता है।
* साक्षात्कार (Interview): लोगों से सीधे बातचीत करके जानकारी प्राप्त करना। यह संरचित (निश्चित प्रश्नों के साथ) या असंरचित (खुली बातचीत) हो सकता है।
* प्रश्नावली (Questionnaire): प्रश्नों की एक सूची जिसे उत्तरदाता स्वयं भरते हैं। इसे व्यक्तिगत रूप से वितरित किया जा सकता है या डाक/ईमेल द्वारा भेजा जा सकता है।
* माप (Measurement): विभिन्न उपकरणों का उपयोग करके भौतिक मापों को रिकॉर्ड करना (जैसे तापमान, आर्द्रता, ऊंचाई, दूरी, जल प्रवाह)।
* क्षेत्रीय फोटोग्राफी (Field Photography): क्षेत्र की महत्वपूर्ण विशेषताओं, समस्याओं या समाधानों को रिकॉर्ड करने के लिए तस्वीरें लेना।
* द्वितीयक आँकड़े (Secondary Data): ये वे आँकड़े होते हैं जो पहले से किसी अन्य व्यक्ति या संस्था द्वारा एकत्र और प्रकाशित किए जा चुके हैं।
* सरकारी रिपोर्टें (जैसे जनगणना रिपोर्ट, आर्थिक सर्वेक्षण, कृषि रिपोर्ट)।
* सर्वेक्षण ऑफ इंडिया (Survey of India) के स्थलाकृतिक मानचित्र।
* विभिन्न सरकारी विभागों (कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, वन) की रिपोर्टें।
* पुस्तकें, पत्रिकाएँ, शोध पत्र, समाचार पत्र।
* इंटरनेट और विभिन्न डेटाबेस।

3. आँकड़ों का प्रक्रमण एवं विश्लेषण (Data Processing and Analysis): एकत्र किए गए कच्चे आँकड़ों को व्यवस्थित, संपादित और व्याख्या करना।
* आँकड़ों का संपादन (Editing): एकत्र किए गए आँकड़ों में त्रुटियों, विसंगतियों, अधूरे उत्तरों या गलत प्रविष्टियों की जाँच करना और उन्हें ठीक करना।
* वर्गीकरण (Classification): आँकड़ों को उनकी समानता या विशेषताओं के आधार पर विभिन्न समूहों या श्रेणियों में व्यवस्थित करना।
* सारणीकरण (Tabulation): वर्गीकृत आँकड़ों को पंक्तियों और स्तंभों में सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत करना ताकि वे समझने और विश्लेषण करने में आसान हों।
* आँकड़ों का निरूपण (Representation of Data): आँकड़ों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करना ताकि वे अधिक प्रभावी और बोधगम्य हों।
* आरेख और ग्राफ (Diagrams and Graphs): बार ग्राफ, पाई चार्ट, लाइन ग्राफ, हिस्टोग्राम, स्कैटर डायग्राम।
* मानचित्र (Maps): कोरोप्लेथ मानचित्र (Choropleth Maps), बिंदु मानचित्र (Dot Maps), आइसोपलेथ मानचित्र (Isopleth Maps), प्रवाह मानचित्र (Flow Maps), प्रतीकात्मक मानचित्र (Symbolic Maps)।
* विश्लेषण (Analysis): आँकड़ों में निहित पैटर्न, प्रवृत्तियों, संबंधों, सहसंबंधों और महत्वपूर्ण निष्कर्षों की पहचान करना। इसमें सांख्यिकीय विधियों (जैसे माध्य, माध्यिका, बहुलक, मानक विचलन, सहसंबंध) का उपयोग किया जा सकता है।

4. रिपोर्ट लेखन (Report Writing): सर्वेक्षण के निष्कर्षों को एक व्यवस्थित, संक्षिप्त और स्पष्ट रिपोर्ट के रूप में प्रस्तुत करना।
* रिपोर्ट की संरचना (Structure of the Report):
* शीर्षक पृष्ठ (Title Page): रिपोर्ट का शीर्षक, शोधकर्ता का नाम, संस्थान का नाम, प्रस्तुत करने की तिथि।
* विषय-सूची (Table of Contents): रिपोर्ट के विभिन्न खंडों और उप-खंडों की सूची उनके पृष्ठ संख्या के साथ।
* प्रस्तावना (Introduction): सर्वेक्षण के विषय का परिचय, पृष्ठभूमि, समस्या का विवरण और उसका महत्व।
* उद्देश्य (Objectives): सर्वेक्षण के विशिष्ट उद्देश्य जिन्हें प्राप्त करने का प्रयास किया गया।
* कार्यप्रणाली (Methodology): सर्वेक्षण क्षेत्र का विवरण, आँकड़ा संग्रह की विधियाँ (प्राथमिक/द्वितीयक), नमूनाकरण विधि (यदि उपयोग की गई हो), उपयोग किए गए उपकरण और विश्लेषण तकनीकें।
* आँकड़ा विश्लेषण और व्याख्या (Data Analysis and Interpretation): एकत्र किए गए आँकड़ों का विस्तृत विश्लेषण, सारणी, आरेख, ग्राफ और मानचित्रों का उपयोग करके निष्कर्षों की प्रस्तुति और व्याख्या।
* निष्कर्ष (Conclusion): सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्षों का संक्षिप्त सारांश, जो उद्देश्यों के संदर्भ में प्रस्तुत किया जाता है।
* सुझाव (Suggestions): अध्ययन की गई समस्या के समाधान के लिए या भविष्य के शोध के लिए व्यावहारिक सुझाव।
* संदर्भ ग्रंथ सूची (Bibliography): रिपोर्ट तैयार करने में उपयोग किए गए सभी द्वितीयक स्रोतों (पुस्तकें, लेख, रिपोर्ट, वेबसाइट) की सूची।
* परिशिष्ट (Appendix): प्रश्नावली की प्रति, साक्षात्कार अनुसूची, तस्वीरें, अतिरिक्त मानचित्र, या अन्य सहायक सामग्री जो मुख्य रिपोर्ट में शामिल नहीं की जा सकती।
* भाषा और शैली (Language and Style): रिपोर्ट की भाषा स्पष्ट, संक्षिप्त, सटीक और उद्देश्यपूर्ण होनी चाहिए। तकनीकी शब्दों का उचित और सुसंगत उपयोग करें।

क्षेत्रीय सर्वेक्षण के लाभ (Benefits of Regional Survey):

  • व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge): छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक दुनिया की समस्याओं और परिस्थितियों से जोड़ने में मदद करता है।
  • समस्या समाधान (Problem Solving): स्थानीय समस्याओं की पहचान करने, उनके कारणों का विश्लेषण करने और उनके समाधान के लिए ठोस डेटा प्रदान करता है।
  • कौशल विकास (Skill Development): अवलोकन, आँकड़ा संग्रह, विश्लेषण, मानचित्रण, सांख्यिकीय कौशल और रिपोर्ट लेखन जैसे महत्वपूर्ण कौशल विकसित करता है।
  • योजना निर्माण (Planning): स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी योजना और नीति निर्माण के लिए एक विश्वसनीय आधार प्रदान करता है।
  • जागरूकता (Awareness): पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाता है और छात्रों को एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है।

क्षेत्रीय सर्वेक्षण में चुनौतियाँ (Challenges in Regional Survey):

  • समय और धन (Time and Money): एक विस्तृत और गहन सर्वेक्षण में काफी समय और वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है।
  • पहुँच (Accessibility): कुछ दूरस्थ या संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुँच मुश्किल हो सकती है या सुरक्षा संबंधी चिंताएँ हो सकती हैं।
  • पूर्वाग्रह (Bias): शोधकर्ता या उत्तरदाता के पूर्वाग्रह से एकत्र किए गए आँकड़ों की विश्वसनीयता और वैधता प्रभावित हो सकती है।
  • सहयोग की कमी (Lack of Cooperation): स्थानीय लोगों या संबंधित अधिकारियों से अपेक्षित सहयोग न मिलना सर्वेक्षण में बाधा डाल सकता है।
  • अप्रत्याशित घटनाएँ (Unforeseen Events): खराब मौसम, प्राकृतिक आपदाएँ, राजनीतिक अस्थिरता या अन्य अप्रत्याशित घटनाएँ सर्वेक्षण को बाधित कर सकती हैं।
  • नैतिक मुद्दे (Ethical Issues): उत्तरदाताओं की गोपनीयता का सम्मान करना, सूचित सहमति प्राप्त करना और डेटा का दुरुपयोग न करना महत्वपूर्ण नैतिक विचार हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs):

  1. क्षेत्रीय सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
    a) केवल सैद्धांतिक अवधारणाओं का अध्ययन करना
    b) किसी विशिष्ट क्षेत्र के बारे में प्रत्यक्ष और प्रथम-हस्त जानकारी एकत्र करना
    c) केवल सरकारी रिपोर्टों का विश्लेषण करना
    d) मानचित्रों को बिना क्षेत्र भ्रमण के बनाना

  2. क्षेत्रीय सर्वेक्षण के योजना चरण में निम्नलिखित में से कौन सा कार्य सबसे पहले किया जाता है?
    a) आँकड़ों का विश्लेषण
    b) प्रश्नावली का निर्माण
    c) विषय का चयन
    d) रिपोर्ट लेखन

  3. निम्नलिखित में से कौन सा प्राथमिक आँकड़ा संग्रह की विधि नहीं है?
    a) अवलोकन
    b) साक्षात्कार
    c) जनगणना रिपोर्ट
    d) माप

  4. मुख्य सर्वेक्षण से पहले प्रश्नावली की प्रभावशीलता और संभावित समस्याओं की जाँच के लिए किया जाने वाला छोटा सर्वेक्षण क्या कहलाता है?
    a) द्वितीयक सर्वेक्षण
    b) पूर्व-सर्वेक्षण (पायलट अध्ययन)
    c) अंतिम सर्वेक्षण
    d) आकस्मिक सर्वेक्षण

  5. यदि एक शोधकर्ता किसी समुदाय में रहकर उनकी जीवनशैली, रीति-रिवाजों और समस्याओं का अध्ययन करता है, तो यह किस प्रकार का अवलोकन है?
    a) अप्रत्यक्ष अवलोकन
    b) असहभागी अवलोकन
    c) सहभागी अवलोकन
    d) नियंत्रित अवलोकन

  6. निम्नलिखित में से कौन सा द्वितीयक आँकड़ों का एक प्रमुख स्रोत है?
    a) व्यक्तिगत साक्षात्कार के नोट्स
    b) क्षेत्र में किए गए तापमान के माप
    c) सरकारी जनगणना रिपोर्टें और गजेटियर
    d) स्वयं द्वारा भरी गई प्रश्नावली

  7. एकत्र किए गए आँकड़ों को पंक्तियों और स्तंभों में व्यवस्थित करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है ताकि वे समझने में आसान हों?
    a) वर्गीकरण
    b) निरूपण
    c) सारणीकरण
    d) विश्लेषण

  8. क्षेत्रीय सर्वेक्षण रिपोर्ट के किस भाग में सर्वेक्षण के उद्देश्य, सर्वेक्षण क्षेत्र और आँकड़ा संग्रह की विधियों का विस्तृत विवरण दिया जाता है?
    a) प्रस्तावना
    b) कार्यप्रणाली (Methodology)
    c) निष्कर्ष
    d) संदर्भ ग्रंथ सूची

  9. जीपीएस (GPS) उपकरण का उपयोग मुख्य रूप से किस भौगोलिक जानकारी को प्राप्त करने के लिए किया जाता है?
    a) किसी स्थान का तापमान
    b) किसी स्थान की ध्वनि प्रदूषण का स्तर
    c) किसी स्थान की सटीक भौगोलिक स्थिति (अक्षांश और देशांतर)
    d) किसी जल स्रोत की गुणवत्ता

  10. क्षेत्रीय सर्वेक्षण का एक महत्वपूर्ण लाभ छात्रों में किस कौशल का विकास करना है?
    a) केवल याद रखने की क्षमता
    b) व्यावहारिक कौशल जैसे अवलोकन, विश्लेषण और रिपोर्ट लेखन
    c) केवल सैद्धांतिक ज्ञान का रटना
    d) केवल पुस्तकालय में शोध करने की क्षमता


उत्तरमाला (Answer Key):

  1. b
  2. c
  3. c
  4. b
  5. c
  6. c
  7. c
  8. b
  9. c
  10. b

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