Class 12 Geography Notes Chapter 7 (खनिज तथा ऊर्जा संसाधन) – Bharat Log aur Arthvyavstha (Bhugol) Book

Bharat Log aur Arthvyavstha (Bhugol)
प्रिय विद्यार्थियों, आज हम भूगोल के एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'खनिज तथा ऊर्जा संसाधन' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय न केवल आपकी बोर्ड परीक्षाओं के लिए बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अध्याय में हम भारत में पाए जाने वाले विभिन्न खनिजों और ऊर्जा संसाधनों के वितरण, उत्पादन, उपयोग और संरक्षण पर गहराई से चर्चा करेंगे।


अध्याय 7: खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

1. खनिज (Minerals):
खनिज प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले वे पदार्थ हैं जिनकी एक निश्चित रासायनिक संरचना और भौतिक गुण होते हैं। ये पृथ्वी की भूपर्पटी में असमान रूप से वितरित होते हैं।

  • खनिजों का वर्गीकरण:
    • धात्विक खनिज (Metallic Minerals):
      • लौह धात्विक खनिज (Ferrous Metallic Minerals): इनमें लोहे का अंश होता है और ये लोहा-इस्पात उद्योग के आधार होते हैं।
        • लौह अयस्क (Iron Ore):
          • भारत में उच्च कोटि के लौह अयस्क (मैग्नेटाइट और हेमेटाइट) के विशाल भंडार हैं।
          • प्रकार:
            • मैग्नेटाइट: सर्वोत्तम गुणवत्ता (70% तक लोहा), चुंबकीय गुण।
            • हेमेटाइट: औद्योगिक उपयोग में सबसे महत्वपूर्ण (60-70% लोहा)।
          • वितरण एवं उत्पादन:
            • ओडिशा: भारत का सबसे बड़ा उत्पादक (मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़)।
            • छत्तीसगढ़: बैलाडीला (उच्चतम गुणवत्ता), दल्ली-राजहरा।
            • कर्नाटक: कुद्रेमुख, चिकमंगलूर, बेल्लारी।
            • झारखंड: सिंहभूम (नोआमुंडी, गुआ)।
            • अन्य: गोवा, महाराष्ट्र।
        • मैंगनीज (Manganese):
          • लोहा-इस्पात उद्योग में फेरो-मैंगनीज मिश्रधातु बनाने में प्रयुक्त। ब्लीचिंग पाउडर, कीटनाशक, पेंट बनाने में भी उपयोग।
          • वितरण एवं उत्पादन:
            • ओडिशा: सबसे बड़ा उत्पादक।
            • महाराष्ट्र: नागपुर, भंडारा।
            • मध्य प्रदेश: बालाघाट, छिंदवाड़ा।
            • कर्नाटक: शिमोगा, चित्रदुर्ग।
        • क्रोमाइट (Chromite): फेरो-क्रोम मिश्रधातु, आग रोक ईंटें, रासायनिक उद्योग।
          • वितरण: ओडिशा (कटक, जाजपुर)।
      • अलौह धात्विक खनिज (Non-ferrous Metallic Minerals): इनमें लोहा नहीं होता।
        • बॉक्साइट (Bauxite):
          • एल्यूमीनियम का अयस्क। एल्यूमीनियम हल्का, मजबूत और विद्युत का सुचालक होता है।
          • वितरण एवं उत्पादन:
            • ओडिशा: सबसे बड़ा उत्पादक (कालाहांडी, कोरापुट, संबलपुर)।
            • गुजरात: जामनगर, कच्छ।
            • झारखंड: लोहरदगा।
            • महाराष्ट्र: कोल्हापुर।
        • ताँबा (Copper):
          • विद्युत उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन उद्योग में उपयोग (विद्युत का अच्छा सुचालक)।
          • वितरण एवं उत्पादन:
            • मध्य प्रदेश: बालाघाट (मल्लनखंड)।
            • राजस्थान: झुंझुनू (खेतड़ी), अलवर।
            • झारखंड: सिंहभूम।
        • सोना (Gold): आभूषण, मुद्रा, इलेक्ट्रॉनिक्स।
          • वितरण: कर्नाटक (कोलार, रायचूर - हट्टी)।
        • सीसा और जस्ता (Lead and Zinc): बैटरी, पेंट, मिश्रधातु, गैल्वेनाइजेशन।
          • वितरण: राजस्थान (जावर - उदयपुर)।
    • अधात्विक खनिज (Non-metallic Minerals): इनमें धातु का अंश नहीं होता।
      • अभ्रक (Mica):
        • विद्युत रोधक, ऊष्मा रोधक (इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उद्योग में महत्वपूर्ण)।
        • वितरण एवं उत्पादन:
          • झारखंड: कोडरमा, हजारीबाग (भारत अभ्रक का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक रहा है)।
          • राजस्थान: जयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर।
          • आंध्र प्रदेश: नेल्लोर।
      • चूना पत्थर (Limestone):
        • सीमेंट उद्योग, लोहा-इस्पात उद्योग, रासायनिक उद्योग में महत्वपूर्ण कच्चा माल।
        • वितरण: राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़।
      • जिप्सम (Gypsum): सीमेंट, उर्वरक, प्लास्टर ऑफ पेरिस।
        • वितरण: राजस्थान (बीकानेर, जोधपुर), गुजरात।
      • हीरा (Diamond): आभूषण, औद्योगिक कटर।
        • वितरण: मध्य प्रदेश (पन्ना)।
      • नमक (Salt): खाद्य, रासायनिक उद्योग।
        • वितरण: गुजरात (देश का सबसे बड़ा उत्पादक), राजस्थान (सांभर झील), तटीय क्षेत्र।

2. ऊर्जा संसाधन (Energy Resources):
वे संसाधन जिनसे ऊर्जा प्राप्त होती है, जो उद्योगों, कृषि, परिवहन और घरेलू उपयोग के लिए आवश्यक है।

  • ऊर्जा संसाधनों का वर्गीकरण:
    • परम्परागत ऊर्जा स्रोत (Conventional Energy Sources): ये सीमित और अनवीकरणीय होते हैं।
      • कोयला (Coal):
        • भारत में ऊर्जा का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत (लगभग 55% ऊर्जा आवश्यकता पूरी करता है)।
        • प्रकार (कार्बन अंश के आधार पर):
          • एन्थ्रासाइट: सर्वोत्तम गुणवत्ता (80-95% कार्बन), जम्मू-कश्मीर में अल्प मात्रा में।
          • बिटुमिनस: सबसे सामान्य (60-80% कार्बन), औद्योगिक उपयोग।
          • लिग्नाइट: निम्न गुणवत्ता (40-55% कार्बन), भूरा कोयला।
          • पीट: सबसे निम्न गुणवत्ता (<40% कार्बन), लकड़ी से कोयले में परिवर्तन का पहला चरण।
        • वितरण (भूवैज्ञानिक आयु के आधार पर):
          • गोंडवाना कोयला क्षेत्र (250 मिलियन वर्ष से अधिक पुराना):
            • भारत का 98% कोयला यहीं से प्राप्त होता है।
            • वितरण:
              • दामोदर घाटी (झारखंड - झरिया, बोकारो, गिरिडीह; पश्चिम बंगाल - रानीगंज)।
              • महानदी घाटी (ओडिशा - तालचेर)।
              • गोदावरी घाटी (तेलंगाना - सिंगरेनी)।
              • सोन घाटी (मध्य प्रदेश - सिंगरौली)।
          • टर्शियरी कोयला क्षेत्र (55 मिलियन वर्ष पुराना):
            • मुख्यतः लिग्नाइट और सब-बिटुमिनस कोयला।
            • वितरण: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड (मकुम, नामचिक), तमिलनाडु (नेवेली - लिग्नाइट का सबसे बड़ा भंडार)।
      • पेट्रोलियम (Petroleum):
        • 'तरल सोना' के नाम से जाना जाता है। परिवहन और पेट्रोकेमिकल उद्योगों का आधार।
        • वितरण एवं उत्पादन:
          • असम: डिगबोई (भारत का सबसे पुराना तेल क्षेत्र), नहरकटिया, मोरान।
          • गुजरात: अंकलेश्वर, कलोल, मेहसाणा।
          • मुंबई हाई: अरब सागर में अपतटीय क्षेत्र (भारत का सबसे बड़ा उत्पादक, देश के कुल उत्पादन का लगभग 60%)।
          • पूर्वी तट: कृष्णा-गोदावरी बेसिन, कावेरी बेसिन, असम-अरुणाचल प्रदेश अपतटीय क्षेत्र।
        • तेल शोधनशालाएँ (Oil Refineries): डिगबोई, मुंबई, विशाखापत्तनम, मथुरा, पानीपत, जामनगर (निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी)।
      • प्राकृतिक गैस (Natural Gas):
        • पेट्रोलियम के साथ या अलग से पाई जाती है। पर्यावरण के अनुकूल ईंधन।
        • वितरण एवं उत्पादन:
          • पूर्वी तट: कृष्णा-गोदावरी बेसिन (हाल के वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण स्रोत)।
          • पश्चिमी तट: मुंबई हाई, गुजरात।
          • अन्य: त्रिपुरा, राजस्थान, असम।
        • महत्व: बिजली उत्पादन, उर्वरक उद्योग, CNG (वाहनों के लिए), PNG (घरेलू उपयोग)।
        • GAIL (Gas Authority of India Limited): प्राकृतिक गैस के परिवहन और विपणन के लिए स्थापित।
      • परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy):
        • स्रोत: यूरेनियम (झारखंड - जादूगोड़ा, आंध्र प्रदेश - तुमलापल्ली), थोरियम (केरल के मोनोजाइट रेत में प्रचुर मात्रा में)।
        • परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plants):
          • तारापुर (महाराष्ट्र): भारत का पहला।
          • रावतभाटा (राजस्थान)
          • कलपक्कम (तमिलनाडु)
          • नरोरा (उत्तर प्रदेश)
          • काकरापार (गुजरात)
          • कैगा (कर्नाटक)
          • कुडनकुलम (तमिलनाडु)
    • गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोत (Non-conventional Energy Sources): ये नवीकरणीय और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं।
      • सौर ऊर्जा (Solar Energy):
        • भारत में प्रचुर संभावना (उष्णकटिबंधीय देश)। फोटोवोल्टेइक सेल और सौर तापीय तकनीक का उपयोग।
        • उपयोग: सौर कुकर, सौर हीटर, बिजली उत्पादन।
        • सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र: भादला सोलर पार्क, राजस्थान।
      • पवन ऊर्जा (Wind Energy):
        • भारत में पवन ऊर्जा उत्पादन की विशाल क्षमता है, विशेषकर तटीय क्षेत्रों और पहाड़ी दर्रों में।
        • वितरण एवं उत्पादन: तमिलनाडु (सबसे बड़ा उत्पादक - नागरकोइल से मदुरई), आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल, महाराष्ट्र।
        • सबसे बड़ा पवन ऊर्जा फार्म: मुप्पंदल (तमिलनाडु)।
      • भूतापीय ऊर्जा (Geothermal Energy):
        • पृथ्वी के आंतरिक भाग से निकलने वाली गर्मी का उपयोग।
        • भारत में: हिमाचल प्रदेश (मणीकरण), लद्दाख (पुगा घाटी)।
      • ज्वारीय ऊर्जा (Tidal Energy):
        • समुद्र में ज्वार-भाटा से उत्पन्न ऊर्जा।
        • भारत में: खंभात की खाड़ी, कच्छ की खाड़ी (गुजरात), सुंदरबन (गंगा डेल्टा) में संभावनाएं।
      • बायोमास ऊर्जा (Biomass Energy):
        • जैविक पदार्थों (कृषि अपशिष्ट, पशु गोबर) से प्राप्त ऊर्जा।
        • बायोगैस संयंत्र ग्रामीण क्षेत्रों में लोकप्रिय हैं।
      • बायो-डीजल (Bio-diesel):
        • जेट्रोफा और करंज जैसे पौधों से प्राप्त किया जाता है।

3. खनिजों का संरक्षण (Conservation of Minerals):

  • आवश्यकता: खनिज सीमित और अनवीकरणीय संसाधन हैं। इनके निर्माण में लाखों वर्ष लगते हैं। अत्यधिक दोहन से ये समाप्त हो सकते हैं, जिससे भविष्य की पीढ़ियों के लिए संकट उत्पन्न होगा।
  • उपाय:
    • खनिजों का विवेकपूर्ण और न्यायसंगत उपयोग।
    • पुनर्चक्रण (Recycling) को बढ़ावा देना।
    • स्थानापन्न वस्तुओं का उपयोग (जैसे एल्यूमीनियम का उपयोग ताँबे की जगह)।
    • खनिजों का बेहतर खनन और प्रसंस्करण तकनीक अपनाना।
    • निम्न गुणवत्ता वाले अयस्कों का भी कुशलता से उपयोग करना।

4. ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण (Conservation of Energy Resources):

  • आवश्यकता: परम्परागत ऊर्जा स्रोत सीमित हैं और इनके उपयोग से पर्यावरण प्रदूषण होता है। बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने और सतत विकास के लिए संरक्षण आवश्यक है।
  • उपाय:
    • गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोतों का अधिकतम उपयोग।
    • ऊर्जा दक्षता में सुधार और ऊर्जा बचाने वाले उपकरणों का उपयोग।
    • सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाना।
    • जन जागरूकता बढ़ाना और ऊर्जा बचाने की आदतों को बढ़ावा देना।
    • पेट्रोलियम उत्पादों के स्थान पर CNG/विद्युत वाहनों का उपयोग।

10 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs):

  1. भारत में लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन सा है?
    a) छत्तीसगढ़
    b) ओडिशा
    c) कर्नाटक
    d) झारखंड

  2. निम्नलिखित में से कौन सा कोयले का प्रकार सर्वोत्तम गुणवत्ता वाला होता है?
    a) लिग्नाइट
    b) बिटुमिनस
    c) एन्थ्रासाइट
    d) पीट

  3. भारत का सबसे पुराना तेल उत्पादक क्षेत्र डिगबोई किस राज्य में स्थित है?
    a) गुजरात
    b) असम
    c) महाराष्ट्र
    d) आंध्र प्रदेश

  4. जादूगोड़ा, जो यूरेनियम खनन के लिए प्रसिद्ध है, किस राज्य में स्थित है?
    a) ओडिशा
    b) झारखंड
    c) छत्तीसगढ़
    d) मध्य प्रदेश

  5. भारत का सबसे बड़ा बॉक्साइट उत्पादक राज्य कौन सा है?
    a) गुजरात
    b) महाराष्ट्र
    c) ओडिशा
    d) झारखंड

  6. भारत का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र कहाँ स्थापित किया गया था?
    a) कलपक्कम
    b) रावतभाटा
    c) तारापुर
    d) नरोरा

  7. निम्नलिखित में से कौन सा गैर-परम्परागत ऊर्जा स्रोत नहीं है?
    a) सौर ऊर्जा
    b) पवन ऊर्जा
    c) प्राकृतिक गैस
    d) भूतापीय ऊर्जा

  8. केरल के मोनोजाइट रेत में कौन सा परमाणु ऊर्जा खनिज प्रचुर मात्रा में पाया जाता है?
    a) यूरेनियम
    b) थोरियम
    c) प्लूटोनियम
    d) टाइटेनियम

  9. भारत में सबसे बड़ा पवन ऊर्जा फार्म मुप्पंदल किस राज्य में स्थित है?
    a) गुजरात
    b) महाराष्ट्र
    c) तमिलनाडु
    d) कर्नाटक

  10. निम्नलिखित में से कौन सा खनिज सीमेंट उद्योग का मुख्य कच्चा माल है?
    a) बॉक्साइट
    b) अभ्रक
    c) चूना पत्थर
    d) मैंगनीज


उत्तरमाला (MCQs):

  1. b) ओडिशा
  2. c) एन्थ्रासाइट
  3. b) असम
  4. b) झारखंड
  5. c) ओडिशा
  6. c) तारापुर
  7. c) प्राकृतिक गैस
  8. b) थोरियम
  9. c) तमिलनाडु
  10. c) चूना पत्थर

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