Class 12 Geography Notes Chapter 8 (परिवहन एव संचार) – Manav Bhugol ke Mool Sidhant Book

Manav Bhugol ke Mool Sidhant
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 12 भूगोल की पाठ्यपुस्तक 'मानव भूगोल के मूल सिद्धांत' के अध्याय 8 'परिवहन एवं संचार' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः प्रत्येक बिंदु को ध्यानपूर्वक समझें और याद रखें।


अध्याय 8: परिवहन एवं संचार

परिचय:
परिवहन और संचार किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति के आधार स्तंभ हैं। ये न केवल वस्तुओं और सेवाओं के आवागमन को सुगम बनाते हैं, बल्कि विचारों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को भी संभव बनाते हैं।

  • परिवहन: व्यक्तियों, वस्तुओं और सेवाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की सुविधा।
  • संचार: विचारों, संदेशों और सूचनाओं का आदान-प्रदान।

I. परिवहन (Transport)

परिवहन के मुख्य साधन स्थल, जल, वायु और पाइपलाइन हैं।

A. स्थल परिवहन (Land Transport)

स्थल परिवहन में सड़कें, रेलमार्ग और पाइपलाइन शामिल हैं।

1. सड़कें (Roads):
सड़कें कम दूरी के लिए, घर-घर सेवा प्रदान करने और अन्य परिवहन साधनों से जोड़ने के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

  • महत्व:
    • कम दूरी के लिए सबसे सस्ता और तीव्र साधन।
    • अन्य परिवहन साधनों के लिए फीडर का कार्य करती हैं।
    • खराब भूभाग और पहाड़ी क्षेत्रों में भी पहुंच संभव।
  • सड़क घनत्व: प्रति 100 वर्ग किमी क्षेत्र में सड़कों की लंबाई। भारत में यह असमान है (जैसे केरल में अधिक, जम्मू-कश्मीर में कम)।
  • भारत में सड़कों का वर्गीकरण:
    • राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways - NH): केंद्र सरकार द्वारा निर्मित व अनुरक्षित। ये राज्यों की राजधानियों, बड़े शहरों, महत्वपूर्ण बंदरगाहों और रेलवे जंक्शनों को जोड़ते हैं। देश के कुल सड़क मार्ग का लगभग 2% होते हुए भी ये कुल यातायात का लगभग 40% वहन करते हैं।
      • राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI): 1995 में स्थापित, राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, रखरखाव और प्रचालन के लिए उत्तरदायी।
      • प्रमुख परियोजनाएँ:
        • स्वर्णिम चतुर्भुज: दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ने वाला 6-लेन सुपर-राजमार्ग।
        • उत्तर-दक्षिण गलियारा: श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) को कन्याकुमारी (तमिलनाडु) से जोड़ता है।
        • पूर्व-पश्चिम गलियारा: सिलचर (असम) को पोरबंदर (गुजरात) से जोड़ता है।
    • राज्य राजमार्ग (State Highways - SH): राज्य सरकारों द्वारा निर्मित व अनुरक्षित। ये राज्य की राजधानी को जिला मुख्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण शहरों से जोड़ते हैं।
    • जिला सड़कें (District Roads): जिला मुख्यालयों को जिले के अन्य स्थानों से जोड़ती हैं। जिला परिषदों द्वारा अनुरक्षित।
    • ग्रामीण सड़कें (Rural Roads): ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ती हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत इनका विकास किया जा रहा है।
    • सीमांत सड़कें (Border Roads): सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation - BRO) द्वारा निर्मित व अनुरक्षित। ये सामरिक महत्व की सड़कें हैं जो सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंच प्रदान करती हैं और सेना की गतिविधियों में सहायक होती हैं। 1960 में स्थापित।
  • भारत में सड़कों की समस्याएँ:
    • अधिकांश सड़कें कच्ची हैं और वर्षा ऋतु में अनुपयोगी हो जाती हैं।
    • राष्ट्रीय राजमार्गों पर अत्यधिक दबाव।
    • पुलों और पुलियों की कमी।
    • सड़कों का रखरखाव महंगा।

2. रेलमार्ग (Railways):
रेलवे भारी वस्तुओं और लंबी दूरी के यात्रियों के परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन है।

  • महत्व:
    • विशाल मात्रा में वस्तुओं और यात्रियों के परिवहन के लिए उपयुक्त।
    • उद्योगों और कृषि के विकास में सहायक।
    • देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़कर राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा।
  • भारतीय रेलवे: एशिया में सबसे बड़ा और विश्व में चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क।
    • गेज (Gauge) के आधार पर वर्गीकरण:
      • बड़ी लाइन (Broad Gauge): पटरियों के बीच की दूरी 1.676 मीटर। भारत में सबसे प्रचलित।
      • मीटर लाइन (Meter Gauge): पटरियों के बीच की दूरी 1.000 मीटर। धीरे-धीरे ब्रॉड गेज में परिवर्तित की जा रही है।
      • छोटी लाइन (Narrow Gauge): पटरियों के बीच की दूरी 0.762 मीटर या 0.610 मीटर। पहाड़ी क्षेत्रों तक सीमित।
  • भारत में रेलवे का वितरण:
    • उत्तरी मैदानों में सघन नेटवर्क (समतल भूमि, उच्च जनसंख्या घनत्व, कृषि समृद्धि)।
    • प्रायद्वीपीय पठार में पहाड़ी, पठारी और वन क्षेत्रों के कारण कम सघन।
    • हिमालयी क्षेत्रों में दुर्गम भूभाग और कम आर्थिक विकास के कारण न्यूनतम नेटवर्क।
  • कोंकण रेलवे: 1998 में शुरू हुई, महाराष्ट्र के रोहा से कर्नाटक के मंगलौर तक (760 किमी)। यह पश्चिमी घाट के साथ-साथ चलती है, जिसमें कई सुरंगें और पुल हैं, जिसने इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • समस्याएँ:
    • अत्यधिक भीड़भाड़।
    • टिकट रहित यात्रा।
    • चोरी और तोड़फोड़।
    • पुरानी पटरियों और रोलिंग स्टॉक का आधुनिकीकरण।

3. पाइपलाइन (Pipelines):
पाइपलाइनें तरल और गैसीय पदार्थों (जैसे पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, पानी) के परिवहन का एक नया और कुशल माध्यम हैं।

  • महत्व:
    • प्रारंभिक लागत अधिक, लेकिन परिचालन लागत कम।
    • पहाड़ी और जलीय क्षेत्रों में भी बिछाई जा सकती हैं।
    • क्षय और रिसाव का जोखिम कम।
    • ऊर्जा की खपत कम।
  • भारत में प्रमुख पाइपलाइनें:
    • अंकलेश्वर-कोयली पाइपलाइन: गुजरात में।
    • मुंबई हाई-मुंबई-अंकलेश्वर पाइपलाइन: तेल और गैस के लिए।
    • हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) पाइपलाइन: गुजरात के हजीरा से शुरू होकर मध्य प्रदेश के विजयपुर होते हुए उत्तर प्रदेश के जगदीशपुर तक। यह भारत की सबसे लंबी गैस पाइपलाइन है।
    • सलाया-मथुरा पाइपलाइन: गुजरात से मथुरा रिफाइनरी तक।

B. जल परिवहन (Water Transport)

जल परिवहन सबसे सस्ता और भारी वस्तुओं के लिए सबसे उपयुक्त साधन है। यह ऊर्जा कुशल और पर्यावरण के अनुकूल है।

  • महत्व:

    • अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण।
    • भारी और बड़े आकार की वस्तुओं के लिए आदर्श।
    • ईंधन की कम खपत।
  • प्रकार:

    1. आंतरिक जलमार्ग (Inland Waterways):
    नदियाँ, नहरें, झीलें और ज्वारीय खाड़ियाँ आंतरिक जलमार्ग के रूप में उपयोग की जाती हैं।

    • भारत के राष्ट्रीय जलमार्ग (National Waterways - NW):
      • NW-1: इलाहाबाद (प्रयागराज) - हल्दिया (गंगा नदी पर), 1620 किमी। भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग।
      • NW-2: सदिया - धुबरी (ब्रह्मपुत्र नदी पर), 891 किमी।
      • NW-3: कोल्लम - कोट्टपुरम (पश्चिमी तटीय नहर पर), 205 किमी।
      • NW-4: काकीनाडा - पुडुचेरी (गोदावरी-कृष्णा नहरों पर), 1078 किमी।
      • NW-5: तलचर - धामरा (ब्राह्मणी नदी और पूर्वी तटीय नहर पर), 588 किमी।
      • NW-6: लखीपुर - भंगा (बराक नदी पर), 121 किमी (असम)।
    • भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI): 1986 में स्थापित, अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास और विनियमन के लिए।

    2. महासागरीय मार्ग (Oceanic Routes):
    ये अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।

    • प्रमुख समुद्री मार्ग:
      • उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग: विश्व का सबसे व्यस्त मार्ग। उत्तरी अमेरिका और यूरोप को जोड़ता है।
      • भूमध्यसागरीय-हिंद महासागर मार्ग: स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप को एशिया और अफ्रीका से जोड़ता है।
      • केप मार्ग: दक्षिण अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप से होकर यूरोप को दक्षिण अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से जोड़ता है।
      • दक्षिणी अटलांटिक मार्ग: दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका को जोड़ता है।
      • प्रशांत महासागर मार्ग: उत्तरी अमेरिका और एशिया को जोड़ता है।
    • महत्वपूर्ण नहरें:
      • स्वेज नहर (Suez Canal): 1869 में खोली गई। भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। यूरोप और एशिया के बीच की दूरी को काफी कम कर दिया।
      • पनामा नहर (Panama Canal): 1914 में खोली गई। अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है। उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका के बीच की दूरी को कम किया।

3. बंदरगाह (Ports):
बंदरगाह समुद्री मार्गों के प्रवेश द्वार होते हैं, जहाँ जहाजों पर माल लादा और उतारा जाता है।

  • प्रकार:
    • औद्योगिक बंदरगाह: कच्चे माल और तैयार उत्पादों का परिवहन।
    • वाणिज्यिक बंदरगाह: सामान्य कार्गो और यात्री यातायात।
    • व्यापक बंदरगाह: औद्योगिक और वाणिज्यिक दोनों प्रकार की गतिविधियाँ।
  • भारत के प्रमुख बंदरगाह (13 प्रमुख और 200 छोटे बंदरगाह):
    • पश्चिमी तट:
      • कांडला (गुजरात): ज्वारीय बंदरगाह, मुख्य रूप से पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों का आयात।
      • मुंबई (महाराष्ट्र): सबसे बड़ा और व्यस्ततम बंदरगाह।
      • जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (न्हावा शेवा, महाराष्ट्र): मुंबई का सहायक बंदरगाह, आधुनिक सुविधाओं से युक्त।
      • मार्मागाओ (गोवा): लौह अयस्क निर्यात के लिए प्रमुख।
      • न्यू मंगलौर (कर्नाटक): कुद्रेमुख लौह अयस्क का निर्यात।
      • कोच्चि (केरल): लैगून पर स्थित, "अरब सागर की रानी"।
    • पूर्वी तट:
      • तूतीकोरिन (तमिलनाडु): प्राकृतिक बंदरगाह, श्रीलंका के साथ व्यापार।
      • चेन्नई (तमिलनाडु): दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह, कृत्रिम बंदरगाह।
      • विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश): सबसे गहरा भू-आबद्ध बंदरगाह, लौह अयस्क निर्यात।
      • पारादीप (ओडिशा): लौह अयस्क निर्यात।
      • हल्दिया (पश्चिम बंगाल): कोलकाता का सहायक बंदरगाह, हुगली नदी पर।
      • कोलकाता (पश्चिम बंगाल): नदीय बंदरगाह, हुगली नदी पर स्थित।

C. वायु परिवहन (Air Transport)

वायु परिवहन सबसे तीव्र, आरामदायक और महंगा साधन है। यह दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँचने में सक्षम है।

  • महत्व:
    • तीव्रतम गति, लंबी दूरी के लिए उपयुक्त।
    • पहाड़ी, रेगिस्तानी और घने जंगलों जैसे दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच।
    • प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत कार्यों में महत्वपूर्ण।
  • भारत में वायु परिवहन का विकास:
    • 1911 में इलाहाबाद और नैनी के बीच पहली हवाई डाक सेवा।
    • एयर इंडिया (Air India): अंतर्राष्ट्रीय सेवाओं के लिए।
    • इंडियन एयरलाइंस (Indian Airlines): घरेलू सेवाओं के लिए (अब एयर इंडिया में विलय)।
    • कई निजी एयरलाइंस भी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय सेवाएं प्रदान करती हैं।
  • प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे:
    • इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (दिल्ली)
    • छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (मुंबई)
    • नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (कोलकाता)
    • चेन्नई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (चेन्नई)
    • केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (बेंगलुरु)
    • राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (हैदराबाद)
    • सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (अहमदाबाद)
    • कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (कोच्चि)

II. संचार (Communication)

संचार सूचनाओं, विचारों और संदेशों का आदान-प्रदान है।

A. व्यक्तिगत संचार प्रणाली (Personal Communication System):

  • डाक सेवाएँ: भारत में विश्व का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क है। डाक सेवाएं पार्सल, पत्र और वित्तीय सेवाएं (बचत खाते, मनी ऑर्डर) प्रदान करती हैं।
  • टेलीफोन और मोबाइल: मोबाइल फोन संचार का सबसे लोकप्रिय और व्यापक साधन बन गया है। भारत में दूरसंचार नेटवर्क में तीव्र वृद्धि हुई है।
  • इंटरनेट: विश्वव्यापी नेटवर्क, ईमेल, वेब सर्फिंग, ई-कॉमर्स, ई-गवर्नेंस आदि की सुविधा प्रदान करता है।

B. जन संचार प्रणाली (Mass Communication System):

यह एक साथ बड़ी संख्या में लोगों तक सूचना पहुँचाने का माध्यम है।

  • रेडियो: आकाशवाणी (All India Radio - AIR) भारत का राष्ट्रीय रेडियो प्रसारण सेवा है। यह समाचार, मनोरंजन और शिक्षा प्रदान करता है।
  • टेलीविजन: दूरदर्शन (Doordarshan) भारत का राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल है। यह विभिन्न विषयों पर कार्यक्रम प्रसारित करता है।
  • समाचार पत्र और पत्रिकाएँ: ये सूचना, समाचार और विश्लेषण प्रदान करते हैं। भारत में विभिन्न भाषाओं में बड़ी संख्या में समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं।
  • फिल्में: मनोरंजन और सामाजिक संदेशों को फैलाने का एक शक्तिशाली माध्यम। भारत विश्व में सबसे अधिक फिल्मों का निर्माण करता है।

C. उपग्रह संचार (Satellite Communication):

उपग्रह संचार आधुनिक संचार का एक महत्वपूर्ण साधन है। ये लंबी दूरी के संचार, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और भू-स्थानिक डेटा संग्रह में सहायक होते हैं।

  • भारत में उपग्रह प्रणाली:
    • इन्सैट (INSAT - Indian National Satellite System): बहुउद्देश्यीय उपग्रह प्रणाली, दूरसंचार, मौसम विज्ञान, टेलीविजन और रेडियो प्रसारण के लिए उपयोग की जाती है। 1983 में शुरू।
    • आईआरएस (IRS - Indian Remote Sensing Satellite System): प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग डेटा प्रदान करता है। 1988 में शुरू।
  • भू-स्थैतिक उपग्रह (Geostationary Satellites): पृथ्वी की भूमध्य रेखा के ऊपर 36,000 किमी की ऊँचाई पर स्थित होते हैं और पृथ्वी के साथ घूमते हैं, जिससे वे हमेशा एक ही स्थान पर स्थिर दिखाई देते हैं। संचार और मौसम पूर्वानुमान के लिए उपयोग।
  • सूर्य-तुल्यकालिक उपग्रह (Sun-Synchronous Satellites): पृथ्वी की निचली कक्षा में ध्रुवों के ऊपर से गुजरते हैं और हमेशा एक ही स्थानीय सौर समय पर पृथ्वी के एक ही क्षेत्र का निरीक्षण करते हैं। रिमोट सेंसिंग के लिए उपयोग।

D. साइबर स्पेस - इंटरनेट (Cyberspace - Internet):

साइबर स्पेस इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर नेटवर्क का विश्व है। इंटरनेट इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • महत्व:
    • वैश्विक सूचना तक पहुंच।
    • ई-कॉमर्स (ऑनलाइन खरीदारी), ई-बैंकिंग, ई-गवर्नेंस (सरकारी सेवाओं का ऑनलाइन वितरण)।
    • सामाजिक नेटवर्किंग और मनोरंजन।
    • शिक्षा और अनुसंधान।
  • भारत में इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डिजिटल इंडिया की अवधारणा को बढ़ावा मिल रहा है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

  1. भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय जलमार्ग कौन सा है?
    a) NW-2 (सदिया-धुबरी)
    b) NW-3 (कोल्लम-कोट्टपुरम)
    c) NW-1 (इलाहाबाद-हल्दिया)
    d) NW-4 (काकीनाडा-पुडुचेरी)

  2. 'स्वर्णिम चतुर्भुज' परियोजना किन चार महानगरों को जोड़ती है?
    a) दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता
    b) दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता
    c) मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद
    d) दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ, अहमदाबाद

  3. भारत में पहली हवाई डाक सेवा किस वर्ष और किन शहरों के बीच शुरू की गई थी?
    a) 1921, मुंबई और पुणे
    b) 1911, इलाहाबाद और नैनी
    c) 1932, दिल्ली और कराची
    d) 1947, दिल्ली और मुंबई

  4. स्वेज नहर किन दो सागरों को जोड़ती है?
    a) प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर
    b) भूमध्य सागर और लाल सागर
    c) काला सागर और भूमध्य सागर
    d) लाल सागर और अरब सागर

  5. भारतीय रेलवे में पटरियों के बीच 1.676 मीटर की दूरी वाली लाइन को क्या कहा जाता है?
    a) मीटर लाइन
    b) छोटी लाइन
    c) बड़ी लाइन
    d) विशेष लाइन

  6. भारत का सबसे गहरा भू-आबद्ध (land-locked) बंदरगाह कौन सा है?
    a) मुंबई
    b) चेन्नई
    c) विशाखापत्तनम
    d) कांडला

  7. हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) पाइपलाइन मुख्य रूप से किसके परिवहन के लिए उपयोग की जाती है?
    a) पेट्रोलियम
    b) प्राकृतिक गैस
    c) पानी
    d) कोयला

  8. भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह प्रणाली (INSAT) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    a) केवल रिमोट सेंसिंग
    b) केवल सैन्य संचार
    c) दूरसंचार, मौसम विज्ञान और टेलीविजन प्रसारण
    d) केवल वैज्ञानिक अनुसंधान

  9. सीमा सड़क संगठन (BRO) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
    a) 1947
    b) 1950
    c) 1960
    d) 1970

  10. कौन सा बंदरगाह 'अरब सागर की रानी' के नाम से जाना जाता है?
    a) मुंबई
    b) कांडला
    c) कोच्चि
    d) मार्मागाओ


उत्तरमाला:

  1. c) NW-1 (इलाहाबाद-हल्दिया)
  2. b) दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता
  3. b) 1911, इलाहाबाद और नैनी
  4. b) भूमध्य सागर और लाल सागर
  5. c) बड़ी लाइन
  6. c) विशाखापत्तनम
  7. b) प्राकृतिक गैस
  8. c) दूरसंचार, मौसम विज्ञान और टेलीविजन प्रसारण
  9. c) 1960
  10. c) कोच्चि

मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय को समझने और सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें और सफलता प्राप्त करें!

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