Class 12 Hindi Notes Chapter 13 (Chapter 13) – Aroh Book

Aroh
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम आपकी पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग-2' के तेरहवें अध्याय 'काले मेघा पानी दे' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह पाठ धर्मवीर भारती जी द्वारा रचित एक मार्मिक संस्मरण है, जो लोक-जीवन की आस्था, विज्ञान के तर्क और त्याग की भावना जैसे गहन विषयों पर विचार करने को प्रेरित करता है। सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः प्रत्येक बिंदु पर ध्यान देना आवश्यक है।


अध्याय 13: काले मेघा पानी दे

लेखक: धर्मवीर भारती
विधा: संस्मरण


1. लेखक परिचय: धर्मवीर भारती

  • जन्म: 1926, इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)
  • मृत्यु: 1997
  • शिक्षा: एम.ए. हिंदी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से।
  • कार्यक्षेत्र:
    • कुछ समय तक प्राध्यापक के रूप में कार्य किया।
    • 'संगम' पत्रिका का संपादन किया।
    • 1960 में 'धर्मयुग' (साप्ताहिक पत्रिका) के संपादक बने और इस पत्रिका को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
  • प्रमुख रचनाएँ:
    • कविता संग्रह: ठंडा लोहा, सात गीत वर्ष, कनुप्रिया, सपना अभी भी, आद्यंत।
    • उपन्यास: गुनाहों का देवता, सूरज का सातवाँ घोड़ा, ग्यारह सपनों का देश।
    • कहानी संग्रह: मुर्दों का गाँव, स्वर्ग और पृथ्वी, चाँद और टूटे हुए लोग।
    • नाटक: अंधा युग (यह एक गीति-नाट्य है और अत्यंत प्रसिद्ध है)।
    • निबंध संग्रह: ठेले पर हिमालय, पश्यंती, कहनी-अनकहनी, कुछ चेतना के बिंब।
    • संस्मरण: 'काले मेघा पानी दे' इसी श्रेणी में आता है।
  • साहित्यिक विशेषताएँ:
    • मानवीय संबंधों की जटिलता, प्रेम, संघर्ष और नैतिक मूल्यों का चित्रण।
    • पौराणिक कथाओं और प्रतीकों का आधुनिक संदर्भ में प्रयोग।
    • यथार्थ और आदर्श के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास।
    • भाषा में सहजता, प्रवाहमयता और प्रतीकात्मकता।
  • प्रमुख सम्मान: पद्मश्री, व्यास सम्मान, महाराष्ट्र गौरव सम्मान आदि।

2. पाठ का सार: 'काले मेघा पानी दे'

यह पाठ लेखक के बचपन के अनुभवों पर आधारित एक संस्मरण है, जिसमें लोक-विश्वास और विज्ञान के द्वंद्व को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

  • प्रसंग: भीषण गर्मी का समय है। चारों ओर पानी की भयंकर कमी है। खेत सूख रहे हैं, कुएँ-तालाब खाली हो रहे हैं। लोग वर्षा के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।

  • इंदर सेना/मेंढक मंडली:

    • वर्षा न होने पर गाँव के कुछ किशोर और युवा बच्चों की एक टोली बनती है। ये बच्चे नंग-धड़ंग होकर, कीचड़ से लथपथ होकर घर-घर जाकर पानी माँगते हैं।
    • वे एक नारा लगाते हैं: "काले मेघा पानी दे! गगरी फूटी बैल पियासा! पानी दे, गुड़धानी दे!" और "गंगा मैया की जय!"
    • लोग अपने घरों में बचा हुआ थोड़ा-बहुत पानी इन बच्चों पर उड़ेल देते हैं। ये बच्चे उस पानी में लोटपोट होते हैं और फिर अगले घर की ओर बढ़ जाते हैं।
    • लेखक इन्हें 'मेंढक मंडली' कहता है, जबकि गाँव के लोग इन्हें 'इंदर सेना' कहते हैं क्योंकि उनका मानना है कि इनके इस कार्य से इंद्र देवता प्रसन्न होकर वर्षा करते हैं।
  • लेखक का दृष्टिकोण (विज्ञानवादी):

    • लेखक बचपन से ही आर्यसमाजी संस्कारों से प्रभावित था और तर्कवादी स्वभाव का था। वह इन बच्चों के कार्य को अंधविश्वास और पानी की बर्बादी मानता है।
    • उसका तर्क है कि जब पानी की इतनी कमी है, तो मुश्किल से जमा किए गए पानी को इस तरह बहाना मूर्खता है। यह तो देश का नुकसान है।
  • जीजी का दृष्टिकोण (लोक-आस्थावादी):

    • लेखक की जीजी (बड़ी बहन) लोक-परंपराओं और आस्था में गहरी विश्वास रखती हैं। वे लेखक को बहुत प्रेम करती हैं, लेकिन इन अनुष्ठानों को आवश्यक मानती हैं।
    • जब लेखक इंदर सेना पर पानी डालने से मना कर देता है, तो जीजी उसे समझाती हैं।
    • जीजी के तर्क:
      • यह अंधविश्वास नहीं, बल्कि त्याग है। हम इंद्र देवता को अर्घ्य दे रहे हैं।
      • जो चीज़ हम पाना चाहते हैं, उसे पहले देना पड़ता है। यह दान की महिमा है।
      • उदाहरण देती हैं कि किसान 30-40 मन गेहूँ पाने के लिए पहले 5-6 सेर गेहूँ जमीन में बोता है। यह 'त्याग' ही उसे अधिक फसल देता है।
      • यदि हम कुछ त्याग नहीं करेंगे, तो हमें कुछ मिलेगा कैसे?
      • वे कहती हैं कि यह पानी की बर्बादी नहीं, बल्कि दान है, जो हमें वर्षा के रूप में सौ गुना होकर मिलेगा।
    • लेखक जीजी के तर्कों से सहमत नहीं हो पाता, लेकिन जीजी के प्रेम और उनकी आस्था का सम्मान करता है। वह जानता है कि जीजी का हर कार्य लोक-कल्याण की भावना से प्रेरित होता है।
  • आजादी के बाद के समाज पर टिप्पणी:

    • लेखक वर्तमान समाज की विडंबना पर भी प्रकाश डालता है। वह कहता है कि हम आज भी 'काले मेघा पानी दे' कहते हैं, यानी माँगते बहुत हैं, लेकिन त्याग करना भूल गए हैं।
    • आज देश में भ्रष्टाचार, स्वार्थ और केवल अपने लिए सोचने की प्रवृत्ति बढ़ गई है। हम बड़े-बड़े वादे करते हैं, योजनाएँ बनाते हैं, लेकिन उन्हें लागू करने में ईमानदारी और त्याग की भावना नहीं दिखाते।
    • समाज में हर जगह सिर्फ 'माँग' है, 'दान' या 'त्याग' नहीं।
    • लेखक प्रश्न करता है कि कब हम अपने देश के लिए, समाज के लिए त्याग करना सीखेंगे? कब हम सिर्फ माँगने वाले नहीं, बल्कि देने वाले बनेंगे?
  • मूल संदेश:

    • पाठ लोक-जीवन में व्याप्त आस्था और वैज्ञानिक तर्क के बीच के द्वंद्व को दर्शाता है।
    • यह त्याग, दान और परोपकार की भावना को रेखांकित करता है।
    • यह वर्तमान समाज में व्याप्त स्वार्थपरता और भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त करता है और त्याग के महत्व पर जोर देता है।

3. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु

  • विधा: संस्मरण।
  • मुख्य विषय: लोक-विश्वास बनाम विज्ञान, त्याग और दान का महत्व, सामाजिक विडंबना।
  • प्रमुख पात्र: लेखक (धर्मवीर भारती), जीजी (लेखक की बड़ी बहन), इंदर सेना/मेंढक मंडली।
  • इंदर सेना का नारा: "काले मेघा पानी दे! गगरी फूटी बैल पियासा! पानी दे, गुड़धानी दे!" और "गंगा मैया की जय!"
  • लेखक की वैचारिक पृष्ठभूमि: आर्यसमाजी, तर्कवादी, वैज्ञानिक सोच का पक्षधर।
  • जीजी की वैचारिक पृष्ठभूमि: लोक-आस्था में विश्वास, त्याग और दान की समर्थक।
  • जीजी का प्रमुख तर्क: कुछ पाने के लिए पहले कुछ देना पड़ता है (किसान के गेहूँ बोने का उदाहरण)। यह दान है, अर्घ्य है, बर्बादी नहीं।
  • पाठ का अंत: वर्तमान समाज की स्वार्थपरता और त्याग की कमी पर लेखक की चिंता और प्रश्न।
  • लेखक की अन्य प्रमुख रचनाएँ: 'गुनाहों का देवता', 'सूरज का सातवाँ घोड़ा' (उपन्यास), 'अंधा युग' (गीति-नाट्य), 'ठेले पर हिमालय' (निबंध)।

4. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

  1. 'काले मेघा पानी दे' पाठ की विधा क्या है?
    अ) कहानी
    ब) निबंध
    स) संस्मरण
    द) नाटक

  2. 'काले मेघा पानी दे' पाठ के लेखक कौन हैं?
    अ) फणीश्वरनाथ रेणु
    ब) धर्मवीर भारती
    स) महादेवी वर्मा
    द) हजारी प्रसाद द्विवेदी

  3. लेखक ने 'इंदर सेना' को क्या नाम दिया था?
    अ) बंदर मंडली
    ब) मेंढक मंडली
    स) जल मंडली
    द) टोली मंडली

  4. पानी न बरसने पर गाँव के बच्चे किस सेना का निर्माण करते थे?
    अ) राम सेना
    ब) कृष्ण सेना
    स) इंदर सेना
    द) हनुमान सेना

  5. लेखक किस संस्था के संस्कारों से प्रभावित था?
    अ) ब्रह्म समाज
    ब) प्रार्थना समाज
    स) आर्य समाज
    द) रामकृष्ण मिशन

  6. जीजी के अनुसार, इंद्र देवता से पानी प्राप्त करने के लिए क्या करना आवश्यक है?
    अ) प्रार्थना
    ब) पूजा
    स) त्याग और दान
    द) उपवास

  7. जीजी ने किस चीज़ का उदाहरण देकर दान का महत्व समझाया था?
    अ) रुपये का
    ब) अनाज का
    स) कपड़े का
    द) पानी का

  8. 'गुनाहों का देवता' किस विधा की रचना है?
    अ) उपन्यास
    ब) कहानी
    स) नाटक
    द) कविता

  9. इंदर सेना का पहला नारा क्या होता था?
    अ) जय गंगा मैया
    ब) काले मेघा पानी दे
    स) हर हर महादेव
    द) जय इंद्र देव

  10. लेखक को 'काले मेघा पानी दे' के संदर्भ में किसकी बातें तर्कहीन लगती थीं?
    अ) गाँव वालों की
    ब) अपनी जीजी की
    स) इंदर सेना की
    द) अपने मित्रों की


उत्तरमाला:

  1. स) संस्मरण
  2. ब) धर्मवीर भारती
  3. ब) मेंढक मंडली
  4. स) इंदर सेना
  5. स) आर्य समाज
  6. स) त्याग और दान
  7. ब) अनाज का (गेहूँ का)
  8. अ) उपन्यास
  9. ब) काले मेघा पानी दे
  10. ब) अपनी जीजी की

मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और प्रश्नोत्तर आपकी परीक्षा की तैयारी में सहायक सिद्ध होंगे। मन लगाकर अध्ययन करें और किसी भी शंका के लिए पूछने में संकोच न करें।

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