Class 12 Mathematics Notes Chapter 3 (आव्यूह) – Examplar Problems (Hindi) Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम कक्षा 12 गणित के अध्याय 3 'आव्यूह' के उन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह अध्याय बीजगणित का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे संबंधित प्रश्न अक्सर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। आइए इस अध्याय के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करें।
अध्याय 3: आव्यूह (Matrices) – विस्तृत नोट्स
1. आव्यूह (Matrix) क्या है?
एक आव्यूह संख्याओं या फलनों का एक आयताकार क्रम-विन्यास (rectangular arrangement) होता है। इन संख्याओं या फलनों को आव्यूह के अवयव (elements) या प्रविष्टियाँ (entries) कहते हैं।
उदाहरण:
$A = \begin{bmatrix} 2 & 3 & 4 \ 1 & 0 & 5 \end{bmatrix}$
2. आव्यूह की कोटि (Order of a Matrix)
यदि किसी आव्यूह में $m$ पंक्तियाँ (rows) और $n$ स्तंभ (columns) हैं, तो उसकी कोटि $m \times n$ (एम क्रॉस एन) कहलाती है।
एक आव्यूह $A$ को $A = [a_{ij}]{m \times n}$ द्वारा निरूपित किया जाता है, जहाँ $a{ij}$ $i$-वीं पंक्ति और $j$-वें स्तंभ का अवयव है।
- कुल अवयवों की संख्या = $m \times n$
3. आव्यूहों के प्रकार (Types of Matrices)
- स्तंभ आव्यूह (Column Matrix): एक आव्यूह जिसमें केवल एक स्तंभ होता है। कोटि $m \times 1$ होती है।
उदाहरण: $\begin{bmatrix} 1 \ 2 \ 3 \end{bmatrix}$ - पंक्ति आव्यूह (Row Matrix): एक आव्यूह जिसमें केवल एक पंक्ति होती है। कोटि $1 \times n$ होती है।
उदाहरण: $\begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \end{bmatrix}$ - वर्ग आव्यूह (Square Matrix): एक आव्यूह जिसमें पंक्तियों की संख्या स्तंभों की संख्या के बराबर होती है ($m=n$)। कोटि $n \times n$ या $n$ कोटि का वर्ग आव्यूह।
उदाहरण: $\begin{bmatrix} 1 & 2 \ 3 & 4 \end{bmatrix}$ - विकर्ण आव्यूह (Diagonal Matrix): एक वर्ग आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण (principal diagonal) के अतिरिक्त सभी अवयव शून्य होते हैं।
उदाहरण: $\begin{bmatrix} 1 & 0 & 0 \ 0 & 5 & 0 \ 0 & 0 & 9 \end{bmatrix}$ - अदिश आव्यूह (Scalar Matrix): एक विकर्ण आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के सभी अवयव समान होते हैं।
उदाहरण: $\begin{bmatrix} 5 & 0 & 0 \ 0 & 5 & 0 \ 0 & 0 & 5 \end{bmatrix}$ - तत्समक आव्यूह (Identity Matrix): एक अदिश आव्यूह जिसके मुख्य विकर्ण के सभी अवयव 1 होते हैं। इसे $I_n$ से दर्शाते हैं।
उदाहरण: $I_3 = \begin{bmatrix} 1 & 0 & 0 \ 0 & 1 & 0 \ 0 & 0 & 1 \end{bmatrix}$ - शून्य आव्यूह (Zero Matrix): एक आव्यूह जिसके सभी अवयव शून्य होते हैं। इसे $O$ से दर्शाते हैं।
उदाहरण: $\begin{bmatrix} 0 & 0 \ 0 & 0 \end{bmatrix}$
4. आव्यूहों की समानता (Equality of Matrices)
दो आव्यूह $A$ और $B$ समान कहलाते हैं यदि:
- उनकी कोटि समान हो।
- उनके संगत अवयव समान हों (अर्थात् $a_{ij} = b_{ij}$ सभी $i$ और $j$ के लिए)।
5. आव्यूहों पर संक्रियाएँ (Operations on Matrices)
-
आव्यूहों का योग (Addition of Matrices):
- शर्त: दो आव्यूह $A$ और $B$ का योग तभी संभव है जब उनकी कोटि समान हो।
- नियम: संगत अवयवों को जोड़ा जाता है।
- गुणधर्म:
- क्रमविनिमेय नियम (Commutative Law): $A+B = B+A$
- साहचर्य नियम (Associative Law): $(A+B)+C = A+(B+C)$
- योज्य तत्समक का अस्तित्व (Existence of Additive Identity): $A+O = O+A = A$ (जहाँ $O$ शून्य आव्यूह है)
- योज्य प्रतिलोम का अस्तित्व (Existence of Additive Inverse): $A+(-A) = O$ (जहाँ $-A$ आव्यूह $A$ का योज्य प्रतिलोम है)
-
एक आव्यूह का अदिश से गुणन (Multiplication of a Matrix by a Scalar):
- नियम: यदि $A = [a_{ij}]$ एक आव्यूह है और $k$ एक अदिश है, तो $kA = [ka_{ij}]$। अर्थात, अदिश $k$ को आव्यूह के प्रत्येक अवयव से गुणा किया जाता है।
- गुणधर्म:
- $k(A+B) = kA + kB$
- $(k+l)A = kA + lA$
-
आव्यूहों का गुणन (Multiplication of Matrices): (अत्यंत महत्वपूर्ण)
- शर्त: दो आव्यूह $A$ और $B$ का गुणन $AB$ तभी संभव है जब आव्यूह $A$ के स्तंभों की संख्या आव्यूह $B$ की पंक्तियों की संख्या के बराबर हो।
- यदि $A$ की कोटि $m \times n$ है और $B$ की कोटि $n \times p$ है, तो गुणनफल $AB$ की कोटि $m \times p$ होगी।
- नियम: गुणनफल $AB$ के अवयव $c_{ij}$ को $A$ की $i$-वीं पंक्ति के अवयवों को $B$ के $j$-वें स्तंभ के संगत अवयवों से गुणा करके और फिर उन्हें जोड़कर प्राप्त किया जाता है।
- गुणधर्म:
- अक्रमविनिमेय (Non-Commutative): सामान्यतः $AB \neq BA$। यदि $AB=BA$ हो, तो आव्यूह $A$ और $B$ क्रमविनिमेय कहलाते हैं।
- साहचर्य नियम (Associative Law): $(AB)C = A(BC)$
- बंटन नियम (Distributive Law): $A(B+C) = AB+AC$ और $(A+B)C = AC+BC$
- गुणन तत्समक का अस्तित्व (Existence of Multiplicative Identity): $AI = IA = A$ (जहाँ $I$ तत्समक आव्यूह है)
- शून्य भाजक (Zero Divisors): यदि $AB = O$ (शून्य आव्यूह) है, तो यह आवश्यक नहीं है कि $A=O$ या $B=O$ हो। (यह एक महत्वपूर्ण अंतर है संख्याओं के गुणनफल से)।
- शर्त: दो आव्यूह $A$ और $B$ का गुणन $AB$ तभी संभव है जब आव्यूह $A$ के स्तंभों की संख्या आव्यूह $B$ की पंक्तियों की संख्या के बराबर हो।
6. आव्यूह का परिवर्त (Transpose of a Matrix)
एक आव्यूह $A$ का परिवर्त (transpose) $A'$ या $A^T$ द्वारा निरूपित किया जाता है और इसे $A$ की पंक्तियों को स्तंभों में और स्तंभों को पंक्तियों में बदलकर प्राप्त किया जाता है।
- यदि $A = [a_{ij}]{m \times n}$, तो $A' = [a{ji}]_{n \times m}$।
- गुणधर्म:
- $(A')' = A$
- $(kA)' = kA'$ (जहाँ $k$ कोई अदिश है)
- $(A+B)' = A' + B'$
- $(AB)' = B'A'$ (यह गुणधर्म अत्यंत महत्वपूर्ण है)
7. सममित और विषम सममित आव्यूह (Symmetric and Skew-Symmetric Matrices)
यह केवल वर्ग आव्यूहों के लिए परिभाषित है।
-
सममित आव्यूह (Symmetric Matrix): एक वर्ग आव्यूह $A$ सममित कहलाता है यदि $A' = A$ हो।
- अर्थात्, $a_{ij} = a_{ji}$ सभी $i$ और $j$ के लिए।
- उदाहरण: $\begin{bmatrix} 1 & 2 & 3 \ 2 & 4 & 5 \ 3 & 5 & 6 \end{bmatrix}$
-
विषम सममित आव्यूह (Skew-Symmetric Matrix): एक वर्ग आव्यूह $A$ विषम सममित कहलाता है यदि $A' = -A$ हो।
- अर्थात्, $a_{ij} = -a_{ji}$ सभी $i$ और $j$ के लिए।
- एक विषम सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण के सभी अवयव शून्य होते हैं ($a_{ii} = -a_{ii} \implies 2a_{ii} = 0 \implies a_{ii} = 0$)।
- उदाहरण: $\begin{bmatrix} 0 & 2 & 3 \ -2 & 0 & 5 \ -3 & -5 & 0 \end{bmatrix}$
-
प्रमेय (Theorem): किसी भी वर्ग आव्यूह को एक सममित आव्यूह और एक विषम सममित आव्यूह के योग के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।
- $A = \frac{1}{2}(A+A') + \frac{1}{2}(A-A')$
- जहाँ $\frac{1}{2}(A+A')$ एक सममित आव्यूह है और $\frac{1}{2}(A-A')$ एक विषम सममित आव्यूह है।
8. व्युत्क्रमणीय आव्यूह (Invertible Matrices)
यदि $A$ कोटि $m$ का एक वर्ग आव्यूह है, और यदि एक अन्य कोटि $m$ का वर्ग आव्यूह $B$ इस प्रकार विद्यमान है कि $AB = BA = I$ (जहाँ $I$ कोटि $m$ का तत्समक आव्यूह है), तो $B$ को $A$ का व्युत्क्रम (inverse) आव्यूह कहते हैं और इसे $A^{-1}$ से निरूपित किया जाता है।
- व्युत्क्रम आव्यूह अद्वितीय होता है, यदि उसका अस्तित्व हो।
- शर्त: एक वर्ग आव्यूह $A$ व्युत्क्रमणीय तभी होता है जब वह एक व्युत्क्रमणीय (non-singular) आव्यूह हो, अर्थात् $\text{det}(A) \neq 0$ (सारणिक का मान शून्य न हो)। (यह अवधारणा सारणिक अध्याय से संबंधित है)।
- गुणधर्म:
- $(AB)^{-1} = B{-1}A{-1}$ (यह गुणधर्म भी अत्यंत महत्वपूर्ण है)
9. प्रारंभिक संक्रियाएँ (Elementary Operations)
किसी आव्यूह पर छह प्रारंभिक संक्रियाएँ (या रूपांतरण) की जा सकती हैं:
- दो पंक्तियों (या स्तंभों) का आपस में बदलना: $R_i \leftrightarrow R_j$ (या $C_i \leftrightarrow C_j$)
- किसी पंक्ति (या स्तंभ) के अवयवों को एक गैर-शून्य अदिश से गुणा करना: $R_i \rightarrow kR_i$ (या $C_i \rightarrow kC_i$)
- किसी पंक्ति (या स्तंभ) के अवयवों में किसी अन्य पंक्ति (या स्तंभ) के संगत अवयवों को एक गैर-शून्य अदिश से गुणा करके जोड़ना: $R_i \rightarrow R_i + kR_j$ (या $C_i \rightarrow C_i + kC_j$)
इन संक्रियाओं का उपयोग आव्यूह के व्युत्क्रम को ज्ञात करने में किया जाता है, हालाँकि प्रतियोगी परीक्षाओं में व्युत्क्रम ज्ञात करने के लिए सारणिक और सहखंडज (adjoint) विधि अधिक प्रचलित है।
अभ्यास प्रश्न (MCQs) - आव्यूह
यहाँ आव्यूह अध्याय से संबंधित 10 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) दिए गए हैं जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे:
प्रश्न 1:
यदि एक आव्यूह में 18 अवयव हैं, तो इसकी संभावित कोटियाँ क्या हो सकती हैं?
(A) 6
(B) 9
(C) 12
(D) 15
सही विकल्प: (A)
व्याख्या: 18 के गुणनखंड युग्म (1,18), (18,1), (2,9), (9,2), (3,6), (6,3) हैं। कुल 6 संभावित कोटियाँ हैं।
प्रश्न 2:
यदि $A = \begin{bmatrix} x+y & 2 \ 1 & x-y \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} 3 & 2 \ 1 & 1 \end{bmatrix}$ तथा $A=B$ है, तो $x$ और $y$ के मान क्या हैं?
(A) $x=2, y=1$
(B) $x=1, y=2$
(C) $x=3, y=0$
(D) $x=0, y=3$
सही विकल्प: (A)
व्याख्या: आव्यूहों की समानता से:
$x+y = 3$
$x-y = 1$
इन समीकरणों को हल करने पर, $2x=4 \implies x=2$ और $y=1$।
प्रश्न 3:
यदि $A = \begin{bmatrix} 1 & 2 \ 3 & 4 \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} 2 & 0 \ 1 & 5 \end{bmatrix}$ है, तो $2A - B$ का मान क्या होगा?
(A) $\begin{bmatrix} 0 & 4 \ 5 & 3 \end{bmatrix}$
(B) $\begin{bmatrix} 0 & 4 \ 5 & -3 \end{bmatrix}$
(C) $\begin{bmatrix} 0 & -4 \ 5 & 3 \end{bmatrix}$
(D) $\begin{bmatrix} 0 & 4 \ -5 & 3 \end{bmatrix}$
सही विकल्प: (A)
व्याख्या:
$2A = 2 \begin{bmatrix} 1 & 2 \ 3 & 4 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 2 & 4 \ 6 & 8 \end{bmatrix}$
$2A - B = \begin{bmatrix} 2 & 4 \ 6 & 8 \end{bmatrix} - \begin{bmatrix} 2 & 0 \ 1 & 5 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 2-2 & 4-0 \ 6-1 & 8-5 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 0 & 4 \ 5 & 3 \end{bmatrix}$
प्रश्न 4:
यदि $A = \begin{bmatrix} 1 & 2 \ 0 & 1 \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} 2 & 3 \ 4 & 1 \end{bmatrix}$ है, तो $AB$ का मान क्या होगा?
(A) $\begin{bmatrix} 10 & 5 \ 4 & 1 \end{bmatrix}$
(B) $\begin{bmatrix} 2 & 6 \ 0 & 1 \end{bmatrix}$
(C) $\begin{bmatrix} 10 & 4 \ 5 & 1 \end{bmatrix}$
(D) $\begin{bmatrix} 4 & 1 \ 10 & 5 \end{bmatrix}$
सही विकल्प: (A)
व्याख्या:
$AB = \begin{bmatrix} 1 & 2 \ 0 & 1 \end{bmatrix} \begin{bmatrix} 2 & 3 \ 4 & 1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} (1)(2)+(2)(4) & (1)(3)+(2)(1) \ (0)(2)+(1)(4) & (0)(3)+(1)(1) \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 2+8 & 3+2 \ 0+4 & 0+1 \end{bmatrix} = \begin{bmatrix} 10 & 5 \ 4 & 1 \end{bmatrix}$
प्रश्न 5:
यदि $A$ एक $m \times n$ आव्यूह है, तो $A'$ (A का परिवर्त) की कोटि क्या होगी?
(A) $m \times n$
(B) $n \times m$
(C) $m \times m$
(D) $n \times n$
सही विकल्प: (B)
व्याख्या: परिवर्त आव्यूह में पंक्तियाँ स्तंभ बन जाती हैं और स्तंभ पंक्तियाँ बन जाती हैं, इसलिए कोटि $n \times m$ हो जाती है।
प्रश्न 6:
एक विषम सममित आव्यूह के मुख्य विकर्ण के सभी अवयव क्या होते हैं?
(A) 1
(B) -1
(C) 0
(D) कोई भी वास्तविक संख्या
सही विकल्प: (C)
व्याख्या: विषम सममित आव्यूह में $a_{ij} = -a_{ji}$ होता है। मुख्य विकर्ण के लिए $i=j$ होता है, तो $a_{ii} = -a_{ii} \implies 2a_{ii} = 0 \implies a_{ii} = 0$।
प्रश्न 7:
यदि $A$ और $B$ समान कोटि के सममित आव्यूह हैं, तो $AB - BA$ क्या है?
(A) सममित आव्यूह
(B) विषम सममित आव्यूह
(C) शून्य आव्यूह
(D) तत्समक आव्यूह
सही विकल्प: (B)
व्याख्या:
दिया है $A' = A$ और $B' = B$ (क्योंकि $A$ और $B$ सममित हैं)।
हमें $(AB - BA)'$ ज्ञात करना है।
$(AB - BA)' = (AB)' - (BA)'$ (परिवर्त के गुणधर्म से)
$= B'A' - A'B'$ (परिवर्त के गुणधर्म $(XY)'=Y'X'$ से)
$= BA - AB$ (चूंकि $A'=A$ और $B'=B$)
$= -(AB - BA)$
चूंकि $(AB - BA)' = -(AB - BA)$, यह एक विषम सममित आव्यूह है।
प्रश्न 8:
यदि $A = \begin{bmatrix} \cos \theta & -\sin \theta \ \sin \theta & \cos \theta \end{bmatrix}$ है, तो $A'A$ का मान क्या होगा?
(A) $A$
(B) $A'$
(C) $I$ (तत्समक आव्यूह)
(D) $O$ (शून्य आव्यूह)
सही विकल्प: (C)
व्याख्या:
$A' = \begin{bmatrix} \cos \theta & \sin \theta \ -\sin \theta & \cos \theta \end{bmatrix}$
$A'A = \begin{bmatrix} \cos \theta & \sin \theta \ -\sin \theta & \cos \theta \end{bmatrix} \begin{bmatrix} \cos \theta & -\sin \theta \ \sin \theta & \cos \theta \end{bmatrix}$
$= \begin{bmatrix} \cos^2 \theta + \sin^2 \theta & -\cos \theta \sin \theta + \sin \theta \cos \theta \ -\sin \theta \cos \theta + \cos \theta \sin \theta & \sin^2 \theta + \cos^2 \theta \end{bmatrix}$
$= \begin{bmatrix} 1 & 0 \ 0 & 1 \end{bmatrix} = I$
प्रश्न 9:
एक वर्ग आव्यूह $A$ व्युत्क्रमणीय (invertible) कहलाता है यदि:
(A) $\text{det}(A) = 0$
(B) $\text{det}(A) \neq 0$
(C) $A$ एक सममित आव्यूह है
(D) $A$ एक विषम सममित आव्यूह है
सही विकल्प: (B)
व्याख्या: एक वर्ग आव्यूह $A$ व्युत्क्रमणीय तभी होता है जब उसका सारणिक (determinant) शून्य न हो, अर्थात् वह एक व्युत्क्रमणीय (non-singular) आव्यूह हो।
प्रश्न 10:
आव्यूह गुणनफल में, यदि $AB = O$ (शून्य आव्यूह) है, तो यह आवश्यक नहीं है कि:
(A) $A=O$
(B) $B=O$
(C) $A=O$ या $B=O$
(D) उपरोक्त सभी
सही विकल्प: (D)
व्याख्या: आव्यूह गुणनफल में, $AB=O$ होने पर यह आवश्यक नहीं है कि $A$ शून्य आव्यूह हो, या $B$ शून्य आव्यूह हो, या दोनों में से कोई एक शून्य आव्यूह हो। उदाहरण के लिए,
$A = \begin{bmatrix} 1 & 0 \ 0 & 0 \end{bmatrix}$ और $B = \begin{bmatrix} 0 & 0 \ 0 & 1 \end{bmatrix}$
यहाँ $A \neq O$ और $B \neq O$, लेकिन $AB = \begin{bmatrix} 0 & 0 \ 0 & 0 \end{bmatrix} = O$।
मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और अभ्यास प्रश्न आपको 'आव्यूह' अध्याय की गहन समझ प्रदान करेंगे और आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। अपनी तैयारी जारी रखें और नियमित अभ्यास करते रहें। शुभकामनाएँ!