Class 12 Mathematics Notes Chapter 5 (सांतत्य और अवकलनीयता) – Examplar Problems (Hindi) Book

Examplar Problems (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 12 गणित के अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'सांतत्य और अवकलनीयता' का गहन अध्ययन करेंगे। यह अध्याय कैलकुलस की नींव है और सरकारी परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न निश्चित रूप से पूछे जाते हैं। हम यहाँ प्रत्येक अवधारणा को विस्तार से समझेंगे ताकि आपकी तैयारी पुख्ता हो सके।


अध्याय 5: सांतत्य और अवकलनीयता (Continuity and Differentiability)

1. सांतत्य (Continuity)

एक फलन $f(x)$ को किसी बिंदु $c$ पर संतत कहा जाता है यदि $x$ के $c$ की ओर अग्रसर होने पर फलन का मान $f(c)$ के बराबर हो।

  • एक बिंदु पर सांतत्य:
    एक फलन $f(x)$ बिंदु $x = c$ पर संतत कहलाता है, यदि:

    1. $f(c)$ परिभाषित हो।
    2. $\lim_{x \to c^-} f(x)$ (बायां सीमा) का अस्तित्व हो।
    3. $\lim_{x \to c^+} f(x)$ (दायां सीमा) का अस्तित्व हो।
    4. $\lim_{x \to c^-} f(x) = \lim_{x \to c^+} f(x) = f(c)$
      संक्षेप में, $\lim_{x \to c} f(x) = f(c)$
  • एक अंतराल में सांतत्य:

    • खुले अंतराल $(a, b)$ में: एक फलन $f(x)$ खुले अंतराल $(a, b)$ में संतत कहलाता है यदि वह इस अंतराल के प्रत्येक बिंदु पर संतत हो।
    • बंद अंतराल $[a, b]$ में: एक फलन $f(x)$ बंद अंतराल $[a, b]$ में संतत कहलाता है यदि:
      1. वह खुले अंतराल $(a, b)$ में संतत हो।
      2. वह बिंदु $a$ पर दायीं ओर से संतत हो, अर्थात् $\lim_{x \to a^+} f(x) = f(a)$।
      3. वह बिंदु $b$ पर बायीं ओर से संतत हो, अर्थात् $\lim_{x \to b^-} f(x) = f(b)$।
  • संतत फलनों का बीजगणित:
    यदि $f$ और $g$ दो संतत फलन हैं, तो:

    1. $f \pm g$ भी संतत होगा।
    2. $f \cdot g$ भी संतत होगा।
    3. $f/g$ भी संतत होगा, बशर्ते $g(x) \neq 0$ हो।
    4. $k \cdot f$ भी संतत होगा, जहाँ $k$ एक अचर है।
  • महत्वपूर्ण संतत फलन:

    • प्रत्येक बहुपद फलन संतत होता है।
    • प्रत्येक मापांक फलन ($|x|$) संतत होता है।
    • प्रत्येक चरघातांकी फलन ($e^x, a^x$) संतत होता है।
    • प्रत्येक लघुगणकीय फलन ($\log x$) अपने प्रांत में संतत होता है।
    • सभी त्रिकोणमितीय फलन ($\sin x, \cos x, \tan x$, आदि) अपने प्रांत में संतत होते हैं।
    • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन भी अपने प्रांत में संतत होते हैं।
  • संतत फलनों का संयोजन:
    यदि $f$ एक संतत फलन है और $g$ भी एक संतत फलन है, तो उनका संयोजन $g \circ f$ भी संतत फलन होगा। अर्थात्, यदि $f$, $c$ पर संतत है और $g$, $f(c)$ पर संतत है, तो $(g \circ f)(x) = g(f(x))$ भी $c$ पर संतत होगा।

2. अवकलनीयता (Differentiability)

एक फलन $f(x)$ को किसी बिंदु $c$ पर अवकलनीय कहा जाता है यदि उस बिंदु पर उसका अवकलज (derivative) अस्तित्व में हो।

  • एक बिंदु पर अवकलनीयता:
    एक फलन $f(x)$ बिंदु $x = c$ पर अवकलनीय कहलाता है, यदि:

    1. बायां अवकलज (LHD): $\lim_{h \to 0^-} \frac{f(c+h) - f(c)}{h}$ का अस्तित्व हो। इसे $L f'(c)$ या $f'(c^-)$ से दर्शाते हैं।
    2. दायां अवकलज (RHD): $\lim_{h \to 0^+} \frac{f(c+h) - f(c)}{h}$ का अस्तित्व हो। इसे $R f'(c)$ या $f'(c^+)$ से दर्शाते हैं।
    3. $L f'(c) = R f'(c)$ हो।
      यदि ये शर्तें पूरी होती हैं, तो इस उभयनिष्ठ मान को $f(x)$ का $x=c$ पर अवकलज कहते हैं और इसे $f'(c)$ या $\frac{dy}{dx}|_{x=c}$ से दर्शाते हैं।
  • ज्यामितीय व्याख्या:
    $f'(c)$ बिंदु $(c, f(c))$ पर वक्र $y = f(x)$ की स्पर्श रेखा की प्रवणता (slope) को दर्शाता है। यदि फलन अवकलनीय है, तो उस बिंदु पर एक अद्वितीय स्पर्श रेखा खींची जा सकती है।

  • सांतत्य और अवकलनीयता के बीच संबंध:

    • यदि कोई फलन किसी बिंदु पर अवकलनीय है, तो वह उस बिंदु पर संतत भी होगा।
    • किंतु, इसका विलोम सत्य नहीं है। अर्थात्, एक फलन संतत हो सकता है, लेकिन अवकलनीय नहीं हो सकता (उदाहरण: $f(x) = |x|$ बिंदु $x=0$ पर संतत है, परंतु अवकलनीय नहीं)।
  • अवकलनीय फलनों का बीजगणित:
    यदि $f$ और $g$ दो अवकलनीय फलन हैं, तो:

    1. $(f \pm g)'(x) = f'(x) \pm g'(x)$
    2. $(f \cdot g)'(x) = f'(x)g(x) + f(x)g'(x)$ (गुणन नियम)
    3. $(f/g)'(x) = \frac{f'(x)g(x) - f(x)g'(x)}{[g(x)]^2}$, बशर्ते $g(x) \neq 0$ हो (भागफल नियम)

3. अवकलन के नियम (Rules of Differentiation)

  • कुछ मानक अवकलज:

    • $\frac{d}{dx}(x^n) = nx^{n-1}$
    • $\frac{d}{dx}(c) = 0$ (जहाँ $c$ अचर है)
    • $\frac{d}{dx}(\sin x) = \cos x$
    • $\frac{d}{dx}(\cos x) = -\sin x$
    • $\frac{d}{dx}(\tan x) = \sec^2 x$
    • $\frac{d}{dx}(\cot x) = -\operatorname{cosec}^2 x$
    • $\frac{d}{dx}(\sec x) = \sec x \tan x$
    • $\frac{d}{dx}(\operatorname{cosec} x) = -\operatorname{cosec} x \cot x$
    • $\frac{d}{dx}(e^x) = e^x$
    • $\frac{d}{dx}(a^x) = a^x \log_e a$
    • $\frac{d}{dx}(\log_e x) = \frac{1}{x}$
    • $\frac{d}{dx}(\log_a x) = \frac{1}{x \log_e a}$
    • $\frac{d}{dx}(\sin^{-1} x) = \frac{1}{\sqrt{1-x^2}}$
    • $\frac{d}{dx}(\cos^{-1} x) = \frac{-1}{\sqrt{1-x^2}}$
    • $\frac{d}{dx}(\tan^{-1} x) = \frac{1}{1+x^2}$
  • श्रृंखला नियम (Chain Rule):
    यदि $y = f(u)$ और $u = g(x)$ हो, तो $\frac{dy}{dx} = \frac{dy}{du} \cdot \frac{du}{dx}$।
    उदाहरण: यदि $y = \sin(x^2)$, तो $u = x^2$ और $y = \sin u$।
    $\frac{dy}{du} = \cos u$ और $\frac{du}{dx} = 2x$।
    अतः, $\frac{dy}{dx} = \cos(x^2) \cdot 2x = 2x \cos(x^2)$।

  • अस्पष्ट फलनों का अवकलन (Differentiation of Implicit Functions):
    जब $y$ को $x$ के स्पष्ट फलन के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता, तो ऐसे फलनों को अस्पष्ट फलन कहते हैं। इनका अवकलन करने के लिए, समीकरण के दोनों पक्षों का $x$ के सापेक्ष अवकलन किया जाता है, $y$ को $x$ का फलन मानते हुए और $\frac{dy}{dx}$ को हल किया जाता है।
    उदाहरण: $x^2 + y^2 = 1$
    $2x + 2y \frac{dy}{dx} = 0 \implies \frac{dy}{dx} = -\frac{x}{y}$

  • लघुगणकीय अवकलन (Logarithmic Differentiation):
    जब फलन $f(x)^{g(x)}$ के रूप में हो, या कई फलनों का गुणनफल/भागफल हो, तो अवकलन को सरल बनाने के लिए लघुगणक का उपयोग किया जाता है।
    विधि: $y = f(x)^{g(x)}$ $\implies \log y = g(x) \log f(x)$। अब दोनों पक्षों का $x$ के सापेक्ष अवकलन करें।
    उदाहरण: $y = x^x$
    $\log y = x \log x$
    $\frac{1}{y} \frac{dy}{dx} = 1 \cdot \log x + x \cdot \frac{1}{x} = \log x + 1$
    $\frac{dy}{dx} = y(\log x + 1) = x^x(\log x + 1)$

  • प्राचलिक फलनों का अवकलन (Differentiation of Parametric Functions):
    जब $x$ और $y$ दोनों किसी तीसरे चर (प्राचल, जैसे $t$ या $\theta$) के फलन के रूप में दिए गए हों, तो:
    $x = f(t)$, $y = g(t)$
    $\frac{dy}{dx} = \frac{dy/dt}{dx/dt}$, बशर्ते $\frac{dx}{dt} \neq 0$ हो।

  • द्वितीय कोटि के अवकलज (Second Order Derivatives):
    एक फलन $y = f(x)$ का अवकलज $\frac{dy}{dx}$ (या $f'(x)$) प्रथम कोटि का अवकलज कहलाता है। यदि $f'(x)$ का पुनः $x$ के सापेक्ष अवकलन किया जाए, तो हमें द्वितीय कोटि का अवकलज प्राप्त होता है।
    इसे $\frac{d2y}{dx2}$ या $f''(x)$ या $y''$ से दर्शाते हैं।
    $\frac{d2y}{dx2} = \frac{d}{dx} \left(\frac{dy}{dx}\right)$

4. माध्य मान प्रमेय (Mean Value Theorems)

  • रोले का प्रमेय (Rolle's Theorem):
    यदि एक फलन $f(x)$ इस प्रकार है कि:

    1. यह बंद अंतराल $[a, b]$ में संतत है।
    2. यह खुले अंतराल $(a, b)$ में अवकलनीय है।
    3. $f(a) = f(b)$ है।
      तो, खुले अंतराल $(a, b)$ में कम से कम एक बिंदु $c$ ऐसा अवश्य होगा जिसके लिए $f'(c) = 0$ होगा।
      ज्यामितीय व्याख्या: वक्र पर कम से कम एक बिंदु ऐसा होगा जहाँ स्पर्श रेखा $x$-अक्ष के समांतर होगी।
  • लग्रांज का माध्य मान प्रमेय (Lagrange's Mean Value Theorem - LMVT):
    यदि एक फलन $f(x)$ इस प्रकार है कि:

    1. यह बंद अंतराल $[a, b]$ में संतत है।
    2. यह खुले अंतराल $(a, b)$ में अवकलनीय है।
      तो, खुले अंतराल $(a, b)$ में कम से कम एक बिंदु $c$ ऐसा अवश्य होगा जिसके लिए $f'(c) = \frac{f(b) - f(a)}{b - a}$ होगा।
      ज्यामितीय व्याख्या: वक्र पर कम से कम एक बिंदु ऐसा होगा जहाँ स्पर्श रेखा, बिंदुओं $(a, f(a))$ और $(b, f(b))$ को जोड़ने वाली जीवा के समांतर होगी।

सरकारी परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण सुझाव:

  • अवधारणात्मक स्पष्टता: प्रत्येक परिभाषा (सांतत्य, अवकलनीयता) को उसकी शर्तों के साथ अच्छी तरह समझें।
  • अवकलन के सूत्र: सभी मानक अवकलन सूत्र कंठस्थ होने चाहिए।
  • नियमों का अनुप्रयोग: श्रृंखला नियम, गुणन नियम, भागफल नियम, अस्पष्ट और प्राचलिक फलनों के अवकलन में महारत हासिल करें।
  • माध्य मान प्रमेय: रोले और लग्रांज के प्रमेय की शर्तों और निष्कर्षों को याद रखें और उनका उपयोग करना सीखें।
  • अभ्यास: विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें, विशेषकर वे जो पिछले वर्षों की सरकारी परीक्षाओं में पूछे गए हैं।
  • समय प्रबंधन: बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करते समय गति और सटीकता बनाए रखने का अभ्यास करें।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) - 10 प्रश्न:

1. फलन $f(x) = \begin{cases} kx+1, & \text{यदि } x \le \pi \ \cos x, & \text{यदि } x > \pi \end{cases}$ बिंदु $x = \pi$ पर संतत है, तो $k$ का मान क्या है?
(A) 1
(B) -1
(C) 0
(D) $\pi$

2. फलन $f(x) = |x|$ किस बिंदु पर अवकलनीय नहीं है?
(A) $x=1$
(B) $x=-1$
(C) $x=0$
(D) सभी बिंदुओं पर अवकलनीय है

3. यदि $y = \sin(\log x)$ हो, तो $\frac{dy}{dx}$ क्या होगा?
(A) $\cos(\log x)$
(B) $\frac{\cos(\log x)}{x}$
(C) $-\frac{\cos(\log x)}{x}$
(D) $\frac{\sin(\log x)}{x}$

4. यदि $x^2 + y^2 = 1$ हो, तो $\frac{dy}{dx}$ क्या है?
(A) $\frac{x}{y}$
(B) $-\frac{x}{y}$
(C) $\frac{y}{x}$
(D) $-\frac{y}{x}$

5. यदि $y = x^x$ हो, तो $\frac{dy}{dx}$ क्या है?
(A) $x^x \log x$
(B) $x^x (1 + \log x)$
(C) $x^{x-1}$
(D) $x^x (x + \log x)$

6. यदि $x = at^2$ और $y = 2at$ हो, तो $\frac{dy}{dx}$ क्या है?
(A) $t$
(B) $\frac{1}{t}$
(C) $2a$
(D) $2at$

7. यदि $y = e^x \sin x$ हो, तो $\frac{d2y}{dx2}$ क्या है?
(A) $2e^x \cos x$
(B) $2e^x \sin x$
(C) $e^x (\cos x - \sin x)$
(D) $e^x (\sin x + \cos x)$

8. रोले का प्रमेय फलन $f(x) = x^2 - 4x + 3$ के लिए अंतराल $[1, 3]$ में लागू होता है। $c$ का मान क्या है जिसके लिए $f'(c) = 0$ है?
(A) 1
(B) 2
(C) 3
(D) 0

9. लग्रांज का माध्य मान प्रमेय फलन $f(x) = x^2$ के लिए अंतराल $[1, 2]$ में लागू होता है। $c$ का मान क्या है जिसके लिए $f'(c) = \frac{f(b) - f(a)}{b - a}$ है?
(A) 1.5
(B) 1
(C) 2
(D) 0.5

10. फलन $f(x) = \sin(x^2)$ किस प्रकार का फलन है?
(A) केवल $x=0$ पर संतत
(B) केवल $x=0$ पर अवकलनीय
(C) सभी वास्तविक संख्याओं के लिए संतत
(D) सभी वास्तविक संख्याओं के लिए अवकलनीय नहीं


उत्तर कुंजी:

  1. (B)
  2. (C)
  3. (B)
  4. (B)
  5. (B)
  6. (B)
  7. (A)
  8. (B)
  9. (A)
  10. (C)

मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षा की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। अपनी शंकाओं को पूछने में संकोच न करें। शुभकामनाएँ!

Read more