Class 12 Mathematics Notes Chapter 6 (रैखिक प्रोग्रामन) – Ganit-II Book

Ganit-II
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 12 गणित-II के अध्याय 6 'रैखिक प्रोग्रामन' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अध्याय में हम सीखेंगे कि कैसे सीमित संसाधनों का उपयोग करके किसी उद्देश्य (जैसे लाभ को अधिकतम करना या लागत को न्यूनतम करना) को प्राप्त किया जा सकता है।


अध्याय 6: रैखिक प्रोग्रामन (Linear Programming)

I. परिचय (Introduction)

रैखिक प्रोग्रामन (Linear Programming) गणितीय अनुकूलन (Mathematical Optimization) की एक विधि है जिसका उपयोग किसी दिए गए उद्देश्य फलन (Objective Function) को कुछ रैखिक प्रतिबंधों (Linear Constraints) के तहत अधिकतम (Maximize) या न्यूनतम (Minimize) करने के लिए किया जाता है। यह विधि उन समस्याओं को हल करने में सहायक होती है जहाँ संसाधनों का इष्टतम उपयोग करना होता है, जैसे उत्पादन योजना, आहार योजना, परिवहन योजना आदि।

II. रैखिक प्रोग्रामन समस्या (Linear Programming Problem - LPP)

एक रैखिक प्रोग्रामन समस्या में निम्नलिखित घटक होते हैं:

  1. उद्देश्य फलन (Objective Function): यह एक रैखिक फलन होता है जिसे अधिकतम या न्यूनतम करना होता है। इसे सामान्यतः $Z$ से दर्शाया जाता है।
    उदाहरण: $Z = ax + by$, जहाँ $a, b$ स्थिरांक हैं और $x, y$ निर्णय चर हैं।

  2. निर्णय चर (Decision Variables): ये वे चर होते हैं जिनके मान हमें निर्धारित करने होते हैं ताकि उद्देश्य फलन इष्टतम हो सके। इन्हें सामान्यतः $x, y$ आदि से दर्शाया जाता है।

  3. प्रतिबंध (Constraints): ये रैखिक असमिकाएँ (Linear Inequalities) होती हैं जो निर्णय चरों पर लगाई गई सीमाओं या शर्तों को दर्शाती हैं। ये उपलब्ध संसाधनों या अन्य बाध्यताओं को व्यक्त करती हैं।
    उदाहरण: $A_1x + B_1y \le C_1$, $A_2x + B_2y \ge C_2$, आदि।

  4. अऋणात्मक प्रतिबंध (Non-negativity Restrictions): निर्णय चर सामान्यतः भौतिक मात्राओं (जैसे उत्पादों की संख्या, सामग्री की मात्रा) का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए उनके मान ऋणात्मक नहीं हो सकते।
    उदाहरण: $x \ge 0, y \ge 0$.

III. रैखिक प्रोग्रामन समस्या का गणितीय सूत्रीकरण (Mathematical Formulation of LPP)

किसी वास्तविक जीवन की समस्या को LPP के रूप में सूत्रबद्ध करने के लिए, हमें निम्नलिखित चरणों का पालन करना होता है:

  1. निर्णय चरों की पहचान करें: उन मात्राओं को पहचानें जिन्हें निर्धारित किया जाना है।
  2. उद्देश्य फलन को परिभाषित करें: समस्या के उद्देश्य (अधिकतम लाभ, न्यूनतम लागत) को निर्णय चरों के रैखिक फलन के रूप में व्यक्त करें।
  3. प्रतिबंधों को सूत्रबद्ध करें: सभी सीमाओं और शर्तों को निर्णय चरों के रैखिक असमिकाओं के रूप में लिखें।
  4. अऋणात्मक प्रतिबंधों को जोड़ें: सुनिश्चित करें कि सभी निर्णय चर $\ge 0$ हों।

उदाहरण: एक निर्माता दो प्रकार के उत्पाद A और B बनाता है। उत्पाद A को बनाने में 3 घंटे और उत्पाद B को बनाने में 2 घंटे लगते हैं। कुल उपलब्ध समय 120 घंटे है। उत्पाद A पर ₹50 का लाभ और उत्पाद B पर ₹40 का लाभ होता है। निर्माता प्रतिदिन अधिकतम 30 उत्पाद A और अधिकतम 40 उत्पाद B बना सकता है। अधिकतम लाभ के लिए प्रत्येक उत्पाद की कितनी इकाइयाँ बनानी चाहिए?

  • निर्णय चर:
    • $x$: उत्पाद A की इकाइयों की संख्या
    • $y$: उत्पाद B की इकाइयों की संख्या
  • उद्देश्य फलन (अधिकतम करें):
    • $Z = 50x + 40y$ (कुल लाभ)
  • प्रतिबंध:
    • समय प्रतिबंध: $3x + 2y \le 120$
    • उत्पाद A की सीमा: $x \le 30$
    • उत्पाद B की सीमा: $y \le 40$
  • अऋणात्मक प्रतिबंध:
    • $x \ge 0, y \ge 0$

IV. रैखिक प्रोग्रामन समस्या का आलेखीय हल (Graphical Method of Solving LPP)

यह विधि केवल दो निर्णय चरों ($x$ और $y$) वाली समस्याओं के लिए उपयुक्त है।

हल करने के चरण:

  1. प्रतिबंधों को समीकरणों में बदलें: प्रत्येक असमिका को एक समीकरण में बदलकर संगत रेखाएँ खींचें।
    उदाहरण: $3x + 2y \le 120$ को $3x + 2y = 120$ में बदलें।

    • रेखा खींचने के लिए, $x=0$ पर $y$ और $y=0$ पर $x$ का मान ज्ञात करें।
      • $3x + 2y = 120 \Rightarrow (0, 60)$ और $(40, 0)$
      • $x = 30 \Rightarrow (30, y)$ यह Y-अक्ष के समानांतर एक ऊर्ध्वाधर रेखा है।
      • $y = 40 \Rightarrow (x, 40)$ यह X-अक्ष के समानांतर एक क्षैतिज रेखा है।
  2. संभाव्य क्षेत्र का निर्धारण (Determination of Feasible Region):

    • प्रत्येक असमिका के लिए, यह निर्धारित करें कि उसका हल क्षेत्र मूल बिंदु (0,0) की ओर है या उससे दूर।
      • यदि असमिका $Ax + By \le C$ है और $(0,0)$ इसे संतुष्ट करता है, तो हल क्षेत्र मूल बिंदु की ओर होगा।
      • यदि असमिका $Ax + By \ge C$ है और $(0,0)$ इसे संतुष्ट नहीं करता है, तो हल क्षेत्र मूल बिंदु से दूर होगा।
    • सभी प्रतिबंधों (असमिकाओं) और अऋणात्मक प्रतिबंधों ($x \ge 0, y \ge 0$) द्वारा परिभाषित उभयनिष्ठ क्षेत्र को संभाव्य क्षेत्र (Feasible Region) कहा जाता है।
    • संभाव्य क्षेत्र हमेशा एक उत्तल बहुभुज (Convex Polygon) होता है।
    • संभाव्य हल (Feasible Solution): संभाव्य क्षेत्र में स्थित कोई भी बिंदु एक संभाव्य हल कहलाता है।
    • इष्टतम हल (Optimal Solution): संभाव्य क्षेत्र में स्थित वह संभाव्य हल जो उद्देश्य फलन को अधिकतम या न्यूनतम करता है, इष्टतम हल कहलाता है।
  3. कोणीय बिंदु विधि (Corner Point Method):

    • प्रमेय 1: यदि एक LPP का इष्टतम हल (अधिकतम या न्यूनतम) मौजूद है, तो वह संभाव्य क्षेत्र के किसी एक कोणीय बिंदु (शीर्ष) पर होता है।
    • प्रमेय 2: यदि संभाव्य क्षेत्र के दो कोणीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन का अधिकतम या न्यूनतम मान समान है, तो इन दोनों बिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड पर स्थित प्रत्येक बिंदु भी इष्टतम हल होता है।

    चरण:

    • संभाव्य क्षेत्र के सभी कोणीय बिंदुओं (शीर्षों) को ज्ञात करें। ये बिंदु प्रतिबंधों को दर्शाने वाली रेखाओं के प्रतिच्छेदन बिंदु होते हैं।
    • प्रत्येक कोणीय बिंदु पर उद्देश्य फलन $Z$ का मान ज्ञात करें।
    • अधिकतमकरण समस्या के लिए: $Z$ का सबसे बड़ा मान इष्टतम हल देता है।
    • न्यूनतमकरण समस्या के लिए: $Z$ का सबसे छोटा मान इष्टतम हल देता है।

V. संभाव्य क्षेत्र के प्रकार (Types of Feasible Region)

  1. परिबद्ध संभाव्य क्षेत्र (Bounded Feasible Region):

    • यह एक ऐसा क्षेत्र होता है जो सभी तरफ से घिरा होता है।
    • इस स्थिति में, उद्देश्य फलन का अधिकतम और न्यूनतम दोनों मान हमेशा मौजूद होते हैं और कोणीय बिंदुओं पर प्राप्त होते हैं।
  2. अपरिबद्ध संभाव्य क्षेत्र (Unbounded Feasible Region):

    • यह एक ऐसा क्षेत्र होता है जो एक या अधिक दिशाओं में असीमित होता है।
    • इस स्थिति में, उद्देश्य फलन का अधिकतम या न्यूनतम मान मौजूद हो भी सकता है और नहीं भी।
    • जाँच विधि:
      • अधिकतमकरण समस्या के लिए: यदि कोणीय बिंदु विधि से प्राप्त अधिकतम मान $M$ है, तो असमिका $ax + by > M$ का ग्राफ बनाएँ। यदि इस असमिका द्वारा परिभाषित खुला अर्ध-तल (open half-plane) संभाव्य क्षेत्र के साथ कोई उभयनिष्ठ बिंदु नहीं रखता है, तो $M$ ही अधिकतम मान है। अन्यथा, समस्या का कोई अधिकतम मान नहीं है।
      • न्यूनतमकरण समस्या के लिए: यदि कोणीय बिंदु विधि से प्राप्त न्यूनतम मान $m$ है, तो असमिका $ax + by < m$ का ग्राफ बनाएँ। यदि इस असमिका द्वारा परिभाषित खुला अर्ध-तल संभाव्य क्षेत्र के साथ कोई उभयनिष्ठ बिंदु नहीं रखता है, तो $m$ ही न्यूनतम मान है। अन्यथा, समस्या का कोई न्यूनतम मान नहीं है।

VI. रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं के विभिन्न प्रकार (Different Types of LPPs)

  1. निर्माण समस्याएँ (Manufacturing Problems): उत्पादों के उत्पादन की मात्रा को निर्धारित करना ताकि लाभ अधिकतम हो या लागत न्यूनतम हो, उपलब्ध संसाधनों (श्रम, मशीन समय, कच्चा माल) के प्रतिबंधों के तहत।
  2. आहार समस्याएँ (Diet Problems): विभिन्न खाद्य पदार्थों की मात्रा को निर्धारित करना ताकि आवश्यक पोषक तत्व न्यूनतम लागत पर प्राप्त हो सकें।
  3. परिवहन समस्याएँ (Transportation Problems): विभिन्न स्रोतों से विभिन्न गंतव्यों तक वस्तुओं के परिवहन की लागत को न्यूनतम करना।

VII. महत्वपूर्ण शब्दावली (Important Terminology)

  • उद्देश्य फलन (Objective Function): वह रैखिक फलन जिसे इष्टतम करना है।
  • इष्टतमकरण (Optimization): उद्देश्य फलन के अधिकतम या न्यूनतम मान को खोजना।
  • संभाव्य क्षेत्र (Feasible Region): सभी प्रतिबंधों को संतुष्ट करने वाले बिंदुओं का समुच्चय।
  • संभाव्य हल (Feasible Solution): संभाव्य क्षेत्र में स्थित कोई भी बिंदु।
  • इष्टतम हल (Optimal Solution): संभाव्य क्षेत्र में स्थित वह संभाव्य हल जो उद्देश्य फलन को इष्टतम करता है।
  • असंभाव्य क्षेत्र (Infeasible Region): जब कोई भी बिंदु सभी प्रतिबंधों को एक साथ संतुष्ट नहीं करता है, तो संभाव्य क्षेत्र खाली होता है और समस्या का कोई हल नहीं होता।
  • अपरिबद्ध हल (Unbounded Solution): जब उद्देश्य फलन का मान संभाव्य क्षेत्र में असीमित रूप से बढ़ या घट सकता है (केवल अपरिबद्ध संभाव्य क्षेत्र के लिए)।

10 बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

निर्देश: प्रत्येक प्रश्न के लिए सही विकल्प का चयन करें।

  1. एक रैखिक प्रोग्रामन समस्या में, उद्देश्य फलन हमेशा होता है:
    (a) द्विघात (Quadratic)
    (b) रैखिक (Linear)
    (c) घातीय (Exponential)
    (d) लघुगणकीय (Logarithmic)

  2. रैखिक प्रोग्रामन समस्या का संभाव्य क्षेत्र हमेशा होता है:
    (a) एक वृत्त (A circle)
    (b) एक त्रिभुज (A triangle)
    (c) एक उत्तल बहुभुज (A convex polygon)
    (d) एक परवलय (A parabola)

  3. यदि एक LPP का इष्टतम हल मौजूद है, तो वह संभाव्य क्षेत्र के किस बिंदु पर होता है?
    (a) केंद्र (Centre)
    (b) मध्य बिंदु (Mid-point)
    (c) कोणीय बिंदु (Corner point)
    (d) किसी भी बिंदु पर (At any point)

  4. अऋणात्मक प्रतिबंधों का अर्थ है कि निर्णय चर:
    (a) केवल धनात्मक मान ले सकते हैं
    (b) केवल ऋणात्मक मान ले सकते हैं
    (c) शून्य या धनात्मक मान ले सकते हैं
    (d) शून्य या ऋणात्मक मान ले सकते हैं

  5. एक रैखिक प्रोग्रामन समस्या के आलेखीय हल के लिए कितने निर्णय चर होने चाहिए?
    (a) एक (One)
    (b) दो (Two)
    (c) तीन (Three)
    (d) कितने भी (Any number)

  6. यदि संभाव्य क्षेत्र अपरिबद्ध है, तो उद्देश्य फलन का अधिकतम मान:
    (a) हमेशा मौजूद होता है
    (b) कभी मौजूद नहीं होता है
    (c) मौजूद हो भी सकता है और नहीं भी
    (d) हमेशा शून्य होता है

  7. निम्नलिखित में से कौन LPP का एक घटक नहीं है?
    (a) उद्देश्य फलन (Objective function)
    (b) प्रतिबंध (Constraints)
    (c) अऋणात्मक प्रतिबंध (Non-negativity restrictions)
    (d) द्विघात समीकरण (Quadratic equation)

  8. एक आहार समस्या में, मुख्य उद्देश्य आमतौर पर होता है:
    (a) लाभ को अधिकतम करना
    (b) लागत को न्यूनतम करना
    (c) उत्पादन को अधिकतम करना
    (d) समय को न्यूनतम करना

  9. यदि किसी LPP में कोई संभाव्य क्षेत्र नहीं है, तो इसका अर्थ है कि:
    (a) समस्या का अद्वितीय हल है
    (b) समस्या का कोई हल नहीं है
    (c) समस्या के अनंत हल हैं
    (d) उद्देश्य फलन का मान शून्य है

  10. $Z = 3x + 4y$ को अधिकतम करें, प्रतिबंध $x+y \le 4$, $x \ge 0, y \ge 0$ के तहत। कोणीय बिंदु $(0,0), (4,0), (0,4)$ पर $Z$ के मान क्या होंगे?
    (a) $0, 12, 16$
    (b) $0, 16, 12$
    (c) $12, 0, 16$
    (d) $16, 12, 0$


उत्तर कुंजी (Answer Key):

  1. (b)
  2. (c)
  3. (c)
  4. (c)
  5. (b)
  6. (c)
  7. (d)
  8. (b)
  9. (b)
  10. (a)

आशा है कि यह विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको 'रैखिक प्रोग्रामन' अध्याय की गहन समझ प्रदान करेंगे और आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध होंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें और किसी भी संदेह के लिए पूछने में संकोच न करें।

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