Class 12 Physics Notes Chapter 13 (Chapter 13) – Examplar Problems (Hindi) Book

Examplar Problems (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम भौतिकी के अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय 'नाभिक' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय विभिन्न सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं, चाहे वे परिभाषाएँ हों, सूत्र हों, या अवधारणा-आधारित प्रश्न हों। हम इस अध्याय के प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु को गहराई से समझेंगे ताकि आपकी तैयारी पुख्ता हो सके।


अध्याय 13: नाभिक (Nuclei)

1. नाभिक की संरचना (Structure of Nucleus)

  • नाभिक: परमाणु का केंद्रीय, सघन और धनावेशित भाग जिसमें परमाणु का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान केंद्रित होता है।
  • नाभिकीय घटक (Nucleons): नाभिक प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है। इन कणों को सामूहिक रूप से न्यूक्लिऑन कहते हैं।
    • प्रोटॉन (Proton): धनावेशित कण (आवेश = +1.6 × 10⁻¹⁹ C), द्रव्यमान ≈ 1.00727 u.
    • न्यूट्रॉन (Neutron): अनावेशित (उदासीन) कण, द्रव्यमान ≈ 1.00866 u.
  • परमाणु क्रमांक (Atomic Number, Z): नाभिक में प्रोटॉनों की संख्या। यह तत्व की पहचान निर्धारित करता है।
  • न्यूट्रॉन संख्या (Neutron Number, N): नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या।
  • द्रव्यमान संख्या (Mass Number, A): नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या (A = Z + N)।
  • तत्व का प्रतीक: किसी तत्व को सामान्यतः $\text{}_{Z}^{A}\text{X}$ द्वारा दर्शाया जाता है, जहाँ X तत्व का प्रतीक है।

नाभिक का आकार (Size of Nucleus):

  • नाभिक का आयतन उसकी द्रव्यमान संख्या (A) के अनुक्रमानुपाती होता है।
    • V $\propto$ A $\implies$ $\frac{4}{3}\pi R^3 \propto A \implies R \propto A^{1/3}$
  • नाभिक की त्रिज्या (R) को सूत्र $R = R_0 A^{1/3}$ द्वारा दिया जाता है, जहाँ $R_0$ एक नियतांक है जिसका मान लगभग $1.2 \times 10^{-15}$ m (या 1.2 फर्मी, fm) होता है।
  • नाभिक का घनत्व बहुत अधिक होता है (लगभग $2.3 \times 10^{17}$ kg/m³), जो सभी नाभिकों के लिए लगभग समान होता है।

नाभिकीय वर्गीकरण (Classification of Nuclei):

  • समस्थानिक (Isotopes): समान परमाणु क्रमांक (Z) लेकिन भिन्न द्रव्यमान संख्या (A) वाले नाभिक। रासायनिक गुण समान होते हैं।
    • उदाहरण: $\text{}{1}^{1}\text{H}$, $\text{}{1}^{2}\text{H}$ (ड्यूटेरियम), $\text{}_{1}^{3}\text{H}$ (ट्राइटियम)।
  • समभारिक (Isobars): समान द्रव्यमान संख्या (A) लेकिन भिन्न परमाणु क्रमांक (Z) वाले नाभिक। रासायनिक गुण भिन्न होते हैं।
    • उदाहरण: $\text{}{1}^{3}\text{H}$ और $\text{}{2}^{3}\text{He}$।
  • समन्यूट्रॉनिक (Isotones): समान न्यूट्रॉन संख्या (N) लेकिन भिन्न परमाणु क्रमांक (Z) और द्रव्यमान संख्या (A) वाले नाभिक।
    • उदाहरण: $\text{}{1}^{3}\text{H}$ (N=2) और $\text{}{2}^{4}\text{He}$ (N=2)।

2. नाभिक का द्रव्यमान और बंधन ऊर्जा (Nuclear Mass and Binding Energy)

  • परमाणु द्रव्यमान मात्रक (Atomic Mass Unit, amu या u): कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के 1/12वें भाग को 1 amu कहते हैं।
    • 1 u = $1.6605 \times 10^{-27}$ kg
    • ऊर्जा के रूप में: 1 u = 931.5 MeV/c² (आइंस्टीन के द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध E=mc² से)
  • द्रव्यमान क्षति (Mass Defect, Δm): किसी नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान उसके घटक न्यूक्लिऑनों (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन) के कुल द्रव्यमान से थोड़ा कम होता है। इस द्रव्यमान के अंतर को द्रव्यमान क्षति कहते हैं।
    • $\Delta m = [Z m_p + (A-Z) m_n] - M(A,Z)$
      • जहाँ $m_p$ प्रोटॉन का द्रव्यमान, $m_n$ न्यूट्रॉन का द्रव्यमान, और $M(A,Z)$ नाभिक का वास्तविक द्रव्यमान है।
  • बंधन ऊर्जा (Binding Energy, EB): वह न्यूनतम ऊर्जा जो नाभिक के न्यूक्लिऑनों को अलग-अलग करने के लिए आवश्यक होती है, या वह ऊर्जा जो न्यूक्लिऑनों के मिलकर नाभिक बनाने पर मुक्त होती है।
    • $E_B = \Delta m \cdot c^2$
  • प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा (Binding Energy per Nucleon, $E_{bn}$): नाभिक की कुल बंधन ऊर्जा को उसकी द्रव्यमान संख्या (A) से विभाजित करने पर प्राप्त ऊर्जा।
    • $E_{bn} = \frac{E_B}{A}$
    • यह नाभिक के स्थायित्व का माप है। जिस नाभिक की प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा अधिक होती है, वह अधिक स्थायी होता है।
  • प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा वक्र:
    • यह वक्र द्रव्यमान संख्या (A) के साथ प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा में परिवर्तन को दर्शाता है।
    • हल्के नाभिकों (A < 30) के लिए $E_{bn}$ कम होती है और A बढ़ने पर बढ़ती है।
    • मध्यम द्रव्यमान संख्या वाले नाभिकों (A = 30 से 170) के लिए $E_{bn}$ अधिकतम होती है (लगभग 8.5 MeV), जो इनके उच्च स्थायित्व को दर्शाती है। आयरन (Fe-56) के लिए $E_{bn}$ अधिकतम (लगभग 8.79 MeV) होती है, इसलिए यह सबसे स्थायी नाभिक है।
    • भारी नाभिकों (A > 170) के लिए $E_{bn}$ धीरे-धीरे कम होती जाती है (लगभग 7.6 MeV), जो इनके कम स्थायित्व को दर्शाती है।

3. नाभिकीय बल (Nuclear Force)

  • नाभिकीय बल वे बल हैं जो न्यूक्लिऑनों को नाभिक के भीतर एक साथ बांधे रखते हैं।
  • विशेषताएँ:
    1. प्रबलतम बल: प्रकृति में ज्ञात सभी बलों में सबसे प्रबल बल। गुरुत्वाकर्षण बल से $10^{38}$ गुना और विद्युत-चुंबकीय बल से लगभग 100 गुना अधिक प्रबल।
    2. लघु परास बल (Short Range Force): ये बल केवल बहुत कम दूरी (लगभग 2-3 fm) तक ही प्रभावी होते हैं। इस दूरी से अधिक होने पर ये लगभग शून्य हो जाते हैं।
    3. आवेश स्वतंत्र (Charge Independent): नाभिकीय बल प्रोटॉन-प्रोटॉन, न्यूट्रॉन-न्यूट्रॉन और प्रोटॉन-न्यूट्रॉन के बीच लगभग समान होते हैं।
    4. संतृप्ति गुण (Saturation Property): प्रत्येक न्यूक्लिऑन केवल अपने निकटतम पड़ोसी न्यूक्लिऑनों के साथ ही नाभिकीय बल का अनुभव करता है, सभी न्यूक्लिऑनों के साथ नहीं।
    5. स्पिन पर निर्भरता (Spin Dependent): नाभिकीय बल न्यूक्लिऑनों के स्पिन (चक्रण) पर निर्भर करते हैं।
    6. अकेंद्रीय बल (Non-central Force): ये बल केंद्रीय बल नहीं होते हैं।
    7. विनिमय बल (Exchange Force): नाभिकीय बल मेसॉन कणों (पाई-मेसॉन) के विनिमय के कारण उत्पन्न होते हैं (युकावा का सिद्धांत)।

4. रेडियोएक्टिवता (Radioactivity)

  • परिचय: कुछ अस्थिर नाभिक स्वतः ही विभिन्न कणों (α, β) और ऊर्जा (γ-किरणों) का उत्सर्जन करके अधिक स्थायी नाभिकों में परिवर्तित होते रहते हैं। इस घटना को रेडियोएक्टिवता कहते हैं।
    • खोज: हेनरी बेकरेल (1896) ने यूरेनियम में।
    • मैडम क्यूरी और पियरे क्यूरी ने रेडियम और पोलोनियम जैसे अन्य रेडियोएक्टिव तत्वों की खोज की।
  • रेडियोएक्टिव क्षय के नियम (Laws of Radioactive Decay):
    • किसी भी क्षण रेडियोएक्टिव परमाणुओं के क्षय होने की दर उस क्षण उपस्थित अविघटित परमाणुओं की संख्या (N) के अनुक्रमानुपाती होती है।
    • $-\frac{dN}{dt} \propto N \implies -\frac{dN}{dt} = \lambda N$
      • जहाँ $\lambda$ क्षय स्थिरांक (Decay Constant) है।
    • क्षय समीकरण: $N(t) = N_0 e^{-\lambda t}$
      • जहाँ $N_0$ प्रारंभिक परमाणुओं की संख्या और $N(t)$ समय t पर अविघटित परमाणुओं की संख्या है।
  • क्षय स्थिरांक (Decay Constant, $\lambda$): यह किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ के प्रति इकाई समय में क्षय होने वाले परमाणुओं के अंश को दर्शाता है। इसकी इकाई प्रति सेकंड (s⁻¹) होती है।
  • अर्ध-आयु (Half-life, T½): वह समय जिसमें किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ के परमाणुओं की संख्या अपनी प्रारंभिक संख्या की आधी रह जाती है।
    • $T_{1/2} = \frac{\ln 2}{\lambda} = \frac{0.693}{\lambda}$
  • माध्य-आयु (Mean Life, $\tau$): किसी रेडियोएक्टिव पदार्थ के सभी परमाणुओं की औसत आयु।
    • $\tau = \frac{1}{\lambda}$
    • $T_{1/2} = 0.693 \tau$
  • रेडियोएक्टिवता की इकाई (Units of Radioactivity):
    • बेकरेल (Becquerel, Bq): SI इकाई। 1 Bq = 1 क्षय प्रति सेकंड (dps)।
    • क्यूरी (Curie, Ci): पुरानी इकाई। 1 Ci = $3.7 \times 10^{10}$ Bq (या $3.7 \times 10^{10}$ dps)।
    • रदरफोर्ड (Rutherford, Rd): 1 Rd = $10^6$ Bq (या $10^6$ dps)।

रेडियोएक्टिव क्षय के प्रकार (Types of Radioactive Decay):

  1. $\alpha$-क्षय (Alpha Decay):
    • भारी नाभिकों से एक $\alpha$-कण (हीलियम नाभिक, $\text{}_{2}^{4}\text{He}$) का उत्सर्जन।
    • परमाणु क्रमांक (Z) में 2 की कमी और द्रव्यमान संख्या (A) में 4 की कमी होती है।
    • समीकरण: $\text{}{Z}^{A}\text{X} \rightarrow \text{}{Z-2}^{A-4}\text{Y} + \text{}_{2}^{4}\text{He} + Q$ (ऊर्जा)
    • उत्सर्जित $\alpha$-कणों की ऊर्जा असतत (discrete) होती है।
  2. $\beta$-क्षय (Beta Decay):
    • $\beta^-$-क्षय: नाभिक में एक न्यूट्रॉन, प्रोटॉन, इलेक्ट्रॉन ($\beta^-$ कण) और एक एंटीन्यूट्रिनो ($\bar{\nu}$) में परिवर्तित होता है।
      • $n \rightarrow p + e^- + \bar{\nu}$
      • परमाणु क्रमांक (Z) में 1 की वृद्धि होती है, द्रव्यमान संख्या (A) अपरिवर्तित रहती है।
      • समीकरण: $\text{}{Z}^{A}\text{X} \rightarrow \text{}{Z+1}^{A}\text{Y} + e^- + \bar{\nu} + Q$
    • $\beta^+$-क्षय (पॉज़िट्रॉन उत्सर्जन): नाभिक में एक प्रोटॉन, न्यूट्रॉन, पॉज़िट्रॉन ($\beta^+$ कण) और एक न्यूट्रिनो ($\nu$) में परिवर्तित होता है।
      • $p \rightarrow n + e^+ + \nu$
      • परमाणु क्रमांक (Z) में 1 की कमी होती है, द्रव्यमान संख्या (A) अपरिवर्तित रहती है।
      • समीकरण: $\text{}{Z}^{A}\text{X} \rightarrow \text{}{Z-1}^{A}\text{Y} + e^+ + \nu + Q$
    • $\beta$-क्षय में उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन/पॉज़िट्रॉन की ऊर्जा सतत (continuous) होती है, क्योंकि ऊर्जा का एक हिस्सा न्यूट्रिनो/एंटीन्यूट्रिनो द्वारा ले जाया जाता है।
  3. $\gamma$-क्षय (Gamma Decay):
    • जब नाभिक $\alpha$ या $\beta$ क्षय के बाद उत्तेजित अवस्था में होता है, तो वह अतिरिक्त ऊर्जा को $\gamma$-किरणों (उच्च ऊर्जा फोटॉन) के रूप में उत्सर्जित करके निम्न ऊर्जा अवस्था में आता है।
    • $\gamma$-क्षय में परमाणु क्रमांक (Z) और द्रव्यमान संख्या (A) में कोई परिवर्तन नहीं होता है। यह केवल नाभिक की ऊर्जा अवस्था में परिवर्तन होता है।
    • समीकरण: $\text{}{Z}{A}\text{X}* \rightarrow \text{}{Z}^{A}\text{X} + \gamma$ (जहाँ * उत्तेजित अवस्था को दर्शाता है)

5. नाभिकीय ऊर्जा (Nuclear Energy)

  • नाभिकीय विखंडन (Nuclear Fission):
    • वह प्रक्रिया जिसमें एक भारी नाभिक (जैसे यूरेनियम-235) एक न्यूट्रॉन द्वारा बमबारी करने पर दो या अधिक हल्के नाभिकों में टूट जाता है, साथ ही बड़ी मात्रा में ऊर्जा और कुछ न्यूट्रॉन मुक्त होते हैं।
    • उदाहरण: $\text{}{92}^{235}\text{U} + \text{}{0}^{1}\text{n} \rightarrow \text{}{56}^{141}\text{Ba} + \text{}{36}^{92}\text{Kr} + 3\text{}_{0}^{1}\text{n} + \text{ऊर्जा}$
    • श्रृंखला अभिक्रिया (Chain Reaction): विखंडन में मुक्त हुए न्यूट्रॉन अन्य यूरेनियम नाभिकों का विखंडन करते हैं, जिससे यह प्रक्रिया जारी रहती है।
      • अनियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया: परमाणु बम में उपयोग होती है, जहाँ ऊर्जा अचानक और अत्यधिक मात्रा में मुक्त होती है।
      • नियंत्रित श्रृंखला अभिक्रिया: नाभिकीय रिएक्टरों में उपयोग होती है, जहाँ ऊर्जा को नियंत्रित दर पर उत्पन्न किया जाता है।
    • नाभिकीय रिएक्टर के घटक:
      • ईंधन (Fuel): यूरेनियम-235, प्लूटोनियम-239।
      • मंदक (Moderator): तीव्र न्यूट्रॉनों को धीमा करने के लिए (जैसे भारी जल D₂O, ग्रेफाइट)।
      • नियंत्रक छड़ें (Control Rods): न्यूट्रॉनों को अवशोषित करके श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए (जैसे कैडमियम, बोरॉन)।
      • शीतलक (Coolant): उत्पन्न ऊष्मा को बाहर निकालने के लिए (जैसे जल, तरल सोडियम)।
      • परिरक्षक (Shielding): हानिकारक विकिरण से बचाव के लिए।
  • नाभिकीय संलयन (Nuclear Fusion):
    • वह प्रक्रिया जिसमें दो या अधिक हल्के नाभिक मिलकर एक भारी नाभिक बनाते हैं, साथ ही अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है।
    • यह प्रक्रिया सूर्य और तारों में ऊर्जा का स्रोत है। इसके लिए अत्यधिक उच्च तापमान (लगभग $10^7$ K) और दाब की आवश्यकता होती है।
    • उदाहरण: $\text{}{1}^{2}\text{H} + \text{}{1}^{3}\text{H} \rightarrow \text{}{2}^{4}\text{He} + \text{}{0}^{1}\text{n} + \text{ऊर्जा}$
    • सूर्य में ऊर्जा: प्रोटॉन-प्रोटॉन चक्र द्वारा हाइड्रोजन नाभिकों का संलयन होकर हीलियम नाभिक बनते हैं।
    • हाइड्रोजन बम: अनियंत्रित नाभिकीय संलयन पर आधारित है।

महत्वपूर्ण सूत्र सारांश (Summary of Important Formulas)

  1. नाभिक की त्रिज्या: $R = R_0 A^{1/3}$ (जहाँ $R_0 \approx 1.2$ fm)
  2. द्रव्यमान क्षति: $\Delta m = [Z m_p + (A-Z) m_n] - M(A,Z)$
  3. बंधन ऊर्जा: $E_B = \Delta m \cdot c^2$
  4. प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा: $E_{bn} = \frac{E_B}{A}$
  5. रेडियोएक्टिव क्षय नियम: $N(t) = N_0 e^{-\lambda t}$
  6. अर्ध-आयु: $T_{1/2} = \frac{\ln 2}{\lambda} = \frac{0.693}{\lambda}$
  7. माध्य-आयु: $\tau = \frac{1}{\lambda}$
  8. रेडियोएक्टिवता की इकाई:
    • 1 Bq = 1 dps
    • 1 Ci = $3.7 \times 10^{10}$ Bq
    • 1 Rd = $10^6$ Bq

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

  1. नाभिक की त्रिज्या (R) और द्रव्यमान संख्या (A) के बीच क्या संबंध है?
    a) $R \propto A$
    b) $R \propto A^{1/2}$
    c) $R \propto A^{1/3}$
    d) $R \propto A^2$

  2. 1 परमाणु द्रव्यमान मात्रक (amu) किसके तुल्य है?
    a) 931.5 eV
    b) 931.5 keV
    c) 931.5 MeV
    d) 931.5 GeV

  3. समस्थानिकों में क्या समान होता है?
    a) द्रव्यमान संख्या (A)
    b) न्यूट्रॉन संख्या (N)
    c) परमाणु क्रमांक (Z)
    d) न्यूक्लिऑन संख्या (A)

  4. निम्न में से कौन सा बल प्रकृति में सबसे प्रबल है?
    a) गुरुत्वाकर्षण बल
    b) विद्युत-चुंबकीय बल
    c) नाभिकीय बल
    d) दुर्बल नाभिकीय बल

  5. एक रेडियोएक्टिव पदार्थ की अर्ध-आयु 10 दिन है। 40 दिनों के बाद, पदार्थ का कितना अंश शेष रहेगा?
    a) 1/2
    b) 1/4
    c) 1/8
    d) 1/16

  6. $\beta^-$-क्षय में, नाभिक में क्या परिवर्तन होता है?
    a) Z में 1 की वृद्धि, A अपरिवर्तित
    b) Z में 1 की कमी, A अपरिवर्तित
    c) Z में 2 की कमी, A में 4 की कमी
    d) Z और A दोनों अपरिवर्तित

  7. नाभिकीय रिएक्टर में मंदक का क्या कार्य है?
    a) न्यूट्रॉनों को अवशोषित करना
    b) न्यूट्रॉनों को धीमा करना
    c) ऊर्जा उत्पन्न करना
    d) रिएक्टर को ठंडा करना

  8. सूर्य में ऊर्जा का मुख्य स्रोत क्या है?
    a) नाभिकीय विखंडन
    b) नाभिकीय संलयन
    c) रेडियोएक्टिव क्षय
    d) रासायनिक अभिक्रियाएँ

  9. प्रति न्यूक्लिऑन बंधन ऊर्जा वक्र में, किस नाभिक के लिए बंधन ऊर्जा अधिकतम होती है?
    a) हाइड्रोजन (H)
    b) हीलियम (He)
    c) आयरन (Fe)
    d) यूरेनियम (U)

  10. रेडियोएक्टिवता की SI इकाई क्या है?
    a) क्यूरी
    b) रदरफोर्ड
    c) बेकरेल
    d) फर्मी


उत्तरमाला:

  1. c) $R \propto A^{1/3}$
  2. c) 931.5 MeV
  3. c) परमाणु क्रमांक (Z)
  4. c) नाभिकीय बल
  5. d) 1/16 (40 दिन = 4 अर्ध-आयु; $(1/2)^4 = 1/16$)
  6. a) Z में 1 की वृद्धि, A अपरिवर्तित
  7. b) न्यूट्रॉनों को धीमा करना
  8. b) नाभिकीय संलयन
  9. c) आयरन (Fe)
  10. c) बेकरेल

मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको अध्याय 'नाभिक' की गहन समझ प्रदान करेंगे और आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। शुभकामनाएँ!

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By NCERT Books