Class 12 Physics Notes Chapter 3 (Chapter 3) – Examplar Problems (Hindi) Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 3 'विद्युत धारा' के विस्तृत नोट्स पर चर्चा करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन नोट्स में अध्याय के सभी प्रमुख अवधारणाओं, सूत्रों और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
अध्याय 3: विद्युत धारा (Current Electricity)
1. विद्युत धारा (Electric Current)
- परिभाषा: किसी चालक में आवेश प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं।
- सूत्र: $I = \frac{dQ}{dt}$
- यदि आवेश $Q$, $t$ समय में प्रवाहित होता है, तो औसत धारा $I_{avg} = \frac{\Delta Q}{\Delta t}$।
- SI मात्रक: एम्पीयर (Ampere, A)। $1 \text{A} = 1 \text{C/s}$।
- दिशा: परम्परागत रूप से, विद्युत धारा की दिशा धनावेश के प्रवाह की दिशा (या इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की विपरीत दिशा) में मानी जाती है।
- प्रकृति: विद्युत धारा एक अदिश राशि है, क्योंकि यह सदिश योग के नियमों का पालन नहीं करती है।
2. धारा घनत्व (Current Density, $\vec{J}$)
- परिभाषा: किसी चालक के अनुप्रस्थ काट के प्रति एकांक क्षेत्रफल से अभिलंबवत प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा को धारा घनत्व कहते हैं।
- सूत्र: $\vec{J} = \frac{I}{A} \hat{n}$ या $I = \vec{J} \cdot \vec{A}$
- जहाँ $I$ धारा, $A$ अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल और $\hat{n}$ क्षेत्रफल के अभिलंबवत एकांक सदिश है।
- SI मात्रक: एम्पीयर प्रति वर्ग मीटर ($\text{A/m}^2$)।
- प्रकृति: धारा घनत्व एक सदिश राशि है, जिसकी दिशा धनावेश के प्रवाह की दिशा में होती है।
3. अपवाह वेग (Drift Velocity, $v_d$)
- परिभाषा: जब किसी चालक के सिरों पर विभवांतर लगाया जाता है, तो मुक्त इलेक्ट्रॉन विद्युत क्षेत्र के विपरीत दिशा में एक औसत नियत वेग से गति करते हैं, जिसे अपवाह वेग कहते हैं।
- सूत्र: $v_d = \frac{eE\tau}{m}$
- जहाँ $e$ इलेक्ट्रॉन पर आवेश, $E$ विद्युत क्षेत्र, $\tau$ श्रांतिकाल (दो क्रमागत टक्करों के बीच का औसत समय), $m$ इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान।
- धारा और अपवाह वेग में संबंध: $I = n e A v_d$
- जहाँ $n$ प्रति एकांक आयतन में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या, $A$ अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल।
4. ओम का नियम (Ohm's Law)
- कथन: यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएँ (जैसे ताप, दाब आदि) अपरिवर्तित रहें, तो उसके सिरों पर लगाया गया विभवांतर (V) उसमें प्रवाहित धारा (I) के अनुक्रमानुपाती होता है।
- सूत्र: $V \propto I \Rightarrow V = IR$
- जहाँ $R$ एक नियतांक है, जिसे चालक का प्रतिरोध कहते हैं।
- ओम के नियम का सदिश रूप: $\vec{J} = \sigma \vec{E}$ या $\vec{E} = \rho \vec{J}$
- जहाँ $\sigma$ चालकता और $\rho$ प्रतिरोधकता है।
5. प्रतिरोध (Resistance, R)
- परिभाषा: यह चालक का वह गुण है जो उसमें विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है।
- SI मात्रक: ओम (Ohm, $\Omega$)।
- निर्भरता:
- लंबाई (L): $R \propto L$
- अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A): $R \propto \frac{1}{A}$
- पदार्थ की प्रकृति: प्रत्येक पदार्थ का अपना विशिष्ट प्रतिरोध होता है।
- तापमान: धातुओं का प्रतिरोध तापमान बढ़ने पर बढ़ता है, जबकि अर्धचालकों और विद्युत-अपघट्यों का घटता है।
- सूत्र: $R = \rho \frac{L}{A}$
- जहाँ $\rho$ पदार्थ की प्रतिरोधकता है।
6. प्रतिरोधकता (Resistivity, $\rho$) और चालकता (Conductivity, $\sigma$)
- प्रतिरोधकता ($\rho$):
- परिभाषा: प्रति एकांक लंबाई और प्रति एकांक अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले चालक के प्रतिरोध को प्रतिरोधकता कहते हैं। यह पदार्थ का आंतरिक गुण है।
- सूत्र: $\rho = \frac{RA}{L}$
- SI मात्रक: ओम-मीटर ($\Omega \cdot m$)।
- निर्भरता: केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है, चालक के आकार पर नहीं।
- चालकता ($\sigma$):
- परिभाषा: प्रतिरोधकता के व्युत्क्रम को चालकता कहते हैं।
- सूत्र: $\sigma = \frac{1}{\rho}$
- SI मात्रक: सीमेंस प्रति मीटर ($\text{S/m}$) या $(\Omega \cdot m)^{-1}$।
7. तापमान पर प्रतिरोध की निर्भरता
- सूत्र: $R_t = R_0 [1 + \alpha (t - t_0)]$
- जहाँ $R_t$ तापमान $t$ पर प्रतिरोध, $R_0$ संदर्भ तापमान $t_0$ पर प्रतिरोध (अक्सर $0^\circ \text{C}$), और $\alpha$ ताप प्रतिरोध गुणांक है।
- ताप प्रतिरोध गुणांक ($\alpha$):
- परिभाषा: प्रति एकांक डिग्री सेल्सियस तापमान परिवर्तन पर प्रतिरोध में भिन्नात्मक परिवर्तन।
- SI मात्रक: प्रति डिग्री सेल्सियस ($^\circ \text{C}^{-1}$) या प्रति केल्विन ($\text{K}^{-1}$)।
- धातुओं के लिए $\alpha$ धनात्मक होता है, अर्धचालकों और विद्युत-अपघट्यों के लिए ऋणात्मक।
8. प्रतिरोधों का संयोजन (Combination of Resistors)
- श्रेणी क्रम संयोजन (Series Combination):
- तुल्य प्रतिरोध: $R_{eq} = R_1 + R_2 + R_3 + \dots$
- धारा प्रत्येक प्रतिरोध में समान रहती है।
- विभवांतर प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों पर भिन्न-भिन्न होता है।
- समानांतर क्रम संयोजन (Parallel Combination):
- तुल्य प्रतिरोध: $\frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3} + \dots$
- विभवांतर प्रत्येक प्रतिरोध के सिरों पर समान रहता है।
- धारा प्रत्येक प्रतिरोध में भिन्न-भिन्न होती है।
9. विद्युत ऊर्जा और शक्ति (Electric Energy and Power)
- विद्युत ऊर्जा (Electric Energy, W):
- सूत्र: $W = VIt = I^2Rt = \frac{V^2}{R}t$
- SI मात्रक: जूल (J)।
- व्यावसायिक मात्रक: किलोवाट-घंटा (kWh), $1 \text{kWh} = 3.6 \times 10^6 \text{J}$।
- विद्युत शक्ति (Electric Power, P):
- परिभाषा: विद्युत ऊर्जा के व्यय होने की दर।
- सूत्र: $P = VI = I^2R = \frac{V^2}{R}$
- SI मात्रक: वॉट (Watt, W)।
10. सेल का विद्युत वाहक बल (EMF), टर्मिनल विभवांतर और आंतरिक प्रतिरोध
- विद्युत वाहक बल (EMF, $\mathcal{E}$):
- परिभाषा: एकांक धनावेश को परिपथ के एक सिरे से दूसरे सिरे तक (सेल के अंदर और बाहर) पूर्ण परिपथ में प्रवाहित करने में सेल द्वारा किया गया कार्य। यह सेल की अधिकतम वोल्टेज है जब उससे कोई धारा नहीं ली जाती है (खुला परिपथ)।
- SI मात्रक: वोल्ट (V)।
- आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance, r):
- परिभाषा: सेल के अंदर विद्युत-अपघट्य द्वारा धारा के प्रवाह में उत्पन्न अवरोध।
- निर्भरता: विद्युत-अपघट्य की प्रकृति, प्लेटों का क्षेत्रफल, प्लेटों के बीच की दूरी, तापमान।
- टर्मिनल विभवांतर (Terminal Potential Difference, V):
- परिभाषा: जब सेल से धारा ली जा रही हो, तो उसके टर्मिनलों के बीच का विभवांतर।
- संबंध: $V = \mathcal{E} - Ir$ (जब सेल से धारा ली जा रही हो)
- $V = \mathcal{E} + Ir$ (जब सेल को आवेशित किया जा रहा हो)
- खुले परिपथ में $I=0$, अतः $V = \mathcal{E}$।
11. सेलों का संयोजन (Combination of Cells)
- श्रेणी क्रम:
- तुल्य EMF: $\mathcal{E}_{eq} = \mathcal{E}_1 + \mathcal{E}_2 + \dots$
- तुल्य आंतरिक प्रतिरोध: $r_{eq} = r_1 + r_2 + \dots$
- कुल धारा: $I = \frac{\mathcal{E}{eq}}{R + r{eq}}$
- समानांतर क्रम (समान EMF वाले सेल):
- तुल्य EMF: $\mathcal{E}_{eq} = \mathcal{E}$ (यदि सभी का EMF समान हो)
- तुल्य आंतरिक प्रतिरोध: $\frac{1}{r_{eq}} = \frac{1}{r_1} + \frac{1}{r_2} + \dots$
- कुल धारा: $I = \frac{\mathcal{E}}{R + r_{eq}}$
12. किरचॉफ के नियम (Kirchhoff's Laws)
- प्रथम नियम (धारा नियम / संधि नियम):
- कथन: किसी भी विद्युत परिपथ में किसी संधि (जंक्शन) पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। $\sum I = 0$
- अर्थ: संधि की ओर आने वाली धाराओं का योग, संधि से दूर जाने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है।
- आधार: आवेश संरक्षण का सिद्धांत।
- द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम / लूप नियम):
- कथन: किसी भी बंद विद्युत परिपथ (लूप) में विभिन्न घटकों के सिरों पर विभवांतरों का बीजगणितीय योग शून्य होता है। $\sum V = 0$ या $\sum \mathcal{E} = \sum IR$
- आधार: ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत।
13. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge)
- सिद्धांत: यह चार प्रतिरोधों $P, Q, R, S$ की एक व्यवस्था है, जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है।
- संतुलन की शर्त: जब गैल्वेनोमीटर से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है, तो सेतु संतुलित कहलाता है।
- संतुलन की स्थिति में: $\frac{P}{Q} = \frac{R}{S}$
- अनुप्रयोग: मीटर सेतु, पोस्ट ऑफिस बॉक्स।
14. मीटर सेतु (Meter Bridge)
- सिद्धांत: यह व्हीटस्टोन सेतु के सिद्धांत पर आधारित है। इसमें 1 मीटर लंबा एकसमान प्रतिरोध तार होता है।
- अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात करना:
- संतुलन बिंदु पर: $\frac{R}{S} = \frac{L_1}{100 - L_1}$
- जहाँ $R$ ज्ञात प्रतिरोध, $S$ अज्ञात प्रतिरोध, $L_1$ संतुलन लंबाई।
15. विभवमापी (Potentiometer)
- सिद्धांत: जब किसी एकसमान अनुप्रस्थ काट के तार में नियत धारा प्रवाहित होती है, तो तार के किसी भी भाग पर विभवांतर उस भाग की लंबाई के अनुक्रमानुपाती होता है। $V \propto L$
- $V = kL$, जहाँ $k$ विभव प्रवणता (प्रति एकांक लंबाई पर विभव पतन) है।
- अनुप्रयोग:
- दो सेलों के EMF की तुलना: $\frac{\mathcal{E}_1}{\mathcal{E}_2} = \frac{L_1}{L_2}$
- किसी सेल का आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात करना: $r = R \left( \frac{L_1}{L_2} - 1 \right)$
- जहाँ $L_1$ सेल के खुले परिपथ का संतुलन बिंदु, $L_2$ जब सेल से $R$ प्रतिरोध जुड़ा हो तब संतुलन बिंदु।
- लाभ: यह वोल्टमीटर की तुलना में अधिक सटीक मापन करता है क्योंकि यह संतुलन की स्थिति में परिपथ से कोई धारा नहीं लेता है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)
1. किसी चालक में विद्युत धारा का प्रवाह होता है:
(a) केवल इलेक्ट्रॉनों द्वारा
(b) केवल प्रोटॉनों द्वारा
(c) मुक्त इलेक्ट्रॉनों द्वारा
(d) मुक्त इलेक्ट्रॉनों और आयनों द्वारा
2. ओम का नियम किस स्थिति में मान्य है?
(a) जब ताप और दाब स्थिर हों
(b) जब ताप बदलता हो
(c) जब दाब बदलता हो
(d) सभी स्थितियों में
3. 1 एम्पीयर विद्युत धारा किसके बराबर है?
(a) 1 जूल/सेकंड
(b) 1 कूलॉम/सेकंड
(c) 1 वोल्ट/सेकंड
(d) 1 न्यूटन/सेकंड
4. एक तार का प्रतिरोध $R$ है। यदि तार को खींचकर उसकी लंबाई दोगुनी कर दी जाए, तो उसका नया प्रतिरोध क्या होगा? (यह मानते हुए कि आयतन अपरिवर्तित रहता है)
(a) $2R$
(b) $R/2$
(c) $4R$
(d) $R/4$
5. किरचॉफ का प्रथम नियम (धारा नियम) किसके संरक्षण पर आधारित है?
(a) ऊर्जा
(b) आवेश
(c) संवेग
(d) द्रव्यमान
6. $R_1$ और $R_2$ दो प्रतिरोध समानांतर क्रम में जुड़े हैं। उनका तुल्य प्रतिरोध होगा:
(a) $R_1 + R_2$
(b) $\frac{R_1 R_2}{R_1 + R_2}$
(c) $\frac{R_1 + R_2}{R_1 R_2}$
(d) $\sqrt{R_1 R_2}$
7. किसी चालक की प्रतिरोधकता किस पर निर्भर करती है?
(a) उसकी लंबाई पर
(b) उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर
(c) उसके पदार्थ की प्रकृति पर
(d) उसकी लंबाई और क्षेत्रफल दोनों पर
8. एक सेल का आंतरिक प्रतिरोध $r$ है और उसका EMF $\mathcal{E}$ है। यदि सेल से $I$ धारा ली जाती है, तो उसके टर्मिनलों के बीच विभवांतर $V$ होगा:
(a) $V = \mathcal{E} + Ir$
(b) $V = \mathcal{E} - Ir$
(c) $V = Ir - \mathcal{E}$
(d) $V = \mathcal{E}$
9. व्हीटस्टोन सेतु का उपयोग किया जाता है:
(a) धारा मापने के लिए
(b) विभवांतर मापने के लिए
(c) अज्ञात प्रतिरोध मापने के लिए
(d) शक्ति मापने के लिए
10. विभवमापी किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
(a) ओम का नियम
(b) किरचॉफ का नियम
(c) विभवांतर लंबाई के अनुक्रमानुपाती होता है
(d) फैराडे का नियम
उत्तर कुंजी (MCQs):
- (c)
- (a)
- (b)
- (c)
- (b)
- (b)
- (c)
- (b)
- (c)
- (c)
मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको 'विद्युत धारा' अध्याय की गहन समझ प्रदान करेंगे और आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। शुभकामनाएँ!