Class 12 Physics Notes Chapter 5 (Chapter 5) – Examplar Problems (Hindi) Book

Examplar Problems (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 5 'चुम्बकत्व एवं द्रव्य' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अध्याय में निहित प्रत्येक अवधारणा, सूत्र और तथ्य को ध्यानपूर्वक समझें।


अध्याय 5: चुम्बकत्व एवं द्रव्य (Magnetism and Matter)

यह अध्याय चुम्बकत्व के मूल सिद्धांतों, विभिन्न प्रकार के चुम्बकीय पदार्थों और पृथ्वी के चुम्बकत्व पर केंद्रित है।

1. बार चुम्बक (Bar Magnet)
एक बार चुम्बक एक स्थायी चुम्बक होता है जिसके दो ध्रुव होते हैं - उत्तरी ध्रुव (N) और दक्षिणी ध्रुव (S)।

  • ध्रुवों के गुणधर्म:
    • चुम्बक के ध्रुव हमेशा युग्मों में विद्यमान होते हैं (एकल ध्रुव संभव नहीं)।
    • सजातीय ध्रुव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, जबकि विजातीय ध्रुव एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
    • स्वतंत्रतापूर्वक लटकाने पर चुम्बक का उत्तरी ध्रुव भौगोलिक उत्तर की ओर और दक्षिणी ध्रुव भौगोलिक दक्षिण की ओर इंगित करता है।
    • चुम्बक के ध्रुवों पर चुम्बकीय क्षेत्र सबसे प्रबल होता है।
  • चुम्बकीय ध्रुव प्रबलता (Magnetic Pole Strength, $q_m$): यह चुम्बक के ध्रुव की सामर्थ्य को दर्शाती है। इसका SI मात्रक एम्पीयर-मीटर (Am) है।
  • चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण (Magnetic Dipole Moment, $\vec{M}$): यह चुम्बक की प्रबलता और उसकी प्रभावी लंबाई का गुणनफल होता है।
    • $\vec{M} = q_m \times 2\vec{l}$ (जहाँ $2l$ प्रभावी लंबाई है, S से N की ओर निर्देशित)।
    • यह एक सदिश राशि है जिसकी दिशा दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर होती है।
    • इसका SI मात्रक एम्पीयर-मीटर² (Am²) या जूल/टेस्ला (J/T) है।
  • एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में बार चुम्बक:
    • बल आघूर्ण (Torque, $\vec{\tau}$): जब एक चुम्बकीय द्विध्रुव को एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र $\vec{B}$ में रखा जाता है, तो उस पर एक बल आघूर्ण लगता है:
      $\vec{\tau} = \vec{M} \times \vec{B}$ या $\tau = MB \sin\theta$
      जहाँ $\theta$ चुम्बकीय आघूर्ण और चुम्बकीय क्षेत्र के बीच का कोण है।
    • स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy, U):
      $U = -\vec{M} \cdot \vec{B} = -MB \cos\theta$
      जब $\theta = 0^\circ$ (स्थायी संतुलन) तो $U = -MB$ (न्यूनतम ऊर्जा)।
      जब $\theta = 180^\circ$ (अस्थायी संतुलन) तो $U = +MB$ (अधिकतम ऊर्जा)।

2. चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ (Magnetic Field Lines)
ये वे काल्पनिक रेखाएँ हैं जो किसी चुम्बकीय क्षेत्र में चुम्बकीय बल की दिशा का प्रतिनिधित्व करती हैं।

  • गुणधर्म:
    • ये उत्तरी ध्रुव से निकलकर दक्षिणी ध्रुव में प्रवेश करती हैं (चुम्बक के बाहर)।
    • ये दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर चुम्बक के अंदर एक बंद लूप बनाती हैं।
    • ये कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
    • किसी भी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिंदु पर चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा बताती है।
    • जहाँ क्षेत्र रेखाएँ सघन होती हैं, वहाँ चुम्बकीय क्षेत्र प्रबल होता है।

3. पृथ्वी का चुम्बकत्व (Earth's Magnetism)
पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुम्बक की तरह व्यवहार करती है। इसके चुम्बकीय क्षेत्र के कारण ही स्वतंत्रतापूर्वक लटकाया गया चुम्बक उत्तर-दक्षिण दिशा में ठहरता है।

  • पृथ्वी के चुम्बकत्व के घटक (Elements of Earth's Magnetism):
    • दिक्पात कोण (Angle of Declination, $\alpha$ या $\theta$): यह भौगोलिक याम्योत्तर (geographic meridian) और चुम्बकीय याम्योत्तर (magnetic meridian) के बीच का कोण है। यह स्थान-स्थान पर बदलता रहता है।
    • नमन कोण या नति कोण (Angle of Dip or Inclination, $\delta$ या $I$): यह पृथ्वी के कुल चुम्बकीय क्षेत्र $\vec{B_E}$ की दिशा और क्षैतिज दिशा के बीच का कोण है।
      • चुम्बकीय ध्रुवों पर नमन कोण $90^\circ$ होता है।
      • चुम्बकीय विषुवत रेखा पर नमन कोण $0^\circ$ होता है।
    • पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक (Horizontal Component of Earth's Magnetic Field, $B_H$): यह पृथ्वी के कुल चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज दिशा में घटक है।
      $B_H = B_E \cos\delta$
    • पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का ऊर्ध्वाधर घटक (Vertical Component of Earth's Magnetic Field, $B_V$): यह पृथ्वी के कुल चुम्बकीय क्षेत्र का ऊर्ध्वाधर दिशा में घटक है।
      $B_V = B_E \sin\delta$
    • संबंध:
      $B_E = \sqrt{B_H^2 + B_V^2}$
      $\tan\delta = \frac{B_V}{B_H}$

4. चुम्बकीय पद और परिभाषाएँ (Magnetic Terms and Definitions)

  • चुम्बकन क्षेत्र या चुम्बकीय तीव्रता (Magnetizing Field or Magnetic Intensity, $\vec{H}$): यह वह बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र है जो किसी पदार्थ को चुम्बकित करता है।
    • SI मात्रक: एम्पीयर प्रति मीटर (A/m)।
  • चुम्बकन (Magnetization, $\vec{M}$): यह किसी पदार्थ के प्रति एकांक आयतन में उत्पन्न शुद्ध चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण है।
    • $\vec{M} = \frac{\text{शुद्ध चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण}}{\text{आयतन}}$
    • SI मात्रक: एम्पीयर प्रति मीटर (A/m)।
  • चुम्बकीय प्रेरण या चुम्बकीय क्षेत्र (Magnetic Induction or Magnetic Field, $\vec{B}$): यह किसी पदार्थ के अंदर कुल चुम्बकीय क्षेत्र है।
    • $\vec{B} = \mu_0 (\vec{H} + \vec{M})$
    • SI मात्रक: टेस्ला (T) या वेबर प्रति मीटर² (Wb/m²)।
  • चुम्बकीय प्रवृत्ति (Magnetic Susceptibility, $\chi_m$): यह किसी पदार्थ की चुम्बकन की क्षमता का माप है।
    • $\chi_m = \frac{M}{H}$
    • यह एक विमाहीन और मात्रकहीन राशि है।
  • आपेक्षिक चुम्बकशीलता (Relative Permeability, $\mu_r$): यह किसी पदार्थ की चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं को अपने अंदर से गुजरने देने की क्षमता का माप है, जो निर्वात की तुलना में होता है।
    • $\mu_r = 1 + \chi_m$
    • यह भी एक विमाहीन और मात्रकहीन राशि है।
  • निरपेक्ष चुम्बकशीलता (Absolute Permeability, $\mu$): यह पदार्थ की अपनी चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं को धारण करने की क्षमता है।
    • $\mu = \mu_0 \mu_r$
    • SI मात्रक: हेनरी प्रति मीटर (H/m)।
    • $\mu_0$ निर्वात की चुम्बकशीलता है, $\mu_0 = 4\pi \times 10^{-7}$ H/m।

5. चुम्बकीय पदार्थों का वर्गीकरण (Classification of Magnetic Materials)
पदार्थों को उनकी चुम्बकीय प्रवृत्ति के आधार पर तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • 1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic Materials):

    • ये पदार्थ बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में दुर्बल रूप से चुम्बकित होते हैं।
    • इनकी चुम्बकीय प्रवृत्ति ($\chi_m$) छोटी और ऋणात्मक होती है (जैसे -1 से 0 के बीच)।
    • इनकी आपेक्षिक चुम्बकशीलता ($\mu_r$) 1 से थोड़ी कम होती है।
    • इनमें कोई स्थायी चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण नहीं होता।
    • उदाहरण: बिस्मथ, ताँबा, चाँदी, सोना, जल, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, NaCl।
    • ताप का प्रभाव: ताप का इन पर नगण्य प्रभाव होता है।
  • 2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic Materials):

    • ये पदार्थ बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में दुर्बल रूप से चुम्बकित होते हैं।
    • इनकी चुम्बकीय प्रवृत्ति ($\chi_m$) छोटी और धनात्मक होती है (जैसे 0 से 10⁻³ के बीच)।
    • इनकी आपेक्षिक चुम्बकशीलता ($\mu_r$) 1 से थोड़ी अधिक होती है।
    • इनमें स्थायी चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण होते हैं, लेकिन ये यादृच्छिक रूप से उन्मुख होते हैं।
    • उदाहरण: एल्यूमीनियम, सोडियम, कैल्शियम, ऑक्सीजन, प्लैटिनम, क्रोमियम।
    • क्यूरी का नियम (Curie's Law): अनुचुम्बकीय पदार्थों की चुम्बकीय प्रवृत्ति परम ताप (T) के व्युत्क्रमानुपाती होती है: $\chi_m \propto \frac{1}{T}$ या $\chi_m = \frac{C}{T}$ (जहाँ C क्यूरी स्थिरांक है)।
  • 3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic Materials):

    • ये पदार्थ बाहरी चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में प्रबल रूप से चुम्बकित होते हैं।
    • इनकी चुम्बकीय प्रवृत्ति ($\chi_m$) बहुत बड़ी और धनात्मक होती है (जैसे 10³ से 10⁵ तक)।
    • इनकी आपेक्षिक चुम्बकशीलता ($\mu_r$) 1 से बहुत अधिक होती है।
    • इनमें डोमेन (Domains) नामक क्षेत्र होते हैं, जहाँ परमाणु चुम्बकीय आघूर्ण एक ही दिशा में संरेखित होते हैं।
    • उदाहरण: लोहा, निकिल, कोबाल्ट, गैडोलिनियम, एल्निको।
    • क्यूरी ताप (Curie Temperature, $T_C$): वह ताप जिसके ऊपर लौहचुम्बकीय पदार्थ अनुचुम्बकीय बन जाता है। इस ताप पर डोमेन संरचना टूट जाती है।
      • लोहे के लिए $T_C \approx 770^\circ$C।
      • निकिल के लिए $T_C \approx 358^\circ$C।
    • चुम्बकीय शैथिल्य (Magnetic Hysteresis): जब किसी लौहचुम्बकीय पदार्थ को चुम्बकित और विचुम्बकित किया जाता है, तो चुम्बकन (M) चुम्बकीय क्षेत्र (H) से पीछे रह जाता है। इस परिघटना को शैथिल्य कहते हैं।
      • शैथिल्य लूप (Hysteresis Loop): M-H वक्र एक बंद लूप बनाता है।
      • धारणशीलता (Retentivity): जब चुम्बकन क्षेत्र (H) शून्य हो जाता है, तब भी पदार्थ में बचा हुआ चुम्बकन (M) का मान।
      • निग्राहिता (Coercivity): वह विपरीत चुम्बकन क्षेत्र (H) जो पदार्थ के शेष चुम्बकन को शून्य करने के लिए आवश्यक होता है।
    • उपयोग:
      • स्थायी चुम्बक (Permanent Magnets): उच्च धारणशीलता और उच्च निग्राहिता वाले पदार्थ (जैसे स्टील, एल्निको) का उपयोग स्थायी चुम्बक बनाने में होता है।
      • विद्युत चुम्बक (Electromagnets): निम्न धारणशीलता और निम्न निग्राहिता वाले पदार्थ (जैसे नर्म लोहा) का उपयोग विद्युत चुम्बक और ट्रांसफार्मर कोर बनाने में होता है।

सरकारी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण बिंदु:

  • सभी परिभाषाओं और उनके SI मात्रकों को याद रखें।
  • पृथ्वी के चुम्बकीय तत्वों (दिक्पात, नमन, क्षैतिज घटक) पर आधारित संख्यात्मक प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
  • विभिन्न प्रकार के चुम्बकीय पदार्थों (प्रतिचुम्बकीय, अनुचुम्बकीय, लौहचुम्बकीय) के गुणधर्मों, उदाहरणों और उनके बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
  • क्यूरी का नियम और क्यूरी ताप की अवधारणा महत्वपूर्ण है।
  • शैथिल्य लूप की अवधारणा, धारणशीलता और निग्राहिता की परिभाषाएँ और उनके उपयोग (स्थायी/विद्युत चुम्बक) पर विशेष ध्यान दें।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

यहाँ 10 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं जो आपकी तैयारी में सहायक होंगे:

1. स्वतंत्रतापूर्वक लटकाया गया एक चुम्बक भौगोलिक उत्तर-दक्षिण दिशा से थोड़ा कोण बनाता है। इस कोण को क्या कहते हैं?
A) नमन कोण
B) दिक्पात कोण
C) क्रांतिक कोण
D) ध्रुवीय कोण

2. प्रतिचुम्बकीय पदार्थों की चुम्बकीय प्रवृत्ति ($\chi_m$) कैसी होती है?
A) धनात्मक और बड़ी
B) धनात्मक और छोटी
C) ऋणात्मक और छोटी
D) ऋणात्मक और बड़ी

3. पृथ्वी के चुम्बकीय ध्रुवों पर नमन कोण का मान क्या होता है?
A) $0^\circ$
B) $45^\circ$
C) $90^\circ$
D) $180^\circ$

4. क्यूरी ताप वह ताप है जिसके ऊपर लौहचुम्बकीय पदार्थ बन जाता है:
A) प्रतिचुम्बकीय
B) अनुचुम्बकीय
C) अतिचालक
D) अर्धचालक

5. चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण का SI मात्रक क्या है?
A) टेस्ला
B) एम्पीयर-मीटर
C) एम्पीयर-मीटर²
D) वेबर

6. निम्नलिखित में से कौन सा पदार्थ अनुचुम्बकीय है?
A) बिस्मथ
B) ताँबा
C) एल्यूमीनियम
D) लोहा

7. शैथिल्य लूप में धारणशीलता (Retentivity) क्या दर्शाती है?
A) चुम्बकन क्षेत्र (H) को शून्य करने के लिए आवश्यक विपरीत चुम्बकन
B) जब चुम्बकन क्षेत्र (H) शून्य हो, तब पदार्थ में बचा हुआ चुम्बकन
C) पदार्थ का अधिकतम चुम्बकन
D) पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति

8. यदि पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक $B_H$ और ऊर्ध्वाधर घटक $B_V$ हो, तो नमन कोण ($\delta$) के लिए सही संबंध क्या है?
A) $\tan\delta = B_H / B_V$
B) $\tan\delta = B_V / B_H$
C) $\sin\delta = B_V / B_H$
D) $\cos\delta = B_H / B_V$

9. स्थायी चुम्बक बनाने के लिए किस प्रकार के पदार्थ का उपयोग किया जाता है?
A) निम्न धारणशीलता और निम्न निग्राहिता वाले
B) उच्च धारणशीलता और उच्च निग्राहिता वाले
C) प्रतिचुम्बकीय पदार्थ
D) अनुचुम्बकीय पदार्थ

10. एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र $\vec{B}$ में रखे चुम्बकीय द्विध्रुव $\vec{M}$ पर लगने वाला बल आघूर्ण ($\vec{\tau}$) क्या होगा?
A) $\vec{\tau} = \vec{M} \cdot \vec{B}$
B) $\vec{\tau} = \vec{M} \times \vec{B}$
C) $\vec{\tau} = \vec{B} / \vec{M}$
D) $\vec{\tau} = \vec{M} + \vec{B}$


उत्तरमाला:

  1. B
  2. C
  3. C
  4. B
  5. C
  6. C
  7. B
  8. B
  9. B
  10. B

मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको 'चुम्बकत्व एवं द्रव्य' अध्याय को गहराई से समझने और सरकारी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद करेंगे। अपनी पढ़ाई जारी रखें और सफलता प्राप्त करें!

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