Class 12 Physics Notes Chapter 6 (वैद्युचुंबकीय तरंगें) – Bhautiki-I Book

Bhautiki-I
प्रिय विद्यार्थियों,

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए, मैं आपको कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 6 'वैद्युतचुंबकीय तरंगें' के विस्तृत नोट्स और 10 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) प्रदान कर रहा हूँ। यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं।


अध्याय 6: वैद्युतचुंबकीय तरंगें (Electromagnetic Waves)

1. प्रस्तावना
वैद्युतचुंबकीय तरंगें वे तरंगें हैं जिनके संचरण के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। ये निर्वात में भी गमन कर सकती हैं। ये दोलन करते हुए विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र से मिलकर बनी होती हैं, जो एक-दूसरे के तथा तरंग संचरण की दिशा के लंबवत होते हैं।

2. विस्थापन धारा (Displacement Current)
एम्पीयर का परिपथीय नियम (Ampere's Circuital Law) केवल चालन धारा (conduction current) के लिए मान्य था। मैक्सवेल ने पाया कि संधारित्र के आवेशन या निरावेशन के दौरान प्लेटों के बीच के स्थान में, जहाँ कोई चालन धारा नहीं होती, एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। इस विसंगति को दूर करने के लिए, उन्होंने विस्थापन धारा की अवधारणा प्रस्तुत की।

  • मैक्सवेल की परिकल्पना: समय के साथ परिवर्तित होने वाला विद्युत फ्लक्स ($\Phi_E$) एक धारा उत्पन्न करता है जिसे विस्थापन धारा ($I_d$) कहते हैं।
  • सूत्र: $I_d = \epsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt}$
    जहाँ, $\epsilon_0$ निर्वात की विद्युतशीलता है और $\frac{d\Phi_E}{dt}$ विद्युत फ्लक्स के परिवर्तन की दर है।
  • संशोधित एम्पीयर-मैक्सवेल नियम: एम्पीयर का नियम विस्थापन धारा को शामिल करने के लिए संशोधित किया गया:
    $\oint \vec{B} \cdot d\vec{l} = \mu_0 (I_c + I_d)$
    $\oint \vec{B} \cdot d\vec{l} = \mu_0 (I_c + \epsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt})$
    जहाँ, $I_c$ चालन धारा है और $\mu_0$ निर्वात की पारगम्यता है।

3. मैक्सवेल के समीकरण (Maxwell's Equations)
मैक्सवेल ने विद्युतचुंबकत्व के सभी नियमों को चार मूलभूत समीकरणों में संकलित किया, जिन्हें मैक्सवेल के समीकरण कहते हैं। ये समीकरण वैद्युतचुंबकीय तरंगों के अस्तित्व की भविष्यवाणी करते हैं।

  1. गाउस का स्थिरवैद्युतिकी नियम: $\oint \vec{E} \cdot d\vec{A} = \frac{q}{\epsilon_0}$
    (किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल विद्युत फ्लक्स उस पृष्ठ द्वारा परिबद्ध कुल आवेश का $\frac{1}{\epsilon_0}$ गुना होता है।)
  2. गाउस का चुंबकत्व नियम: $\oint \vec{B} \cdot d\vec{A} = 0$
    (किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल चुंबकीय फ्लक्स शून्य होता है, क्योंकि एकल चुंबकीय ध्रुव का अस्तित्व नहीं होता।)
  3. फैराडे का विद्युतचुंबकीय प्रेरण का नियम: $\oint \vec{E} \cdot d\vec{l} = -\frac{d\Phi_B}{dt}$
    (परिवर्तित चुंबकीय फ्लक्स एक विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है।)
  4. एम्पीयर-मैक्सवेल का नियम: $\oint \vec{B} \cdot d\vec{l} = \mu_0 I_c + \mu_0 \epsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt}$
    (चालन धारा और परिवर्तित विद्युत फ्लक्स दोनों चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं।)

4. वैद्युतचुंबकीय तरंगें: उत्पत्ति और अभिलक्षण

  • उत्पत्ति: त्वरित आवेश (oscillating or accelerating charges) वैद्युतचुंबकीय तरंगें उत्पन्न करते हैं। एक दोलनशील आवेश एक दोलनशील विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है, जो बदले में एक दोलनशील चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है, और यह प्रक्रिया आगे बढ़ती रहती है, जिससे एक वैद्युतचुंबकीय तरंग का निर्माण होता है।
  • प्रकृति: ये अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं, अर्थात विद्युत क्षेत्र ($\vec{E}$), चुंबकीय क्षेत्र ($\vec{B}$) और तरंग संचरण की दिशा तीनों एक-दूसरे के लंबवत होते हैं।
  • अभिलक्षण (Characteristics):
    • कला संबंध: $\vec{E}$ और $\vec{B}$ क्षेत्र एक ही कला में होते हैं।
    • चाल: निर्वात में इनकी चाल प्रकाश की चाल ($c$) के बराबर होती है:
      $c = \frac{1}{\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}} \approx 3 \times 10^8 \text{ m/s}$
      किसी माध्यम में इनकी चाल $v = \frac{1}{\sqrt{\mu \epsilon}}$ होती है, जहाँ $\mu$ और $\epsilon$ माध्यम की पारगम्यता और विद्युतशीलता हैं।
    • आयाम संबंध: विद्युत क्षेत्र का आयाम ($E_0$) और चुंबकीय क्षेत्र का आयाम ($B_0$) निम्न संबंध से जुड़े होते हैं: $E_0 = c B_0$ (या तात्कालिक मानों के लिए $E = cB$)
    • ऊर्जा और संवेग: ये तरंगें ऊर्जा और संवेग का वहन करती हैं।
    • ध्रुवण: वैद्युतचुंबकीय तरंगों को ध्रुवित किया जा सकता है।
    • माध्यम की आवश्यकता नहीं: इन्हें संचरण के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।

5. वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम (Electromagnetic Spectrum)
वैद्युतचुंबकीय तरंगों का उनके तरंगदैर्ध्य या आवृत्ति के अनुसार वर्गीकरण वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम कहलाता है। यह गामा किरणों से लेकर रेडियो तरंगों तक फैला होता है।

तरंग का प्रकार आवृत्ति परास (Hz) तरंगदैर्ध्य परास (m) उत्पादन उपयोग
गामा किरणें $10^{19} - 10^{23}$ $10^{-14} - 10^{-10}$ नाभिकीय विघटन कैंसर उपचार, खाद्य संरक्षण
एक्स-किरणें $10^{16} - 10^{20}$ $10^{-12} - 10^{-8}$ तीव्रगामी इलेक्ट्रॉनों द्वारा धातु पर बमबारी चिकित्सा इमेजिंग, क्रिस्टल संरचना अध्ययन
पराबैंगनी किरणें $10^{15} - 10^{17}$ $10^{-9} - 10^{-7}$ उच्च तापमान वाले पिंड, आयनित गैसें जल शोधन, नसबंदी, फॉरेंसिक
दृश्य प्रकाश $4 \times 10^{14} - 8 \times 10^{14}$ $4 \times 10^{-7} - 7 \times 10^{-7}$ परमाणुओं में इलेक्ट्रॉन संक्रमण दृष्टि, ऑप्टिकल फाइबर
अवरक्त किरणें $10^{11} - 10^{14}$ $10^{-6} - 10^{-3}$ गर्म पिंड, अणु रिमोट कंट्रोल, नाइट विजन कैमरे, भौतिक चिकित्सा
सूक्ष्म तरंगें $10^9 - 10^{12}$ $10^{-3} - 10^{-1}$ क्लेस्ट्रॉन वाल्व, मैग्नेट्रॉन वाल्व रडार, माइक्रोवेव ओवन, मोबाइल संचार
रेडियो तरंगें $10^4 - 10^9$ $10^{-1} - 10^4$ त्वरित आवेश (LC परिपथ) रेडियो और टेलीविजन संचार
  • महत्वपूर्ण बिंदु:
    • गामा किरणों से रेडियो तरंगों की ओर जाने पर, आवृत्ति घटती है और तरंगदैर्ध्य बढ़ती है।
    • सभी वैद्युतचुंबकीय तरंगें निर्वात में समान चाल ($c$) से चलती हैं।
    • इनकी ऊर्जा $E = h\nu = hc/\lambda$ होती है, जहाँ $h$ प्लांक नियतांक है।

6. ऊर्जा घनत्व और तीव्रता

  • विद्युत क्षेत्र का ऊर्जा घनत्व ($u_E$): $u_E = \frac{1}{2}\epsilon_0 E^2$
  • चुंबकीय क्षेत्र का ऊर्जा घनत्व ($u_B$): $u_B = \frac{1}{2\mu_0} B^2$
  • वैद्युतचुंबकीय तरंगों में, विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों में ऊर्जा घनत्व बराबर होते हैं: $u_E = u_B$
  • कुल औसत ऊर्जा घनत्व ($u_{avg}$): $u_{avg} = \frac{1}{2}\epsilon_0 E_0^2 = \frac{1}{2\mu_0} B_0^2$ (जहाँ $E_0$ और $B_0$ शिखर मान हैं)
  • तीव्रता (Intensity, $I$): यह प्रति इकाई क्षेत्रफल प्रति इकाई समय में संचरित औसत ऊर्जा है।
    $I = u_{avg} \times c = \frac{1}{2}\epsilon_0 E_0^2 c = \frac{B_0^2}{2\mu_0} c = \frac{E_0 B_0}{2\mu_0}$

7. विकिरण दाब (Radiation Pressure)
चूँकि वैद्युतचुंबकीय तरंगें संवेग वहन करती हैं, जब वे किसी सतह पर आपतित होती हैं, तो वे उस पर दाब डालती हैं जिसे विकिरण दाब कहते हैं।

  • पूरी तरह अवशोषित सतह के लिए: $P = \frac{I}{c}$
  • पूरी तरह परावर्तित सतह के लिए: $P = \frac{2I}{c}$

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

  1. मैक्सवेल के समीकरणों के अनुसार, परिवर्तित विद्युत फ्लक्स उत्पन्न करता है:
    a) एक चुंबकीय क्षेत्र
    b) एक विद्युत क्षेत्र
    c) एक चालन धारा
    d) एक गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र

  2. निर्वात में वैद्युतचुंबकीय तरंगों की चाल किसके द्वारा दी जाती है?
    a) $\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}$
    b) $\frac{1}{\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}}$
    c) $\frac{\mu_0}{\epsilon_0}$
    d) $\frac{\epsilon_0}{\mu_0}$

  3. वैद्युतचुंबकीय तरंगों में विद्युत क्षेत्र ($E$) और चुंबकीय क्षेत्र ($B$) के आयामों के बीच क्या संबंध है?
    a) $E_0 B_0 = c$
    b) $E_0 = c B_0$
    c) $B_0 = c E_0$
    d) $E_0 = B_0 / c^2$

  4. निम्नलिखित में से कौन सी वैद्युतचुंबकीय तरंगों की विशेषता नहीं है?
    a) ये अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं।
    b) ये निर्वात में संचरित हो सकती हैं।
    c) इन्हें संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है।
    d) विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक ही कला में होते हैं।

  5. वैद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम में, आवृत्ति के बढ़ते क्रम में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
    a) रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें, अवरक्त किरणें, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी किरणें, एक्स-किरणें, गामा किरणें
    b) गामा किरणें, एक्स-किरणें, पराबैंगनी किरणें, दृश्य प्रकाश, अवरक्त किरणें, सूक्ष्म तरंगें, रेडियो तरंगें
    c) दृश्य प्रकाश, अवरक्त किरणें, पराबैंगनी किरणें, एक्स-किरणें, गामा किरणें, रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें
    d) सूक्ष्म तरंगें, रेडियो तरंगें, अवरक्त किरणें, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी किरणें, एक्स-किरणें, गामा किरणें

  6. एक वैद्युतचुंबकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र का शिखर मान $120 \text{ V/m}$ है। चुंबकीय क्षेत्र का शिखर मान क्या होगा? (प्रकाश की चाल $c = 3 \times 10^8 \text{ m/s}$)
    a) $4 \times 10^{-7} \text{ T}$
    b) $3.6 \times 10^{10} \text{ T}$
    c) $2.5 \times 10^{-6} \text{ T}$
    d) $40 \text{ T}$

  7. माइक्रोवेव ओवन में भोजन को गर्म करने के लिए किस प्रकार की वैद्युतचुंबकीय तरंग का उपयोग किया जाता है?
    a) अवरक्त किरणें
    b) सूक्ष्म तरंगें
    c) रेडियो तरंगें
    d) पराबैंगनी किरणें

  8. एक पूरी तरह अवशोषित सतह पर वैद्युतचुंबकीय तरंगों के कारण लगने वाला विकिरण दाब किसके द्वारा दिया जाता है? (जहाँ $I$ तीव्रता है और $c$ प्रकाश की चाल है)
    a) $P = 2I/c$
    b) $P = I/c$
    c) $P = I c$
    d) $P = I/c^2$

  9. निम्नलिखित में से कौन सी तरंगें आयनमंडल द्वारा परावर्तित होती हैं और लंबी दूरी के रेडियो संचार में उपयोग की जाती हैं?
    a) गामा किरणें
    b) एक्स-किरणें
    c) रेडियो तरंगें
    d) सूक्ष्म तरंगें

  10. वैद्युतचुंबकीय तरंगों में विद्युत क्षेत्र का औसत ऊर्जा घनत्व और चुंबकीय क्षेत्र का औसत ऊर्जा घनत्व के बीच क्या संबंध है?
    a) विद्युत क्षेत्र का ऊर्जा घनत्व अधिक होता है।
    b) चुंबकीय क्षेत्र का ऊर्जा घनत्व अधिक होता है।
    c) दोनों के ऊर्जा घनत्व बराबर होते हैं।
    d) दोनों के ऊर्जा घनत्व का अनुपात $c^2$ होता है।

उत्तरमाला:

  1. a)
  2. b)
  3. b)
  4. c)
  5. a)
  6. a) ($B_0 = E_0 / c = 120 / (3 \times 10^8) = 40 \times 10^{-8} = 4 \times 10^{-7} \text{ T}$)
  7. b)
  8. b)
  9. c)
  10. c)

मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और प्रश्न आपकी परीक्षा की तैयारी में सहायक होंगे। किसी भी प्रकार के संदेह या अतिरिक्त जानकारी के लिए आप पूछ सकते हैं। शुभकामनाएँ!

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